इक ज़माना था जब डरता था मैं। जब तेरी गलियों से गुजरता था मैं।। , तुम बेख़बर थे तुमको क्या मालूम। की कैसे ही पल भर में मरता था मैं।। , हालात बदल गए है […]
इक ज़माना था जब डरता था मैं। जब तेरी गलियों से गुजरता था मैं।। , तुम बेख़बर थे तुमको क्या मालूम। की कैसे ही पल भर में मरता था मैं।। , हालात बदल गए है […]
आपके आ जाने से फिर बहार आ गयी है! हरतरफ तेरी खुशबू खुशगवार आ गयी है! आलम भी वीरान था इरादों का महादेव, मेरी जिन्दगी फिर से एक बार आ गयी है! #महादेव_की_कविताऐं
जज्बात ए इश्क ना छुपाता दिल में अपने – गर ना होता डर ज़माने का . नहीं डरता ज़माने से भी में – गर डर ना होता मर जाने का . मर भी जाता मै […]
काश,कश लेते ही धुँआ हो गया जानेमन सोचते ही रह गए किस सोच में जानेमन तुमने तो पल में बोझा फेक दिया उलझनों से सुलह न हुई सुलझे कहा तुम जानेमन काश,कश लेते ही धुँआ […]
तुझ से मोहोब्बत की आजमाईश करू या तुझ से अपने दिल की कोई खुवाईश करू करू तेरे इस चेहरे का सज़दा , या फिर अपने इश्क़ की नुमाइश करू……….!!
मैंने जिन्दगी को तेरे नाम कर दी है! तेरी आरजू को सारेआम कर दी है! कोई डर नहीं है अंजाम का महादेव, हर जंग जमाने से खुलेआम कर दी है! #महादेव_की_कविताऐं
कैशलेस होने में हर्ज क्या है? फिर सोचा ये मर्ज क्या है? गौर किया तो कुछ तस्वीर यूँ उभरी। मेरे घर आने वाली वो अनजान वृद्धा , बाला जी से तानपूरा लेआने वालेभक्त। वो कभी […]
॥ बेटी के लिए एक कविता ॥ “अ—परिभाषित सच !” डरते—सहमते—सकुचाते मायके से ससुराल तक की अबाध—अनिवार्य यात्रा करते हुए मैंने; गांठ बांधी पल्लू से साथ में; ढेरों आशंकाएं …………. कई; सीख—सलाइयतें …………… हिचकियों […]
मैं हु एक शराबी शराब जानता हू कुछ नहीं सिवा इसके नाम जानता हू उतर जाती है ये सीनै में सुकून देने कुछ नहीं में इसका ईमान जानता हू मैं हु एक शराबी शराब जानता […]
तेरी आंखें में जैसे कोई नशा दिखाई पड़ता है तेरे होंठ में जैसे कोई मदिरा दिखाई पड़ता है ये तेरा धीरे धीरे पलकों को उठा कर हँसना तेरे मुस्कुराहट में जैसे कोई कतल-ऐ-अंदाज़ दिखाई पड़ता […]
पूछा जो उस ने हम से की अब कैसे रहते है हम, हमने भी हँस कर जवाब दे दिया की अब तनहा रहते है हम……………………!!
ये गुलाब थोड़ा तनहा-तनहा सा है ये गुलाब थोड़ा बिखरा-बिखरा सा है छूटा है ये शायद किसी के हाथों से ये गुलाब थोड़ा सहमा-सहमा सा है रहता है काँटों के साथ है कर, खुसी […]
साथ रहने से दवाओं की तासीर नहीं बदलती। असर तो होता ही है सबका अपना अपना।। @@@@RK@@@@
तेरे बिना जिंदगी बस इतनी सी है। बग़ैर रूह के इक ज़िस्म हो जैसे।। @@@@RK@@@@
ख़ुद पर यक़ीन नहीं रहा आज से। अब धोख़ा ही मिला इस अंदाज़ से।। @@@@RK@@@@
मेरी मौत का तमाशा देखने चले आओ के मैं मर रहा हु मुझे देखने चले आओ कुछ तो मेरे दिल मैं भी अरमान होंगे तुम जानते हो क्या है मेरी आखरी खुवाईश मुझसे पूछने चले […]
उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो, हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!
