तुझसे मिलने का मुझे कोई आसार भी नहीं दिखता। लेकिन इंतज़ार तेरा करते–करते मैं फिर भी नहीं थकता।
तुझसे मिलने का मुझे कोई आसार भी नहीं दिखता। लेकिन इंतज़ार तेरा करते–करते मैं फिर भी नहीं थकता।
“ऐ दिल” तुझसे फुर्सत मिले जिन्दगी को तभी तो समझूँगा मैं। पारुल शर्मा
मेरे शब्दों का आज फिर मुँह उतर गया तुमने फिर इन पर अपनी खामोशी जो रख दी। पारुल शर्मा
तेरी खामोशी ने ही बिखेर दिया मुझे सफ़हों पर। और मेरी तमन्ना थी कि तेरी बाँहों का सहारा मिले।
जो हर चीज को दौलत से आँकते हैं उनके दिल कीमती नहीं होते ।
औरतों के घर कहाँ होते हैं जहाँ पैदा हुई वो मायका जहाँ शादी हुई वो ससुराल।औरतों के अपने कहाँ होते हैं।एक के लिए पराया धनदूजे के लिये पराये घर से आयी परायी लड़की। औरतों के […]
सफेद दरख्त अब उदास हैं जिन परिंदों के घर बनाये थे वो अपना आशियाना ले उड़ चले। सफेद दरख्त अब तन्हा हैं करारे करारे हरे गुलाबी पत्ते जो झड़ गये परिंदो के पर उनके हाथों […]
जब तेरी नजरों से मुलाकात होती है! चाहत की दिल से रूबरू बात होती है! यादों का तूफान कभी रुकता नहीं मगर, तन्हाइयों के आलम में रात होती है! मुक्तककार- #महादेव'(24)
बहुत मायूश रही मेरी मेहरबा मुझसे. ना कोई चाहत की रखी कोई सिल्सिला हमसे. कोई बताये कोई खबर मेरी चाहत की चांद की. अब तक घिरी में घर में अमावश की रात ही. अवधेश कुमार […]
बड़े मौजू हो चूकी ख्वाहिश की पेशकश मेरी. इरादे नफीश की खमबखम मेरी. जरा सून क्यो इल्तिजा का मायूस आरजू. मैं तेरी नहीं मोहब्बत की ख्वाहिश. अवधेश कुमार राय “अवध*
ये बरसात भी मुझसे कुछ कह रही है मै ही नही मेरी याद में वो भी रो रही है
तेरा ख्याल खुद को समझाने का रास्ता है! तेरा ख्वाब खुद को बहलाने का रास्ता है! मुश्किलों को थाम लेती है आरजू तेरी, तेरी याद चाहत को पाने का रास्ता है! #महादेव_की_कविताऐं’
॥ “ यादों के जुगनू “ ॥ वह लड़की ! : न भूली होगी मुझे : न भुलाई गई मुझसे वह लड़की जानती है —- ज़िस्म की ज़द — सम्बन्धों की हद इसीलिए तो […]
अब ना गाऊंगा गित तेरे यादो की. अब ना चाहुंगा प्रित तेरे सांसो की. कुछ थमा तुम्हारे हमारे बिच यादो का गुलिस्ता. जो हमसफर रुठ चुका हमारे घर से. जो चूक चुका महफिल की रंजोगम से. फिर गित ना गा पाऊंगा. महबूब तुझे गुनगुना ना पाऊंगा. अवधेश कुमार राय “अवध”
बहुत सुकून हो मोहब्बत तुमको एतराज हो हमसे. इस फिजा की तफतिश में एक बार हो हम से . कोई रेहबर हुआ था मेरा जिसे हमसे इल्तिजा थी इतनी. मोहब्बत में अश्को से रुठा जाना हुआ हैं . दोहमत लगती मोहब्बत छोड़ आये. हम तो जींदगी का सुकून छोड़ आये. अवधेश कुमार राय “अवध”
जी रहा हूँ तुमको पाने की आस लिए! जी रहा हूँ साँसों में तेरी प्यास लिए! ख्वाब बंध गये हैं नजरों की डोर से, प्यार के रंगों में तेरा एहसास लिए! #महादेव_की_कविताऐं”
There are symphonies in the cacophony, Harmonies in the chaos. Beauty where the ugly things lie Treasure within the dross. Sit with me O forgotten ones, Reconnect once again. Absorb and Basque in my beauty, […]
