Author: राकेश पाठक

  • अभिमन्यु नहीं है

    अभिमन्यु नहीं है मगर चक्रव्यूह वैसा है
    कहते नहीं बनता जीवन ये कैसा है
    खड़े हैं कुरुक्षेत्र में लड़ने के लिए
    कमाना और बचाना चाहते पैसा है

  • कलयुग आधार है

    कलयुग आधार है
    मिलता सदा प्यार है
    गाओ अधिकार है
    मुश्किल मे संसार हैं
    आत्मा का उद्धार है
    जीवन का सार है
    तुलसी का उपकार है
    मतलब के यार है
    एक ही प्रकार है
    करना बेड़ा पार है
    राम नाम आधार है
    बड़ा ये हथियार है
    मोक्ष का जो द्वार है

  • राम नाम गाए

    राम चरित मानस को मन में दोहराए
    मिल कर के लोग सब सीता राम गाए
    कलयुग में केवल ये नाम ही आधार है
    सुमिर सुमिर भव से पार उतर जाए

  • यथार्थ =दोहे

    बिन मतलब कोई नहीं, करता देखो बात
    अहंकार का संग है, बड़ी भयानक रात
    2
    बूढो से कोई नहीं, करता देखो बात
    बात बात में हो रहे, कैसे कैसे घात
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    दुख सुख अब बांटे कहाँ, व्यस्त हुए सब लोग
    अपनी राग अलापने, का लगा भारी रोग

  • देश का सम्मान

    जीवन से भी कीमती, मात्रभूमि का मान
    आपस मे लडिए नहीं, मारो मिल शैतान
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    जाति पंथ औ लिंग की, मत करिए परवाह
    करते प्रेम प्रचार चल, एक जुटता की राह

  • राजनीति

    राजनीति एक खेल है, जिसमे शकुनी चाल
    सर्वाधिक प्रचलित हुई, करती मालामाल
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    राजनीति एक पर्दा है, जो ले पाप छिपाए
    आंधी आती सांच की, चेहरा देय दिखाय

  • समरसता

    जाति धर्म के भेद को, आओ जाए भूल
    डिठौना एक मां भारती, ललाट भारत धूल
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    दुनिया भारत देश से, समरसता का सार
    सीख सीख पहुंचा रही, इंसानो के द्वार

  • बदलता समय

    बदलता है समय किसी को सताए नहीं
    ईर्ष्या द्वेष के बीज उगाए नहीं
    मिट्टी में मिल जाते हैं महल
    उजाड़ कर किसी का खुद को बसाए नहीं

  • मिट्टी प्रदूषण

    धरती में अपशिष्ट का, मिलना घातक जान
    कूड़ा कचड़ा प्लास्टिक, फेको कूड़ा दान
    2
    मिट्टी प्रदूषण से सुनो, बीमारी कई होय
    जैविक खेती से करे रक्षा अब सब कोय

  • ध्वनि प्रदूषण

    कहते दुश्मन कान के, जग आवांछित शोर
    जोर जोर से होत है, सुनिए चारो ओर
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    सोना औ सुनना हुआ बड़ा कठिन अब काम
    वाहन और मशीन की ध्वनि को नहीं आराम

  • वायु प्रदूषण

    वायु प्रदूषण बढ रहा, सुरसा मुख विकराल
    हम नहिं है हनुमान सा, दुख ज्यूँ मुख हो व्याल
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    वायु देव को भी किया, मानव ने बीमार
    हॉस्पिटल में ले रहे, ऑक्सिजन लगातार

  • कब जाओगे

    मंदिर मस्जिद बंद है, पिंजडे में इंसान
    गलिया लथपथ खून से, घूम रहा शैतान
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    आए हैं तो जाएगे, राजा रंक फकीर
    कोरोना कब जाएगा, मिटा रहा तकदीर

  • लाचारी

    जीवन है अनमोल पर, बीत रहा बेकार
    धंधा सब चौपट हुए, मानव है लाचार
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    रोजी रोटी बंद है, बहुत दिनो से जान
    अब हर वर्ग तबाह है, औ मजदूर किसान

