“शिक्षा ही जीवन का आधार है, इसके बिना जीवन निराधार है। शिक्षा ही जिन्दगी का सच्चा अर्थ बताती हैं, सत्य और अनंत उन्नति का मार्ग बताती है। शिक्षक नित नवीन सबक सिखाते है, सब को […]
“शिक्षा ही जीवन का आधार है, इसके बिना जीवन निराधार है। शिक्षा ही जिन्दगी का सच्चा अर्थ बताती हैं, सत्य और अनंत उन्नति का मार्ग बताती है। शिक्षक नित नवीन सबक सिखाते है, सब को […]
बुलाती रही तुम्हें पर गौर न किया मेरी आवाजों पर खुशनसीबी है मेरी ए जिंदगी जो तेरी निगाह पड़ी मेरे अल्फाजों पर कहा जिंदगी से मैंने एक बार रुक तो सही मैं जरा खुल कर […]
मेरे देश के नेताओं का अजीब हाल हो गया, गरीबो के लिए लड़ते लड़ते वो मालामाल हो गया। चुनाव में हाथ जोड़कर घर घर जाता हैं, हर किया वादा निभाने की कसम खाता है। चुनाव […]
“रिश्तो में छाँव सा है दोस्ती का मान, इससे मिलता है हर पल अभिमान। मित्र हर परिस्थिति में बढ़ाता है हाथ, कर्ण ने दिया समर में दुर्योधन का साथ। श्रीकृष्ण ने सुदामा संग मित्रता निभाई, […]
टूटे प्रेम अनादर से मिला सके न अल्लाह। मोती टूटे ना जुड़े कित लेपन कर लाह।।
बिन मांगे मोती मिले मांगे मिले न भीख। कृष्ण सुदामा की कथा देती है यह सीख।।
किताबों में दबे गुलाबों की, अपनी अलग दास्तां होती है। बगैर कुछ कहे ख़ामोशी से, उनकी कहानी बयां होती है। भले ही वह सूख जाए, पर सदा जवान होती है। सम्भाल कर रखने वाले की, […]
बिना पंख की बेटी होती फिर भी कहते परी मेरी। बेटा दूर नजर से हो फिर भी कहते छड़ी मेरी।।
पिता नहीं कोई राजा बेटा राजकुमार हीं होता। दुर्लभ दर्शन मिले जहाँ ऐसा एक प्यार हीं होता।।
पत्थर से बन कर रह गई जख्मों को सहकर भी रोई नहीं तुमने ही दिल कहीं और लगा लिया वरना तुमसे अजीज तो आज भी कोई नहीं.
तुमने बसा ली अपनी दुनिया मुझे तो किसी छत का भी सहारा नहीं चाह कर भी मैं तुम्हारा हाल ना पूछ सकू कहीं कह दो की अब ये हक तुम्हारा नहीं.
मेरे दिल का हाल बुरा है इसका इल्जाम तुम पर लगाती हूं पिया ना यकीन तो हो चलो मेरी बढ़ती धड़कन तुम्हें सुनाती हूं
दुनिया चाहे लाख खूबसूरत है सिंगार चाहे खूब करें पर सादगी की अपनी ही बात है पुराने भददे कपड़ों में भी वह कुछ अलग सी लगती है जाने उसमें ऐसी क्या बात है
बदला खूब लिया उसने मुझसे मुड़ कर देख मुझे चली गई मुस्कुरा कर थोड़ा सा दिल का दर्द मुझे दे गई
ना कोशिश करो जलाने की पानी से दीए रोशन नहीं होते खामोश रहकर सुलझा लो सभी उलझने शोर से कभी मसले हल नहीं होते.
रात कितनी भी घनी हो सुबह हो ही जाती है चाहे कितने भी बादल घिरे हो सूरज की किरणें बिखर ही जाती हैं अंत कैसा भी हो कभी घबराना नहीं क्योंकि सूर्यास्त का मंज़र देख […]
दिन की शुरुआत अंगीठी के उठते धुएं से शुरू होती पकाती परिवार के लिए रोटी फिर भी सुने समाज की खरी-खोटी थक जाए कितना भी तू फिर भी आराम ना लेती देख तुझे मैं यही […]
विनयचंद रे कर सदा, नारी का सम्मान। पूजित होते ये जहाँ, रमते तहँ भगवान।।
पुराण अठारह लिख गए, वेदव्यास भगवान। परोपकार बड़ पुन्य है, परपीड़ा पाप महान।।
मुझे एहसान नहीं प्यार चाहिए। मुझे रहम नहीं एतबार चाहिए। तुम ही मेरे दिल की सुकून हो, मुझे तड़प नहीं करार चाहिए। बगैर तुम्हारे अब जीना है मुहाल, मुझे तसव्वुर नहीं दीदार चाहिए। बरसों से […]
गाँव की जमीं बेच दी, पुश्तैनी मकां बेच दिया। शहर की चकाचौंध खरीदी, खुशियों का जहां बेच दिया। मिट्टी की सौंधी महक, चिड़ियों की मधुर चहक। नीम की ठंडी छाँव, मिट्टी में सने पाँव। खेतों […]
मात पिता की कर वंदन। सेवा सतत सहित निज तन मन धन। होवे आयु बल विद्या यशवर्द्धन ।।
एक पुत्र गुणवान रहे, मूरख ना दस बीस । बहुत सितारे ना करे, एक चन्द्र की रीश।।
जिसने तुमको जन्म दिया,जिसने तुमको प्यार से पाला, बेशर्म!तूने उनको अपने कुकर्मो से कलंकित कर डाला। प्यार किया था,प्रेम विवाह भी तुम कर लेती, चुपचाप खुशी से अपने पति संग रह लेती। तुमने तो अपने […]
