तस्वीर तेरी रात भर तकती रही दो बोझल आँखें। पिघले हुए कुछ ख्वाब, आंसूं बनकर बहते रहे ।।   आसमान में बेख़ौफ़ उड़ने की अजब ज़िद थी उन्हें । कुछ परिंदे, जो तल्ख हवा के नश्तर सहते रहे […]

गुरु ज्ञान भण्डार समेटे, कभी न अपनी आँखे मींचे, शिक्षा के दीपक प्रकाश से हर जन के जीवन को सींचे, गुरु न देखे जाति धर्म, न मन में कोई संशय कीजे, गुप्प अँधेरे में भी […]

सोंच का समन्दर और भी गहरा होता गया, मैं जितना लोगों से मिला उतना बहरा होता गया, भूल गया उठना ख़्वाबों के घने अँधेरे से एक दिन, मैं जब जागा तो दूर तलक रौशनी का […]

मुझे नही पता की फुल के तरह खिलुगाँ, भवरे आयेगे नोच– नोच-खायेगे, मेरी कोमल तन को पत्थर की चोट से घायाल करके मेरे बदन को नोच- खायेगें मुझे नही पता भवरे नोच खायेगे,, किसको गलत […]

दादी पोते के बीच का रिश्ता बहुत अजीब देखा है, किस्से कहानियों का भी रूप मैने सजीव देखा है, सफेद बाल मुलायम खाल का स्पर्श सच्ची याद है मुझे, बिन दाँतों वाली दादी को मैने […]

ये कमबख्त दोस्त, उम्र की चादर खींच कर उतार देते हैं ये कमबख्त दोस्त ही है, जो कभी बूढा नहीं होने देते हैं दोस्तों से रिश्ता रखा करो जनाब, तबीयत मस्त रहेगी ये वो हकीम […]

मैं ज्यादा तो नहीं थोड़ी सी बात तुझसे कहना चाहता हूँ, यार तो तुम अब भी लंगोटिया हो, बस समय के फेर में थोड़ा तुमसे कम रूबरू हो पाता हूँ विद्यालय के गलियारों में लम्हें […]