  • माया

    सुंदर सपना की तरह, देखा है संसार
    आँख खुली कुछ भी नहीं, लीला अपरम्पार
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    दुख आकर कहते रहे, ईश्वर है सरकार
    मत बनना तुम नास्तिक, लेते हैं अवतार

  • आज की कविताएँ

    ना रस है ना छंद है, अलंकार से हीन
    देखो कविता हो गयी, अब की कितना दीन
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    पाठक श्रोता दूर हैं, कवियों की भरमार
    हिंदी कविता दुर्दशा, जैसे हो बीमार
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    तुलसी सूर कबीर, के जैसे दिखे न भाव
    हिंदी कविता आज की, डूब रही है नाव
    4
    कविता का स्तर गिरा, खूब किया खिलवाड़
    पाठक श्रोता ने किया, अपने बंद किवाड़

  • भगवान् हमारे

    बनाए रखना हिम्मत भगवान् हमारे
    आते रहे हरदम हम आपके द्वारे
    भक्तो के रक्षक भगवान् आते हैं
    मीरा और राधा के जैसे नहीं पुकारे

  • तूफान

    आते नहीं तूफान तो कश्ती पार हो जाती
    जीत जाते जंग नहीं हार हो जाती
    आते रहे तूफान अब तैर जाएंगे
    सोचा नहीं था दुनिया बीमार हो जाती

  • मास्क लगाए

    अंधेरा बहुत है आओ दीपक जलाएं
    कोरोना महामारी को मिलकर हराए
    दूर रहने में ही बचेगी जान अब
    बिना संकोच के हम सभी मास्क लगाए

  • शब्द

    सम्हाल कर बोले शब्द वापस नहीं आएंगे
    पता है आपको कितना दिल दुखाएगे
    बोलो गे अगर मीठे शब्द तो
    घाव भरने वाला मरहम बन जाएगे

  • मतलब के यार

    मतलब कि दुनिया में मतलवी यार मिले
    एक बार नहीं हर बार है मिले
    दुश्मन अच्छे हैं ऎसे दोस्तो से
    हम उम्मीद करते हैं उनसे सच्चा प्यार मिले

  • जल संरक्षण

    वर्षा जल अनमोल है, सब अब करे प्रयास
    नदी कूप है मांगते, सावन भादौ मास
    2
    बनाए घर घर सोक्पीट, जल संरक्षण होय
    नैतिक जिम्मेदारियां, लेना है सब कोय
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    बिन पानी सब सून है, भर जाए जल श्रोत
    कम ना हो जल भूमिगत, सब हो ओत प्रोत

  • अच्छा किया

    सदियों पुरानी मर्यादा तोड़ दिया
    अच्छा किया
    कानून को मानना छोड़ दिया
    अच्छा किया
    असहायों की बस्ती में बंब फोड़ दिया
    अच्छा किया
    अमीरों के सामने गरीब ने दम तोड़ दिया
    अच्छा किया
    शराब पीकर भीड़ की ओर वाहन मोड़ दिया
    अच्छा किया
    आतंकियों से नाता जोड लिया
    अच्छा किया
    पद पाने के लिए घूस एक करोड़ दिया
    अच्छा किया
    अच्छा किया, कहने वाले कभी अल्प संख्यक थे
    मगर आज बहु संख्यक हो गए हैं

  • खाली हाथ

    मजदूरों के हाथ
    बहुत दिनो से खाली है
    दोष एक का नहीं
    दो हाथों से बजती ताली है
    खालीपन अभिशाप बन गया
    खाली उनकी थाली है
    फसल उगी थी बहुत ही सुंदर
    ले गया कोई बाली है
    शासन की करतूत कहे क्या
    देखो कितनी काली है

  • संस्कृति

    पराधीनता सुख नहीं, हो जाए आजाद
    अभी गुलामी मानसिक, अंग्रेजो की याद
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    अंग्रेजों की रीतियां, खूब रहे अपनाय
    अपनी संस्कृति देखिए, दिन दिन छुपती जाय

