ये जो रिश्तों भरा झमेला है ये खेल हमने बहुत खेला है। मेरे हिस्से में आंसू आते रहे दर्द ही दर्द हमने झेला है। सुख की चादर सदा सिकुड़ती रही चांदनी धूप में ठिठुरती रही […]
ये जो रिश्तों भरा झमेला है ये खेल हमने बहुत खेला है। मेरे हिस्से में आंसू आते रहे दर्द ही दर्द हमने झेला है। सुख की चादर सदा सिकुड़ती रही चांदनी धूप में ठिठुरती रही […]
ये सच है या फिर मुझे भ्रम हुआ है कोई शख्स मेरी याद में नम हुआ है मैं उसकी आरजू हूं ये तो पता था मुझे चलो! एक नाम और दोस्ती में कम हुआ है […]
हम जमाने से हैं तंग तंग हमसे जमाना अंधेरा ओढ़ती हूं कोई चांद बुझाना। पैरों के नीचे की जमीं भी छीन ली सबने लटकी हूं फंदे से भी तो बनता है फसाना। अठखेलियां, चतुराई , […]
मेरा कमरा, तुम्हारी यादें बस ऐसे ही हुई आंखों से बरसातें बस ऐसे ही, ये कमरे में बिखरे पन्ने बस ऐसे ही अजी लिखना-विखना छोड़ो बस ऐसे ही। ये उलझी – उलझी जुल्फें बस ऐसे […]
मैं ना अब ये प्यार करूंगी ना दिल का व्यापार करूंगी वो ना गर मिलने आए तो किसकी खातिर यार जिऊंगी ना आंखों में काजल दमके ना हाथों में चूड़ी खनके ना जुल्फों को रोज […]
हृदय में प्रेम जितना था न्यौछावर कर चुकी हूं मैं या फिर स्पेस जितना था वहां तक भर चुकी हूं मैं। मेमोरी कार्ड भी मुझ में इंस्टाल हो नहीं सकता कि बस पतिदेव की खातिर […]
थी खत्म जिंदगी देखा तुम आ गए मरना था लाजमी देखा तुम आ गए विरह की अग्नि में जल रहा था बदन बन के ठंडी पवन देखा तुम आ गए। रात में उठ के हम […]
हमें कितना सताया जा रहा है हमारा खूं बहाया जा रहा है लिए फिरता है वो तरकश जुबां में जिसे गूंगा बताया जा रहा है मेरी खामोशियां सिसकी में बदली हमारा मुंह दबाया जा रहा […]
दिल बहलता नहीं था बहलाए रखा रात भर तेरी यादों में दीपक जलाए रखा रात भर। अंधेरा छटते ही तुझसे मुलाकात करेंगे इसी उम्मीद में दिल को लगाए रखा रात भर।
नहीं दिल से गया है यार सीतापुर का वो लड़का आज भी याद आता है सीतापुर का वो लड़का। देखता था मुझे ऐसे कोई एहसान करता हो बड़ा मासूम लगता था सीतापुर का वो लड़का […]
तुझको छोड़ा है मैने तेरी खैरियत के लिए खुद को जीने के लिए बाप की पगड़ी के लिए प्यार करता ही नहीं कोई प्यार की खातिर कोई चमड़ी के लिए तो कोई दमड़ी के लिए […]
वो शर्मिंदा नहीं है तो खफा खफा क्यों है जाना चाहता है वो मगर रुका क्यों है ? जिसके आगे पत्थर सा बना रहता जमाना है उसकी छत पे ये अंबर झुका झुका क्यों है […]
मुखौटे लगा कर घूम रहे बहुत आदमी हैं। किसी ने मुखौटा लगा कर हॅंसाया, किसी ने मुखौटा लगा कर डराया। कोई रो रहा है मुखौटा लगा कर, किसी ने मुखौटा लगा कर सताया। असली और […]
तू ही तो है चाहत,तू ही तो है राहत, पंछी मैं तू, भोर की पहली किरन. तुझे न देखूं तो, दिल में उदासी, जो देखूं तुझे, दिल में आशा-किरन. चेहरों में इक तेरा, चेहरा सुहाना, […]
वोट लेने आए नेता हमको जीता दो अपनी भी समस्याएँ सारी हमको बता दो लाऊँगा मै विकास आप सबके घरों में मुझको उस विकास का बस पता बता दो. पंकज बिंदास
महादेव शिव भोले की है, महारात्रि भक्तों आई, पावन दिन माँ गौरी जी हैं, अपने पति शिव को पाई, शिवत्व शिखर चेतना का है, क्यों न सभी हम पा जाएँ, कर कठिन तपस्या गौरी सी, […]
कभी कसमें खिलाती थी मुझे ना दूर जाना तुम सदा ही साथ में रह के महक बन फूल जाना तुम मगर मजबूरियाँ कैसी जुदा जो हो गए पल में लिखा ख़त में मुझे अंतिम कि […]
