भोजपुरी छठ गीत 9 – चला धीरे धीरे
सइयाँ दउरा लेके छठी घाट चला धीरे धीरे |
डूबते सुरुजमल अरघिया चढाइब तीरे तीरे |
खुश होइहे छठी मईया किरीपा खूब करीहे |
पूरा करीहे मनसा हमरो अँचरा भरी दिहे |
सुपवा सजवली संगवा हमरे चला भिरे भिरे |
सइयाँ दउरा लेके छठी घाट चला धीरे धीरे |
नदिया किनरवा घाट आज मेला खूब लागी |
धूप दिया नारियर केरा लेला तनी आगी |
छठी मईया मनाइब बहाई नैना नीरे निरे |
सइयाँ दउरा लेके छठी घाट चला धीरे धीरे |
गोदीया बलकवा दिहे घरवा अन धनवा |
ब्र्म्हा मानस पुत्री मईया लागल मोर मनवा |
बड़ा रे कठिन छठ बरतिया करा धीरे धीरे |
सइयाँ दउरा लेके छठी घाट चला धीरे धीरे |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286
Category: भोजपुरी कविता
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भोजपुरी छठ गीत 9 – चला धीरे धीरे
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भोजपुरी छठ गीत 6 – छठ करे कैसे घरे जाई |
भोजपुरी छठ गीत 6 – छठ करे कईसे घरे जाई |
लागल सिमवा पर लड़ाई छठ करे कैसे घरे जाई |
दौरा छठ घाट के पहुंचाई छठ माई करा कुछ उपाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
के हो लियाई गेंहुआ के जाई पीसना पिसाई |
केरवा के घनिया उखिया डलिया कईसे आई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
पापी पाकिसतनवा बेरी बेरी गोलवा चलावेला |
बदला लेवे बीना हमरो खूब मनवा सतावेला |
आई छठ मईया होखा मोर सिमवा सहाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
मारी दुशमनवा घरे हम जाइब छठ मनाइब |
डूबते सुरज छठ घाट अरघ हम चढ़ाइब |
नारियल केरा पुआ पकवान सुपवा चढ़ाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
गईया के घियवा धूप कपुरवा माटी के दियवा |
गेंहुया के ठेकुआ बंसवा के डलिया फलवा |
भोर भीनसरवा उगते सुरज अरघ हम चढ़ाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी सरस्वती वंदना – मईया दया कईदा |
भोजपुरी सरस्वती वंदना – मईया दया कईदा |
रात दिन मईया तोहरे नामवा के जापी ,
हमपे दया कइदा |
तनी देतु दर्शनवा मईया दया कइदा |
रात न चयन पड़े दिन ना चयनवा |
तोहरे के देखे खातिर तरसे नयनवा |
अबोध बलकवा हमके गोदिया मे राखी |
हमपे दया कइदा |
तनी देतु दर्शनवा मईया दया कइदा |
बिदद्या के देवी माई देलु सबके ज्ञान हो |
बुद्धि लरकाई माई हम हई नादान हो |
अज्ञानी अनाड़ी हमहु कही बात सांची |
हमपे दया कइदा |
तनी देतु दर्शनवा मईया दया कइदा |
हंस के सवारी शारदा हथवा मे बिनवा |
बल बुद्धि दे दा हमके फेरा हमरो दिनवा |
लिखी लिखी गीतिया नाम तोहरो हम बाँची |
हमपे दया कइदा |
तनी देतु दर्शनवा मईया दया कइदा |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी कविता- बचावल ना गइल |
भोजपुरी कविता- बचावल ना गइल |
होत रहे ज़ोर सरेआम अबला
केहु मान बचावल ना गइल |
ले लिहस कातिल जान
केहु पानी आँख बहावल ना गइल |
जात धरम देख करे राजनित,
ई केवन नित चले लागल |
मर्यादा हिन्दी मुस्लिम एक समान ,
केहु ज्ञान बतावल ना गइल |
मजहब पसंद के चाही ,
छिंक आई त हो हल्ला मचावे लगिहे |
आपन सरकार सजात गइल इज्जत ,
केहु धरना लगावल ना गइल |
मुजरिम गैर जात उनका मूह ना खुली |
केवनों अबला जानो इज्जत चल जाय ,
केहु हल्ला मचावल ना गइल |
बेहू बेटी के इज्जत से का मतलब |
भोट मिली की ना मिली जरूरी बा |
अइसन मतलबी बेईमान नेता ,
केहु लात से लतियावल ना गइल |
जब जाई इज्जत आपन बहू बेटी के ,
देखिहे लोग उनकर कुदल फांदल |
समाज के कलंक कल्लू ,
केहु बोटी बोटियावल ना गइल |
औरत आबरु समान हिन्दू मुसलमान ,
मान बेटी स्वाभिमान देश के बात पते की ,
केहु साँच पतियावल ना गइल |
बीच सड़क लूटा जाये इज्जत अबला ,
देखत रहे तमासा ई कइसन सरकार |
पकड़ के मुजरिम बेड़ि मे ,
केहु जेल धकियावल ना गइल |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी गजल – जिनगी अब जहर भइल |
भोजपुरी गजल – जिनगी अब जहर भइल |
तोहसे प्यार भइल घाव अब कहर भइल |
खा के धोखा आशिक एहर ना ओहर भइल|
रूप के चाँदनी मे प्यार के आसरा खोजली |
रूप मिलल ना चान इश्क बे डहर भइल |
मासूम चेहरा मे दिल पत्थर कइसे होला |
बेवफा के दगा जिनगी अब जहर भइल |
प्यार कइल केवन कसूर बा बतावा केहु |
टुटल दिल हमार प्यार अब बे कदर भइल|
दिल तोड़ही के रहे सपना देखवलू काहे |
ठुकरा दिहलु हमके तमासा शहर भइल |
कीमत आशिक पत्थर दिल ना जाने कबों |
ना जनलु जिनगी भारती कईसे गुजर भइल|श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी देवी पचरा गीत- खपरवा के धार |
भोजपुरी देवी पचरा गीत- खपरवा के धार |
काली मईया करबे ना हो पूजनवा तोहार |
तोहके देइब हम खपरवा के धार |
काली बा सुरतीया बाकी बाडु तू दयालु |
रुपवा भयावह माई कमवा कृपालु |
लेई ला पूजनवा ना हो करा मोर उद्धार |
तोहके देइब हम खपरवा के धार |
लाली लाली जीभिया लंबी काली केसिया |
मथवा पर बिंदिया सोहे बड़ी बड़ी अँखिया |
जग कल्यानी मईया खोला ना हो केवाड़ |
तोहके देइब हम खपरवा के धार |
रक्त बीज खुनवा माई खप्पर मे पियलु |
भगतन के दुखवा माई पल मे हर लिहलु |
देवी मईया करतू ना हो भारती विचार |
तोहके देइब हम खपरवा के धार |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी देवी पचरा गीत- आपन तू पूजनवा |
भोजपुरी देवी पचरा गीत- आपन तू पूजनवा |
लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा |
शेरवा सवार होके देवी लेला तू असनवा |
लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा |
सोनवा के दीयना माई सोनवा के थरिया |
गईया के घिउया माई दरसन देबू कहिया |
होला जय जय कार तोहरो सगरो जमनवा |
लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा |
