शेर-ओ-शायरी

बरसात

जब हुई आँखों से, अश्कों की बरसात। तब याद है मुझे,थी वो बरसात की रात।। »

मुस्कान देंगे

सोते समय तुम हमें याद करना दवा नींद की बन सुकूँ-चैन देंगे। अगर स्वप्न में दिख गए आपको हम, आवाज देना, मुस्कान देंगे। »

जीेने के बहाने

अगर तुम होते तो और उम्मीद होती जीने की ————————————————– बहाने चार होते दुनिया से दिल लगाने के| »

मेरा जिक्र

जो मेरा जिक्र किया करता था वो ही मेरी फिक्र किया करता था हम उसकी कद्र किया करते थे वो मेरी कद्र किया करता था »

धीरे-धीरे…

तुम नहीं हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता तन्हाई से निकलने का रस्ता नहीं मिलता गुजरा जाता है यूं तो दिन धीरे-धीरे पर जिन्दगी तुझ बिन बिताना अच्छा नहीं लगता… »

धीरे-धीरे…

तुम नहीं हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता तन्हाई से निकलने का रस्ता नहीं मिलता गुजरा जाता है यूं तो दिन धीरे-धीरे पर जिन्दगी तुझ बिन बिताना अच्छा नहीं लगता… »

हम तुम्हें भूल गये!

हम तुम्हें भूल गये! यह गलतफहमी पालकर बैठे थे एक दिन आ गये तुम अचानक सामने तब से दिल हार कर बैठे हैं.. »

सरोवर

दिखे शांत सरोवर का उर, भीतर हो रही हलचल रह-रह कर उठती हैं लहरें, बता रही व्याकुलता प्रतिपल.. *****✍️गीता »

सड़कछाप आशिक़

दिल फेंक आशिक़, सड़क पे अक्सर मिल ही जाते है। गर बोलो दो मीठी बातें तो, जल्द ही मजनू बन जाते है।। »

अंधेरा

चारों तरफ अंधेरा छाया है मेरे पीछे ये किसका साया है डर लगता है मुझको ले लो अपनी बाँहों में कई सालों बाद ऐसा मौका आया है »

क्या से क्या हो गया

चारो दिशाओं में आज मतलबी इंसान बसते है। तभी तो आज हमारे मन में नफरत ही पलते है।। »

अर्शे बाद…

मैं दोस्तों के अंजुमन में, अर्शे बाद आया हूँ। खुद को थाम लीजिए मैं फिर वही दिल लाया हूँ।। »

मीठी बातें

हम उऩ पलों को याद करते हैं खाली-खाली जब अपने दिल को पाते हैं.. बरस पड़ता है आँखों से पानी जब तुम्हारी मीठी बातों को याद करते हैं.. »

नाकामयाबी

तुम हरकतों से कहाँ बाज आओगे जब जी चाहेंगा मुझको सताओगे.. सारी मजबूरियां समझते हो मेरी फिर भी मेरी नाकामयाबी का फायदा उठाओगे.. »

वक्त

वक्त ने फंसा दिया है, कभी रुला, कभी हंसा दिया है उनसे कहो, परेशान नहीं हैं हम वक्त की ही बात है, नहीं है कोई गम »

राज मत पूछो

राज मत पूछो उन्हें क्यों चाहता है दिल गर बता देंगे हकीकत आप भी जाओगे हिल। इसलिए होंठो को हमने अब दिया है सिल, ताकि भरते घाव कोई फिर न पाये छिल। डॉ0 सतीश पाण्डेय »

गमों की नुमाइश

जरूरी नहीं हम अपने गमों की नुमाइश करें जो दिल में है वो जग जाहिर करें जिसे समझना है मेरी तकलीफों को वो यूँ ही समझ सकता है मापने के लिए मेरा दर्द मेरी कविताएं पढ़ सकता है| »

‘सजदा’

सजदा करते हैं हम इश्क का इबादत यार की अपने खुदा मान कर किया करते हैं वो तो नसीब में नहीं अपने उसकी यादों में जिया करते हैं »

Ek-tarfa Mohabbat

Ek-tarfa mohabbat ka rukh kuch Iss kadar hua ki, Wo humein paakr aabaad ho gaye… Aur hum unhe paakr barbaad ho gaye… #Sheetal »

साँझ है सखी

रात और दिन का मिलन साँझ है सखी, कब मिलोगे टकटकी में आंख है सखी। आ रही है रात दूर जा रहा दिन खोल कर कपाट दिल के झाँक ले सखी। »

गलत बात है..

करें कितनी भी कोशिश तेरे दिल में समाने की, सोंचना ही गलत है जगह तेरे दिल में बनाने की| मार खाओगे मुझसे बात ये सोंची जो तुमने, मुझकों छोड़कर किसी और की बाहों में जाने की | »

‘जन्नत की हुकूमत’

दीदार बिन यार के महफिल अधूरी है हर किसी की प्यार बिन जिन्दगी अधूरी है मिल जाए चाहे मुझको जन्नत की हुकूमत भी ! मेरे यार के बिन प्यार के ये प्रज्ञा* अधूरी है|| »

**आत्मविश्वास की महक**

मेरी सोंच में आत्मविश्वास की महक है इरादों में हौसलों की चहक है और नीयत में है सच्चाई की मिठास इसीलिए मेरी जिन्दगी है एक महकता गुलाब.. »

तमाशबीन

हम फिसले थे इस उम्मीद से कि वो हमें उठा लेंगे.. हम डूबे थे दरिया में इसलिए कि वो हमें बचा लेंगे.. नहीं पता था कि वो तमाशबीन निकलेंगे हमें मुसीबत में देखकर बस मजा लेंगे.. »

