सूखी धरती सूना आसमान, सूने-सूने किसानों के अरमान, सूख गयी है डाली-डाली , खेतों में नहीं हरियाली, खग-विहग या हो माली, कर रहे घरों को खाली, अन्नदाता किसान हमारा, खेत-खलियान है उसका सहारा, मूक खड़ा […]
सूखी धरती सूना आसमान, सूने-सूने किसानों के अरमान, सूख गयी है डाली-डाली , खेतों में नहीं हरियाली, खग-विहग या हो माली, कर रहे घरों को खाली, अन्नदाता किसान हमारा, खेत-खलियान है उसका सहारा, मूक खड़ा […]
बड़े से बड़े मुकाम में भी कोई बल नहीं। अगर जिंदगी में सकून का कोई पल नहीं।
जग में सारा का सारा ज्ञान लिखा हुआ कहां मिलता है। ज्यादातर ज्ञान तो विचारों में ही छिपा हुआ मिलता है।
सच्ची राह पे अगर तेरा एक कदम भी नेकी से पड़ा है। तो अगले ही कदम पे तेरा रब तेरे साथ में खड़ा है। उसकी फिक्र का दिखावा करने वाले तो गुम हो गये […]
रब तो वाकई सबके दिलों में बसता सम है। लेकिन उसे पहचानने वाला इंसान बड़ा कम है। तुम मेरे चेहरे की इस मुस्कान पे मत जाओ इसके पीछे छिपा न जाने कितना बड़ा गम […]
कभी जिन्दगी में चाहत मर न पाएगी! कभी मंजिलों की ख्वाहिश डर न पाएगी! दौर भी कायम रहेगा खौफ का मगर, आरजू अंजाम से मुकर न पाएगी! #महादेव_की_कविताऐं’
देख लूँ एक बार इन आँखों से बारिश को, तो फिर इन आँखों से कोई काम नहीं लेना है, बंजर पडे मेरे ख़्वाबों की बस्ती भीग जाए एक बार, तो फिर इस बस्ती के सूखे […]
सूखी है जमीन, सूखा आसमान है मगर उम्मीद है कायम, जब तक जान है
तेरे बगैर मुझको कबतक जीना होगा? जामे-अश्क मुझको कबतक पीना होगा? भटकी हुई है जिन्द़गी राहे-सफर में, जख्मे-दिल को हरपल कबतक सीना होगा? #महादेव_की_कविताऐं’
आसमान से गिरती हर एक बूँद की अपनी एक कहानी है .. एक गगन से गिरने के बाद भी सब को अपनी मंजिल खुद ही पानी है .. कोई किसी खेत में फसलो को महका […]
फिर से आज हमने कलम उठाई है… हाथ में फिर वही पुरानी डायरी आई है… सोच ही रहे थे कुछ नया लिखने में क्या बुराई है.. कलम से ही तो किताबो ने अपनी दुनिया सजाई है […]
काश दुनियाँ में ऐसी भी कोई गलती हो जिसे करने पर भी जिंदगी बेफिक्र चलती हो। ऐसा जहां बनाने की कोशिश में हूँ जहाँ इंसानियत सिर्फ रब से डरती हो। अरे वक़्त की […]
ढ़ूँढ रही मैं बावरी, अपने हिस्से का, स्वर्णिम आकाश, टिम-टिम करते तारे, हाय! सुख-दुख के, बन गए पर्याय , तम घनेरा ऐसे , छाय जैसे चन्द्र में ग्रहण लग जाए, मौसम आए मौसम जाए, कभी […]
मुझको कभी मेरी तन्हाई मार डालेगी! मुझको कभी तेरी रुसवाई मार डालेगी! कैसे रोक सकूँगा मैं तूफाने-जख्म़ को? मुझको कभी बेरहम जुदाई मार डालेगी! #महादेव_की_कविताऐं’
निसार होना आसान नहीं , किसी का होना आसान नहीं आस हो जो ना की कुछ भी आसान नहीं , और जब ना और हां का बन्धन ना हो तो निसार होना मुश्किल नहीं !
रिवाजो से हटकर जो अपनी राह बना ले, जिन्दा वही है , जो अपनी पहचान बना ले !