सोनवा के रथवा सोना कंगना माई हथवा |
सोनवा कटार लाली बिंदिया माई मथवा |
रोई चरनिया गिरे माई तोहरे भारती ललनवा |
लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा |
निमिया के डार माई झुलवा लगावेली |
फुलवा से सजल मालिन पेगवा लगावेली |
झूमी झूमी मालिन गावे पचरा माई के भजनवा |
लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा |
लाल सेनुरवा चमके दमके माई के सुरतिया |
हहरत आवे देवी चहकत देवी के मुरतिया |
पूजी पूजी तोहके लोगवा नाचे होइके मगनवा |
लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी देवी गीत-चला माई के दुअरिया |
भोजपुरी देवी गीत-चला माई के दुअरिया |
मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया |
लाल अड़हुलवा सेनूर चढ़ईहा ललकी चुनरिया |
मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया |
नव दिन नव रूप मे दुर्गा माई आवेली |
शैलपुत्री ब्रम्हचारिणी चंद्रघंटा उ कहावेली |
कुस्मांडा स्कंधमाई कार्तिकायिनी डलिहे नजरिया |
मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया |
सातवाँ रूप कालरात्रि आठवाँ महागौरी रूप हो |
नौवा सिद्धिदात्री चढ़ावा दिया बाती धूप हो |
सुनर हउवे रूपवा माई बना देवी के पुजरिया |
मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया |
छोड़ा पिया माया मोह लगावा नेह माई मे |
नौ दिन बरत उपवास धियान लगावा माई मे |
दरसन पूजन कइके बना मोर बाँके सवारिया |
मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया |
अबकी अस्टमी नवमी एके दिन आई हो |
हवन आरती कइके नौ कन्या भोगा कराई हो |
खुश होइहे दुर्गा माई करीहे सुफल उमरिया |
मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी देवी गीत (धोबी गीत ) – होई माई के नजरिया |
भोजपुरी देवी गीत (धोबी गीत ) – होई माई के नजरिया |
मुंहवा काहे फुलवलु गोरी चला मेला के डहरिया |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
सड़िया ले अइली तोहके काजर टिकुली ले अइली |
अलता पावडर संगवा तोहके चानी पायल ले अइली |
ले अइली तोहके ना रानी चम चम चमके चदरिया |
हम ले अइली तोहके ना |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
लागल लोक डाउन गोरी असो मेलवा ना लगिहे |
दुर्गा पूजा होई बाकी झूला खेलवा ना होइहे |
कहा घुमाइब तोहके ना गोरी मेला के बजरिया |
कहा घुमाइब तोहके ना|
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
मेलवा ना चला गोरी तोहके मूर्ति हम देखाइब |
दुर्गा माई के चरनिया केरा नारियर चढ़ाइब |
मन से पुजवा करिहा ना होई माई के नजरिया |
मन से पुजवा करिहा ना |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
साल भर पर आइल गोरी माई दुर्गा के पुजनवा |
नवरातन भूखा तू हु गावा देवी माई के भजनवा |
मनसा पूरा होइहे ना भरी खाली तोर अंचरिया |
मनसा पूरा होइहे ना |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपूरी देवी गीत- देवी के चरण मे |
भोजपूरी देवी गीत- देवी के चरण मे |
चला पिया चली जा बाजार होखेला पूजा नवरातन मे |
कीनिहा माई के सिंगार चढ़ईहा देवी के चरण मे |
नौ दिन पिया तू उपवास बरत करिहा |
नौ रूप माई के दरसन खूब करिहा |
ओढ़ईहा चुनरी ओहार पिया माई के चरण मे |
कीनिहा माई के सिंगार चढ़ईहा देवी के चरण मे |
शेरवा सवार माई खूब लहरत अइहे |
खुश होइहे देवी तोहके खूब वर दिहे |
भगतन बदे लिहली दुर्गा अवतार चला माई के शरण मे |
कीनिहा माई के सिंगार चढ़ईहा देवी के चरण मे |
रोज रोज पिया चंडी पाठ करईहा |
नवमी के दिन नौ कन्या खियईहा |
होई जाई तोहरो उद्धार मगन रहा माई के भजन मे |
कीनिहा माई के सिंगार चढ़ईहा देवी के चरण मे |
पंडित जी बुलाई धूप हवन करईहा |
माई के चरनिया गिरि मथवा झुकईहा |
देवी दुर्गा होला जय जय कार सारा जग मण्डल मे |
कीनिहा माई के सिंगार चढ़ईहा देवी के चरण मे |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी देवी पचरा गीत- करा तू अंजोर |
भोजपुरी देवी पचरा गीत- करा तू अंजोर |
अब नाही अइबु त कब माई अइबु ,
बलकवा रोवे बड़ी ज़ोर |
भारती पुकारे ले अवतू ये काली माई |
जीनिगिया मे करा तू अंजोर |
सुनीला पुकार तू हमरो ये काली माई |
रहिया ना लउके केवनो ओर |
एक वर दिहा दूसर वर दिहा ,
तीसरे उद्धार करा माई मोर |
भारती पुकारे ले अवतू ये काली माई |
जीनिगिया मे करा तू अंजोर |
चंड मुंड मरलु तू रक्तबीज मरलु ,
महिषा सुर के कइलु संघार |
दुखवा हमार कब टलबू ये काली माई |
डगमग नईया बाड़े मोर |
भारती पुकारे ले अवतू ये काली माई |
जीनिगिया मे करा तू अंजोर |
कालन के काल माई भगतन ढाल माई |
काटी अनहरिया करा तू अंजोर |
काली काली केसिया लाली लंबी जीभिया |
लहरत आवा माई होला बड़ी शोर |
भारती पुकारे ले अवतू ये काली माई |
जीनिगिया मे करा तू अंजोर |
छोडब ना चरनीया काली कलकत्ता वाली |
लाल अड़हुलवा होलु तू वीभोर |
लाल सेनुर केरा नारियर चढ़ाइब |
लाली चूड़िया खनके बड़ी ज़ोर |
भारती पुकारे ले अवतू ये काली माई |
जीनिगिया मे करा तू अंजोर |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी कविता- राजनीति होखे के चाही |
भोजपुरी कविता- राजनीति होखे के चाही |
केहु मरे चाहे जिये राजनीति होखे के चाही |
केहु आबरू लूट जाये राजनीति होखे के चाही |औरत ना ई खिलौना हई जब चाहे खेल ला |
जान ना जाए केहु मऊत के मुंह धकेल दा |
इनकर इज्जत जाये राजनीति होखे के चाही |बेटी भईली का भइल कुल क मर्यादा बाड़ी |
माई बाप क दुलार पूचकार उ जयादा बाड़ी |
नाम नीलाम हो जाये राजनीति होखे के चाही |समाज आज कहा से कहा आ गईल भईया |
देवी जस नारी दुशमन महा हो गईल दईया |