दिल की बस्ती

शिकवा करते-करते हम तुझको हार बैठे हैं पहले दिल हार बैठे थे अब जान हार बैठे हैं तुम्हारी बेवफाई से हम अपनी बस्ती उजाड़ बैठे हैं »

कामयाबी का जुनून

कामयाबी का जुनून है मुझे फिर मुश्किलों की मजाल है जो मुझे रोंक पाएं मंजिल तक पहुँचने से… »

टूट जाते हैं रिश्ते

फूल से कोमल होते हैं रिश्ते हरी डाल की तरह लचीले होते हैं रिश्ते बहुत सम्भाल कर रखना पड़ता है इन्हें वर्ना शीशे की तरह टूट जाते हैं रिश्ते.. »

सुबह और सांझ

कुछ शर्ते लाती है, ज़िन्दगी की हर सुबह और कुछ तजुर्बे देकर, सांझ चली जाती है.. *****✍️गीता »

पत्थर न मारिये

शांत बह रही सरिता में पत्थर न मारिये, कर सको तो आप भी स्नान कीजिये, अन्यथा किनारे की शीतल पवन का आनन्द लीजिए। »

न जा सकोगे

न जा सकोगे गली से चुरा नजर हमसे, गली दबा देंगे, अगर यूँ जाओगे। नजरअंदाज कर हमारी चौखट को, दो कदम भी बढ़ा न पाओगे। »

हमारे दिल में रहते हैं

इरादे नेक रखते हैं सभी को प्रेम करते हैं वही दिल को दुःखाते हैं जो हमारे दिल में रहते हैं »

कौन कहता है…!!

कौन कहता है कि दूरियाँ सिर्फ मीटरों में मापी जाती हैं ********************************** कभी-कभी तो खुद से मिलने में भी एक उम्र बीत जाती है… »

शब्द और सोंच

शब्द और सोंच दोंनो ने बढ़ा दिये फासले ********************************** क्योंकि कभी हम समझ नहीं पाए और कभी समझा ही नहीं पाए… »

तराना गुनगुनाती है

दिल का भवन तो आपका बेहद सजीला है, फटे से पांव रखने में मुझे लज्जा सी आती है। ******************* आप हो सामने तो मुस्कुराहट छुप सी जाती है मगर भीतर ही भीतर से तराना गुनगुनाती है। »

जा तू

मुमकिन नहीं तुझे भूलना तुझे भूलने में शायद एक उम्र लग जाए जा तू खुश रह मुझे भूल के,तुझे मेरी भी उमर लग जाए। »

सांवली रंग वाली

क्यों हुस्न पर मरते हो साहब दिल की दरिया मे भी तो उतर कर देखो!! हम सांवली रंग वालों में भी बड़ी शिरत होती है कभी सूरत से परे होकर तो देखो!!💃 »

प्यार तुम भी लुटा देना

न फंसना जाल में उनके गिराना चाहते हैं जो प्यार तुम भी लुटा देना, बढ़ाना चाहते हैं जो। »

अमावस का चांद

सोचती हूं कि किसी दिन ऐसा चमत्कार होता रात अमावस कि होती ,मेरा चांद मेरे साथ होता। पल्लवी जोशी »

हम और वो

उन्हें हम नहीं और हमें वो नहीं भाते हैं तब भी हम उनकी और वो हमारी यादों में आते हैं। »

रिश्ते

रिश्ता होने से रिश्ते नहीं बना करते निभाने से बनते हैं जो रिश्ते बनते हैं दिमाग से वह केवल बाजार तक चलते हैं जो निभाए जाते हैं दिल से वो आखरी सांस तक चलते हैं »

चाहत..

चाहतें तो बहुत हैं, इस दिल की मगर क्या करें हमें, जताना नहीं आता.. *****✍️गीता »

दुल्हन

वो शरमा गए, एक दुल्हन की तरह जिक्र जिस पल भी हुआ, उनकी अंजुमन में मेरा .. »

मुहोब्बत

मुहोब्बत चीज क्या है यह न पूछो, क्या बताएं हम, समझ खुद भी न पाए हाँ, मुहोब्बत कर चुके हैं हम। »

“उम्र और जिंदगी”

उम्र और जिंदगी में फर्क:- —————————— उम्र वो है दोस्तों जो बीते अपनों के बिना, ******************************* जिंदगी वो है जो अपनों के साये में गुजरती है| »

हम मुस्कुरा के चल दिए…

उन्हें हमारी मौजूदगी से परहेज होने लगा हमें यह जैसे ही समझ आया हम मुस्कुरा के चल दिए…. »

कैसे हमदर्द हो…!

जाहिर ना होने देंगे हम अपने दर्द को, तुम समझ ना सको तो कैसे हमदर्द हो ! »

मुसीबत आई

जब मुसीबत आई तो मैंने ये नहीं सोंचा कि ‘अब कौन काम आएगा’ बल्कि यह सोंचा कि देखती हूँ अब कौन साथ छोंड़ जाएगा.. »

जानती हँ

मैं लड़ना जानती हूँ मगर चुप रहती हूँ ! ************** क्योंकि अगर मैं जीत गई तो जानती हूँ सब कुछ हार जाऊंगी »

जलता धागा

जब जलता जाए धागा, इक रौशनी के वास्ते ये देख कर.. मोम ने भी ली नसीहत, और पिंघलना सीख गया .. *****✍️गीता »

ओस की चंद बूंदे

ओस की चंद बूंदे, इधर भी दे-दे, ए खुदा वीरान मेरे दिल की, ज़मीन पड़ी है ।। *****✍️गीता »

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