किसी से इतनी भी मोहब्त ना कर की सिर्फ तू ही सौगात भरता जाए मै से हम की दुरी दोंनो को तय करना है
किसी से इतनी भी मोहब्त ना कर की सिर्फ तू ही सौगात भरता जाए मै से हम की दुरी दोंनो को तय करना है
गया था उस गली जहा से निकाला गया था मोहब्बत थी इस लिए चुप था तेरे हर सितम का जवाब मौजूद था यह तोह तहज़ीब आरे आ गया
जनता के बारूद को आग से मत ललकार शमा को बुझने ना देंगे ज़ुल्मी रात जितनी भी कोहराम मचाए माना विपक्ष धनवान बलवान है पर इतिहास साक्षी है जब भी सब जन विप्लब का रास्ता […]
वो खिलौने वाली ——————— एक पैर से लाचार वो स्वाभिमानी लड़की, याद है मुझे आज भी कल ही की बात सी। चेहरा नहीं भूलता उसका तीखी खूबसरत सी नाक थी। रूखे सूखे से बाल तन […]
गज़ल ——- जहर यह उम्र भर का एक पल में पी लिया हमने। तुम्हारे साथ जन्मो जन्म रिश्ता जी लिया हमने। 1.मुकम्मल ना हुआ तो क्या इश्क को जी लिया हमने कहते हैं आग का […]
अब क्यों धीर धरे हो अधीर बनो, अधीर बनो मां भारती के लाल तुम हो सर्व शक्तिमान विजय की पताका ले हाथ दुश्मन की ग्रीवा का रक्त पीने वाली तुम शमशीर बनो, शमशीर बनो अब […]
अब क्यों धीर धरे हो अधीर बनो, अधीर बनो मां भारती के लाल तुम हो सर्व शक्तिमान विजय की पताका ले हाथ दुश्मन की ग्रीवा का रक्त पीने वाली तुम शमशीर बनो, शमशीर बनो अब […]
किताबें ——– किताबे गुमसुम रहती हैं आवाज़ नहीं करती। सुनाती सब कुछ है लेकिन बड़ी खामोश होती है। छुपा लेती है सब कुछ बस, घुटन वो खुद ही सहती हैं। दफन कर लेती बेचैनी, दुख […]
कल उस बात को एक साल हो गया वख्त नाराज़ था मुझसे न जाने कैसे मेहरबान हो गया मेरी धड़कन में आ बसा तू ये कैसा कमाल हो गया कल उस बात को एक साल […]
मेरे देश मुझे तेरे आंचल में अब रहने को दिल करता है जो जख्म दिए अंगारों ने उसे सहने को दिल करता है कांटो पर जब तू चलता था हम चैन से घर में सोते […]
चलो थोडा दिल हल्का करें कुछ गलतियां माफ़ कर आगे बढें बरसों लग गए यहाँ तक आने में इस रिश्ते को यूं ही न ज़ाया करें कुछ तुम भुला दो , कुछ हम भुला दें […]
तुम आए भी ओर चले गए मोहब्बत की सजा दे ही गए ना इजहार किया ना इकरार किया बस खामोशी से दिल को तार तार किया गलती तुम्हारी नही हमारी है जो अपनी बेवफा किस्मत […]
🥀आखिर क्या बदला बेटी के लिए 🥀 जब पिता की तरफ से दहेज आता था तो पति कहता था तो कितना लाई तेरे आने पर पति की तरफ से दहेज आता है तो पति कहता […]
छल और प्यार में से क्या चुनूँ जो बीत गया उसे साथ ले कर क्यों चलूँ पतंग जो कट गई डोर से वो खुद ही कब तक उड़ पायेगी हालात के थपेडों से बचाने को […]
कौन है शोषित कौन है शोषक कैसे फर्क करोगे? स्वर्ग द्वार भारत को कैसे नर्क कहोगे? बस में सफर करते हुए यही बात मैं सोच रहा था। भरे सीट थे सारे उसके फिर भी सवारी […]
🌺”प्रेम एक पूर्ण शब्द है अपूर्णता से पूर्णता की ओर ले जाने वाला। जितना अधूरा उतना कामयाब अखंड ज्योति सा हृदय में उम्र भर सुलगने वाला।”” – निमिषा🌺