दूरदसा नारी हो जाये राजनीति होखे के चाही |खिसकल जमीन आपन पाये के मौका मिलल |
नाम मीडिया मे खूब चमकावे के चौका लगल |
न्याय नारी उफर जाय राजनीति होखे के चाही |बलात्कार भइल की अत्याचार पहीले जान ला |
भड़के ना कही दंगा जात पांत बात मान ला |
देश संपत्ति लूटे चाहे टूटे राजनीति होखे के चाही |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी गजल- जब बसर होला |
भोजपुरी गजल- जब बसर होला |
केहु के नेह मे देह के ना खबर होला |
प्रेम के रोग ह ई बड़ा जहर होला |
केतनों समझावे केहु कबों ना मानेला |
बहक जाला कदम अइसन ई डहर होला |
प्यार तोहसे ना करी ई का कहलू तू |
चाहे करा रुसवा तनको ना असर होला |
दिहला काहे दिल तू बोला ये बिधाता |
निकसे ना केहु दिल जब उ ठहर जाला |
मिले प्यार मे धोखा ई का जरूरी बा |
खा के ठोकर भी ना केहु सुधहर जाला |
बनल दुशमन जमाना राह मोहब्बत मे |
प्यार भइला के रूप ना उमर होला |
प्यार ना करी त का करी दुनिया मे |
बहे आँख से आँसू दिल केहु बसर होला |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी ग़ज़ल -का कसूर बा
भोजपुरी गजल – का कसूर बा |
आँख से बहल आँसू तू पानी कहा सब मंजूर बा |
बहल काहे ई पानी बतावा हमार का कसूर बा |
कईल तोहसे प्यार का ई गुनाह हो गईल बोला |
तोड़ दिहलु दिल हमार धंसल करेजा नासूर बा |
सोचली सजाइब प्यार के दुनिया तोहरे संग हम |
तोड़ के सपना चल दिहलु कईल दगा जरूर बा |
गड़े ना कबों काँटा पाँव दिल बिछवली आपन |
कुचल दिहलु मोर करेजा तोहरे इश्क के शुरुर बा |
मरम दिल बुझतु करम करतू ना तू कबों अइसन |
साँच आशिक हई छोडब ना साथ दिल मजबूर बा |
तू हमार जान हमार परान सब कुछ तुही तू बाड़ू |
तोहरे प्यार के हमरो ये जान सबसे गुरूर बा |
अँखिया मे समा के दिल मे काहे उतर गइलू |
कइसे करी हम प्यार हमरो कुछउ ना सहुर बा |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
गजभोजपुरी गीत- चुनरिया संभाला सजनी |ल
भोजपुरी गीत- चुनरिया संभाला सजनी |
बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी |
चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी|
रही रही चमकेले बदरा मे बिजुरिया |
भरी भरी नजरा मे तरसेले गुजरिया |
लौटी सइया अइहे ना फिर गगरिया संभाला सजनी |
दुअरा पर ठाड़ गोरी निहारे ली डहरिया |
कब अइहे निर्मोही मोर बाँके सवरिया |
बहावे गोरी अँखिया नीर नजरिया जुड़ाला सजनी |
सगरो गगनवा छाईल कारी बदरिया |
पिया घरे नाही गोरी जिनगी अनहरिया |
बयार बरखा जिया अधीर सेजरिया संभाला सजनी |
छाए घटा घनघोर हिया भय लागे बड़ी ज़ोर |
गरजे बदरवा पिया बिन पड़पे जिया मोर |
अईले साजन खियावा खीर पजरिया बुलाला सजनी |
बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी |
चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी|श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी बिरह गीत – करी केकेरा प सिंगार बलमु |
भोजपुरी बिरह गीत – करी केकेरा प सिंगार बलमु |
कईला काहे हमसे अइसन तू प्यार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
तोहरे बिना लउके हमके सगरो अनहरिया |
अंसुवे मे डूबल जाता हमरो उमरिया |
कइला काहे हमसे तू नैना चार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
तन औरी मन राजा तोहके सब सउपली|
मन के मंदिरवा तोहे देवता नियन पुजली |
दगाबाज बनला काहे मोर दिलदार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
गाँव के बगइचवा संझवा रोज हमके बुलवला |
प्यार वाली झूठ बतिया से हमके भरमवला |
नेहिया सौतिनिया लगाई भइला तू गद्दार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
हम नाही जनली कबों दगा हमसे करबा |
भरी मंगीया सेनुरवा छाँव अँचरा मोर रहबा |
छोड़ी परईला करी केकरा प सिंगार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी गजल- जान जिआन हो जाई |
भोजपुरी गजल- जान जिआन हो जाई |
दिल लगाके जनी ठुकरावा जान जिआन हो जाई |
मनके बात भइबो ना कइल राती बिहान हो जाई |
चार दिन के जिनगी के केवन जान बा ठिकाना |
आँख मिला के मुंह मोड़बू दिल लहूलुहान हो जाई |
न जाने केवना मोड़ पर धई लेई कोरोना के जाने |
लहरत खेत के ना सिंचाई नुकसान किसान हो जाई |
गगरी भरी त छलकबे करी रुकले ना रुकी कबों |
मोहब्बत के जाम छलक दिल घाव नीसान हो जाई |
कसूर अँखियन के सजा दिल के ना दिहल जाला |
साँच आशिक दगाबाजी मे पीस के पिसान हो जाई |
बिना तोहरे जियब कईसे पतीयाला साँच कहिला |
सनम भारती जान संग बिधना के बिधान हो जाई |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी कजरी – दूर रहा नटरू |
भोजपुरी कजरी – दूर रहा नटरू |
देशवा मे आइल रफाइल तेज तर्रार हो |
सिमवा से हमरे तनी दूर रहा नटरू |
जहा जहा भिड़वा हमसे चोट खुब खईबा |
जमीनिया अकाशवा सगरो मार खइबा |
डूबी जहजीया तोहरो मजधार हो |
सिमवा से हमरे तनी दूर रहा नटरू |
फईलाई के कोरोना होशियार मत बुझिहा |
होई जब चढ़ाई बैरी कोना जनी लुकिहा |
देशवा के लगे जवान घातक हथियार हो |
सिमवा से हमरे तनी दूर रहा नटरू |
जईसे सवनवा मे गरजे ले बिजुरिया |
तकले से जरी जइबा हिन्द के नजरिया |
झूलवा झुलाइब मिसाइल रफ्तार हो |
सिमवा से हमरे तनी दूर रहा नटरू |
अकसवा मे घेरे जईसे कारी बदरिया |
घेरीहे जवनवा ना लौकी तोहके डहरिया |
बनी भारत देशवा दुनिया के सरदार हो |
सिमवा से हमरे तनी दूर रहा नटरू |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी गजल- मन भईले बौराइल| |
भोजपुरी गजल- मन भईले बौराइल| |
काढ़ी करेजा हथेली थमाइ तबो ना उनके बुझाइल |
प्यार मे उनका पागल भईली दिल भइल घाइल |
हटेला ना अँखियाँ से रूपवा तोहार का करी हम |
हंसला से मुहवा मोती झरे लेली जान मुसकाइल |