खोजते है बचपन अपना , ढूंढते है नादानी अपनी , कूड़े के ढ़ेर को समझते है कहानी अपनी ! देखकर मुझको वैसे तो दया सब दिखाते है, पर जब कोई गलती हो जाए, तो पढ़े-लिखे […]
मैं करता हूँ तुमसे मोहब्बत, अब खुद को सताना बंद करो ! देता हूँ खूने ए दिल तुम्हे, हाथों में मेहंदी रचाना बंद करो !! जो हुये हैं गीले सिकवे , उनका इल्जाम लगाना बंद […]
बच्चे हम फूटपाथ के, दो रोटी के वास्ते, ईटे -पत्थर तलाशते, तन उघरा मन बिखरा है, बचपन अपना उजड़ा है, खेल-खिलौने हैं हमसे दूर, भोला-भाला बचपन अपना, मेहनत-मजदूरी करने को है मजबूर मिठई, आईसक्रीम […]
यूँ तो हर रोज गुजर जाते हैं कितने ही लोग करीब से, पर नज़र ही नहीँ मिलाते कोई इस बचपन गरीब से, रखते हैं ढककर वो जो पुतले भी अपनी दुकानों में, वो देखकर भी […]
गरीबी है कोई तो बिस्तर तलाश करो, रास्तों पर बचपन है कोई घर तलाश करो, कचरे में गुजर रही है ज़िन्दगी हमारी, कोई तो दो रोटी का ज़रिया तलाश करो, यूँ तो बहुत हैं इस […]
दे कर मिट्टी के खिलौने मेरे हाथ में मुझे बहकाओ न तुम, मैं शतरंज का खिलाड़ी हूँ सुनो, मुझे सांप सीढ़ी में उलझाओ न तुम, जानता हूँ बड़ा मुश्किल है यहाँ तेरे शहर में अपने […]
तेरे साथ जो बीता बचपन कितना सुन्दर जीवन था, ख़ूब लड़ते थे फिर हँसते थे कितना सुन्दर बचपन था, माँ जब तुझको दुलारती मेरा मन भी चिढ़ता था तू है उनके बुढ़ापे की लाठी ये […]
मेरे घर में भी मुझे पहचानने वाला बस एक शक्स हमेशा रहता है। जब मैं देखूं उसे वो भी आईने से मुझे बस देखता रहता है। यहां इस खु़शहाली में अमीरों को नींद बस ठंडी […]
God makes us cry So that we can realize The value of smile..,
Best food= Thoughts Best teacher= Experience Best dress= Smile Best hobby= Service (surplus time) Best medicine= Laughter Best sport= Duty Best lesson= Patience Best book= Life Best student= Attempt Best relation= Love
किसी आयत की तरह रात दिन गुनगुनाता रहा हूँ तुझे, सबकी नज़रो से बचाकर अपनी पलकों में छिपाता रहा हूँ तुझे, मेरे हर सवाल का जबाब तू ही है मगर, फिर भी एक उलझे सवाल […]
मेरा दर्द तेरा ही नाम बोलता है! मेरी जिन्दगी का अंजाम बोलता है! बंदिशें जमाने की मगरूर हैं लेकिन, तेरी आरजू का पैगाम बोलता है! #महादेव_की_कविताऐं'(23)
गुजरता रहा उसकी आँखों से हर रात किसी भरम सा मैं, फिर एक रोज़ खुद ब खुद उसके ख्वाबों से बाहर निकल आया मैं, छुप कर बैठा रहा मैं एक झूठ की आड़ में बरसों, […]
है मुझे एक मर्ज़ लेकिन मुझे खौफ नहीं क्योंकि है वो मर्ज़ बेखौफी का ही।
जिंदगी से मुझे इतना कुछ मिला है इस बात पे मैं कितना खुश हो लूँ एक झटके में सबकुछ छूट जाना है तो क्या इस बात के वास्ते अभी से रो लूँ।
मंजिल का नज़ारा तो अपनी पालकों तले कम ही बीता है। हमारा ज्यादा वक़्त तो बस सफर के बहाने ही बीता है। किसीके दिल में किसीके खातिर प्यार है कितना इस उंचाई को नापने […]