वख्त जो नहीं दिया किसी ने उसे छीनना कैसा उसे मांगना कैसा छिनोगे तो सिर्फ २ दिन का ही सुख पाओगे और मांगोगे तो लाचार नज़र आओगे छोड़ दो इसे भी वख्त के हाल पर […]
💐 शायरी 💐 पंछियों के बगीचे आसमान में होते हैं बुद्धिमानी के चर्चे जहान में होते हैं उठाकर जो चलते हैं ज्ञान की वैशाखी हजारों सितारे उसकी शान में होते हैं
हम उन्हे और भी ज्यादा चाहने लगे। जब से वो हमे बेवफा नजर आने लगे।।
शायर 🌺——🌺 शब्दों के तीरों से भरे तरकश सा व्यवहार करते हैं… शायर भी क्या खूब यार करते हैं। एक एक तीर से घायल हजार करते हैं, अपने टूटे दिल के टुकड़े समेटकर, जख्मों की […]
चंदन ! तुम सर्प लपेटे रहते हो। तुम शीतल हो तुम निर्मल हो, खुशबू तेरे भीतर है। वैर नहीं है तुम्हें किसी से हृदय बड़ा पवितर है।। मलयाचल पर बने तपस्वी दूर अकेले रहते हो। […]
नब्ज देख के बतला दो मुझे कौन-सा रोग है। दिल में तुझे बसाकर भी आखिर क्यों वियोग है।।
बूँद-बूँद से मैं दरिया बन जाऊँ। तिश्नगी का मैं ज़रिया बन जाऊँ। डूबाने की मंशा बिलकुल नहीं है, ज़िन्दगी का मैं नज़रिया बन जाऊँ। देवेश साखरे ‘देव’
नींद अक्सर आती नही है रातो मे, मन उलझा रहता है अजीब बातों में। बहुत उधेड़बुन है यार हमारी जिन्दगी मे, आपसे अपना हाल कहते है हकीकत मे।।
ज्यादा मजबूत हृदय का दावा करने वाले अक्सर बंद कमरे में रोया करते हैं। निमिषा सिंघल
नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। चहुँओर खुशबू को है बिखरना परन्तु सरल समीर साथ न देती।।
नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। खुशबू है चहुँओर बिखरने को तैयार पर ये बेवफा पवन साथ न देती।।
काश इश्क करने से पहले भी एक राज़ीनामा ज़रूरी हो जाये जो कोई तोड़े तो हो ऐसा जुर्माना जो सबकी जेबों पर भारी हो जाये फिर देखो बेवज़ह दिल न फिसला करेंगे इश्क की गलियों […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी याद से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
पता नहीं इबादत के किस मोड़ पर हूं तेरी जरूरत भी नहीं तेरी कमी भी है होठों पर हंसी और आंखों में नमी भी है तेरे जाने का मलाल भी नहीं तेरे आने का इंतजार […]
हमें दुश्मन समझ कर बङा पछताओगे आप ! करके भरोसा खुद्दारों पर… अरें ! करके भरोसा खुद्दारों पर.. खङे-खङे ही गिर जाओगे आप !! हमें दुश्मन समझ कर बङा पछताओगे आप ! ! :- सोमनाथ
बारिश से कहो यूं न आया करे मुझे तेरा उनके बगैर आना अच्छा नहीं लगता तूने आने से पहले दस्तक तो दी थी सर्द मौसम में भिगोने की जुर्रत तो की थी जितना चाहे रिझा […]
ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता, कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां। खुश है कि रूठा हुआ है किसी से, इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता?