तोहरा जोहत सांझ ढली गईली हो गईले अनहार |
वादा कइके काहे ना अइलू हमरो मन मुरझाइल |
लहरावेलु कन्हिया कारी केसिया बदरा लगले लजाये |
चाल चलेलु हिरनी जस जंगल मन भईले बौराइल|
याद मे तोहरी बरसे नयन बहरा सावन के फुहार |
आके हमके गरवा लगा ल मनवा फुले ना समाइल |
सुना सुना लागे जग बिना तोहरे हिया हहरत बा |
जिनगी आई बहार गोरी जब आके अंगना सजाईल|श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी सावन शिव भजन 19 – दरबार रे ननदी |
भोजपुरी सावन शिव भजन 19 – दरबार रे ननदी |
जोहत रहली हम सावन के फुहार रे ननदी |
चला चली देवघर के दरबार रे ननदी |
अबले ना अइले सइया लोक डाउन लगी गईल |
अबकी सवनवा देवघर मेला बंद हो गईल |
कइसे होइहे सभकर बेड़ापार ये ननदी |
चला चली देवघर के दरबार रे ननदी |
भोला हउवे दानी उनकर आसरा बा लागल |
बाबा दरसनवा खातिर मनवा भईले पागल |
हहरेला हिया हमरो करी भोला के गुहार रे ननदी |
चला चली देवघर के दरबार रे ननदी |
सास ससुर संगे शिव के हम मनाइब |
घरवा मे पूजा करब बेलपत्तवा हम चढ़ाइब |
बोल बम बोली बोली करब हम मनुहार रे ननदी |
चला चली देवघर के दरबार रे ननदी |
महिमा होई बोला बाबा कोरोना भागी जाई |
हमरे भारत देशवा सबकर भाग जागी जाई |
बहरे से सइया करे भोला जय जय कार रे ननदी |
चला चली देवघर के दरबार रे ननदी |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी निर्गुण भजन 3 – सुगनवा जइहे |
भोजपुरी निर्गुण भजन 3 – सुगनवा जइहे |
बितली उमरिया मोर कइली ना करमीया थोर |
पपवा करमिया करे परेशान |
सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान |
इ तनवा माटी हवे तनको ना विचार बाटे |
जगवा से मुहवा मोड़ माया इ संसार बाटे |
काहे पाछे पछतावा नाही मन भरमावा|
मन निर्गुण ब्रम्ह लगाके होजा तू इंसान |
सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान |
दया दान कइला नाही रास रंग रहला चाही |
बात गुरु सुनला नाही मनमानी कइला चाही |
केहु ना सतावा कबों मनवा अबहिन जवान |
सस्ता सउदा पटाके बन जा तू धनवान |
सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी निर्गुण भजन 1-धियान करे दा |
भोजपुरी निर्गुण भजन 1-धियान करे दा |
सोनवा के बदनवा रामा जनी करा जियनवा रामा |
मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा |
रमे रमाए दा ये मोरे रामा |
ब्रमहवा मे मनवा लगाये दा |
कोरी चदरिया बितल उमरिया |
असही ना बीत जाएदा |
बुद्धि बा नदनवा रामा बहके मोर मनवा रामा |
तन के सुगना अबहीन रहे दा |
मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा |
संगे धियान करे दा |
गुण अवगुण गिने दा ये मोरे रामा |
बचल उमरिया तपाये दा |
सही भइल ना करमवा रामा ,पूछिहे मोर सजनवा रामा |
पाप पुनवा अबहीन गिने दा |
मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा |
संगे धियान करे दा |श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी कविता (श्रिंगार रस )- चित चितवत |
भोजपुरी कविता (श्रिंगार रस )- चित चितवत |
चंचल रूप चित चितवत निखरत निरखत नैन हारे |
बिजुरी सम चमकत दमकत हिय प्रिय चैन हमारे ||
लपकत डोलत झुकत कटी कोमल डोलत कमल डार |
पाँव रखत पायल छम छम छमकत बोलत हिय हाय ||
चपल पलक झपकत गिरत उठत बिजुरी गिरि जाय |
पडत नजर जिस ओर रखी हिय हाथ हाय चिल्लाय ||
गजरा महकत कजरा दहकत रोम रोम पुलकत जाय |
अधर धरत मुसकात मन मोहिनी कपोल हरसत हर्षाय ||
कमर कटिली कारी केस जस नागिन बलखत लहरात |
चाल चलत हिरनी वन कुलांचत उछलत देह भहरात ||
राग अलापत कोकिल बोलत गोरी कंठ सुरीली बोलत |
कांपत अधर रसीले धिरकत टप मिसरी मीठ घोलत ||
पवन वेग जब आंचर लहरत अवलोकत जीय सिहरत |
उड़त गिरत नभ डोलत कर कपाल धरी हिय अचरज ||
नख सीख उतरत स्वर्ग परी सम पिय पिय खोजत |
प्रेम रस घोलत जोहत कत तुम श्याम मुरली सोहत ||श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286 -
भोजपुरी सावन शिव भजन 10 – तोहरे इंतजार मे ना |
भोजपुरी सावन शिव भजन 10 – तोहरे इंतजार मे ना |
नईया पड़ गइली भोला मोर मजधार मे |
बाबा तोहरे इंतजार मे ना |
शिव के पूजे नर नारी |
गावे भजन दुनिया सारी |
केहु गाँजा भांग चढ़ावे |
केहु गंगा जलधार मे |
बाबा तोहरे इंतजार मे ना |
तू बाड़ बाबा बैजनाथ |
तू त हउवा औघडनाथ |
केहु दुधवा भोग लगावे |
केहु भिंगे बरखा बहार मे |
बाबा तोहरे इंतजार मे ना |
बिन दरसन हम ना जाइब |
बाब चरनिया सिरवा नवाइब |
केहु बेल पत्तर फूल चढ़ावे |
केहु मनावे मनुहार मे |
बाबा तोहरे इंतजार मे ना |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /गीतकार / समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी सावन शिव भजन 9 – गाँजा के चिलमिया |
भोजपुरी सावन शिव भजन 9 – गाँजा के चिलमिया |
बाबा बदनाम ही पिये मे गाँजा के चिलमिया |
गंजवे ने रूसाइ दीया गौरा जी भवनिया |
बाबा को भगतो का नसा |
भगतों का बाबा का नसा |
तो किसी को देवघर का नसा |
भगत औरी भोला होखे सावन मे मगनिया |
बाबा बदनाम ही पिये मे गाँजा के चिलमिया |
किसी को विश्वनाथ का नसा |
किसी को पशुपतिनाथ का नसा |
तो किसी को हरिहर नाथ का नसा |
डमरू बजाई नाचे बाब बनिके नचनिया |
बाबा बदनाम ही पिये मे गाँजा के चिलमिया |
किसी को गौरीनाथ का नसा |
किसी को औघड़नाथ का नसा |
तो किसी को जटाधारी का नसा|
गावे लोगवा झूमी भोला बाबा के भजनिया |
बाबा बदनाम ही पिये मे गाँजा के चिलमिया |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /गीतकार / समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी कविता – तड़पत रही हम दिनरात |
भोजपुरी कविता – तड़पत रही हम दिनरात |
रिमझिम बरसत बा बरसात |
तड़पत रही हम दिनरात |
