जाने के बाद तुम्हारे हम दोस्त तो बनाते हैं वो महफिलों में खो जाते हैं हम फिर अकेले हो जाते हैं
जाने के बाद तुम्हारे हम दोस्त तो बनाते हैं वो महफिलों में खो जाते हैं हम फिर अकेले हो जाते हैं
वो झूठ बोल रहा था बहुत सलीके के साथ मैं ऐतबार ना करती तो क्या करती
न जाने किस मोड़ पर उनसे अब मुलाकात होगी। दोस्तो! बताओ फिर कैसे बीते लम्हों पर बात होगी।।
मंजिल का पता नही फिर भी चलते जा रहे हैं सपने देख देख कर हम मुसकुरा रहे हैं दिल चाहता है पूरे हो जाये ये इक पल मैं पर फासले इतने है कि कदम लडखडा […]
नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में ————————————— हम वतन थे जो त्रस्त थे बाहर, उनको घर उनके बुलाया तो बुरा क्या किया! बिना टिकट सवार थे भारी टिकट जो पूछी गई ऐसा बुरा क्या किया! […]
उसके छोडने का अंदाज कुछ ऐसा था मेरे प्यार पर इलज़ाम कुछ ऐसा था ना वजह थी कोई ना बहाना था उसे तो बस मुझे छोडकर जाना था शायद मेरे किसी अपने का वो दीवाना […]
मेरी कोशिशों को नाकाम करके तुझे क्यो अच्छा लगता है। तेरे जहन मे ये जलन का मुद्दा ही क्यो चलता रहता है।। है हिम्मत गर तुझमे तो तू कदम क्यो न आगे बढाता है। तब […]
वीरों का दिल से अभिनन्दन। सीमा पर डटकर खड़े हुए, दो-नयन शत्रु पर गड़े हुए, हाथों में अस्त्र सुशोभित है, उर से भय आज तिरोहित है। जन-गण-मन करते हैं वन्दन, वीरों का दिल से अभिनन्दन। […]
कौन हूं मैं? ————- बिजलियां, आंधियां कोंधती उड़ती रहीं। धारियां, छुरियां दिल पे निशा देती रहीं। अठखेलियां, रंगरेलियां आवारगी करती रहीं। विरक्तिया,सिसकियां गम और ख़ुशी भरती रहीं। रीतियां, बेड़ियां बंदिशे देती रहीं। गलबहियां, कनअखियां सुकुन […]
मेरी आयत है तू जितना पढ़ू उतना खो जाता हूँ काश इतनी सिद्दत से पढ़ा होता तोह अव्वल आ जाते
दर्पण के सामने खड़ी होकर, जब भी खुद को सँवारती हूँ उस दर्पण में तुमको साथ देख,अचरज में पड़ जाती हूँ शरमाकर कजरारी नज़रें नीचे झुक जाती हैं पर कनखियों से तुमको ही देखा करती […]
शक्ति संपन्न की जनक दुलारी जब तुमने लांछन लगाया था चाहती प्रलय वो ला सकती थी धरती की गोद में सो जाती है शुक्र मनाओ कि वो रो जाती है धरती पर एक कण बचता […]
मैं शिवांशी , जल की धार बन शांत , निश्चल और धवल सी शिव जटाओं से बह चली हूँ अपने मार्ग खुद ढूँढती और बनाती आत्मबल से भरपूर खुद अपना ही साथ लिए बह चली […]
तू आया तो बसन्त है….। तू गया तो बस अन्त है।।
अतीत के फफोले तेजाबी बारिश दहकते लावे की तपिश या कोई आतिश ताउम्र का सबक बस एक कुफ्र। निमिषा
गुजारिश की मैने लाखों दफ़ा रो रोकर उससे दिल ना पसीजा मगर उसका आंखें बंद होने को आयी हैं बहुत रो चुके अब दर छोड़ चला उसका
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी आँखों से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी याद से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
गुलामी की जन्जीरों में जकड़े है ज़िस्म मेरा इस दिल का सौदा करें भी तो कैसे। जिस्म तो जिस्म रूह भी है बेबस तुझे मोहब्बत का सजदा करें भी तो कैसे। तुम सोचोगे सब बहाने […]
कोई दिल दरबारे खास बने तो जान निछावर करते हैं हमें सूरत की प्रवाह नहीं सीरत से मोहब्बत करते हैं
प्यारे कभी बेवफा नहीं होते। अपने कभी खपा नहीं होते। ऐ वक्त हमसे खपा मत होना क्योंकि हम तुमसे दफा नहीं होते।।
पदम् गाना🎶🎵🎤🎶🎤 गाना🎶🎵🎶🎤🎵🎶🎤🎵🎶🎤🎵🎶🎤
तटबंदिनी ———— तटबंदिनी सी मै सागर से तुम। बंधन सारे मेरे लिए! आज़ाद परिंदे तुम। निमिषा
हिंदी गजल- अब सफा कीजिये | टूटे रिश्तो मे जान बाकी हो अगर , प्यार से सींचकर अब वफा कीजिये | काँच के जैसा होता है दिल का रिस्ता यहा | टूट न जाये दील […]
हिन्दी गजल- मुझको भुलाए है | दिल मे क्यो मेरे आप समाये है | ख्वाब आंखो क्यो आप दिखाये है | जिधर भी देखिये आप का नजारा है | क्या बताए कैसे मैंने रैन बिताए […]
मैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ वख्त ने बदल दिया बहुत कुछ मैं कोमलांगना से काठ जैसी हो गई हूँ मैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ समय के साथ बदलती विचारधारा ने मेरे […]
