इश्क़ का मज़ा तो सिर्फ बिछड़ने से आये वो आशिक़ी ही क्या जिसमे शादी हो जाये ‘विपुल कुमार मिश्र

चलो दर्द में भी मुस्कुराते हैं यादो के साथ टकराते है तुम आओ तो सही मिलकर दर्द को आंख दिखाते है #VIP~

घर मेरा तुम्हें हवादार नहीं लगता। मैने हकीकत कही तुम्हें असरदार नहीं लगता।। , कि कशती कहीं डूब न जाए सफर में मेरी। तुम दुआ करो तूफान मेरा तरफदार नहीं लगता।। , शक्ल से कहा […]

बंधु ! आज स्व. राजीव गांधी की पुण्य—तिथि है। एक सपना और उसमें समाहित लालसा का स्मरण दिवस। हार्दिक श्रुद्धांजलि के साथ एक व्यक्ति — दो भाव   कविता – 01    व्यक्ति—विशेष || स्वप्न—भंग […]

कभी कभी मैं खुद से पराया हो जाता हूँ! दर्द की दीवार का एक साया हो जाता हूँ! जब बेखुदी के दौर से घिर जाता हूँ कभी, नाकाम हसरतों का हमसाया हो जाता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं’

तेरी आरजू है फिर करीब आयी सी! तेरे हुस्न की तस्वीर मुस्कुरायी सी! याद आ रही है तेरी रूबरू लेकिन, ढूँढती नजर में दर्द की गहरायी सी! #महादेव_की_कविताऐं’

तेरे दुआओं में असर देखना है अब तो ज़हर पी के देखना है तन्हाई में बहुत बसर कर लिए अब तो महफिलों में तन्हा देखना है कहते थे कि मर जायेंगे भूलकर तुम्हें अब तो […]

ग़म को आराम नही होना चाहिए अब तुम्हें हार ऐलान करना चाहिए अपने साये को खुद पत्थर मारेंगें शर्त है कि दोस्त खुश होने चाहिए दिल,वो भी खाली क्या बात करते है इश्क़ न हो,दुश्मनी […]

कबतक जी सकूँगा नाकाम होते होते? कबतक जी सकूँगा गुमनाम होते होते? भटक रहा हूँ तन्हा मंजिल की तलाश में, कबतक जी सकूँगा बदनाम होते होते? #महादेव_की_कविताऐं’

मैत्री म्हनजे गोड, निरागस, सुंदर, प्रेमल नातं, कधी हसवनारं तर कधी क्वचित रडवनारं…||ध्रू|| मैत्री म्हनजे जिव्हाला, एकमेकांबाबत मनात कलवला, मैत्री म्हनजे एक सुंदर जिव्हाल्याचा खेल, कधी चिडनारा तर कधी रुसनारा मजेशीर खेल…||1|| मैत्री म्हनजे सुंदर […]

कैसे कहूँ कि अब तुमसे प्यार नहीं रहा! कैसे कहूँ कि तेरा इंतजार नहीं रहा! हरपल करीब होती है तेरी जुस्तजू, कैसे कहूँ कि तेरा तलबगार नहीं रहा! मुक्तककार- #महादेव’

कभी–कभी कागज पर खिंची लकीरों के बीच भी कोई तस्वीर इस कदर से जिंदा हो जाती है कि जिसकी होती है वो तस्वीर उससे मिले बगैर ही उससे मिलकर होने वाली बातें उस तस्वीर से […]

तुम्हारे होठों का सिर्फ मधु ही मुझे प्यारा नहीं बल्कि प्यारी लगती हैं वो कड़वी बातें भी जो तुम कहती हो क्योंकि वो होती हैं हमेशा ही मेरे भले की।                                                 –   कुमार बन्टी […]

सपने में भी जब कभी तुम्हारा ख्याल आता है तो – दर्द से तड़फ कर जाग जाता हूँ मै  . जब अंधेरो के सिवा कुछ मिलता नहीं वहां तो- खुद ही खुद से घबरा जाता […]

मैं यादों का कभी कभी जमाना ढूँढता हूँ! मैं ख्वाबों का कभी कभी तराना ढूँढता हूँ! जब खींच लेती है मुझको राह तन्हाई की, मैं अश्कों का कभी कभी बहाना ढूँढता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं’

उनके के होंठो से लफ्ज़ चुराकर उनके ही कानो तक पहुचाया है और वो पूछते है …. आपके शब्दों में दर्द कहा से आया है #VIP~

अब ममता की छांँव और आत्मीयता को छोड़, व्यवसायिक मुकाम हासिल करने में जुटी जिंदगी । अब कुदरती हवा और चाँदनी रात के नज़ारों को भूल, वातानुकूलित कमरे और दूरभाष में जुटी जिंदगी । अब […]

