नजर हो यदि कभी टेढ़ी विधाता की तुम्हारे पर, उन्हें बस हाथ जोड़े तुम जरा प्रणाम कर लेना, सभी कुछ आपका ही है यही कह सिर झुका लेना।

फूल सी खिल जाये मुस्कान चेहरे में तनिक दिखे न थकान। हरे-हरे पौधे, सुमन खिले हैं, तेरे बिना सब नीरस से हैं, छोड़ उदासी, मन की निराशा ला थोड़ा मुस्कान जरा सा फूलों सी मुस्कान। […]

ठंडक पधारो आ रही नवरात्रि है, खुशियां पधारो आ रही नवरात्रि है। पितृपक्ष बीत कर जा रहा है, आज अब। याद कर पितरों सबने है दिया तर्पण श्रद्धा से। अब कुछ ही दिन बाद देखो […]

जाग मन सवेरा हुआ है गायब वो सारा अंधेरा हुआ है, अब भी क्यों आलस ने घेरा हुआ है। जाग मन सवेरा हुआ है। अधिक क्या कहना सूरज की किरण बता ही रही हैं, सवेरा […]

चींटी को देखिए कितनी है अदभुत अनोखी हैं टांगें आंखें हैं अदभुत। अस्तित्व उसका ईश्वर ने सजाया चींटी का संसार रब ने बनाया।

खुशबू बिखर रही है चारों तरफ सुमन के, वह पवन बड़ी है चंचल आती उसे हिला के, भंवरा भी गुनगुनाये ऐसे समीप जाके, जैसे बंधे हों उससे सुन्दर स्नेह धागे।

प्यार रहे जीवन में नफरत तनिक रहे नहीं मन में। प्यार ही साँसें, प्यार ही धड़कन प्यार बढ़े जन-जन में। खुशियों से सब उल्लासित हों, उमंग भरी हो तन में। प्यार रहे जीवन में।

जन्म भये जब गांधी चली थी सत्य , अहिंसा की आंधी। जगत में नवचेतना सी ला दी। तुम्हें है लाख नमन प्यारे गांधी। तकली-चरखा, वदन में धोती, खादी की धूम मचा दी। तुन्हें है लाख […]

कुछ कह दो ना बात जिससे सुबह सी लग जाये रात, उजाला बाहर भी भीतर भी। रात लगे नहीं रात। कहो ना कुछ तो कह दो बात। गमों को दे दो ना अब मात हरितमय […]

अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस —————- बोझ नहीं आशीर्वाद हैं बुजुर्ग, जीवन में आती जाती समस्याओं का सामना करने की प्रेरणा देते हैं। मन में हो मलाल तो अपने स्नेह भरे हाथों से सहला कर हमें संभाल […]

सुबह की पहली किरण को नमस्कार आशा है सबके जीवन में हो प्रभात खुशियाँ झूम कर दें दस्तक किस्मत टेक दे कर्मों के आगे मस्तक, मस्तक रहे ऊँचा सदा करो ऐसा काम। घटने ना देना […]

नारी की अस्मिता पर जैसे ही बात आती है नारी रौद्र रूप और जाती है जब जब पुरुष की इच्छा हुई तब तब नारी के चरित्र की परीक्षा हुई नारी तो है निर्मल पावन गंगा-सी, […]

गाँव की गलियाँ और गाँव का सवेरा झिलमिल सितारे और कलियों का सेहरा बीतने लगीं अब तो शामे भी लम्बी बाजरे की रोटी और भिंडी अब तो जैसे जमाने हो गए ! अब हमें भी […]

आंखों ने जो देखा उस पर विश्वास करूँ या जो तुम कहते हो उस पर ऑंखें बन्द कर विश्वास करूँ। अब ऐसे ही भुला कर बैठूँ या फिर कुछ पाने की आस करूँ। सच पर […]

इस्बात क्या है कि इश्राक हो गया है खियांबा में खुशबू है अहसास हो गया है। गुमसुम मुहब्बत है गिर्दाब चल रहा है ग़मग़ुस्सार है नहीं बस जूनून चल रहा है। जाबित बहुत है मन […]

