मां की गोदी में खेलकर बड़ा हुआ, मां के क़दमों को चूमकर खड़ा हुआ। दुध पीकर मां का आंचल का मुझे प्यार मिला, मां के छत्रछाया में ज्ञान पाकर मैं बड़ा हुआ।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

खोल यादों की पोटली सोच विचार कर रहें, मानव अपने कर्मों पर गहन विचार कर रहें। कैसी ये मुफलिसी है छायी मेरे चेहरे पर, अपने आप को ढुंढ कर अपने आप में ही खोए रहें।। […]

आ बटोही बैठकर कुछ स्मरण कुछ चिंतन करें, यादों की पोटली खोलकर आ बटोही मंथन करें। कुछ तेरे कुछ मेरे सपनों का आ बटोही हवन करें, जिंदगी के क्रुध्द पल का आ बटोही हनन करें।। […]

ये दोस्त ये रास्तें ही मेरी मंजिल है, मेरे दिल का जज़्बात ही मेरी साहिल है। सोच लेता हूं कभी अपना गुजरा हुआ कल, मेरा दुःख दर्द मेरा किस्मत ही जाहिल है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

सोच विचार की दोस्ती देता ताउम्र साथ, मित्र के सोच को समझ कर ही बढ़ाओ हाथ। दोस्ती का बंधन टिकता विश्वास के साथ, धुर्त चोर उचक्कों से माफ करो मुझे नाथ।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

चिंता हो या चिंतन करो सोच समझकर, ना पगलाओ तुम ना पागल करो मुझे। दिग्गज के चक्कर में ना करो जीवन नर्क, शान से जीयो शान से रहो मेरे तुम बात को बुझो।। ✍महेश गुप्ता […]

काला चश्मा पहनकर चलते सतरंगी चाल में, खुद से खुद बातें करते फंसते देखो जाल में। बात के जंजीरों में जकड़ पीसते देखो जात में, अपने सर का बोझ उठाये फिरते अंधेरी रात में।। ✍महेश […]

खोटे सिक्के को यूं ही सरेआम जलील मत करो यारों, कभी खोटा सिक्का भी बादशाह हुआ करता था, बस वक्त वक्त की बात होती है, समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है, महेश गुप्ता […]

त्याग बलिदान करके जो धर्म का प्रसार किये, भटके मुसाफिर को बुध्द ने राह दिखाये । शत् शत् नमन है बुध्द के स्वर्णिम विचार का, महल अटारी के ऐसों आराम के त्याग का ।। ✍महेश […]

सत्य कि राह दिखाते बुध्द, बिछड़ों को मिलाते बुध्द । परेशान आत्मा को गले लगाकर, दुःख दर्द को सारे हर लेते बुध्द।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

पैसे की चाह में टूट रहें है रिश्तें, पैसे के राह में बेगाने हुए फरिश्ते। पैसे की ताकत से संबंध बिगड़ते, पैसे के धधकते राह पर चलो आहिस्ते।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

जग में मिलते विभिन्न विचार के प्राणी, शुध्द आत्मा विचार को समझना हैं भारी, ना जाने कितने रंग के हैं चोले ओढ़े, देख दुनिया करतुतों को दंग हुयी है सारी।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

न्याय बिकता है अन्ययाय बिकता है, मेरे भारत देश में स्वाभिमान बिकता है। कानून बिकता है कानून ब्यवस्था बिकता है, नेता जी का इमान सुबह शाम बिकता है।। महेश गुप्ता जौनपुरी

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बहुत प्यारा है नाक के नीचे बेटी मरती ऐंसा हिन्दुस्तान हमारा है जोर शोर में लगे है नेता जी बेटी को बचाने में नेता जी के कार्यक्षेत्र में दम […]

अर्थतंत्र पर लोकतंत्र को हावी कर दो यार । जातिवाद को छोड सदा मानवता का बनाओ संसार ।। झूठ फरेब छल दम्भ से होगा माया का विस्तार । दया धर्म समता से बनेगा न्याय का […]

वक्त की नुमाइश मंदि हम क्या करेंगे, वक्त तेरे पीछे – पीछे हम भी चल पड़ेगें। वक्त जरा तमिज सिखा देना मुझे भी, वक्त तेरे आने पर सरीखे हम भी सीख लेंगे।। महेश गुप्ता जौनपुरी

धन्य हो अन्नदाता इस वैश्विक कोरोना महामारी में लड़ते किसान सुबह शाम खेत में बन्द पड़े सब कमा काज दबे देखो कोरोना का राज देश के मेहनती किसान है देखो बहुत ही परेशान नहीं है […]

ओ मातृभाषा ओ मातृभाषा सत् सत् है नमन तुम्हे पहला अक्षर निकला था जब वो था अर्पण मातृ तुझे तुम है जननी तु है वानी मेरी तुझसे ही है जीवन की कहानी सदा चले तुझसे […]

जिसे मैं देख गुनगुनाता हूं जिसे मैं देख मुस्कुराता हूं जिसके आगोश में मैं खो जाता हूं उसका हो कर मदहोश हो जाता हूं उसी का दीदार करके मैं खुद में ही खो जाता हूं […]

