मेरे जाने के बाद ——————– बिखेर दिया है खुद को इस कदर मैंने ….. कि …. मैं ना मिल पाऊं गर तुम्हे … तो ढूंढ लेना मुझे …. मेरे गीतों और रचनाओं में। तुम पर […]

समुंदर पार कर दो ए केवट प्रिय मेरे पार कर दो गंगा प्रिय लक्ष्मण भ्रात है साथ और है जनक दुलारी साथ जाना है चित्रकूट मुझको करा दो गंगा पार हे केवट करा दो गंगा […]

आदाब सभी को मौत के डर ने ही ज़िंदा रक्खा है ख़ुदाया फिर भी ये इंसाँ इसी से डरता है हमारी साँस भी चलती उसी की मर्ज़ी से ही जहाँ में पत्ता भी उसकी रज़ा […]

हर सदी इश्क की ——————— समुद्र पार रेतीले मैदान में उगते गुलाब, नन्ही कोपलों से निकलते हरे पत्र, और नमकीन हवा में घुलती मिठास अनुराग की। मानसिक विरोधाभास के बीच पनपता स्नेह उम्र की सीमा […]

सब था मर्यादित रामचरित मानस में पर उपेक्षित उर्मिला की वेदना पर ध्यान किसी ने नहीं दिया जिस सम्मान की वो भागीदार थी वह सम्मान किसी ने नहीं दिया

गजल- कोरोना कहर माना की कोरोना कहर बड़ा मगर आया नहीं | सारा जहाँ दहसत मे हिन्द मगर छाया नही | फानूस बनके करता हिफाजत वजीरे आलम | ठहर गया वो लोकडाउन से कुछ कर […]

कविता – भारत जानता है | कोरोना हो या सेना दुशमन लड़ना भारत जनता है | एटम हो वाइरस दुशमन लड़ना भारत जानता है | प्रधान मंत्री मोदी जी ने जो कहा वो करेंगे हम […]

कोरोना बुरा है पास बुलाये कोई पास जाना बुरा है | बुलाकर दे दे तुमको कोरोना बुरा है | पास जाना अगर हाथ न मिलाना मगर गले मिल गये लग जाये कोरोना बुरा है| मिलना […]

आज स्कूल नही जाना माँ आज तो छुट्टी मना लेने दो कल सर दर्द का बहाना काम न आया आज पेट दर्द आजमा लेने दो घर के जैसे मस्ती कहाँ स्कूलों में बसती इसकी सच्चाई […]

एक जुनून ही हमें आगे ले जाएगा आगे की कहानी भी वही बताएगा मायूसी जाएगी नई सुबह फिर आएगी सन्नाटा जाएगा कल आज और आज कल बन जाएगा सन्नाटा चीर कर फिर से विश्व मुस्कुराएगा […]

तुम जीत हो संगीत हो मेरा मीत हो मेरी ही प्रीत हो सदियों से किया जिससे इकरार तुम वही महोब्बत की रीत हो दिन की शुरुआत से रात की एहसास हो दोपहर की धुप और […]

अकेली रातो से बाते कैसे करू बिन मिले उनसे मुलाकातें कैसे करू लोग कहते है दिन तो गुजर जाता है, राते नहीं निकलती कौन कहे इनको, अपने अकेलेपन से मोहोब्बतें कैसे करू वो हवा बनकर […]

इश्क की गोद में जा बैठी जो कातिल था उसी को मीत बना बैठी। बुझ गई थी बहुत पहले ही क्यूँ आज दिल की आग जला बैठी। वो ख्व़ाब था किसी की नींदों का क्यूँ […]

कोई सोचता है की आज पनीर कल गोभी की सब्जी खाऊंगा कोई सोचता है की कल परिवार का पालन कैसे करूँ कोई कहता है हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करना है और किसी को साफ पानी और […]

विपदा की घड़ी जब आती है हमें व्यवस्थित होना सिखाती है एकता का महत्व समझाती है अपने पराए में भेद बताती है धैर्य परिश्रम सहयोग समन्वय और अनुशासन का पाठ अवश्य पढ़ा जाती है विपदा […]

जो लोग आप की ताकत है जीवन के भाग्दौर के चलते समय नहीं दे पाते है अब घर बंद के चलतेी उनके साथ जीने का मौका दे रही है इस डर के माहौल में बस […]

एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर

एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर विचलित कर देने वाली घटना स्मरण […]

एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई […]

बाहर जाकर कोरोना का सौगात नहीं तुम लाना। बेशक आधा पेट हीं खाकर घर में तुम सो जाना।। खाना आधा पेट से प्राण चले नहीं जाऐंगे तेरे। अपना और अपने की जान सुरक्षित रहेंगे तेरे।।

रोग कोरोना से हुई मानवता बेचैन जीवन लगता रुष्ट है, बैरी दिखता चैन, बैरी दिखता चैन, मौत का नग्न – नृत्य है मौन-विधाता बता,किया क्यों क्रूर कृत्य है? रोग शमित होगा तभी, रहें भीड़ से […]

ओ कोरोना हो रहा है राष्ट्र लाँक, और हो रहा राज्य लाँक। नष्ट करेगे इस कोरोना को, और करेगे इसको लाँक।। बज गई थाली बज गई ताली, बजी शंख और बज गई घंटी। ओ कोरोना […]

बहुत कोशिशें कर ली उसे मनाने की, राहें भी ढूंढी दिल में उतर जाने की । पर नाकाम ही रहे हर कोशिश में हम, दिल उदास हो गया गम में डूबे हम… फैसला कर लिया […]

वो आते तो हैं मेरे आशियाने में.. मुझी से मिलने मगर जताते नहीं हैं बस हम समझ जाते हैं.. नज़रे झुकाए रहते हैं और दिल लगाने की बात करते हैं.. कितने नादान हैं चुपके से […]

माताओं ने लाल खो दिए बहनों ने फिर भाई, घर में छुपे दुश्मनों से कैसे जीतोगे लड़ाई? नक्सलियों के हमले से धरती लाल हो जाती है, फिर किसी घर मे कोई ज्योति बुझ जाती है […]

तुमने कह तो दिया मगर दिल को तसल्ली ना हुई शब तो हो गई पर मैं ना सोई गुजार दी ज़िन्दगी तेरी आरज़ू करने के बाद किसी और को क्यूँ देखूँ तुम्हें देखने के बाद […]

आज की सच्ची घटना पर आधारित हिंदी कविता शीर्षक :- भरोसा आज मेरी क्यारी में बैठा परिंदा मुझे देख छुप गया मैं रोज़ उसको दाना डालता हूँ फिर भी वो डरा सहमा अपने पंखो के […]

जल हीं जीवन है जल को ना बर्बाद करो। जीवन का आधार है जल को ना बर्बाद करो।। जल बिन मछली तड़पेगी धान पान सब कहाँ रहेंगे। नदी तालाब और कुआँ बिन स्नान ध्यान फिर […]

जल खुद एक जीवन है आओ इसे बचाते हैं फिर से भर जाएंगी नदियां आओ कदम उठाते हैं आज ही जब सब खो दोगे तो पीढ़ी को क्या सौंपोगे अपनी जिम्मेदारी का बोझ फिर किसके […]

कुछ सर्द हवाओं ने मन महका दिया उन हवाओं में जैसे नर्मी सी हो छू कर मेरे बदन को रूह तक ठण्डा कर रही हैं और अपनी खुशबुओं से फ़िजा महका रही हैं