मुक्तक
April 7, 2018 in Other
तेरी यादों के कदम रुकते नहीं कभी!
तेरी जुल्फों के सितम रुकते नहीं कभी!
रोशनी उम्मीदों की जलती है हरदम,
तेरी चाहत के वहम रुकते नहीं कभी!
मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
January 24, 2018 in हिन्दी-उर्दू कविता
अब दर्द ही तेरा बहाना रह गया है!
ख्वाबों का ख्यालों में आना रह गया है!
वक्त ने धुंधला दिया है यादों को मगर,
दिल में चाहतों का फसाना रह गया है!
मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
January 19, 2018 in हिन्दी-उर्दू कविता
आप जबसे जिन्दगी में मिल गये हैं!
रास्ते मंजिल के फिर से खिल गये हैं!
जागे हैं ख्वाबों के पल निगाहों में,
जख्म भी जिगर के जैसे सिल गये हैं!
मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
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