गर सजा दूं मौन होकर प्राण तरुवर को धरा पर गर धुला आंगन हो आँसू के बिछौने बिछ रहे हों गर तुम्हारे प्रेम को अभिव्यक्त करना आ गया हो गर हमारे बीच में उन्मुक्त हो […]

जब एक स्त्री को किसी से सच्चा प्रेम होता है, तो वह किसी भी कठिनाई को सहकर, सुख-सुविधाओं के बिना भी, अपने प्रिय के साथ खुशी-खुशी जीवन जी सकती है..! लेकिन जब उसके हृदय में […]

प्रेम सिर्फ शारीरिक नहीं होता, प्रेम किसी व्यक्ति से नहीं होता, प्रेम व्यक्तित्व से होता है.. इंसान के या अपनों के रवय्ये ( व्यवहार ) से होता है.. किसी की बातो से जब मन को […]

मेरा शहर ” कोलकाता ” ये शहर जिसमें जान बसती है.. रंगबिरंगी सब आँखें हैं, जहाँ पटरियाँ हँसती हैं.. चलता रहता है ये शहर, जहाँ तक नज़रें ले जाएँ, हर तन्हा मुसाफिर को, पूरा समन्दर […]

तेरे बिना मेरे वजूद की कोई कल्पना तक नहीं … दुनिया भर की खुशियां वार दूँ मैं यारी पर हमारी … ज़िंदगी के सफर में मेरा जब-जब बुरा मक़ाम आया … दोस्ती किसे कहते हैं […]

लग रही हैं अभी चंद घड़ियां हमें खा के ठोकर मगर हम संभल जायेगे। तुम हमें आज तक शूल कहते रहे, हम सुमन बन के मधुवन को महकाएंगे। मार्ग में तो कदाचित स्वत आ गए […]

इश्क से राबता भी नहीं फासला भी नहीं कर सके। कुछ संवारा भी ना जा सका, दुर्दशा भी नहीं कर सके। तुम हंसी थे बहुत इसलिए हमनें पलकें झुकाई नहीं दिल्लगी भी नहीं कर सके, […]

जीवन मे हर पल को खूबसूरत होने की संभावना है… कब, जब आप आज मे जीना सीख लेंगे, कल मे नहीं….आज मे क्योंकि जीवन ही कुछ क्षणों का एक संग्रह है…. जीवन के अच्छे क्षण […]

प्रेम कभी अपनी जरूरत को यु पूरी करने के लिए नही होता, प्रेम हमेशा एक दूसरे के उन सुख-दुख में साथ, और भावनाओ को समझने के लिए होता है.. !! अब आपको कैसे कहू मैं […]

तुम्हारे भीतर छिपे हुए मैं उन सवालों को पूरा करने लगें , तो समझना कि तुम मेरा ये प्रेम तुम्हारे दर पर दस्तक देने लगा है । और जब उसकी यादें तुम्हें हर बार उसकी […]

एक वर्ष होने को आया, फिर साजन का स्वप्न सताया बुझता जलता बुझता दीपक, फिर हमने इक बार जलाया। आज मिलन की अग्नि अलौकिक, धधक उठी एक बार। तुम हो मेरा प्यार, ओ साजन, तुम […]

पग मेरे नित चलते जाते। बचपन गाता जैसे मधुकर सुन्दर, सुखकर खुशियाँ भरकर, जीवन की अविरल धारा में बेसुध हो हम बहते जाते पग मेरे नित चलते जाते। यौवन आया ले स्वर्ण – जाल झूमे […]

ख़ूबसूरत एक ख़्याल लिखती हूँ……, फिर तेरा हाल चाल लिखती हूँ……!! सब अगर सच ही कह दिया तो……, फिर, सब कहेंगे बवाल लिखती हूँ……!! तंज़ करती नहीं किसी पे मैं……., सिर्फ़ अपना मलाल लिखती हूँ…….!! […]

