तस्वीर तेरी रात भर तकती रही दो बोझल आँखें। पिघले हुए कुछ ख्वाब, आंसूं बनकर बहते रहे ।।   आसमान में बेख़ौफ़ उड़ने की अजब ज़िद थी उन्हें । कुछ परिंदे, जो तल्ख हवा के नश्तर सहते रहे […]