पपीहे का ज़ुनून देखो, नहीं छोड़ता आस। बारीश की पहली बूंद से ही बुझाता प्यास। चींटी दोगुना बोझ लाद, चढ़ती ऊंचाई पर, गिरती बारम्बार वो, पर करती पुनः प्रयास। वफादारी आज इंसानों में दिखाई नहीं […]
पपीहे का ज़ुनून देखो, नहीं छोड़ता आस। बारीश की पहली बूंद से ही बुझाता प्यास। चींटी दोगुना बोझ लाद, चढ़ती ऊंचाई पर, गिरती बारम्बार वो, पर करती पुनः प्रयास। वफादारी आज इंसानों में दिखाई नहीं […]
मेरे सपने बेशक जरूर बड़े हैं, पर आसमां छूने की चाह नहीं । जमीं पर रह, कुछ ना कर गुजरूं, इतना भी ‘देव’ गुमराह नहीं ।
जहा विधा को उम्मीद समझा जाए यूवा को देश की नीव समझा जाए चलो ऐसा एक मजहब बनाया जाए जहां ईनसान को ईनसान समझा जाए
मौसम सुहान होते ही मिजाज उनका आशिकाना होने लगता है साँझ ढलते ही हर कवि शायराना होने लगता है कितना भी संभालो इन उंगलियों को हाथ जाकर कलम को छूने लगता है. शायद ये कोई […]
धड़कन को दिल में रहने का हर्जाना चाहिए, महबूब को संग रखने का जुर्माना चाहिए।। राही अंजाना
महफ़िल में तेरे आने का पयाम आया है। हर ज़ुबान पर बस तेरा ही नाम आया है। सब कि नज़रें टिकी रही, तेरी ही राह पर, तेरी निगाहों से बस मुझे सलाम आया है। पढ़ती […]
महफ़िल में तेरे आने का पयाम आया है। हर ज़ुबान पर बस तेरा ही नाम आया है। सब कि नज़रें टिकी रही, तेरी ही राह पर, तेरी निगाहों से बस मुझे सलाम आया है। पढ़ती […]
कहीं से कहीं तलक कोई और नज़र आता नहीं, बचपन में खेल के सिवाये कोई और भाता नहीं, कहाँ से शुरू और कहाँ पर खत्म हो जाते हैं लम्हें, ढूंढने निकलो तो कोई ओर छोर […]
कितनी ऊँची अटल अम्बारी है निर्मल, कोमल और सबसे न्यारी है माँ -बाप की तू दुलारी है तू गर्व कर तू नारी है. दुनिया समझें तू तो एक बेचारी है हमेशा दबकर रहने की तेरी […]
प्यासी धरती है पुकार रही बादल तू बरस न गरज बस तू बरस हो रोम रोम पुलकित मेरा खिले अंकुर नया मिले नवजीवन इन फूलों को इन पौधों को खिल जाए यह चमन इंद्रधनुषी रंगों […]
आँखों ही आँखों में, जाने कब बड़ी हो जाती है देखते ही देखते, वो घड़ी भी आ जाती है न चाहते हुए भी, अपने दिल के टुकड़े को खुद से जुदा करने की, बारी आ […]
मैं भाई नहीं तेरा फिर भी तू मेरी बहन है, मैं हूँ काया दिलों का जिसकी तू जहन है,, मेरी मौत को मैं खुद सलाम करता हूँ, मैं राख हूं दीदी जिसकी तू दहन है। […]
तू खोल खिड़की, कुछ लाया हूं तेरे लिए, नाराज मत हो बहन, बस आया हूँ तेरे लिए,, मैंने खरीदे है दीपक की रोशनी तेरे प्यार के, आगन इससे सजाया हूं बहन बस तेरे लिए। Rajjnneesh […]
क्यों चलाते हो तेज गाड़ियाँ, ऐसी तो कोई मजबूरी नहीं । मंजिल तक पहुँचना जरूरी है, जल्दी पहुँचना तो जरूरी नहीं ।। चंद मिनट बचे भी तो क्या, जब जिंदगी होगी पूरी नहीं । फासले […]
पत्नी के लिए मां बाप को डांटने वाले तुम होते कौन हो उन पर रौब झाड़ने वाले उनके समर्पण को माना भुला दिया इतना अभिमान कि उनको रुला दिया उनके एहसानो को नकारने वाले तुम […]
एक नन्हा सा पेड़ आज ही अंकुरित हुआ अब उसपर जिम्मेदारी बड़ी और भारी है सारा जीवन उसका प्रदूषण मे कटेगा उसकी यही अब लाचारी है. हवा पानी और खान पान, पेड़ पर भी इसका […]
भारत का गुणगान होगा, तू बचाना अपनी जान, तुझे तेरी ओका, दिखा देंगे पाकिस्तान, चाँद तो तेरा अब मामा नहीं, ये ले तू जान, क्योंकि उसपे अब, तेरा बाप खड़ा है हिंदुस्तान.