इस दीपक में एक कमी है,,,, हर सैनिक की याद जली है ।।।।।।। जिसने दी आज़ादी हमको,,,,,,,,, उनकी बेहद कमी खली है ।।।।। दुश्मन को मारा सरहद पे,,,,,,,,,, तो दीवाली आज मनी है ।।।।।।। देखो […]

इस तरह उलझी रही है जिन्दगी,,,,,, कोन कहता है सही है जिन्दगी।।।।। उलझनो का हाल मै किससे कहु,,, आँख के रस्ते बही है जिन्दगी।।।। अब नही पढना नशीब में इसे,,, गर्द सी मुझपे जमी है […]

तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत कैसे करती है दुनिया,,,,,,, हद से ज्यादा तुझको सोचू इतना […]

वतन पे है नजर जिसकी बुरी उसको मिटा देगें,,, सबक ऐसा सिखा देगें कि धड से सर उडा देगें।। जहाँ पानी बहाना है वहां पर खून देगें हम,,, वतन से प्यार कितना है जहाँ को […]

करे हैं काम वो इस धूप में जलती सी इक औरत,,, गमों को झेल लेती है सभी, गहरी सी इक औरत।।। बडों का मान रखती है झुकी रहती है कदमो में,,, कि रिश्तों के दरख्तों […]

कुछ लिखूंगा तो तुम बुरा मानगो. हमारी मोहब्बत पर रार ठानगो. अब यही रहा अंजाम -ए- इश्क मेरा. मेरी जज्बातो को जब्त कर हुश्न का इकबाल कर. यह मोहब्बत नहीं आसान इसका सम्मान कर. #अवध?

कुछ बेरुखी रही आज कल घर मेरे. ना दिल रहा अकतियार मेरे. डबाडबाई आँखो से उतर आई अश्क कपोलो पर. कितनी बेरुखी रही मोहब्बत हमारे खित्ते है्. #अवध?

तेरे हुस्न का मैं अफसाना लिए रहता हूँ! तेरे प्यार का मैं नजराना लिए रहता हूँ! मैं रोक नहीं पाता हूँ यादों का कारवाँ, तेरे दर्द का मैं गमखाना लिए रहता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं

चला गया है परदेश हमारा लाल पूँछ लेता है फोन पर कभी कभी हमारा हाल चाल   बेटा— बहुत बिजी हूँ माँ टाइम नहीं मिलता कब आऊँगा वहाँ मुझे भी नहीं पता कैसी हो माँ […]

मैं दफ्न उजालों का डूबा हुआ शहर हूँ! मैं वक्ते-तन्हाई में यादों का सफर हूँ! ढूँढता हूँ खुद को खौफ के अंधेरों में, मैं ख्वाहिशों की राह में बेखुदी का डर हूँ! #महादेव_की_कविताऐं’

चलो अपनी असलह रूपी कलम को बारूद से लबरेज कर लें,और दाग दें दुश्मनों और गद्दारें के तन पर कि शब्दों के बम रूपी गोले लहूलुान कर दें,ध्वस्त कर दें उनके नापाक इरादों को। सुना […]

अनुच्छेद 370 का ही परिणाम हैं जो कश्मीर में अब भी तिरंगे जलते हैं। पथराव होता है देश भक्तों पर और जवानों के तन पे जख्म पलते है। दुश्मन की कायरता का मनोबल बढ़ता है […]

।। गम बनाम खुशी ।। गम बोला खुशी से —-बता बता दो जा रही हो जिसकी जिंदगी से। खुशी—वहाँ तो मेरा आना जाना लगा रहता है मैं देख नहीं सकती उनके दुखी चेहरे, तुम जाते […]

—————– वधू चाहिए ———— आये लड़के वाले छपवाने इस्तहार मेरी संजीवनी में एक वधू चाहिए आ गयी है कड़की घर में है परिवार छोटा सा घर गिरवी पड़ा है। ५ लड़कों ४ लड़कियों  से जूझ […]

  ।। गम बनाम खुशी ।। गम बोला खुशी से —-बता बता दो जा रही हो जिसकी जिंदगी से। खुशी—वहाँ तो मेरा आना जाना लगा रहता है मैं देख नहीं सकती उनके दुखी चेहरे, तुम […]

ये पूनम की रात भी बड़ी अजीब होता  है पास इसके भी किस्से कई महफूज होता है कुछ हसीं तो कुछ दर्द – ऐ – गम होता है क्या करे रातो में ही दीदार-ऐ-चाँद होता […]