जिसको तुमने अपने हर लम्हें में चुना, उसने तुम्हें सिर्फ अपनी मन मर्जी से चुना। तुम्हारी प्राथमिकता सूची में हर समय शीर्ष पर था, वो तो तुम्हें अपनी प्राथमिकता बनाना ही भूल गया। तुम्हारे प्यार […]

इश्क का अब फसाना नहीं चाहिए तेरे दिल में ठिकाना नहीं चाहिए तुम मेरी याद में गर तड़प ना सको तुमको दिल भी लगाना नहीं चाहिए। यूं दिखावे की यारी है किस काम की हाथ […]

मेरी दुश्मन है बे- अकली हमारी दिखी औकात अब असली हमारी मेरे आँसू छुपा लेता है बिस्तर हँसी है यार अब नकली हमारी। हमें ही मान बैठे हो खुदा तुम मगर करते हो फिर चुगली […]

है आलीशान घर आँगन नहीं है दुपट्टा है मगर दामन नहीं है । पहुँचना चाहती हूं उस खुदा तक पहुँचने का कोई साधन नहीं है। हमें बाहों में लेने से क्या होगा जिसम तो है […]

अम्बर में अनगिन तारे हैं। रोज रात में खिल जाते हैं आपस में हिलमिल जाते हैं, रखते उर में वैर नहीं हैं मिलते जैसे गैर नहीं हैं। भूतल से लगते न्यारे हैं अम्बर में अनगिन […]

द्वारिका के धीश हो तुम सब युगों के ईश हो तुम कंस का अभिशाप तुम ही देवकी आशीष हो तुम । पार्थ के प्रिय सारथी हो मीरा की तुम आरती हो गीता का संवाद हो […]

*मेरा आज मेरा कल बनाएगा* मेरा आज मेरा कल बनाएगा इसीलिए पढ़ो इसीलिए गढ़ो इसीलिए उठो बीज सा फूटो जर्जर हो टूटो स्वयं से रूठो स्वयं से पूछो मेरा दिन आखिर कब आएगा मेरा आज […]

नहीं मालूम है कैसे गुजारा कर रही हूं मैं रातें जाग कर आंखें सितारा कर रही हूं। इरादा कर तो लूं एक बार फिर दिल को लगाने का मुझे मालूम है गलती दुबारा कर रही […]

जियरा हमरा जुड़ईहई हमार पिया अंखियां तोसे जो मिलिहई हमार पिया। तुम तऊ लाएउ हमरी सौतनिया दुलहा हमरऊ तऊअई हई हमार पिया। बात मा सौ की ना तुम आयेउ तुमका वा भरमई हई हमार पिया। […]

बार बार नही इजहार एक बार होता है ज़िंदगी मे भी बस प्यार एक बार होता है. कुछ लोग गिनाते अपनी ढेर सारी मुहब्बतें पर वो वाला प्यार यार एक बार होता है. आज हम […]

उसने जुलेखा की तरह कीमत लगाई मेरी, मैं ता उमर जिसकी आंखो में डूबा रहा। उन्ही हाथों में कत्ल का सामान मिला मुझको, मैं अपना समझ कर जिनको गले लगाता रहा। सारी अछैयां धारी की […]

लड़की हो या बस की सीट कब्जा है तुम्हारा तुम ही हो शहजादे फकत रुतबा है तुम्हारा। लड़कियां इतनी बुरी होती हैं तो इश्क क्यों करते हो तब दिमाग काम क्यों नहीं करता है तुम्हारा। […]

ना कभी पीते हों सिगरेट न उन्हें होता हो रिगरेट ना रहे इगो में अपने ना कभी चिल्लाए मुझ पर खाना वाना वो बना लें पांव भी मेरे दबा लें मैं सोऊं टांगे पसारे बच्चा […]

कह रहा है मन हमारा क्यों दुखी संसार सारा एक निज स्थल हो ऐसा स्वर्ग से लगता हो प्यारा ना हृदय में वेदना हो ना व्यथित मन साधना हो ना हो कोई रुष्ट हर्षित ना […]

