वही चाय के दो कप और एक प्लेट लौटा दे, कोई तो तेरे साथ बीते पलों को वापस लौटा दे, एक चाय के कप का बना कर झूठा बहाना, वो तेरा रोज रोज मेरे घर […]

मैं मान लेती हूँ, की तुम्हे मेरी याद नहीं आती , पर वो महफ़िल-ए-चाय तो याद आती होगी ! वो शाम की रवानगी , वो हवा की दिवानगी, वो फूलो की मस्तांगी , याद न […]

तेरे साथ बिताई मस्ती और चाय की वो चुस्की याद आई है, लो आज फिर से बीते लम्हों की एक बात याद आई है, तेरे साथ बैठ कर जो बनाई थी बातें, उन बातों से […]

देश मेरा स्वर्ग भूमि है, अमृत जिस देश का पानी है। जहाँ का हर बच्चा भगत सिंह, हर बहनें झाँसी की रानी है। आर्य जहाँ के निवासी है, गौरवपूर्ण जिसकी कहानी है। जहाँ का हर […]

 तार के टूटने का मतलब सितार टूटना नहीं होता लेकिन सिर्फ जिंदा रहना ही जीवन का इस्तेदाद नहीं होता।                                                    (इस्तेदाद= योग्यता, दक्षता)   जनसंख्या रोज़ बढ़ रही है धरती अब छोटी पड़ रही […]

जैसे उम्मीद की प्याली से चुस्की लेकर मानों मंज़िल की तरफ कोई सरिता बह जाती है वैसे ही मेरे चंद पलों का चुनिंदापन मुझे मिलते ही मेरे मन की विचार–शक्ति कविता बनकर कुछ कह जाती […]

मुझको याद तेरा अफसाना आ रहा है! मुझको याद चाहत का जमाना आ रहा है! जिन्द़गी में आयी है तन्हाई लौट कर, मुझको याद महफिले-पैमाना आ रहा है! #महादेव_की_कविताऐं’

ना किसी के इनतेज़ार मे ना किसी के इंतज़ार की पुकार में ना समुद्र के किनार पे ना जी में , ना हार में ना मंज़िल की आड़ में ना प्यार में , ना उसके […]

 प्यार जिससे करते हैं हम छुपाते भी उसीसे हैं बात जिससे कर पाते नहीं हम हमारी सब बातें भी उसीसे हैं।   मिले चाहे दर्द ही हमें हर बार लेकिन प्यार की ख्वाहिशों में हमारी […]

  बोलने वाले की हर बात में मिठास होती है अगर सुनने वाले में सुनने खातिर प्यास होती है।   उसकी तस्वीर निहारके ऐसा लगता है मानो उससे रोज़ मेरी मुलाकात होती है।   ये […]

अगर लहरें तेज हैं तो भरोसा तू मुझपे रख, हम अपनी कश्ती को उसी ओर मोड़ देंगें ! एक बार गले लगकर मेरी धड़कन तो सुन ले, फिर लौटने का इरादा हम तुम पे छोड़ […]

जब कभी तुम मेरी यादों में आते हो! धूप सा ख्यालों को हरबार जलाते हो! घुल जाती हैं साँसें फूलों के रंग में, चाँद की शकल में सामने आ जाते हो! #महादेव_की_कविताऐं'(23)

तेरा ख्याल मुझको रुलाने आ गया है! तेरा ख्याल मुझको सताने आ गया है! मांगा था तकदीर से मंजिल को लेकिन, तेरा दर्द मुझको तड़पाने आ गया है! #महादेव_की_कविताऐं’

मुश्किलों में साथ छोड़ना मुझे नहीं आता, कोई वादा करके मुकरना मुझे नहीं आता ! वक्त के साथ भूल जाते हैं लोग यादों को, पर इन यादों को भूलना मुझे नहीं आता !! ❤?❤?❤ #Happy_Promise_Day

अपनी पलकों के बिस्तर पर मैं तुझको हर रोज सुलाता हूँ, तू जग न जाए कहीं इस डर से पलकों को ज़रा धीरे झपकाता हूँ, तेरे संग ही मैं अपने सभी ख़्वाबों को सजाता हूँ, […]

तेरे बिना छायी हुई हरतरफ उदासी है! तेरे बिना अब भी मेरी जिन्दगी प्यासी है! उम्र थक रही है मेरी मंजिल की तलाश में, तेरे बिना ठहरी हुयी हर खुशी जरा सी है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)

आंधी और तूफानों में भी डटे रहते हैं, हम वो हैं जो हर मौसम में खड़े रहते हैं, उखड़ते हैं तो उखड़ जायें पेड़ और पौधे जड़ों से, हम तो वो हैं जो देश की […]

चलो आज के दिन हम दोनों अपने प्यार का इजहार करें, दो आँखें तेरी दो मेरी हों आओ मिलकर आँखें चार करें !! #Happy_Propose_Day ❤?❤

हाथ में हथियार और दिल को फौलाद किये बैठे हैं, सरहद के हर चप्पे पर हम बाज की नज़र लिये बैठे हैं, जहाँ सो जाता है चाँद भी चैन से हर रात में, वहीं खुली […]

धूप हो या छाया आंधी हो या तूफान करते रहते हैं हम देश की सुरक्षा दिन हो  चाहे रात मैं हूं इस  देश का सैनिक जो कभी भी झुकने नहीं देते हमारे देश की मान […]

धूप हो या छाया आंधी हो या तूफान करते रहते देश की सुरक्षा दिन हो  चाहे रात ये हैं हमारे देश के सैनिक जो कभी भी झुकने नहीं देते हमारे देश की मान 

बिखर गये हैं ख्वाब मगर यादें रह गयी हैं! जिन्दगी में दर्द की फरियादें रह गयी हैं! साँसें भी थक गयी हैं तेरे इंतजार में, तेरी तमन्नाओं की मुरादें रह गयी हैं! ‘#महादेव_की_कविताऐं'(25)

माँ की गोद छोड़, माँ के लिये ही वो लड़ते हैं, हर पल हर लम्हां वो चिरागों से कहीं जलते हैं, भेजकर पैगाम वो हवाओं के ज़रिये सपनों में अपनी माँ से मिलते हैं, हो […]

ज़माने के पास खुशियों का सागर होगा मगर हम तो इसकी एक बूँद को भी तरसे है निकले है हर उस वक़्त हमारे आँखों से आंसू साहिब जब भी ये बादल झूम-झूम कर बरसे है। देव […]

मुझे कहना हैं अभी वो शब्द जिसे कह कर मैं नि: शब्द हो जाऊ मुझे देना हैं अभी वो शब्द जिसे देकर मैं नि: शेष हो जाऊ मुझे रहना है अभी इस तरह के मैं […]

नारी हूँ मै, नादान नहीं हूँ निस्छल हूँ , निर्लज नहीं हूँ ! पथ की उलझन सुलझाना चाहु पग के बंधन तोडना चाहु सिर्फ यही अपराध करु मै अपने मान की पहचान करु मै ! […]

आसमान से धरती पर उस पानी का गिरना आशाएँ , उम्मीदें जगाकर उस टूटते तारे का गिरना लहराकर उचाई से उस झरने का गिरना न चाहते हुए भी किसी का प्यार में गिरना या फिर […]

लहू लुहान जिस्म रक्त आँख में चड़ा हुआ.. गिरा मगर झुका नहीं..पकड़ ध्वजा खड़ा हुआ.. वो सिंह सा दहाड़ता.. वो पर्वतें उखाड़ता.. जो बढ़ रहा है देख तू वो हिन्द का सपूत है.. वो दुश्मनों […]