मै भीड़ मे नही हूँ शामिल,मेरा जिन्दगी जीने का अन्दाज़ निराला है। मुझे दुनिया के दिखावे से कही ज्यादा अपना ‘ऐटिट्यूड’ प्यारा है।।
कैसे जिओगे अपनी जिंदगी रह गया हो जिंदगी का एक ही दिन अगर बड़ा प्यारा जवाब दिया आशिक ने मोहब्बत के सवाल पर मैंने तो बनाया तुम्हें हर पल अपनी जिंदगी जीने की वजह हर […]
प्यारे बच्चों,प्यारे बच्चों आओ मेरे पास, दूर वहाँ क्यो बैठो हो तुम हो क्यो इतने उदास? आओ मिलकर पाठ पढ़े कुछ सीखे नयी बात, मिल जुलकर हम साथ रहे और मन में हो विश्वास। प्यारे […]
हाथ की लकीरों का क्या?बनती है और बिगड़ जाती है। भरोसा मेहनत पर रखो, किस्मत खुद ही सुधर जाती है।।
लोग कहते हैं मत पिया करो आदत खराब है मै कहता हूँ इस दुनियाँ में सबसे अच्छी शराब है।
जो नज़रो से परख ले वो माँ होती है। दर्द को दिल में जो रख ले वो माँ होती है। कर कोई काम तू बुरा खुदा से चाहे हो छुपा जो तेरा चेहरा भांप ले […]
याद आ जाते है अक्सर सितम वो भी जो हमे देख मुस्कुराते थे आज वो हमसे मुहं छुपाते हैं ।
वो क्या महसूस करेंगे जिनके दिल में भी दिमाग होता है। दिल की जगह रिश्तों में दिमाग ही लगाते हैं ।
तुम्हें मालूम है हमको मानना खूब आता है । तो आखिर ये बताओ तुम क्यूँ हमसे हमेशा रूठ जाते हो।
आपको रंग डालेगे हाँथ में रंग है पीला। पहले सूखा लगायेंगे भर के पिचकारी में गीला। आप जब गुस्से में आकर के हमपे तिलमिलओगे आपका साँवला मुखड़ा कर देंगे बैंगनी-नीला।
बजे ढोलक बजे नगमे मचे हुढ़दंग होली में रंगी धरती रंगा अम्बर । उड़े है रंग होली में कोई गुब्बारे से खेले तो कोई मरे पिचकारी पड़ी हैं पान की छींटे चढ़े है भंग होली […]
देकर हमको दर्द वो सो रहे हैं । अपनी-अपनी किस्मत है वो हँस रहे हैं और हम रो रहे हैं ।
चलो एक बार हम फिर से दिखावा आज करते हैं तुम पूंछो के कैसे हो? हम कह दें के अच्छे हैं अब तो रातों में रोना भी हमको खूब आता है बस एक बार तेरी […]
सब कहते हैं मिट जाती हैं यादें मगर हमदम भूले हुये वो दिन अक्सर याद आते हैं । गुज़रता है इन गलियों से कोई गाते हुए खिड़कियों की ओट से देखती थी तुम्हे आते हुये […]
अभी तो जीना सीखा है मैनें । अभी तो चलना सीखा है मैने। मेरा मयखाना मत बन्द करो उसकी आँखो से अभी तो पीना सीखा है मैनें ।
सुन्दर है तेरा अफसाना सुन्दर है तेरा नज़राना देख- देख कर हमसे छुपना सुन्दर है तेरा शर्माना ।
तुम आ जाओ तो यूं लगेगा मुझें जैसे चांद खुद आ गया हो ज़मी पे।
उम्मीदों के दरवाज़े पर आस लगाये बैठे हैं । गुजरोगे जिन गलियों से तुम फ़ूल बिछाए बैठे हैं। एक दिन ऐसा भी आएगा शायद मेरे जीवन में तुम हमसे खुद आकर पूंछो-और बताओ कैसे हैं […]
मन से मन का मेल ना होतो प्रेम कहानी कैसी है। लब से लब ना टकराये तो साझेदारी कैसी है। तू भी जागे मै भी जागू एक दूजे की चाहत में रात-रात भर नींद ना […]
दिल तोड़ने में माहिर है वो। हमसे एक शीशा तक टूटता नहीं। जाकर सीख लेंगे तोड़ने का गुर उन्हें इसके सिवा कुछ सूझता नहीं।
अपनी यादों से कह दो मुझे आया ना करें आना है तो तुम्हें भी अपने साथ लाएं यूंँ रात में अकेले आया ना करें।
हम तुमसे लड़ते तो थे । पर प्यार बहुत करते तो थे। तुम तो इतना रूठ गये हम याद तुम्हें करते तो थे।
माना के हम तेरे जैसे नही मगर हम इतनें बुरे तो नहीं। दोस्त ना मान मगर क्या हम तेरी दुश्मनी के काबिल भी नहीं ।
सपनों में आनें वाला हमदम कैसा हो हमको मिलने वाला दिलबर कैसा हो आज मिला उत्तर जब उनसे नज़र मिली मेरे जीवन का साथी बिल्कुल ऐसा हो
गुमराह करने वाले खुद ही खो गये। ख्वाब में मिलेंगे ये कहतें-कहते वो खुद ही सो गए ।
आज दिन भर उसका मैने इन्तज़ार किया। सोंचा था वो आयेगा मिलने गलत थी, जो उसपर एतबार किया।
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