After all this time the small things matter, It did not fall nor did it shatter. I wish to be as dedicated as you, You loved so actively, proof Of the truth that we know […]
मेरी जिन्दगी की तस्वीर बन गये हो तुम! मेरी मंजिलों की तकदीर बन गये हो तुम! तूफान चल रहे हैं यादों के शामों-सहर, दिल में चाहतों की जागीर बन गये हो तुम! #महादेव_की_कविताऐं’
सूरज को रोशनी का गुमान किसलिए है? शाम तन्हाई की पहचान किसलिए है? टूटते नजारे हैं फिजा में हरतरफ, रात आहटों की मेहमान किसलिए है? मुक्तककार- #महादेव’
ये मदहोश शाम और तन्हाई का आलम अपनों के बारे में न सोचते तो क्या सोचते करीब-ए-मर्क़ है फिर भी अकेले इसलिये खबरी के बारे में न सोचते तो क्या सोचते हुआ कभी […]
मैं घायल हूँ मग़र मैं तो कभी बेचेन नही होता सिसकियां आती रहती है मग़र मैं तो नही रोता किसी घायल की बैचेनी सिर्फ घायल समझ़ता है जख्म का दर्द समझ़ता है या मरहम समझ़ता […]
टूट रहा हूँ मैं गमे-अंजाम सोचकर! टूट रहा हूँ मैं गमे-नाकाम सोचकर! मंजिल डरी हुई है दर्द-ए-बेरुखी से, तेरी बेवफाई का पैगाम सोचकर! मुक्तककार- #महादेव’
बैठे है अकेले राह में, दिल में कोई आश है , घडी की बदलती सुइयो के _सही होने का इन्तजार है , कुछ कदम बढाने है ,और ये सुनसान राह पार है , फिर करवट […]
साथ देने में मेरा जिंदगी के दुखों का कोई सानी नहीं असल में तो दुख के बिना सुख का भी कोई मानी नहीं। मानी= अर्थ
जिन्दगी में तेरी हरपल कमी रहती है! अश्क की आँखों में हरपल नमी रहती है! दौर भी है कायम तेरी तमन्नाओं का, दर्द की ख्यालों में हरपल जमीं रहती है! #महादेव_की_कविताऐं’
पागल,आशिक़,आवारा ही रहा आइनों के हर टुकड़े में मै ही रहा तू ने बेवफाई की इन्तहां कर दी मै की तेरे साथ वफादार ही रहा ….. #VIP~
न जाने क्या-क्या छुपा रही थी, गर्मी की सुबह, वो शाल ओढ़े जा रही थी, धूल से पाँव सने थे,चंचल नयन बोझिल हुए थे, भूख से पेट धँसे थे,चकित हो मैं देख रही थी, मन […]
न जाने क्या-क्या छुपा रही थी, गर्मी की सुबह, वो शाल ओढ़े जा रही थी, धूल से पाँव सने थे,चंचल नयन बोझिल हुए थे, भूख से पेट धँसे थे,चकित हो मैं देख रही थी, मन […]
******************** फूल खिलते रहेंगे यह सोचकर खुश था मगर दुख इस बात का, कि रौंदी जा रही मासूम कलियाँ ****************************
************************* अन्याय हुआ शोले उठे अब सभी शोर रूक जाएँगे सात दशक आजादी के जैसे फिर बहार चमन में आएँगे शहीद हुए जो मातृभूमि पर यही शब्द रह जाएँगे वतन पर मिटने वालों के बस, […]
************************** बढ़ रहे बलात्कारी चीख रही भारत की नारी आज के मायावी राक्षसों से भगवान भी घबराता है इसलिए द्रोपदी की लाज बचाने कोई कृष्ण नहीं आता है आखिर ऐसा क्यों होता है ? सरकार […]
************************* ललकार हमें न ए जालिम अब हमें नहीं