इंसान और मै मन्दिर , मस्जिद नहीं देखता हूं उस में बेठा भगवान देखता हूं हिन्दू, मुस्लिम नहीं देखताहू इंसान में इंसान देखता हूं हैरान हूं मै यह देखकर लोग पूछते है मेरा धर्म कोनसा […]
बर्फ़ गिर रहा है सर्द चमन में निशा के तम में कोई सड़क पर रो रहा है बर्फ़ गिर रहा है निल गगन में, बिना ओट के कोई सड़क पर सो रहा है बर्फ़ गिर […]
बन बंजारा बन -बन भटकत है मन मेरे तु कहा अटकत है तुझे ढूढन को में मन्दिर-मन्दिर फिरत तू मेरे मन मन्दिर में बसत है हर एक गोपी को पूंछा करता दिल को अपने, अंगारों […]
मैंने उन्हें एक ख़त भिजवाया है एक लिफाफे में उसे रखवाया है देखने में कोरा न लगे,इसलिए उस लिफाफे को खूब सजाया है जो पहुचेगा वो उनके हाथों में रख देंगें वो उसे किताबें में […]
कविताएं गढ़ना जानते हो, भावनाएं पढ़ना कैसे भूल गए? कुछ शब्द उधार ही मांगे थे, तुम उन्हे चूकाना भूल गए। लिखनी बराबर चलती रही, पर दोस्त बनाना भूल गए। हमने तो हंसी बस मांगी थी, […]
पहले पढ़ता था फर्क तूफान आते जाते थे जबसे गहराइयों से नाता जोड़ा है तेरे ध्यान में मग्न हो भीड़ में भी संसार से नाता तोड़ा है। निमिषा सिंघल
कभी किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना ! कभी.. किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना ! मेरे यार… बदनाम हो जाओगे ! ये मोहब्बत की बिमारी ये… मोहब्बत की बिमारी है […]
उनका प्यार से इनकार करना भी अब तो ऑनलाइन है। अब ये कौन सी डिजिटल इंडिया की नयी गाईडलाईन है।।
नहीं बन सके महान धरा पर, इंसानियत का बने सहारा, जग रूठे पर रब ना रूठे, ऐसा हो सेवा भाव हमारा। दीन हिन् बिखरता वैभव, कुंठित हुई भावनाये ऐसे, शव समान रिश्ते ऐठे है, मन […]
खुदा से शिकायत हो तोह कभी गरीबों की बस्ती जाओ जनाब कितने खुशनसीब हो पता चल जाएगा
जनवरी सपना दिखाती है दिसंबर गलतियां अपने गलतियों से सीख और आगे बर अपने सपनो पर नव वर्ष की हार्दिक अभिनंदन
KITAABON KO KHULA CHHOD KR WO USKE MESSAGE KA RPLY KRTA HAI !! DEKHO TO ISE WO KISI SE WAFA KISI SE BEWFAAI KRTA HAI !! KHUD KHALI PAIT HAI YE OR USNE KHANA KHAYA […]
इस भीड़ अपार में, सैकड़ों – हजार में, ढूंढ पाना है मुश्किल हमसफर, छिपा होता है दुश्मन यार में। नहीं होता जहां में कोई अपना, साथ छोड़ देते सभी मझधार में। करते हैैं साथ निभाने […]
एक कलमकार ————- जीता है हर किरदार एक कलमकार! जिंदगी की हर कसौटी पर खुद को खुद ही कसता है। उसकी कलम उत्तम लिखे इसीलिए लगातार घिसता है। उसकी लिखी हर कहानी हर गीत श्रोताओं […]
कमाल हो तुम! कैसे जीते हो तुम? इस जहरीले नशीले अंदाज़ के साथ। कभी आग कभी पानी रोज़ ही लिखते हो एक नई कहानी । पल में तोला पल में माशा मोहब्बत का अक्सर बना […]
वो हंस रही थी मुझ पर मेरा कत्ल हो रहा था। इश्क का जारी फतवा सरेआम हो रहा था। आगोश में जब अपने भर लेना उसको चाहा। वो हर जगह थी दाखिल नज़दीक हो रही […]
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