हो सके तो गीत मेरे तुम वहां जाओ जहां दर्द में हो मित्र मेरा गुनगुना दो कान में। बोल देना तुम ज़रा साहस रखो, हिम्मत रखो अब भुला दो वो भी बातें जो असंभव हो […]

दर्द तो है मगर ऐसे नहीं है टूटना और को भी देखना है अब नहीं है टूटना। यदि हमारे हाथ में बात होती, शक्ति होती तब अलग ही बात होती। सांस है ईश्वर के हाथों […]

हृदय देह के जीवित रहने में सहायक एक अंग मात्र नहीं है..!! अपितु, यह वो स्थान है जहाँ प्रस्फुटित होते हैं उन कोमल भावनाओं के अंकुर.., जो बनाती हैं एक साधारण मनुष्य को देवतुल्य..!! ख़्याल […]

दिल के दर्द को कैसे तुम्हें समझाएँ, हैं बहुत तनहा, यह कैसे तुम्हें बताऍं। साॅंझ, सवेरे सूरज की लाली है, मगर दिल उमंगों से खाली है। रातों को तारे जब टिमटिमाते हैं, मेरी आँखों के […]

श्रद्धा का श्राद्ध करते हैं पितरों को याद जिन्होंने जन्म दिया, पालन पोषण किया, जो जीवन भर हमारे लिए जूझे उन्हें करते हैं याद, इसीलिए कहते हैं, श्रद्धा ही है श्राद्ध। बना अन्न जल उन […]

आ गई खिड़की से जगाने सुबह वह, जरा सी तपिश सी शीतल भी है वह। बोली कि मैंने सारे जगत में जाना सबको जगाना है मैंने, दिवाकर ने भेजी उनकी किरण हूँ, अंधेरा हराने निकली […]

जिन्हें चाहता हूँ करूँ याद हर पल वही क्यों न जाने नहीं याद रहते। जिन्हें चाहता हूं रहें पास मेरे वही क्यों न जाते खो से गये हैं। मगर अपनी यादों के बीजों को मेरे […]

कभी-कभी हंसी आ जाती है तुम्हारी बातों पर। रातें भी मुस्कुराती हैं तुम्हारी बातों पर। जाग उठते हैं दिल में अरमान मेरा कल मुस्कुराता है तुम्हारी बातों पर। कोशिश लाख करूं तुमसे नफरत करने की […]

बाहर सूरज है चाँद है, सितारे हैं, मगर भीतर स्वयं के देखने को हमें दीपक जलाना पड़ेगा। पवित्रता की बाती स्नेह का दिया, किया तो अच्छा कर किया अन्यथा रहने दिया। बिना रोशन किये भीतर […]

विभासव मत जलाना मन जरा सा ठंड में रहना मेरे मन को लुभाता है। नजर जब लालिमा खोजे उसे तब कालिमा रोके, अजब का यत्न कलुषित सा मुझे जी भर डराता है। तपन में चैन […]

पड़े को अफ़्त अदा कर दे जो, निराश के मन आस के भाव भर जो, विषाद के वक्त पर हौसला दे जो, उसे अलीम कहते हैं, उसे इंसान कहते हैं। आदमियत की आराईश उसे कहते […]

तरु भी नींद में हैं रजनी में पत्ता पत्ता सोया है सुनसान हुआ संसार, बन्द हुआ कोलाहल सारा, सोए सब थक हार। तारे पहरेदारी करते टिम-टिम टार्च टिकाते, ऐसा लगता है धरती की रक्षा का […]

यामिनी बीत ही जाती है चाहे कितनी ही गहरी हो चाहे कितनी स्याह भरी हो मगर बीत ही जाती है। सच्चाई को दबा दे कोई लाख यत्न कर ले सच्चाई सच्चाई ही है निखर ही […]

कुसुम खिलते हो तुम कैसे तुम्हारी पंखुड़ियों में रंग बताओ! भरते हैं कैसे। कौन है ऐसा चित्रकार या कारीगर रंगों का, कौन है इतना भाव समझता विलग-विलग रंगों का। कुछ पंखुड़ियां अलग रंग की कुछ […]