अब जा के यकीं आया है मुझ को इस लव्ज़-ऐ-मोहोब्बत पर के लोग अब मुझको तेरा दीवाना कहने लगे………………………!!
अपनी मोहोब्बत का किस्सा बहुत छोटा है, बस ज़िन्दगी गुज़र गई, मोहोब्बत करते करते………….!!
मोहोब्बत का अगर दर्द देने का उसूल न होता, न जीने मे मजा होता, न मरने मे मजा होता………….!!
कुछ इस तरह से उस ने हम से मोहोब्बत कर ली जैसे किसी ने किसी के झूठ पर ऐतबार कर लिया हो…………….!!
खुद को शराब, और अपनी जवानी को नशा कहते है खुद है वो एक मुर्दा और हमको वो फनाह कहते है हुसन-ऐ-शबाब परोसना एक काम-ऐ-सबाब है उनके लिए इबादत-ऐ-मोहोब्बत को वो एक संगीन गुनाह कहते […]
उनकी तग़ाफ़ुल का नतीज़ा क्या कहे तुम सब से हम अपनी मोहोब्बत को तबाह कर बैठे, वो न जी सके हमारे बेगैर, और हम न जी सके उनके बेगैर वो भी ज़हर खा बैठे, हम […]
बस एक यही अदा हमको उसकी भाती नहीं है के बुलाने के बाबजूद भी वो मिलने आती नहीं है, मोहोब्बत है उसको हमसे हम जानते है यूँ तो बस अपने मुँह से वो हमको कभी […]
क्या कह मैं तुम सब से अपने दिल के किस्सा ये किसी के मोहोब्बत का नतीजा है, मैं हु उसका पाक-ऐ-मोहोब्बत और वो मेरी चाहत-ऐ-पाकीज़ा है…………….!!
क्यों सजा देते हो इसको, ये कही से भी गुनाहगार नहीं सारा कसूर मेरे है लोगो, ये शराब कसूरवार नहीं…………!!
कोई गुनाह नहीं है इसका और न ही ये कसूरवार है, हर टूटे दिल का भला करती है जो ये वो मासूम शराब है……………………..!!
लोग तो पीते है इसको खुद को भुलाने के लिए, हम पीते है इसको उसको याद आने के लिए, लोग तो पीते है इसको किसी से दूर जाने के लिए, हम पीते है इसको उसको […]
बड़ा सुकून देती है ये शरीर मैं मिल जाने के बाद, लोग तो यू ही बदनाम करते है इस मासूम शराब को…………..!!
बहुत काम शब्दो मैं बया कर दी मैंने अपनी सक्शियत इस से भी काम शब्दो मैं बया करूँगा तेरी बेवफाई को , ज़माना भी जान पाएगा तेरे जैसे हरदर्द के किस्से को ज़माना भी जान […]
तेरे शहर का मौसम मैंने अजीब देखा लोगो का वह पैर एक अलग तहज़ीब देखा, खरीद सके न मुझ से इंसा को वो एक कौड़ी-ऐ-खुसी देकर तेरे शहर के लोगो को मैंने बहुत गरीब देखा, […]
तड़प कर देख एक बार ज़ालिम कभी खुद को किसी पैर फनाह भी कर, सजा भी बाखूबी मिलेगी तुझ को चाहत मे बशर्त है की तू मोहोब्बत करने का गुनाह तो कर……………!!
दर्द जब उसको होगा, तब तड़प का उसको भी एहसास होगा, जब ठुकराएगा कोई उसको, तब उसको हमारी मोहोब्बत का विश्वास होगा, न था हमारी ज़िन्दगी मैं कोई उसके अलावा, न उसके अलावा ज़िन्दगी मैं […]
अपनी पहचान को मैं सर-ऐ-आम कैसे करू अपनी चाहत को मैं गुमनाम कैसे करू उसने नहीं की बफ मेरे साथ ये और बात है भला मैं इस मोहोब्बत शब्द को बदनाम कैसे करू…………………!!
