खुदा का घर है आसमान, वो रहे रोशन——————- पता करो कि कहां, किसने जाल फैलाया सुबह गया था परिन्दा वो घर नहीं आया। रोशनी में ही चलेगा वो साथ—साथ मेरे कितना डरता है अंधेरों से […]

जिंदगी मेरी जिंदगी से परेशान है बात इतनी है कि लिबास मेरे रूह से अनजान है­­ तारीकी है मगर, दिया भी नहीं जला सकते है क्या करे घर में सब लाक के सामान है ऐसा […]

हम सबकी तरफ से हर-एक अध्यापक-गुरुजन  को सादर नमन   हैं पावन दिवस आज, करते हैं हम उनको प्रणाम, जो ज्ञान की लौ जला कर मन अलौकिक करते रहते। जन्म दिया माँ–बाप ने और राह […]

मोहब्बत करके पछताने की खुद को यूं सजा दूंगा तुम्हें यादों में रक्खूंगा मगर दिल से भूला दूंगा। रहो बेफ्रिक तूफानों तुम्हारा दम भी रखना है किनारा आने से पहले मैं कश्ती को डूबा दूंगा। […]

मुद्दत से तेरी आँखों में नमी नहीं देखी, लगता है तुमने मुझमे कोई कमी नहीं देखी .. यादों की लहरों पर किया है प्यार का सफर , हमें है राब्ता उनसे उन्हें नहीं मेरी खबर.. […]

जिंदगी बीत जाती है किसी को चाह कर कैसे?  कोई  बतलाये  तो मुझको मैं जीना भूल बैठा हूँ… अदा भी तुम ,कज़ा भी तुम ,मेरे दिल की सदा भी तुम, तुम्ही  अब चैन हो मेरे […]

यहाँ हर शख्स है तेरा, वहां हर कब्र है मेरी, जहाँ कैसा बनाया है खुद ने क्या इरादा था? अब तो हालात भी मुझसे मिचौली आँख करते है, को सपनो में आता है ,किसी को […]

खड़ी है जिंदगी फिर पूछती घर का पता क्या है, मुझे याद नहीं है मीर तू ही जाकर बता क्या है.. बड़ी मुश्किल है बेचारी किधर जाये ख़बर क्या है? कभी वो पूछती है फिर […]

हो गयी मुद्दत  तुम्हारे सामने आया ही नहीं , है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं. अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे, है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया […]

मोहब्बत के सवालों से मैं अक्सर अब मुकर जाता , कहीं बातो ही बातों में मैं कुछ कहकर ठहर जाता..  कि तेरा नाम भूले से जबां तक आ गया ग़र तो, तू बदनाम हो जाये […]

मोहब्बत में हारे, क़यामत  में हारे की ये ज़िंदगी हम शराफत में हारे.. न कोई है अपना ,न कोई पराया, अब जियें किसलिए  और किसके सहारे.. न है यामिनी आज जीवन में मेरे , मिटे, […]

अगर तुम बन गयी दीपक तुम्हारी लौ बनूँगा मैं, नदी के शोर में शायद तुम्हारी धुन सुनूंगा मैं. तुम्हारी याद में अक्सर यहाँ आंसू  टपक पड़ते, ये मोती है मेरे प्रीतम मगर कब तक गिनूंगा […]

वो मंज़र याद है तुमको ,जुदा हम तुम हुए थे जब, समंदर याद है तुमको जहाँ पत्थर चलाया था.. कभी जब याद आ जाये ,ज़रा हमको भी करना याद , किसी के साथ जो तुमने […]

छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या? नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या? मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ? वो मेरा और उसका छुप […]

आज हम भी है मेहमान तेरे शहर में,  दिखता नहीं मकान तेरे शहर में. ग़ुम हो गयी है शाम  की मस्ती  भी अब यहाँ, ग़ुम  हो गया करार तेरे शहर में.. आते  राहों  में मिल […]

मोहब्बत  का  वह  दौर  था  , दिखता नहीं  कुछ  और  था .. बस हमारे  प्यार  का  सारे जहां में  शोर  था, उसने  चुराया  दिल   मेरा ,मन  भी  मेरा  चित  चोर  था .. आश्ना हम […]

आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहे एक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सके ख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही […]

उफ़! ये हमारे, अजीब से सितारे आज छत पे आये तो छुप गए हैं सारे रात जब सभी थे हम नींद ले रहे थे, आंख जो खुली तो वो पहुच से परे थे © piyushKAVIRAJ 

तुम विष हो , अनश्वर तुम से मिलकर जाना .. कि साधना सिर्फ अमृत की बूँद  के लिए ही नहीं , मृत्यु के  बाहुपाश के लिए भी की जाती है . तुम्हारा वरन करने के […]