एहसास प्यार ❣️ मोहब्बत का एहसास रूह ❣️ तमन्ना का एहसास 💞खूबसूरत💞 ख्याल का एहसास 🌹मन🌹 के जज्बात का एहसास 🌕धूप🌕 के छांव का एहसास तुम्हारे 💞दिल💞 के धड़कन का एहसास 🤝विश्वास🤝 के शब्दों का […]

भस्म का श्रृंगार करके मृग छाल को धारण करके गले में सांपों का हार पहन के गंगा को जटा में बांध के तीनों लोक में हो देवों के देव हे नीलकंठ शंकर महादेव डमरु को […]

मन्दिर बांटा मस्जिद बांटा बांट दिया संसार, बोली भाषा रहन सहन बांट दिया इंसान , जाति धर्म मजहब बांट दिया भगवान , ईश्वर अल्ला का धर्म बताकर कर दिया सत्यानाश , महेश गुप्ता जौनपुरी

आये दिन सांसद में कोई ना कोई बिल पारित हो रहा है जिसमें जनता के ऊपर नकेल कसने के लिए कुछ ना कुछ फेर बदल किया जा रहा है । सरकार जनता को आईना दिखाने […]

विकास के भरोसे कब तक रोटी सेंकोगें मैली मैली गंगा मईया कब तक तुम बोलोगे राजनीति के पहिए का वीरों तुम इलाज करो गंगा के अभियान को जन जन तक प्रसार करो धनुष बाण टांगें […]

हौसले कि उड़ान अभी बाकी है , मेरे जज़्बातों का ख्याल अभी बाकी है , चन्दा मामा हम फिर से आयेंगे , अभी मेरे दिल का हाल बाकी है , महेश गुप्ता जौनपुरी

सिधे साधे पर रोब दिखाकर साबित तुमने कर ही दिया बेगुनाह को पीट पीट कर सुपुर्द खाक कर ही दिया क्या न्याय की उम्मीद करें अब भ्रष्ट कानून के वर्दीधारी से गुंडागर्दी फैल चुका है […]

मैं अंधभक्त बना रहा चीख पुकार को सुनता रहा एकता का गुणगान करता रहा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई भाई भाई करता रहा खून के छींटों पर आंख मूंद चलता रहा मैं अंधभक्त बना रहा मैं […]

वो इश्क के चक्कर में लाइलाज बैठे थे करके इंग्लिश में पी एच डी बर्बाद बैठे थे चौराहे के राहों में पलकें बिछा कर बैठे थे प्यार के चक्कर में उनके इंतजार में बैठे थे […]

वसंती आयी वसंती आयी देखो देखो वसंती आयी साथ में हरियाली लायी फूलों की महक लायी भौरो को संग लेकर आयी ओंस की बूदो को लायी घर ऑगन को महकायी वसंत आयी वसंती आयी देखो […]

धड़ाधड़ अंधाधुन हो रहा पेड़ों की कटाई, मूक बाधिर बने रहे तनिक लाज नहीं आई, सूलग रहा आरे आज राजनीति के करतुतो से, पर्यावरण प्रेमी को दबोच रहें हैं आरे कालोनी से, महेश गुप्ता जौनपुरी

फूल लताओं को समेट कर रखता मेरा गांव नल कूप को सहेज कर रखता मेरा गांव रिस्ते को मदमस्त खुशहाल रखता मेरा गांव मिट्टी की खुशबू को सहेज कर रखता मेरा गांव महेश गुप्ता जौनपुरी

गरीबी का दर्द क्या दर्द देखेगी दुनिया तेरी सुख गया है आंखों के पानी रिमझिम बारिश की फुहार में समेट रखा है आंचल में गरीब तेरी कहानी को उपहास बनायेगी ये दुनिया तू कल भी […]

वीर शहीद भगत सिंह भगत सिंह सुखदेव राजगुरु थे वीर बहादुर आजादी के तराने के लिए झूल गये फांसी पर भारत मां का नारा लगा कर चूम गये माटी को हमें अभिमान है वीर जवान […]

मां बाप की लाडली होती बिटिया जीवन को रोशन करती है बिटिया घर परिवार को समेट कर रखती बिटिया रिस्ते कि बागडोर को निभाती बिटिया सुख दुख में साथ निभाती बिटिया जिम्मेदारी से कभी ना […]

नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार चमचम चमकेला बिंदिया ए माई सुनर सुनर पऊआ में लागल बा महावर हाथवा में सोहेल गंदा चक्र ए माई महेश […]

मेरे गलती पर साहब भौं भौं करके दौड़ लगाते, कानुनी नियम का पाठ पढ़ाकर पैसा जनता से खुब ऐंठते, ये कैसा कानून व्यवस्था है हमको भी बतलाओ यारों, नेता गिरी है या दादागिरी कोई तो […]

छप्पन भोग लगा कर बेटा आज नदी के पास बैठा है पिण्ड बनाकर मेवे का ढोंग देखो रचा कर बैठा है जो मर गये एक निवाले के लिए घुट-घुट कर चार दिवारी में क्या क्या […]

मेरे बापू गांधी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को […]

मेरे बापू गांधीजी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को […]