तस्वीर तेरी रात भर तकती रही दो बोझल आँखें। पिघले हुए कुछ ख्वाब, आंसूं बनकर बहते रहे ।। आसमान में बेख़ौफ़ उड़ने की अजब ज़िद थी उन्हें । कुछ परिंदे, जो तल्ख हवा के नश्तर सहते रहे […]
तस्वीर तेरी रात भर तकती रही दो बोझल आँखें। पिघले हुए कुछ ख्वाब, आंसूं बनकर बहते रहे ।। आसमान में बेख़ौफ़ उड़ने की अजब ज़िद थी उन्हें । कुछ परिंदे, जो तल्ख हवा के नश्तर सहते रहे […]
ये मेरे ख्वाब हकीकत में तब्दील हो जायें, गर दिल के राज़ मेरे तेरी आँखों की तदबीर हो जायें।। राही (अंजाना)
गुरु ज्ञान भण्डार समेटे, कभी न अपनी आँखे मींचे, शिक्षा के दीपक प्रकाश से हर जन के जीवन को सींचे, गुरु न देखे जाति धर्म, न मन में कोई संशय कीजे, गुप्प अँधेरे में भी […]
आ जाओ सावन की ये वर्षात तुझे बुला रही है तेरे बीना ये सावन की बुँद मुझे जला रही है। Jp singh
मत रो ऐ आसमान यूँ बिखर के ऐसे , थम जा जरा ! गम का बस एक किस्सा सुनाया था , अभी तो पुरी कीताब बाकी है !!
सोंच का समन्दर और भी गहरा होता गया, मैं जितना लोगों से मिला उतना बहरा होता गया, भूल गया उठना ख़्वाबों के घने अँधेरे से एक दिन, मैं जब जागा तो दूर तलक रौशनी का […]
मुझे नही पता की फुल के तरह खिलुगाँ, भवरे आयेगे नोच– नोच-खायेगे, मेरी कोमल तन को पत्थर की चोट से घायाल करके मेरे बदन को नोच- खायेगें मुझे नही पता भवरे नोच खायेगे,, किसको गलत […]
दादी पोते के बीच का रिश्ता बहुत अजीब देखा है, किस्से कहानियों का भी रूप मैने सजीव देखा है, सफेद बाल मुलायम खाल का स्पर्श सच्ची याद है मुझे, बिन दाँतों वाली दादी को मैने […]
gam tere maut ka nahin par dosh tere dharm ka hain es baat ko bhulu kaise hosh mere sudh gaye toh kya par majra yeh purey hindustaan ka hain
आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर बादलों की गरज नहीं, बारिश की बौछार फूल खिलाती है
जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है फिक्र में होते है तो खुद जलते हैं बेफ़िक्र होते हैं तो दुनिया जलती है
मुझ पर दोस्तों का प्यार, यूँ ही उधार रहने दो बड़ा हसीन है ये कर्ज, मुझे कर्जदार रहने दो
अक्सर वही रिश्ते लाजवाब होते हैं, जो एहसानों से नहीं एहसासों से बने होते हैं।
अपने जलने मैं नहीं करता किसी को, शरीक.. रात होते हीं मैं शम्मा बुझा देता हूँ।
ये इश्क है जनाब यहा इंसान निखरता भी, कमाल का है और बिखरता भी कमाल का है।
बात वफ़ाओ की होती तो कभी न हारते, बात नसीब की थी कुछ ना कर सके।
मैने इक माला की तरह तुमको अपने आप मे पिरोया हैं, याद रखना टूटे अगर हम तो बिखर तुम भी जाओगे।
बचपन के खिलौने सा कहीं छुपा लूँ तुम्हें, आँसू बहाऊँ, पाँव पटकूँ और पा लूँ तुम्हें।
हम वो ही हैं, बस जरा ठिकाना बदल गया हैं अब, तेरे दिल से निकल कर, अपनी औकात में रहते हैं।
जरूरी नही कि हम सबको पसंद आए, बस, जिंदगी ऐसे जीओ कि रब को पसंद आए। ?