Pal bhar ka hi tha kya saath, Tum ayi aur chali gayi, Hum toh chain se tumhe dekhna chahte the, Etni bhi na samjhi tu pagli. Etni jaldi thi ki apne balon na sawar kar, […]
ख्वाब छोटा-सा था, बस पूरा होने मे उम्र लग गईं! उसके घर का पता मालूम था , बस उसे ढूंढने मे उम्र लग गईं ! ख़त तो उसने भी लिखे थे, बस मेरा नाम लिखने […]
Aapki judai ne humein shayari sikha di, Judai ke gham ne humein manzil bhula di, Chahte to nahi they aapse juda hona par Kya karein agar humein apno ne hi peeth dikha di…
उतार–चढ़ाव तो इस जिंदगी में हमेशा चलतें ही रहेंगें। दुश्वार पल तो क्या मुकम्मल मुकाम भी सदा नहीं रहेंगें।
अगर दोनों ही नाराज हो गये तो फिर अब मनाएगा कौन। फर्क तो बहुत पड़ता है लेकिन ये बात अब समझाएगा कौन।
क्या अज़ीब संपनता है इस देश की क्या खूब साधनता है यहां की किसी के यहां तो रोज़ कोई नया पकवान बनता है और कहीं तो रोज़ कोई भूखा ही मरता है ये असमानता भी […]
अब नहीं होगा जिक्र आपका हमारे आशियाने में न होगी नज्म कोई आपके नाम से
एक बार ठान ले तो एक पर्वत है तू जो अगर यूँ ही बीत जाने दे , तो रेत जो एक आकार दे खुद को , तो एक मूरत है तू जो बस यूँ ही […]
मेरी जिन्दगी को तन्हाई ढूँढ लेती है! मेरी हर खुशी को रुसवाई ढूँढ लेती है! ठहरी हुई हैं मंजिलें अंधेरों में कबसे, मेरे दर्द को तेरी जुदाई ढूँढ लेती है! #महादेव_की_कविताऐं’
इस जीवन नाटक में, जगह अपनी बनानी पड़ती है, अस्तित्व अपनी मनवानी पड़ती है, कितना हीं गुणवान हो कोई, लोगों की नजर में हुनर अपनी, आजमावानी पड़ती है, गहने बनने को जैसे, सोने को तपना […]
काश खुदा को भी मेरा ख्याल हो जाए, तमाम उम्र का इंतजार अब खत्म हो जाए ! * * दुआ से दिल की किताब लिखी जाएगी , जब भी आएगा तेरा नाम , मेरी मिशाल […]
बाती की इक रोज ,दीए से लड़ाई हो गयी मगरूर हुई बाती खुद पर, लगी दीए पर भड़कने मैं जलकर खाक हो जाती हूँ, और तारीफे बटोरता है तू , नहीं जलूंगी तेरे साथ अब […]
आओ बैठो संग मेरे एक एक कप चाय हो जाए, फिर से बीते लम्हों की चर्चा खुले आम हो जाए, कह दूँ मैं भी अपने दिल की, कहदो तुम भी अपने दिल की, और फिर […]
आज कुछ चाय पे चर्चा हो जाये दिल के राज जो छुपे बैठे है अरसे से उनसे कुछ गुफ़्तगू हो जाये इससे पहले उम्र ए दराज धोखा दे ले ले कुछ लफ्जों का सहारा कहीं […]
कितने ही दिन गुज़रे हैं पर, ना गुजरी वो शाम अभी तक; तुम तो चले गए पर मैं हूँ, खुद में ही गुमनाम अभी तक! . तुम्ही आदि हो,…तुम्ही अन्त हो,…तुमसे ही मैं हूँ, जो […]
जिस्म है मेरा मगर जिन्दगी तुम्हारी है! तेरे बगैर तन्हा हर खुशी हमारी है! सुलग रही है साँसों में आग चाहतों की, शामे-मयकशी भी मेरी लाचारी है! #महादेव_की_कविताऐं’
बेशक छोड़ दे मगर खुद से मुझे कुछ इस तरह जोड़ कर जा, के भले आसमाँ न रहे मेरे हाथों की पहुंच में मगर अपने आँचल की ज़मी मेरे पैरों में छोड़ कर जा, सूखा […]
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