हिन्दी गीत- क्यो हुआ मुझे पहली बार प्यार हुआ | यार क्यो हुआ | झूठा ही कोई दिलदार हुआ | यार क्यो हुआ | मैंने चाहा नहीं मैंने सोचा नहीं | हुआ क्या मुझको पता […]
मेरे महबूब का करम मुझ पर जिसने मुझे, मुझसे मिलवाया है नहीं तो, भटकता रहता उम्र भर यूं ही मुझे उनके सिवा कुछ भी न नज़र आया है लोग इश्क में डूब कर फ़ना हो […]
पिया बिना ——- सुनो प्रिय! मेरा हृदय करे स्पंदन आंखों से फैला ये अंजन भूख प्यास सब लगते झूठे पिया बसंती तुम जो रूठे। सूखे पत्ते सी में कांपू तेरे बिना शापित सी नाचू पल […]
किसी से इतनी भी मोहब्त ना कर की सिर्फ तू ही सौगात भरता जाए मै से हम की दुरी दोंनो को तय करना है
गया था उस गली जहा से निकाला गया था मोहब्बत थी इस लिए चुप था तेरे हर सितम का जवाब मौजूद था यह तोह तहज़ीब आरे आ गया
जनता के बारूद को आग से मत ललकार शमा को बुझने ना देंगे ज़ुल्मी रात जितनी भी कोहराम मचाए माना विपक्ष धनवान बलवान है पर इतिहास साक्षी है जब भी सब जन विप्लब का रास्ता […]
वो खिलौने वाली ——————— एक पैर से लाचार वो स्वाभिमानी लड़की, याद है मुझे आज भी कल ही की बात सी। चेहरा नहीं भूलता उसका तीखी खूबसरत सी नाक थी। रूखे सूखे से बाल तन […]
गज़ल ——- जहर यह उम्र भर का एक पल में पी लिया हमने। तुम्हारे साथ जन्मो जन्म रिश्ता जी लिया हमने। 1.मुकम्मल ना हुआ तो क्या इश्क को जी लिया हमने कहते हैं आग का […]
अब क्यों धीर धरे हो अधीर बनो, अधीर बनो मां भारती के लाल तुम हो सर्व शक्तिमान विजय की पताका ले हाथ दुश्मन की ग्रीवा का रक्त पीने वाली तुम शमशीर बनो, शमशीर बनो अब […]
अब क्यों धीर धरे हो अधीर बनो, अधीर बनो मां भारती के लाल तुम हो सर्व शक्तिमान विजय की पताका ले हाथ दुश्मन की ग्रीवा का रक्त पीने वाली तुम शमशीर बनो, शमशीर बनो अब […]
किताबें ——– किताबे गुमसुम रहती हैं आवाज़ नहीं करती। सुनाती सब कुछ है लेकिन बड़ी खामोश होती है। छुपा लेती है सब कुछ बस, घुटन वो खुद ही सहती हैं। दफन कर लेती बेचैनी, दुख […]
कल उस बात को एक साल हो गया वख्त नाराज़ था मुझसे न जाने कैसे मेहरबान हो गया मेरी धड़कन में आ बसा तू ये कैसा कमाल हो गया कल उस बात को एक साल […]
मेरे देश मुझे तेरे आंचल में अब रहने को दिल करता है जो जख्म दिए अंगारों ने उसे सहने को दिल करता है कांटो पर जब तू चलता था हम चैन से घर में सोते […]
चलो थोडा दिल हल्का करें कुछ गलतियां माफ़ कर आगे बढें बरसों लग गए यहाँ तक आने में इस रिश्ते को यूं ही न ज़ाया करें कुछ तुम भुला दो , कुछ हम भुला दें […]
तुम आए भी ओर चले गए मोहब्बत की सजा दे ही गए ना इजहार किया ना इकरार किया बस खामोशी से दिल को तार तार किया गलती तुम्हारी नही हमारी है जो अपनी बेवफा किस्मत […]
🥀आखिर क्या बदला बेटी के लिए 🥀 जब पिता की तरफ से दहेज आता था तो पति कहता था तो कितना लाई तेरे आने पर पति की तरफ से दहेज आता है तो पति कहता […]
छल और प्यार में से क्या चुनूँ जो बीत गया उसे साथ ले कर क्यों चलूँ पतंग जो कट गई डोर से वो खुद ही कब तक उड़ पायेगी हालात के थपेडों से बचाने को […]
कौन है शोषित कौन है शोषक कैसे फर्क करोगे? स्वर्ग द्वार भारत को कैसे नर्क कहोगे? बस में सफर करते हुए यही बात मैं सोच रहा था। भरे सीट थे सारे उसके फिर भी सवारी […]
🌺”प्रेम एक पूर्ण शब्द है अपूर्णता से पूर्णता की ओर ले जाने वाला। जितना अधूरा उतना कामयाब अखंड ज्योति सा हृदय में उम्र भर सुलगने वाला।”” – निमिषा🌺
वख्त जो नहीं दिया किसी ने उसे छीनना कैसा उसे मांगना कैसा छिनोगे तो सिर्फ २ दिन का ही सुख पाओगे और मांगोगे तो लाचार नज़र आओगे छोड़ दो इसे भी वख्त के हाल पर […]
💐 शायरी 💐 पंछियों के बगीचे आसमान में होते हैं बुद्धिमानी के चर्चे जहान में होते हैं उठाकर जो चलते हैं ज्ञान की वैशाखी हजारों सितारे उसकी शान में होते हैं
हम उन्हे और भी ज्यादा चाहने लगे। जब से वो हमे बेवफा नजर आने लगे।।
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