“सप्तवर्णी छाँह”

आकांक्षाओं के तिमिर में स्मृतियों का बसेरा है जीवन है अंधकार युक्त और खुशियों का सवेरा है बीत जाती हैं कई शामें बिस्तर की सिलवटों…

“एक तारा”

जब इस आसमां में नया तारा जन्म लेता होगा तो क्या होता होगा? क्या उसे कोई सैर कराता होगा? या अकेले ही उन्मुक्त मड़राता होगा…

#dard ki baat

कैसे कहें कि क्या खोया है हमने और क्या पाया है हमने दर्द के सिवा कुछ मिला नहीं जो तू ना मिला तो गिला भी…

#RIR Siddharth shukla

आज आ गया समझ में जिंदगी कितनी छोटी होती है एक पल में होती है हमारी तो दूजे पल में हमसे कोसों दूर होती है।…

भारत देश महान(दोहे)

शिरोमणि संसार का, भारत देश महान। उच्च शिखर आसीन हो, प्यारा हिंदुस्तान।।(१) *********************** विविधता में एकता, है इसकी पहचान। बोली भाषाएं अलग, धर्म और परिधान।।(२)…

छिन गया

तुम्हारे छिन जाने से मानो सब छिन गया दिल गया, चैन भी छिन गया स्मृति ही शेष रह गई अब तो हाँथों से सर्वस्व छिन…

महारानी

महारानी ———– समस्त आकांक्षाओं का वृहद आकाश.. और पतंग सी वह। उड़ती ..खिचती.. डोर से बँधी ऊँचा उड़ने का माद्दा रखती..वह। इंद्रधनुषी रंगो से सजे..…

मजदूर

मजदूर ——- मुट्ठी में बंद उष्णता, सपने, एहसास लिए, खुली आँखों से देखता है कोई ….. क्षितिज के उस पार। बंद आँखों से रचता है…

ग़ज़ल

भर लो आगोश में, आओ कि सहारा दे दो, इश्क है कि नहीं थोड़ा सा इशारा दे दो। 1.हम भरम में रहे कि इश्क है…

स्मृतियां बातें करती हैं

तुम्हारी हँसी तुम्हारा रुदन, तुम्हारी स्मृतियाँ संँजो रखी हैं कीमती दस्तावेजों की तरह कागजों पर मैनें। तुम्हारी आंँख से टपके आँसू ..मोती बन स्वर्णाक्षर से…

कोकिला

कोकिला ———– कानों में मिश्री सी घोले, काली ‘कोकिला’ मीठा बोले। रूप रंग लुभाते हैं…. पर गुणों के अभाव में तिरस्कार ही पाते हैं। गुण…

समय

यह समय बड़ा बलवान है समय पर लिखना कितना आसान है पर समझ पाना मुश्किल जितना उलझो इसे समझने में उतना ही जटिल किसी के…

मृदुल छवि

तुम्हारे खूबसूरत चेहरे पे जो गुस्सा रहता है जैसे हर गुलाब की हिफाजत में कांटा रहता है जंगल में किसी कस्तूरी हिरन सी लगती होगी…

आ गया सूरज

वृक्षों पर आ गया सूरज, धरा पर छा गया सूरज। बिखराकर अपनी स्वर्ण रश्मियाँ, गीत कोई गा गया सूरज। हल लेकर निकल पड़े किसान, देखो…

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