दुनिया की सबसे पुरानी तेरी मेरी प्रीत मैं हूँ तेरा Pagal भैया तू है मेरी दीदी आप दुनिया के सबसे अच्छे दीदी ho I love you Pratibha didi
मुझे है मुहब्बत बहन से अपने मेरे बहन जैसा कोई बहन दुनिया मे नही वो मुझे बहुत प्यार करती है दीदी मेरी दुनिया तेरे आंचल मे I love my Pratibha didi बहुत प्यार करते है […]
न कोई चेहरा न, कोई गगन चाहिए, मुझे तो बस अपनी बहन चाहिए। I love my Pratibha didi I love you very very very much infinite. I can’t express in words
न रिश्ता कोई हमसा, फिर भी वही लगाव है। वो है मेरी पागल बहना , येसा मेरा भाव हैl Rajneesh
भाई नहीं कोई उसका, मगर मुझे भाई कहकर बुलाती है। जब जब याद आती है मुझे उस बहन की, आँसू खुद बा खुद निकल आती है।। Rajjnneesh
रह जाता हूँ याद करके तस्वीर किसी की, है मेरी जैसी न है तक़दीर किसी की,, उलझन में भी आता है हमे इक समझ, उड़ा देती है होश मेरे तीर किसी की। Rajjnneesh
मेरे कानो को गीत सुनाता रहा कोई, था दूर मैं पास बुलाता रहा कोई,, नींद आती नहीं थी बग़ैर देखे उसे, हाथो मे लिए तस्वीर सुलाता रहा कोई। Rajjnneesh
हसी के बाद इक ग़म आया शहीद ये दोस्त का नमन आया
मैं दिन नहीं रात में आऊंगा, ख़्वाब हूँ ख़्वाब में आऊंगा, न देखो मुझे इस कदर यारों, जो आऊंगा रुवाब में आऊंगा,
चाहें जहाँ भी छुपना चाहा हर बार पकड़ा गया, रास्ता साफ दिखने वाला भी अक्सर पथरा गया, बड़े प्यार से काम पर काम निकलता रहा पहले, फिर नज़रें मिलाने वाला भी बचकर कतरा गया।। राही […]
जब कृष्णा को अक्रूर जी मथुरा ले जाते है, तो जशोदा मां कहती है, “सूल होत नवनीत देखि मेरे, मोहन के मुख जोग|” तब मां की सह्र्दयता अपने ममतामयी रूप में प्रस्तुत होती है| (सूरदास […]
अज्ञानता के तिमिर को हटाकर, फैलाए ज्ञानता का पून्ज, वो है हमारे शिक्षक महान, मां सरस्वती के वे हैं वरदान, उन पर है हमें अभिमान, उन्हें करती मैं शत् शत् नमन, हमारी उपलब्धि के हैं […]
जहाँ तलक नज़र आता है कहर है, बाढ़ में डूबा हुआ ये जिन्दा शहर है, सिसकियाँ हैं कहीं तो दबी सुनो तो, किस किसने पिया बोलो ये ज़हर है, झूठ बोलते हैं शांत रहता है […]
नदिया का पानी था मीठा, उसे खारा समझा, मेरे अन्दर के दर्द को उसने पारा समझा। नज़र न लगे इसलिए देखते नहीं थे, उसने तो मुझे गालियों वाला आवारा समझा।
हमे कोई अपना, तो कोई पराया समझा, हूँ मैं काली रात, मुझे खौफ का साया समझा।
मैं वो दरिया नहीं जो वह जाऊं किसी नाले में, वो दरिया हूं जो नापती हूं समंदर की गहराई, वो राही नहीं जो भटक जाऊ अपनी मंजिल से, वो शम्मा हूं जो बुझती नहीं इन […]
इतनी भीड़ में भी न जाने कैसे यहाँ सुकूँ मिलता है, एक दूजे को देख ही लोगों का जहाँ पे खूं जलता है, डरते हैं पास से गुजर जाने भर के ख्यालात से राही, वहीं […]
किसी के पीछे नहीं घर से अकेला निकल आया हूँ मैं, लोग कहने लगे के डर के अकेला निकल आया हूँ मैं, वो कैसे देखेंगें दिन और रात के उजाले में मुझको यूँ, ख़्वाब जिनके […]
जो नज़र आया मुझे तो उस आरिश में खो जाऊंगा, होजाये गर जो बारिश तो उस बारिश में सो जाऊंगा, लगे हैं लोग रास्ता भटकाने की फ़िराक में यारों मेरा, लगाता है मैं खुद शामिल […]