  • कर्जा

    कर्जा लेने की प्रथा, बहुत बुरी है जान
    कर्जा में डूबे और, तड़प तड़प दी जान
    2
    कर्जा ऎसा भार है, नहीं उतारा जाय
    दो पल की खुशियां मिले, जीवन भर पछताय

  • संघर्ष

    सच केवल संघर्ष ही, करता है इंसान
    जिससे बनती जगत में, है उसकी पहचान
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    हार जाय फिर भी नहीं, मन से माने हार
    कोशिश होनी चाहिए, जीवन मे लगातार

  • अपना हिंदुस्तान

    मानव भाए न गंदगी, चला स्वच्छ अभियान
    सबसे सुंदर बन रहा, अपना हिंदुस्तान
    2
    अपने हिंदुस्तान की चर्चा है चहुँ ओर
    सभी क्षेत्र में बढ़ रहा, आँगे आँगे शोर

  • उपकार

    धरती से आकाश तक, होती जय जय कार
    मानव तन जो पाय कर, करता है उपकार
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    करते जो उपकार है, उनके है भगवान्
    बदल नहीं सकते कभी, बदल जाय इंसान

  • किसान

    खेतों में दिनभर करे, खून पसीना एक
    मेहनत का पर्याय हैं, क्रषक काम अति नेक
    2
    कर्जा क्रेडिट कार्ड से, लेकर बोया धान
    ऎसा पड़ा अकाल की, डूबे सभी किसान
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    खेती है उत्तम मगर, पराधीन भगवान्
    खेती सुख मत मानिए, जानत सकल किसान

  • पुस्तक

    अद्भुत और विशाल है, पुस्तक का संसार
    सब कुछ मिलता है उसे, करता पुस्तक प्यार
    2
    ग्यानी की है आत्मा, भरा हुआ विग्यान
    गुरु के जैसे पुस्तकों, से ले सकते ग्यान
    3
    करते पुस्तक प्रेम जो, उनका बेड़ा पार
    अंधकार हरती सदा, शिक्षा का उपहार

  • दिमाग

    खाली छोड़ो खेत मत, उग आएगी घास
    खाली है मस्तिष्क तो, शैतानों का वास
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    भरते रहे दिमाग में, अच्छे सदा विचार
    मन प्रसन्न रहता तभी, सुख उपजे संसार

  • दोस्ती

    कछुआ और खरगोश दौड लगाएगे
    अधूरे हैं दोनों मंजिल कैसे पायेगे
    मुश्किलें हो जाएगी आसान
    जब दोनों दोस्त हो जाएंगे

  • विधाता

    जुल्म अब सहा नहीं जाता है
    दुख कितना कहा नहीं जाता
    घर मे अब रहा नहीं जाता
    कुछ करो हे विधाता
    सबका दुनिया से बना रहे नाता
    हर कोई रहे हँसता मुस्कुराता

  • कपूत

    सब कुछ मान कर जो पालते रहे
    बीपत्तियों का काँटा निकालते रहे
    बुढ़ापा मे वो असहाय हो गए
    कपूत घर से बाहर निकालते रहे

  • मैहर की मां शारदा

    मैहर की मां शारदा, ऊँचा पर्वत धाम
    बल बुद्धि विद्या दीजिए, जपते मां का नाम
    2
    मैहर की मां शारदा, महिमा अपरम्पार
    भक्तो पर करिए कृपा, आए तेरे द्वार

  • दोहे =संसार

    मेला है संसार ये, आते जाते लोग
    जीवन का मकसद नहीं, करना केवल भोग
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    राम नाम आधार है, लेकर होना पार
    क्षमा करो अपराध प्रभु, आए तेरे द्वार

  • भाई =दोहे

    भाई हो तो भरत सा, सब कुछ कर दे त्याग
    दुर्योधन की तरह जो, नहीं अलापे राग
    2
    भाई चारा सीखना, राम भरत को जान
    भाई के खातिर करे, अपने सुख का दान