जुनून जिंदा है इस बात का सुकून तो है। बगैर जुनून के जिंदगी बस जहन्नुम तो है। सोचो मौसीक़ी न होती, जहान कैसा होता, शुक्र है कानों में घुलता मधुर तरन्नुम तो है। क्या सोचेगी, […]
अब बिहार में राजनीति का रहा न कोई जोड़ फिर से भागे चाचाजी एक बार भतीजा छोड़ बड़ी -बडी़ बातें करते थे बड़े – बड़े थे दावे कुर्सी के लालच में आकर देने लगे छलावे […]
शीत ऋतु की घटा धरा पर धुंध गगन पर छाई है ओस की नम बूंदे पत्तों पर प्रेम का सार लाई है झाँके भास्कर जब पृथ्वी पर अमृत सी बन वो आई है बर्फ की […]
नये वर्ष में नये तराने गाएंगे। खुशियों की चहुँओर बहारें लाएंगे। सुखता,संपन्नता व्याप्त हो चहुँ दिस में कष्ट न वाणी से हम अब पहुँचाएंगे।। नूतन विहान नव मंजुल मंगल हो जाए आशीष नेह ईश्वर का […]
Kisse kahu . kyo kahu Ha mujhe dard hai Seene me mere tera hi aksh hai Ye bta tu muje ye kesa arj hai Lipti hui kirno ko kyo itna chipna hota hai badal ke […]
हवा में जहर है, प्रदूषण का कहर है। सांसों पर बंधी हैं बेड़ियाँ जी हाँ ये दिल्ली शहर है। अरुणिमा मद्धम हुई है, कौमुदी कुम्हलाने लगी। तारों की रौशनी भी अब तो धुंधलाने लगी। हर […]
तेरा हो जाऊं या खुद से खफा हो जाऊं, तू ही बता ऐ दोस्त मैं केया हो जाऊं, सारी दुनिया घूम के देख ली हमने, मिला ना कोई तुझ जैसा अपना हमको, अब तू ही […]
मौत पास आने पर क्या दिखता होगा? खौफ! सब कुछ खोने का, गुम हो जाने का? या दुःख! सबसे बिछड़ जाने का, और इतिहास बन जाने का? या फिर, अच्छी यादें! जो भी बिताए थे, […]
ज़रा ध्यान से देखो हिंदी हमारी भारतीयता की गौरव की कहानी स्वयं माथे बिंदिया चुनरिया ओढ़कर भारतीय सभ्यता संस्कृति दर्शाती दिन प्रितिदिन की बोलचाल में मुहावरे,लोकोक्ति भी शान से बोले वेद, पुराण, रामायण ,महाभारत हिंदी […]
ज़रा ध्यान से देखो हिंदी हमारी भारतीयता की गौरव की कहानी स्वयं माथे बिंदिया चुनरिया ओढ़कर भारतीय सभ्यता संस्कृति दर्शाती दिन प्रितिदिन की बोलचाल में मुहावरे,लोकोक्ति भी शान से बोले वेद, पुराण, रामायण ,महाभारत हिंदी […]
मुझ पर हंसने वालों का! हुजूम तो काफी विकराल था, मगर मेरे मालिक को तो देखो! वह हर बार बाजी पलट देता है।
उसने रो रो कर एक दिन मुझसे कहा था, भुला तो ना दोगे मुझे, यूं चलती रहो में छोड़ तो ना दोगे मुझे, जगा कर मोहब्बत की कशिश मुझमें, अपने दिल से मिटा तो ना […]
आसान नहीं है हर दर्द को सीने से लगा कर ज़िंदा रहना, हमने खुद अपना गरेबान चाक किया है तब जाके ये हुनर पाया है
चाॅंद पर पहुँचा चन्द्र यान है, सफ़ल हुआ भारत का अभियान है। तिरंगा चाॅंद पर लहराने लगा है, हर भारतीय मुस्कुराने लगा है। इसरो के वैज्ञानिकों को बहुत बधाई है, चाॅंद से बहुत खूबसूरत खबर […]
हर भारतीय के लिए खुशियों का मौका आया है चंदा मामा ने चंद्रयान को गले लगाया है भारत ने आज दुनिया को ये कर दिखाया है चाँद पर तिरंगा 🇮🇳 फहराया है
भारत में खुशहाली छाई इसरो वालों बहुत बधाई पूरे भारत का अभिमान आज बना है चंद्रयान बाधा बनी नहीं ऊंचाई इसरो वालों बहुत बधाई चांद पर ऐसे दिया है दस्तक ऊंचा हुआ है सबका मस्तक […]
गूँज उठा है ये संसार चारों ओर है जय जयकार मग्न हो करके थिरक रहे हैं शंकर शम्भू के शिवगण आज जाते हर वर्ष हरि के द्वार बहती है जहाँ गंगधार कांवड़ लेने कावड़ियों की […]