अपनी ही बनाई कैद से रिहाई हो न पाई, दिल की धड़कन से ही जुदाई हो न पाई, तरसती रहीं मेरी आँखें देखने को उसको, ता उम्र यूँही कटी मगर मिलाई हो न पाई, रिश्तों […]
मन के दरवाजे में हजार चहरे छुपाये बैठ गया, ढूढ़ न ले कोई मुझे बहार पहरे लगाये बैठ गया, नज़रें मिलाईं कभी नज़रें बचाई उस ज़ालिम से, फिर एक दिन भरे बाज़ार सहरे लगाये बैठ […]
तेरे चाहने से पाकिस्तान मेरी सांसे कम ना होंगी, हिम्मत से दम भरूंगा इतना, मेरी सांसे सरहद तक तुझे सुनाई देंगी. सुनकर जय जय कार मेरी, कान तूने बंद कर लिए, सिर्फ 370 लगाकर ही […]
जेब मे भरकर नोट, और मन मे भर कर खोट, दुसरो के लिए गढ्डा खोद, पाप की गठड़ी कंधो पर उठा , चला ढूंढने बरगद की ओट. पैसा खूब कमा लिया, और सोचे पैसा ही […]
मेरे जीवन के अहम इंसान तुम्ही से स्पन्दित यह विश्व महान सरस्वती माँ के तुम सारथी हो तुम्ही से ज्ञान की गंगा का उत्थान मेरा नमन स्वीकार करें पथ मेरा आप सदा प्रदर्शित करें अपने […]
जन्मे थे दोनों साथ साथ फिर भेद आ गया क्यों मन मे। एक बेटा है एक बेटी है सुन शोक छा गया क्यों घर में। भईया की बलैया की खातिर सब आए थे बारी बारी […]
कलम की ताकत का एहसास करता है शिक्षक, कमजोर बच्चों में भी उत्साह जगाता है शिक्षक, जो भटक जाये कोई तो राह दिखाता है शिक्षक, छुटपन से ही संस्कारों का पाठ पढ़ाता है शिक्षक, रोशनी […]
अज्ञानता का मिटा अंधेरा ज्ञान की ज्योत जलाते हैं अथाह शब्दों का भंडार लिए जीवन पथ सुगम बनाते हैं बाधाओं से पार कराते ज्ञान का चक्षु खुलवाते हैं प्रतिदिन विद्यालय में आकर नित नवीनता से […]
सर्वप्रथम गुरु का स्थान। तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान। प्राचीन काल से ही, गुरुओं ने दिए संस्कार। किताबी ज्ञान के साथ, सांसारिक नीति व्यवहार। धर्म-अधर्म का ज्ञान दिया, बना जीवन का आधार। असंभव गुरुओं के बिना, […]
आज भी वो दिन याद आते है उसे भुलाऊ कैसे ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे… बचपन में कलम थमाई थी आपने, आज वो कलम झुमती है एसे ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ […]
टीचर हमको रोज पढ़ते। नित नया ज्ञान दे जाते। हमारे उज्जवल भविष्य की नीव वो रखते। अध्यन की सारी समस्याओ की गुत्थी सुलझाते। टीचर हमको रोज पढ़ते। बड़ो का सम्मान है करना । छोटो से […]
बादलों से इक किसान पुछता रहा, महीना तो आया सावन, भीगी नहीं जमीं की लाज। बोलो भला कैसी रही यह गर्मी की मार, खेतों को बंजर देख उद्वर लगी आग। ऐठी माटि हाथ दिये पसार, […]
शीर्षक – भारत माँ का बेटा माँ मुझे भी मँगा दे बन्दूक मैं भी सीमा पर लडने जाऊँगा मैं बच्चा अब नहीं रहा मैं भारत का लाज बचाऊँगा चीन पाकिस्तान को खदेड़ दुश्मन का चीता […]
शीर्षक – बदलाव झूठ के आगे सच दबता जा रहा हैं साहेब अमीर के आगे गरिब रौदा जा रहा साहेब झूठ फलता फुलता आगे बढता जा रहा साहेब सच को झोड झूठ का साथ दे […]
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