  • दोहे =विग्यान

    बहुत बड़ा वरदान है, मानव का विग्यान
    नए नए होते जहाँ, सदा हि अनुसंधान
    2
    चाकू है विग्यान पर, मारो मत इंसान
    तब ही इसको कह सके, है अच्छा वरदान

  • आपदा =दोहे

    मानव निर्मित आपदा, आई आज अनेक
    बदलो अब व्यवहार को, कहता यही विवेक
    2
    आए जब जब आपदा, जान माल की हानि
    करे प्रबंधन मिल सभी, भारत के सब ज्ञानि

  • श्रद्धांजलि =दोहे

    कोरोना से वीरगति पाने वाले लोग
    आँखो के आँसू कहे, कितने थे अनमोल
    2
    उजड़ गए परिवार जो, दुख ये कहा न जाय
    अर्जुन सा श्री कृष्ण अब, हमको दो समझाय

  • गीता उपदेश =दोहे

    गीता का उपदेश है, कर्म रखो अधिकार
    अजर अमर है आत्मा, ईश्वर का उपकार
    2
    अर्जुन अपना काम कर, करो न सोच विचार
    निर्धारित सब कुछ यहां, ईश्वर का संसार

  • दोहे =पवन पुत्र

    सुरसा सा मुह खोलती कई समस्या आज
    पवन पुत्र अब आय कर, करो राम के काज
    2
    पवन पुत्र विनती करे, भक्त सभी कर जोड़
    आओ फिर से पापियों, नशे दीजिए तोड़

  • दोहे =अच्छे भाव

    आए अच्छे भाव जब, सुख उपजे सब ओर
    सुंदर सब लगने लगे, जैसे वन से मोर
    2
    मेरा मेरा मत करो, भूलो ना उपकार
    तन मन धन जो कुछ मिला, ईश्वर के अवतार

  • दोहे =दुनिया

    दुनिया है सुंदर बहुत, रचना है भगवान्
    कैसे तू सुख पाएगा, कमी देख इंसान
    2
    अच्छाई को ग्रहण कर, शिक्षक सकल जहान
    कमियों पर पर्दा पड़ा, कैसे हो कल्याण

  • दोहे =भाई चारा

    ईर्ष्या करके मत जलो, तज दीजय अभिमान
    क्रोध लोभ से दूर मैं, हो जाऊं भगवान्
    2
    भाईचारा खेत में, चलिए मन हे आज
    सुख पाओगे बहुत तुम, और करोगे नाज

  • हरी डाल

    वर्षा ऋतु में हो रही, गर्मी की वर्षात
    हरी डाल मत काटिए, ऋतु कहती है बात
    2
    हरी डाल पादप कहे, सब कुछ करता दान
    मुझसे कर ले दोस्ती, सुखी रहे इंसान

  • दोहे =पर्यावरण

    प्रकृति संतुलन बिगड़ता, आते बाढ़ अकाल
    संरक्षण पर्यावरण, कर लीजै तत्काल
    2
    दूषित पर्यावरण है, कहत पुकार पुकार
    जीवन की रक्षा करो, आदत मनुज सुधार

  • धैर्य =दोहे

    आया है संकट बड़ा, धैर्य धरे इंसान
    सच्चाई का सामना, करना है बलवान
    2
    धैर्य परीक्षा होत है, सदा ही आपत काल
    विचलित होना है नहीं, बाल न बांका हाल

  • उपहार

    सब धर्मो का सार है, दया, त्याग, उपकार
    मानव जो रक्षा करे, ये तीनो उपहार
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    सत्य, अहिंसा, ग्यान, है, आवश्यक अति जान
    अपना कर इनको सदा, बनते हैं इंसान

  • दोहे =भारत

    सत्य अहिंसा प्रेम है, भारत माता शान
    देते दोनों शक्ति है, फौजी और किसान
    2
    भारत ने दुनिया किया, सदा बड़ा उपकार
    शांति पक्ष लेता रहा, चले नहीं तलवार

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