सुना है वो फिर से हमें चाहने लगे है आँखों से आंसू बहाने लगे है झेल रहे है वो भी शिकस्त-ऐ-पछतावा सुबह-ओ-शाम हमको बुलाने लगे है……………………………..!!
जान निकल गई जिस्म से मगर, मोहोब्बत का अरमान न मिटा, रूठ गई मोहोब्बत मगर, दिल का ईमान न मिटा, टूट गया खुवाबगाह चाहत का, और लूट गई हर चाहत मेरी, मिट गई पूरी ज़िन्दगी […]
उसके शहर का मौसम हमने वीरान देखा एक रोता हुआ तन्हा शमशान देखा मेहमान नवाज़ी ऐसी भी होगी सोचा न था न कभी हमने ऐसा कदरदान देखा……………………………!!
कुछ तो कमी तुझ मैं भी रही होगी कुछ तो तेरा भी कसूर रहा होगा ऐसे ही मोहोब्बत किसी को नहीं छोड़ती अकेला ऐसे ही कोई मोहोब्बत मैं तन्हा नहीं होता…………………….!!
दिल मैं गम रख कर कितना मुस्कुराते हो आप मेरी ही तरह तन्हाई , यादे और आंसू छुपाते हो आप …………!!
बड़ी तलब उठती है इस इश्क़ की दिल मैं मेरे कभी-कभी याद आता है वो मुझे बेचैनी के साथ जब-जब ……………..!!
होते ही सहर मुझको खामोशी घेरती है! तेरे प्यार की मुझको मदहोशी घेरती है! मुमकिन नहीं है रोकना ख्यालों को महादेव, तेरे दर्द की मुझको सरगोशी घेरती है! #महादेव_की_कविताऐं’ (26)
किसी रोज़ सब साथ होंगे मिलेंगे, बैठेंगे, जुमले फरमाएंगे एक कप चाय के साथ फिर भिड़ जायेंगे वही कल जो बीत गया फिर से दोहराएंगे वो बातें जो अधूरी रह गयी उन्हें पूरा करने आएंगे […]
सब कुछ तो छोड़ आया मैं अपना अतीत के पन्नों में सख्शियत मेरी अब इंसान -ऐ -आम रह गई है खुशियों की सुबह न जाने कब से नहीं देखी बस ज़िन्दगी में गमो की शाम […]
This servitude eternal, Bound by duty and faith, I find hope fading, Devoured by these, Ordeals. These trials, Harbringers of all That is ordained, Also conduct terrible fate. Dread comes, For this bounding main Of […]
लोग कहते हैं उनसे कोई काम न हुआ थोड़ा जो कुछ हुआ काम बस नाम का हुआ यू तो मुझको ऐतबार था उस पर कभी मगर फिर कुछ यूं हुआ कि वह ऐतबार ना हुआ […]
पीर दिल की संभाले बैठे थे अरसे से आज पता नहीं कहां से बांध टूट गया|
सच है की इक उम्र से चल रहा हूँ मैं। पता नहीं कब से यूँ ही जल रहा हूँ मैं।। , तुमसे मिलने की ख्वाहिशें दम तोड़ चुकी। फिर भी हर दिन घर से निकल […]
मौत ने तोहफा दिया ज़िन्दगी मिल जाए तो सवरती बिखरती कट जाती है रो रो कर गुजरती लम्हे सी हस्ती दिल खोल बोलती सोच कर ये मौत ही देती है ज़िन्दगी देती तोहफे हज़ार इक […]
मुझे जब तेरा रुख़सार याद आता है! वक्त का ख्याले-बेकरार याद आता है! दर्द से बिखरी हुयी सी हसरतें महादेव, मुझे हर पल का इंतजार याद आता है! मुक्तककार- #महादेव’
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