सहना है खबरदार ए सरहद पार कश्मीर हमारा अपना है मत दोहरा इतिहास भूल से इतिहास नया बना के देख यारी को उत्सुक ये धरती हाथ […]
************************ दीवाली सा हर दिन लगे दशहरे सी रात होली जैसी दोपहरी हो रोज खुशी की बात पर, आज दीया जले आगजनी सा रामराज में रावण पलता गुलाल में है बारूद का असर घड़ी-घड़ी अन्याय […]
तेरी जुल्फ से खुद को आजाद करूँ कैसे? तेरी तमन्नाओं को बरबाद करूँ कैसे? कदमों को रोक देती है आहट जख्मों की, तेरी आरजू की मैं फरियाद करूँ कैसे? मुक्तककार- #महादेव’
******************** अपनी सांसों में उर्जा भरकर निर्माण जो करता नवयुग का औरों को सुख-सुविधा देकर करे सामना हर दुख का जो रूके अगर, रूक जाए दुनियां सारे जग का रीढ़ वही जोश, लगन, संकल्प है […]
तुम मेरी सुबह बन जाओ मैं तुम्हारी राते बन जाऊ जो दुआ पूरी करते है मैं तुम्हारा वो तारा बन जाऊ !
चाँद से गुफ़्तगू में सितारे गिनते रह गए हम तो मोम थे रात भर जलते रह गए बस यही एक भूल हमसे सरेआम हुई भूलना था तुम्हे हम की याद करते रहे गए #VIP~
हरबार तुम एक ही नादानी न करो! हर किसी से जिक्र तुम कहानी न करो! रूठी हुई है मंजिल प्यार की मगर, हरबार तुम खुद की कुर्बानी न करो! मुक्तककार- #महादेव’
कभी–कभी सोचता हूँ कि कुछ देर सोचना बंद कर दूँ।
अंत तो तेरा भी वही होगा अंत मेरा भी वही होगा लेकिन फर्क इस बात से पड़ेगा कि किसकी जगह लेने वाला कोई नहीं होगा।
khamosi si hai in rato mai ek alag si talab hai uski baato mai vo kyu nhi hai in baho mai kya khub likha hai pyar ki kitabo mai k apka pyar ek na ek […]
तुम पहले शख्स हो – जिसे मैंने अपना हमराज बनाया है, अपना हाले दिल सुनाया है, वरना मुझे किसी पर एतबार नहीं . तुम गैर मानुस हो अभी- फिर भी लगता है बरसो से जानता […]
अपनी यादों को मिटाना आसान नहीं है! अपने गम को भूल जाना आसान नहीं है! तन्हाइयों की राह पर जब चलते हैं कदम, सफर से लौट कर आना आसान नहीं है! #महादेव_की_कविताऐं’
उसने बेबुनियाद इल्जामों की मुझपर फहरिस्त लगा दी, जीवन कटघरे को मानों जैसे हथकड़ी लगा दी, छटपटाते रहे मेरे जवाब किसी मछली से तड़पकर, और सवालों की उसने मानों कीलें सी चुभा दी, बेगुनाह था […]
साथी तो मेरे वो भी खूब रहे जो लगातार मेरी तनकीद करते रहे लेकिन अमल–अंगेज़ तो मेरे वो बखूबी रहे जो लगातार मुझसे कोई उम्मीद करते रहे। तनकीद=आलोचना अमल–अंगेज़ = उत्प्रेरक
जिंदगी की जंग मुझसे जारी है कभी मैं उसपे तो कभी वो मुझपे भारी है।
अपनी सांसों में उर्जा भरकर निर्माण जो करता नवयुग का औंरों को सुख-सुविधा देकर करे सामना हर दुख का जो रूके अगर, रूक जाए दुनिया सारे जग का रीढ़ वही जोश, लगन, संकल्प है जिनमें […]
तेरा ख्याल जब भी बार-बार आता है! दिल में बेचैनी का किरदार आता है! बेताब नजर से लिपट जाती हैं यादें, तेरी गुफ्तगूं का इंतजार आता है! #महादेव_की_कविताऐं’ (23)
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