तेरे सिर पर सजके सहरा प्रश्न तुमसे जब करेगा यूँ मुझे मस्तक पर रखकर जा रहे किस ओर तुम हो तुम कहोगे जा रहा हूँ लेने अपनी संगिनी को, तो कहेगा रास्ता उधर है जा […]
In the big blue ocean there’s me drowning alone Try to save myself from the messy thoughts of my own The trust I broke, the dreams I have lost, the soul that left cannot be […]
कोई है हकीकत, ख़्वाब है या, उस दूर फलक की माया तू! ऐ चाँद, मुझे एक राज़ बता, ये नूर कहाँ से लाया तू? बस चाँदनी की ये बात है या, कोई और फितूर है […]
In domains where dreams and magic blend, A saga of love forms to transcend. A horse, dignified and strong of grace, Met a unicorn, with a radiant embrace. Their gazes met, and a spark seized […]
प्राणों से प्रिय प्राण प्रिय हमारे जीवन की नैया के रखवाले सात वचनों से जुड़े डोर हमारे ईश्वर अनुकम्पा के मतवारे। चूड़ी की खनक बिंदी है साजे माथे चमके चाँद सितारे माँग में मेरे मोती […]
A new day, a new promise. Out of all the promises we made, there is one I couldn’t keep. And no, I’m not talking about the promise of not leaving, Or the promise of always […]
A new day, a new promise. Out of the promises we made, there is one I couldn’t keep. And no, I’m not talking about the promise of not leaving, Or the promise of always talking, […]
ये वास्ता तोड़ दूँ क्या? मैं रास्ता मोड़ लूँ क्या!? ~ प्रेरणा भारद्वाज
The rain pours and soothes my soul, The flowers bloom and leave a shine, The dewy petrichor emanates. I stroll to experience the life droplets of magic, So sublime. I feel so delighted, The turmoil […]
In wisdom’s domain, where eras tread, A sage, with gazes both transparent and wise, Found solace in his humble shed, Descending the boundless, loose skies. His soul, a tapestry of peace, In peace with nature’s […]
Broken wings are fixed by matured hearts My endeavor to rise you at peak, Kept me awake all night long! Still my immature fierce breaks beautiful things The waves of agony strikes me hard Until […]
Broken wings are fixed by matured hearts My endeavor to rise you at peak, Kept me awake all night long! Still my immature fierce breaks beautiful things The waves of agony strikes me hard Until […]
दुनिया की अंधाधुंध गाड़ियों की भीड़ में एक नन्हीं सी परी को खड़ा जो देखा पाँव से रुक गए देख कर उसको फिर मन में प्रश्नों का जमावड़ा देखा कैसा ये जीवन कैसी ये पीड़ा […]
दुनिया की अंधाधुंध गाड़ियों की भीड़ में एक नन्हीं सी परी को खड़ा जो देखा पाँव से रुक गए देख कर उसको फिर मन में प्रश्नों का जमावड़ा देखा कैसा ये जीवन कैसी ये पीड़ा […]
In a realm where love does thrive, A saga flares, the bond we describe. Of a father and daughter, their souls entwined, Steered by love, glory to find. In his eyes, thought of strength, A […]
In a meadow fair, where nature danced, There lived a girl, her spirit entranced. Amongst the blossoms, she roamed at will, A radiant heart, untouched by ill. Her laughter echoed through the whispering trees, As […]
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