सलिल जीवन में कितना जरूरी है, सलिल के बिना सब जिन्दगी अधूरी है। सलिल ही प्यास बुझाता है सलिल पावक बुझाता है। सलिल मुरझाये पौधों में नया जीवन सजाता है। सलिल इतना जरूरी है।

तुमने राख मली तन में वैरागी जीवन अपनाया ईश रखा मन में। धरम ध्वजा लहराई गाया खूब फिरे जग में। माया-मोह किनारे फेंका राख मली तन में। कुछ भी कहे जमाना तुमसे त्याग किया तुमने। […]

सच का हो जायेगा भान अब तुम मत बहना पवमान। जहाँ-तहाँ खुशबू बिखराई पाया फिर अपमान। थोड़ा लाभ हुआ व्यापारी आया है अभिमान। कहाँ फँसाये, कहाँ रुलाये नहीं भरोसा मान। थाली खाली, पेट अधूरा बिलख […]

कुंडी खोलो ना दिल की नई सुबह है खिली सुहानी चिड़िया भी कहती, भजन करो ईश्वर का मन से क्यों जिह्वा सिल दी। दिनकर की किरणों ने आकर शक्ति नई भर दी। कुंडी खोलो ना […]

उठ जा कविता लिख इंसान कुछ तो सृजन कर धरती पर, पत्थर को दे जान, जितना अर्जित करता है तू उसमें से दे दान। और की सत्ता से मत डर तू रब की सत्ता मान। […]

अवनि तुम माता हो सबकी तुम जीवन टिक पाया है, तुम पर जीवन हो पाया है, लाखों-अरबों प्राणी तुम पर करते हैं माँ बसेरा। जीवन के नयनों का उनके होता यहीं सवेरा। भोजन, आश्रय सब […]

कैसे हो पूछता हूँ कहते हैं खूब अच्छे हर बार पूछता हूँ, कहते हैं खूब अच्छे। भीतर का दर्द जो है वो भी बता न पाए हम भी न पूछ पाये बस बोल बोलने हैं […]

फूल की महकी कली हैं बेटियाँ, नूर सी सबको मिली हैं बेटियाँ। रंजिशो औ’ नफ़रतों के दौर में, आज भी कितनी भली हैं बेटियाँ। मतलबी लोगों की फ़ैली भीड़ में, हाथ थामे संग चली हैं […]

कभी फुर्सत मिले तो हमको भी तुम याद कर लेना भले झूँठी ही हो आहें मगर एक आह भर लेना। हम भी हैं तुम्हारी राह के एक मुरझाए हुए से पुष्प, जब कभी हो अकेले […]

जाने कैसी है तुम्हारी याद वक्त बेवक्त आती है कभी मुह ढक कर कभी मुह दिखाई के लिए आती है तुम्हारे नाम का सिन्दूर लगा कर मुझे रोज चिढ़ाती हैं सिरहाने पर बैठ कर कोई […]

कूलंकषा बहती रही, निज राह में, किस चाह में, साथ बहते रहे कण पर न जाने किस चाह में। बीतता चलता रहा क्षण निरंतर राह में दे गया खुशियां किसी को, कुछ रहे बस आह […]

माँ के आँचल में छुप गए जब डर लगा पापा ने हिम्मत सिखाई और राह चलना सिखला दिया बहन ने रखी पहनाई स्नेह से घर भर दिया कौन कहता है कि रिश्ते दर्द देते हैं […]

डॉटर्स डे स्पेशल:- बेटियां हैं पराई तो क्या मान और सम्मान देती हैं, आँख में आते हैं आँसू तो हाँथों से पोंछ देती हैं। जिन्दगी में कोई भी हो तकलीफ मगर होंठो पर मुस्कान रखती […]

नफरतों ने दिशा बदल डाली मन घिरा जाल में स्वयं अपने बांटी नफरत तो पाई नफरत थी फिर भी मन में रही है कुछ गफलत। अपनी मेहनत का फल मिलेगा ही कटु रहे या भले […]