पिया बिना बुनीया ना सुहात |
तड़पत रही हम दिनरात |
गरजत बरसत अईले असढ़वा |
लहकत दहकत हमरो जियवरवा |
कही हम केकेरा से दिलवा के बात |
तड़पत रही हम दिनरात |
चमके बिजुरिया गगनवा मे |
अगिया लगे हमरे तनवा मे |
पिया परदेशी हाली घरवों ना आत |
तड़पत रही हम दिनरात |
झमझम अंगना बरसेला पानी |
टपटप चुएला टूटल दलानी |
निर्मोही बलम दरदियो ना बुझात |
तड़पत रही हम दिनरात |
मखमल के सेजिया मे कंटवा गड़ेला |
बरिस बरिस के पोसल देहीया गलेला |
भिंगल भुईया मोर पउया बिछलात |
तड़पत रही हम दिनरात |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |
भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |
जबले मिलिहे ना झुलनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
जबले बाजीना छम छम पयजनिया|
हम ना करबे रोपनिया ना |
हमसे हरदम सइया करेला बहाना |
अबले दिहला ना एकहू गहना |
चाहे बरसे झम झम पनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
जब जब जोतेला तू हरवा बइलवा|
रहिला हमहू हरदम सइया सांगवा |
टप टप चुये मोर दलनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
नईहर के पावल अबले पहिनली |
दुई गो गहनवा बलाए सहेजली |
बिया पियरईहे चाहे बरसे पनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
चाहे जेतना मनावा चली ना बहाना |
ला खाला आपन नुन रोटी खाना |
पहिन झूलनी बनबो तोहार सजनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी देवी गीत -हमार काली मईया |
भोजपुरी देवी गीत -हमार काली मईया |
चली अइली चरन तोहार काली मईया |
पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया |
जापिला हरदम माई तोहार सुनर नामवा |
सुफल करा हमरो माई मानुष जनमवा |
मारी तिरीसुलवा भगावा दुखवा मुदइया |
पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया |
तोहरी चरनिया बसे सारा सुखवा संसार हो |
दुनिया मे देवे नाही तोहसे बढ़ के दुलार हो |
फेरि दा नजरिया बदला बिगड़ल समइया |
पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया |
जगवा मे फइलल सगरो कोरोना महमरीया |
दूर करा महमारी माई इहे हमरो बिनीतिया |
आवा हमरे देशवा माई होजा तू सहइया |
पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी देवी गीत- दे दा दरसनवा |
भोजपुरी देवी गीत- दे दा दरसनवा |
हाथ जोड़ी माई के मनाई दिन रात हो |
दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो |
केहु नईखे आगे पीछे तोहरो बा सहारा |
डुबत नईया मइया लगाई दा किनारा |
भटकत भक्त माई दे दा आपन साथ हो |
दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो |
सगरो नगरिया मइया लउकेला अनहार बा |
लेला पुजनिया हमरो सुना बिनती हमार बा |
अबोध बलकवा माई हम हइ अनाथ हो |
दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो |
फूल अड़हुलवा मालवा माई हम चढ़ाइब |
गइया के घियवा सोना दियना जराइब |
झुलेली झुलूआ माई निमिया के गाछ हो |
दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी देवी गीत- माई के दीवाना |
भोजपुरी देवी गीत- माई के दीवाना |
मन मगन हो गइल माई के दीवाना |
गावे भजन पूजे माई के जमाना |
बिना माई केहु कल्याण ना होला |
बीना किरीपा केहु महान ना होला |
लुटावेली माई आपन प्यार के खजाना |
मन मगन हो गइल माई के दीवाना |
बिधाता के लिखल केहु कइसे मिटाई |
माई किरीपा सब दुख दूर हो जाई |
अइली माई भइल मौसम सुहाना |
मन मगन हो गइल माई के दीवाना |
ऋषि मुनि देव सब केहु पूजेला |
जोरी जोरी हथवा चरण मे झुकेला |
करा दरसनवा करा ना बहाना |
मन मगन हो गइल माई के दीवाना |
जग जननी जगदंबा काली कहाली |
नामवा बहुत बाकी सबसे पुजाली |
रूपवा निहारी भारती भाईले मस्ताना |
मन मगन हो गइल माई के दीवाना |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपूरी देवी गीत (आल्हा धुन) – मइया न देर लगाय |
भोजपूरी देवी गीत (आल्हा धुन) – मइया न देर लगाय |
मुंह से महिमा केतना सुनाये,कालिका बरनी ना जाय |
जेतना गाई ओतना पाई ,गावत गावत पार ना पाय |
जय जय हे काली भवानी ,किरपा तोहरो गवलो ना जाय |
हाथ जोड़ी के जे भी पुकारे ,देवी उनपर खुश होई जाय |
नारियल सुपारी फूल चढ़ावे ,माई मगन तब होई जाय |
बड़ी दयालु मोरी काली माई ,आवत कबों ना देर लगाय |
लाल चुनरिया चम चम चमके , रूपवा माई निरख ना पाय |
जे भी पूजे उ फल पावे ,भगतन झोली खाली ना जाय |
ढ़ोल नगाड़ा घंटा बाजे , बजे शंख रहे गगन घहराय |
जगमग जगमग ज्योति जरावे ,धूप कपूर रहे सब महकाय |
काली माई मूहवा उजारा ,जीभवा लप लप लाल लपकाय |
माई चरण सब शीश झुकावे ,वर देवे माई हाथ उठाय |
जादू टोना भूत परावे ,जब जब नाम काली गोहराय |
छप छप कांटे दुखवा हरावे ,थर थर बैरी भाग पराय |
माई के आरती भारती गावे ,जागा मईया ना देर लगाय |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी गीत- ई संसार ना मिली |
विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई |
भोजपुरी गीत- ई संसार ना मिली |
बचावा तनी धरती माई मौका फिर तोहार ना मिली |
मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली |
केतना सुखवा चाही मिली छहवा कहा राही |
लगावा पेडवा हम कही ठिकाना ना कही |
जनवा बचावेके कही जोगाड़ ना मिली |
मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली |
कबो आवे बाढ़ तूफनवा बरसे बिन मौसम सवनवा |
कही तरसे पानी परनवा धधके कही अगिया बनवा |
भिंगावे मनवा अइसन कबों फुहार ना मिली |
मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली |
कही गरमिया जान सुखावे कही जड़वा हाड़ कंपावे |
सुख गईले ताल तलैया मर गइली चील चिरईया |
चूक गईला फिर मौका दुबार ना मिली |
मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली |
काटी काटी पेड़ के तनवा बन गइले महल भवनवा |
उखाड़ फुखाड़ पर्वत बनवा लउके सगरो शमशनवा|
बीजरी बरखा के कबों टंकार ना मिली |
मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली |कुपित भईली प्रकृति महारानी ,
आइल सुनामी लेके प्रलय तूफानी |
देखा दुनिया के बिगड़ल कहानी |
धरती बचावा ना करा मनमानी |
फिर भारती कर जोरी पुकार ना मिली |
मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी गीत- देशवा बढ़इहा ये भईया |
भोजपुरी गीत- देशवा बढ़इहा ये भईया |
खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया |
करिहा कमाई आपन जनवा बचइहा ये भइया |
अपने गउआ के खूब चमकइहा |
परती खेतवा अपने हरवा चलईहा |
उगली सोना खेतवा पसीना खूब बहइहा ये भईया |
खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया |
जाइके शहरिया नाही ठोकर अब खाएके |
सिरवा झुकाई ना इज्जतीया गवावेके |
जेतना जुटी ओतने घरवा खइहा ये भइया |
खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया |
करबा जे किसनिया धरतिया हरियाई |
भरल रही धनवा ना अनवा ओराई |
अपने लइकन के खूब पढ़इहा ये भइया |
तोहरे करनवा बनी देशवा महान हो |
तुही हवा अन्नदाता तुही किसान हो |
आगे बढीहा अपने देशवा बढ़इहा ये भइया |
खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी देवी गीत –फेरिहा ये मइया |
भोजपुरी देवी गीत –फेरिहा ये मइया |
नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया |
सुधिया तनी हमरो आज लिहा ये मइया |
सब के त दिहलु माई अन धन सोनवा |
अंधरन के अँखिया बाझिन के ललनवा |
चरनिया तनी डलतू हमरो टूटही मड़इया |
नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया |
परमहंस ठाकुर माई दरसन दिहलु |
कालीदास मूरख आँख अंजन कइलू |
भक्त रहशू माई भइलू तू सहइया |
नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया |
कलकता के काली माई महिमा महान हो |
तोहरे किरीपा से होला जगमग जहान हो |
कहीया लेबू माई अब तू हमरो खबरिया |
नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया |
छोडब ना चरनिया चाहे जान चली जाई |
धुरिया चरनिया माई मथवा लगाई |
डालीदा आपन भारती दया के चदरिया|
नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा |
भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
रोवत चिरइया कबों चहकीहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
छाईल बा सगरो कोरोनवा के कहरिया |
बंद भइले माल सगरो बंद बा बज़रिआ |
बगिया बहार कली चटकीहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
भागी पराई लोगवा घरवा लुकाईले |
रोजी रोजगार शहरवा बन हो गईले |
गोरी गजरा फूल महकिहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
भईले मजबूर मजदूर चले पैदल डहरिया |
दाना पानी मिले नाही कठिन सफरिया |
सावन झूला डार लटकिहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
दया करा दईबा भगावा देशवा कोरोनवा |
दूभर कइलs जान बैरी देश दुशमनवा |
बरतिया नचनिया नाच मटकिहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
जिनिगिया एगो खिलौनवा बा
जिनिगिया एगो खिलौनवा बा,
जेकरा से सबै खेलत बिया।
कौनो तड़पत बिया,
कौनो रूतल बिया।
जिनिगिया एगो खिलौनवा बा,
जेकरा से सबै खेलत बिया।
अंखियन के सपनवा ,
टूटल बिया।
जिनिगिया एगो खिलौनवा बा,
जेकरा से सबै खेलत बिया। -
भोजपुरी देवी गीत – होखत दरशनवा |
भोजपुरी देवी गीत – होखत दरशनवा |
मह मह महकत बा भवनवा |
कालिका जी के होखत दरशनवा|
सोनवा से साजल माई दरबार बा |
तोहरे खातिर छोड़ली घरबार बा |
बलका रोई बरसत बा नयनवा |
कालिका जी के होखत दरशनवा|
मह मह महके गरवा लाल अड़हुलवा |
चम चम चमके हथवा माई त्रिशूलवा |
जय जय जैकार गुंजत बा गगनवा |
कालिका जी के होखत दरशनवा|
लह लह लहके माइके चुनरिया |
चह चह चहके मेहँदी अंजोरिया |
झूमी भगता नाचत बा मगनवा |
कालिका जी के होखत दरशनवा|
माई के चरनिया सिर मथवा लगाई|
गाई गीतिया भारती मईया मनाई |
नाची नाची लोगवा गावत बा भजनवा |
कालिका जी के होखत दरशनवा |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286 -
भोजभोजपुरी गीत = बलमुआ ना अईले |पुरी देशभक्ति गीत-भारत देशवा हमार |
भोजपुरी गीत = बलमुआ ना अईले |
धक धक धड़के मोर छतिया |
हे सखी मोर बलमुआ ना अईले |
नींदिया ना आवे सारी रतिया |
हे सखी मोर बलमुआ ना अईले |
लोगवा कहेला देशवा कोरोनवा आइल बा |
लागल लोकडाउनवा कहा सजनवा भुलाइब बा |
बंद बा मोबाइलवा होवे नाही बतिया |
हे सखी मोर बलमुआ ना अईले |
चिंता सतावे कैईसे होइहे मोर सजनवा |
सुना पड़ल सेजिया सुना बा अंगनवा |
कहवा से अईले बैरी कोरोना नतिया |
हे सखी मोर बलमुआ ना अईले |
सजना बिना बेकार सिंगार का करी हम |
जबले ना अइहे इंतजार अब करी हम |
साले बहुत हमके पिया के सुरतिया |
हे सखी मोर बलमुआ ना अईले |
मिलिहे कोरोनवा उनके अगिया से जारब |
अईहे पिया जब उनके नजर उतारब |
कोरोनवा के आवे हाली मऊतिया |
हे सखी मोर बलमुआ ना अईले |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
कवन मैया गोर बाड़ी
भोजपुरी देवी:- कवन मैया गोर बाड़ी
गीत कवन मैया गोर बाड़ी
हमका पता ना
कवन मैया गोर बाड़ी।
निमिया के डाल पर झूला पर बा
हमार मैया झूललबाड़ी हमका पता बा।
सोने की थाली में भोजना बनावा
हमार मैया जेंवल बाड़ी
हमका पता बा।
सोने के गड़ुवा में जलुवा
भरल बा
हमार मैया पियल बाड़ी
हमका पता बा।
फूला नेवारों की सेजा
बिछ्ल बा
हमार मैया सूतल बाड़ी
हमका पता बा।
कवन मैया गोर बाड़ी हमका पता बा।। -
तोहरे बिन ज़िनिगिया
भोजपुरी काव्य :-
तोहरे बिन ज़िनिगिया
सूनल बा हमार ….