आज मम्मी ने एक बात बोली जो दिल को छू गई जिसमें सवाल था छोटा-सा पर बात थी बड़ी गहरी क्या मुझे भी कभी घर कामों से छुट्टी मिलेगी ? क्या कभी हम कोई दिन […]

वचन सिंदूर मंगलसूत्र मंडप भी सजाया है तुम्हारे नाम का कुमकुम माथे पर लगाया है कन्यादान सातों फेरे सारे विधि विधानों से मिली थी कुंडली तब जा के तेरा साथ पाया है अधर हैं बेसुरे […]

बरसात की बूंदों में कुछ और है आसमान की हंसी में कुछ और है जब तक तू मेरे साथ होती है तो बरसात का वह जादू कुछ और है आँखों में झलकती है तेरी मुसकान […]

ऊपर वाले ने लिख भेजी, सबकी अलग कहानी है किसी को दिया;गम ए बुढ़ापा, कहीं तड़पती जवानी है किसी को दिया दिनभर कणभर, कहीं आँखों में पानी है तस्वीर नहीं; फुटपाथ वाले, बचपन की यह […]

क्या सही सुना था मैंने, अपना देश था सोने की चिड़िया विश्वगुरु के आसन पर आसीन , ऐसी भी थी घड़ियाँ विचार वसुधैव कुटुंबकम् का, समाया हममें अति बढ़िया उस जमीं; ऐसी तस्वीर हमारी, उजागर […]

मन हर्षित तन पुलकित रोम रोम नैनन से नीर की फुहार जैसे हो रही भोलीभाली मतवाली राधारानी गली गली मोहन के नेह में निहाल जैसे हो रही। बरसी बदरिया तो भीग गयो अंग अंग नाचे […]

लिखा था नाम जो दिल की जमीं पर पढ़ रही हूं मैं कि उनका रूप ही हर आईने में गढ़ रही हूं मैं मेरी हर शायरी में अब अलग ही मोजिजा सा है सुनाती हूं […]

तुम भला अब क्या करोगे प्रीत को लज्जित करोगे करके शुभचिंतक निमंत्रित मंडली चर्चा करोगे आचरण में खोंट कहना नियति में दोष कहना थी त्रुटि केवल हमारी बोल कर आंसू बहाना जब कभी पूंछे कोई […]

हमारे ही हो तुम हमारे रहोगे मेरी प्रीत को तुम संभाले रहोगे। तुम्हारी हथेली में अपनी लकीरें न पाकर विधाता से मैं लड़ रही हूं। मेरी मांग में सज न पाया जो कुमकुम वो सिंदूरदानी […]

तेरे इश्क की इंतेहां चाहता हूं, बड़ी मुद्दत हुवी बिछड़े तुझसे, अब मिला है तो राह-ए-सफ़र में, तुझसे फिर रूबरू होना चाहता हूँ। ता उमर देता रहा फरेब खुद को, मोहब्बत की राह मैं, लुट […]

हम प्रेम को तुम्हारे एक दिन भुला ही देगे आखिर सिसक सिसक कर कब तक भला जियेगे मैं प्रेम की पुजारन या फिर कोई अभागन तस्वीर तेरी छू कर बनती हूं मैं सुहागन मंदिर में […]

कभी आना था यहाँ तुम्हारा अब विराना सा हो गया है जहाँ राह तकते थे तुम्हारे वहा बेगाना सा लगने लगा है जिसके पीछे भागते हो हासिल वो हो गया है जो खो दिया तुमने […]

वो लड़का मेरा खयाल रखता है तेरे नाम वाले सिर पर बाल रखता है कभी डरता है तो कभी रोब झाड़ता है गुस्से में मुंह अपना लाल रखता है। बच्चों जैसी हरकतें और बुजुर्गों जैसी […]

तारा तुम मां की आंखों का , पापा की मुस्कान हो तुम तुम सपना हो दादी मां का , दादाजी का अरमान हो तुम किलकारी से गूंजता आंगन स्वर्ग से भी सुंदर लगता है तुमसे […]