सबने कहा, बेहतर सोचो तो बेहतर होगा, मैंने सोचा, उसे सोचूँ, इससे बेहतर क्या होगा।
काश एक ख़्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर, वो आके गले लगा ले मेरी इज़ाजत के बगैर।
ये कमबख्त दोस्त, उम्र की चादर खींच कर उतार देते हैं ये कमबख्त दोस्त ही है, जो कभी बूढा नहीं होने देते हैं दोस्तों से रिश्ता रखा करो जनाब, तबीयत मस्त रहेगी ये वो हकीम […]
✍✍ये मतलबी दुनिया मे मेरा कोई ना अपना मिला,, जो मिला लिबाज की तरह बदल कर दर्द दे निकल पड़ा।।✍✍✍
✍✍जो लिबाज की तरह बदल गये जवाने उसी को बहादुरी दी,, जो इंसानयत पर डटे रहे जवाने उसी को गाली दी✍✍✍
मैं ज्यादा तो नहीं थोड़ी सी बात तुझसे कहना चाहता हूँ, यार तो तुम अब भी लंगोटिया हो, बस समय के फेर में थोड़ा तुमसे कम रूबरू हो पाता हूँ विद्यालय के गलियारों में लम्हें […]
✍✍काश मेरे हाथ मे किश्मत का लकीर होता ,, तो शायद तुम्हारा ही नाम होता।।✍✍ ज्योति
वेदो की ऋचाएं भारत से, वेद ज्ञान भारत से -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
विश्व वंदिनी ,जग जननी मेरी भारत माता तम हर के, जग को प्रकाश दिखलाता -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
जय जय भारत माँ, मन तू आरती गा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
शांति दूत को मत छेड़ो, क्रांति दूत बन जायँगे -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
ऐ जमीं,ऐ सरहदें ऐ बैर भाव कैसा हम जो मिलेंगे मिटटी में तो तुम भी मिलोगे खाख में -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
विजयी रहे भारत मेरा, न हो दुश्मन का पहरा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
क्या मरेगा दुश्मन, होंसले जो बुलंद हैं -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
चलते जाते ,बढ़ते जाते डरते नहीं हैं जख्मो से -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
सेना बड़ी ही मत वाली, इसकी अनोखी शान है भारत की सेना पर, हमको बड़ा अभिमान है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
मेरा प्यारा है तिरंगा, जिसके आगे झुकता शीश सदा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
विश्व विजयी मेरा भारत, इसकी सदा ही शान रहे -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
धुल चाटना अरियों को , जब समय दुर्गम आए भारत माँ की कीर्ति को, युग युग तक गया जाये -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
एक माँ के लाल नहीं तुम, भारत माँ के लाल हो अरी के लिए तुम, त्रिशूल और कृपाण हो -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
देखो भारत के जवानो, आस तुमसे भारत को तुमसे भारत भविष्य है, विश्वास तुमपर भारत को -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
युवा शक्ति है,साहस है,योद्धा है युग निर्माण की नीव है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
तुम सुधरोगे,देश आगे बढ़ेगा युवा जो बदलेगा,सारा विश्व बनेगा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
मोबाइल लैपटॉप हैं प्रगति के साधन, दुरूपयोग करोगे,बनेगे ये बाधक -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
एक हाथ में सिगरेट, एक में है मोबाइल कैसे बदलेगा फिर, अपने देश का हाल -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
दादी नानी की कहानी, अब कहीं गम हो गयीं मोबाइल इंटरनेट में, बाल अबस्था खो गयी -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
ये तन माटी का दिया, आत्म ज्योत जलानी है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
धुप निकलती है कहीं, कहीं पे दिखती है छाओं नगर नगर भारत के सुन्दर, सुन्दर हैं सरे गांव -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
चंचल मन को रोक ले, ये विनाश कर जायगा तू कुछ नहीं कर पाएगा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.