केकरा से हम बोलब बतियाइब
केकरे संग ज़िनिगिया बिताइब
तोहरे बिन ज़िनिगिया
सूनल बा हमार….
साज श्रिंगार तोहरे बिन
अधूरा बा
तोहरे संग ही साजेला
जोड़ा हमार
तोहरे बिन जिनिगिया
सूनल बा हमार…
टूटल बा सगरे
सपनवा हमार
तोहरे बिन ज़िनिगिया
सूनल बा हमार… -
भोजपुरी देशभक्ति गीत-भारत देशवा हमार |
भोजपुरी देशभक्ति गीत-भारत देशवा हमार |
जहा बहे गंगा निर्मल धार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
उत्तर हिमालय गगनवा के चूमे |
दखिन सगरवा लहरवा मे झूमे |
लहकल खेतवा बहे पूरवा बयार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
जहा के जवान सिमवा पर दहाड़ेले |
धई दुशमनवा बहिया उखाड़ेले |
एक के बदले बदला चुकावेले हजार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
बिंध बिंधवासिनी वैशणु जम्मू बिराजेली |
कामरूप कामाख्या दखिन काली माई साजेली |
देवघर बाबाधाम होला जय जय जैकार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
झरखांड बिहार बाड़े देशवा के शान हो |
यूपी गुजरात आज हऊवे मोर जान हो |
रामराज आइल देशवा जगवा बधाई सरकार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
झाँसी क रानी माहाराणा के देशवा |
आजाद भगत सिंह गांधी शुभाष के देशवा |
फह फह फहरे झण्डा माने सारा संसार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
थर थर काँपे दुश्मन कुंवर सिंह के नाम हो |
मारी तलवरिया करे दुशमन तमाम हो |
काटी के बहिया आपन चढ़ावे गंगा जी के धार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
बीर बिरसा के गाथा बखान हम करीला |
सिधु कान्हु के परणाम उनके नाम हम करीला |
झन झन तेगवा करे दुश्मन के ललकार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |
देशवा के माई हरदम शेरवा जनमावेली |
दुधवा पियाई उनकर सिनवा बढ़ावेली |
आवे न पावे दुश्मन सीमा यही पार |
उहे बाटे भारत देशवा हमार |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
कविता- कौन जानता था |
कविता- कौन जानता था |
कर्मवीर होंगे बेचैन अपने घर कौन जानता था |
राह निहारेंगे कब ताला खुलेगा कौन जानता था |
आयेगा ऐसा भी एकदिन देखेगी दुनिया दुर्दिन |
इसान खुली हवा को तरसेगा कौन जानता था |
बाग बगीचा माल बाजार सिनेमा सब सुने पड़े |
कोई किसी से नहीं मिलेगा कौन जानता था |
मिलना गले तो दूर हाथ भी मिला सकते नहीं |
महफ़िलों खूब सन्नाटा पसरेगा कौन जानता था |
नुक्कड़ पर चाय की चुस्की पंचायत नहीं लगेगी |
बारात बाजा बैंड अब न बजेगा कौन जानता था |
जो जहा वही पड़ा है कब मिलेंगे सवाल खड़ा है |
ट्रेन प्लेन मोटर अब ना चलेगा कौन जानता था |
मामी मौसा मौसी नाना नानी फोन पर मिलते |
हर रिस्ता मोबाइल पर मिलेगा कौन जानता था |
ईस जाने कब लॉक डाउन हटेगा बाजार खुलेगा |
बिछड़े अब मिलेंगे कोरोना मरेगा कौन जानता था |श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
भोजपुरी गीत – होले होले डोले |
भोजपुरी गीत – होले होले डोले |
तन मोरा होले होले डोले |
मन मोरा डरे डरे बोले |
कोरोना केहु जान ना ले ले |
तन मोरा होले होले डोले |
आइल कहा से बैरी कोरोनवा |
घाइल भइल सगरो जमनवा |
डरे केहु दुअरिया ना खोले |
तन मोरा होले होले डोले |
धक धक मोरा जियरा करेला |
लुक छुप सबके कोरोना धरेला |
हाली हाली हथवा तू धो ले |
तन मोरा होले होले डोले |
सोचा कइसे कोरोना भगाई |
रही रही लोगवा सबके डराई |
योद्धा कोरोनवा बजुआ मे तोले |
तन मोरा होले होले डोले |
रहिया केवनों ना लोगवा से सटके |
जहिया जहवा रहिया तू फरके |
धधकी जीयरा उठे मोरा शोले |
तन मोरा होले होले डोले |
मुहवा मसकिया लगईहा जरूर |
घरवा रहे खातिर सिखला सहुर |
बनिहा मती भईया तू भोले भोले |
तन मोरा होले होले डोले |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
गीत
हो….. सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुन ऽऽ ए दिलजनिया
जियरा मे सटायी के, लहराई ल ऽऽ चुनरिया
हो…… सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुनऽऽ ए दिलजनिया
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गर न तोहके नियरा हम अवऽती
प्यार हम तोहसे कयीसे कऽरती
गर न तोहके नियरा………………….
प्यार हम तोहसे ……………………….
चऽलऽ किनऽ तानी तोहर झुमका
अईसे ना मटकाऽव रानी तू ठुमका
हो…… सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुन ऽऽ ए दिलजनिया
………………………………………………………………………………
चऽलऽ गोरी जाईं सावन मेला
मेला मे ना भेंटायी हमर साला
चऽलऽ गोरी जाईं……………….. …..
मेला में ना भेंटायी…………………….
देखिहे तऽ करिहें हम से दुशऽमऽनी
चऽढल बा तोह पे नयी जवानी
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भोजपुरी गजल- कोरोना के कहर जारी बा |
भोजपुरी गजल- कोरोना के कहर जारी बा |
बच के चला कोरोना के कहर जारी बा |
भइल जहा मनमानी अब सबकर बारी बा |
ई कोरोना ह चिन्हे ला ना केहु के भाई |
रहा घर मे लुकाई येही मे समझदारी बा |
लागल लॉक डाउन नियम सबके मानेके |
रही ला कुछ दिन अउर लड़े के तैयारी बा |
जे ना मानी उ जान से जाई केहु का करी |
माना बात भारती देशवा से वफादारी बा|
लड़े जे सीमा योद्धा कहल जाला उनके |
युद्ध हउवे कोरोना साची बात हमारी बा |
संग अपने बाल बच्चन के खियाल करा |
कोरोना बैरी के चाल तलवार दुधारी बा |
कहल जाला आजादी केकरा अब बुझाइल |
भाई परिवार छुटल अकेले रहल दुश्वारी बा |
बांधी के हिम्मत करेजा कठोर करा अब |
घरवे से लड़ा लड़ाई कृपा बाँके बिहारी बा |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
भोजपूरी गीत – लुका जाला केहु |
भोजपूरी गीत – लुका जाला केहु |
कोरोना से जेतना जब डरा जाला केहु |
बच जाला जब घरवा लुका जाला केहु |
एकरा ज़ोर देखवला मे भलाई नईखे |
जान आपन बचवला जग हँसाई नईखे|
निकलल जे बाहर कोरोना धरा जाला केहु|
सर्दी खांसी बुखार एकर निसानी हउवे|
चीन से चलल बीमारी एकर कहानी हउवे |
मानीना लॉकडाउन कबहु मरा जाला केहु |
मचल दुनिया हाहाकार कोरोना देख ला |
जेतना होखे कूड़ा कर्कट अब तू फेंक ला |
होशियार देख कोरोना परा जाला केहु |
सटा जनी सबसे दुरही रहा समझल करा |
निकला जब बहरिया मास्क लगावल करा |
तोड़े जे नियम पुलिस पिटा जाला केहु |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
भोजपुरी गीत- करा ना नादानी पिया |
भोजपुरी गीत- करा ना नादानी पिया |
माना मोर कहनवा करा ना नादानी पिया |
घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया |
फइलल बा कोरोनावा सगरो नगरिया |
मती जा बहरिया रहा हरदम पजरिया |
पड़ल बा बज़रिआ अब सुनसानी पिया |
घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया |
जेवन जेवन कहबा तेवन हम खिआइब |
नेटिया से देखि तोहके जेवना हम बनाइब |
मसकिया लगावा करा ना मनमानी पिया |
घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया |
मारल जाई कोरोनवा गउआ होई गुलजार हो |
खुली जाई लॉक डाउनवा तब लुटिया बहार हो |
चिंता छोड़ा चला क ला चाय पानी पिया |
घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
भोजपुरी गीत- अब कोरोनवा ना |
भोजपुरी गीत- अब कोरोनवा ना |
मिले कईसे आई सजनी तोर भवनवा ना |
डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना |
ढेर दिन बीतल तोहसे मिले नाही पवली |
तरस गईले नैना तोहके देखे नाही पवली |
धीरज धरा सजनी माना मोर कहनवा ना |
डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना |
लॉक डाउन लागल सगरो गाड़ियो ना चलेला|
ताला लागल रेल अब तो बजरियो ना खुलेला |
तड़पेला मनवा हमरो बरसे अब नयनवा ना |
डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना |
रहती हम चिरईया धनिया उडी चली अवती |
अंखिया जूड़वती तोहके गरवा हम लगवती |
जहर मिलावे मिली कोरोनवा अब पवनवा ना |
डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557 -
भोजपुरी गीत – तनी कोरोनवा से बचके |
भोजपुरी गीत – तनी कोरोनवा से बचके |
चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके |
जइहा बजरिया रईहा लोगवा से हट के |
चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके |
जइबु जे बज़रिआ कोरोनवा लगी जाई |
केतनो भगइबु हरदम लगवे उ आई |
मुंहवा पे मास्क लगईहा तू डटके|
चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके |
हर एक घंटवा हथवा तू धोइहा |
अपने संगवा तू आपन घरवा बचइहा|
संका होखे बीमारी जांच करईहा तू फटके |
चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके |
बैरो कोरोनवा केहु के ना छोड़ेला |
राजा हो रंक सबही के उ धरेला |
रही जिनिगिया खूब बज़रिया मे घूमिहा |
जेवन करी तेवन खूब चदरिया मे किन्हिया |
किन लिहा सड़िया जेवन मनवा मे जँचके |
चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
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भोजपुरी गीत -उनके नजरवा से |
भोजपुरी गीत -उनके नजरवा से |
जान मारेली उ हमसे अँखिया लड़ाइके |
जियरा जुड़ावेली हमसे दिलवा लगाइके |
होसवा उड़ल बा हमार देखी उनके कजरवा से |
बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा से |
हमसे कहेली उ तू हमार बाड़ा राजा |
आके हमरे दिलवा मे राजा समाजा |
अँखिया उठावे त हो जाला बिहान |
नजरिया मे बसल बा उनकर मुस्कान |
हमके लुकाला गोरी तू अपने अब अंचरवा से |
बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा से |
सालन के पालल तोहके दिलवा हम दिहली |
तोहरे बिना गोरी भइल पगलवा हम रहली |
दिलवा लगाई भइलू हमार जान |
तू ही हमार रानी तू ही हमार चान |
जइहा मत कबहु गोरी तू कबों हमरे पजरवा से |
बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा से |
राखब हम तोहरा बनाके आपन रानी |
तोड़ी हमार दिलवा कबो करिहा जनी नादानी |
गउआ के मनई हई हम किसान |
बड़ा निक लागे गलिया करिया नीसान |
निकलल बा चान निकले जईसे कारे बदरवा से |
बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा से |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
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