ये जो कलम की ताकत है ज़नाब, ख़ाक से उठा, आसमां तक पहुँचा सकती है।।
ये जो कलम की ताकत है ज़नाब, ख़ाक से उठा, आसमां तक पहुँचा सकती है।।
बन्द कर लो बेशक ऑंखें मर्ज़ी तुम्हारी सही, तुम्हारी आँखों से मुतासिर आँखें हमारी सही।। राही अंजाना मुतासिर – प्रभावित
शब्दों का भंडार लिए ज्ञान का प्रकाश लिए हर घर आंगन दिखती है जीवन का सारांश लिए। यूँ तो रहती मौन है फिर भी बहुत वाचाल है नेत्रहीन है स्वयं में लेकिन सबको दिखाती संसार […]
मेरी बिटिया ————— नन्ही मुन्नी गुड़िया सी, मीठी-मीठी पुड़िया सी । बातें करती गपर- गपर। वो हंसे तो खिलती धूप मगर। लड़ ती, भिड़ती, रोती ,हंसती जैसे धूप- छांव हंसती खिलती। लड़ने में रानी झांसी […]
जब भी खुद को मुश्किलों में पाया है, ये मालिक तुम्ही ने दिया सहारा है, भले ही नज़रों से नज़र नहीं आते हो, यकीनन तुमने ही हरदम मेरा हाथ थामा है।
बात इस दिल की दिल में रख लो तो अच्छा लगे, सपनों में ही सही मुलाकात रखलो तो अच्छा लगे, देखकर तुमको मैं ज्ञानी गूढ़ भी मूढ़ ही हो जाता हूँ, सुनो बातों की तुम्हीं […]
गलतफहमियों की कितनी और किश्तें बाकी रह गईं, इंसानों की कितनी और देखनी किस्में बाकी रह गईं।। नज़र-नज़ारे दिल-दिमाग और जुदाई सबपे लिखा मैंने, कहना मुश्किल है के और कितनी नग्में बाकी रह गईं।। राही […]
ठान लूँ गर मैं तो कुछ भी कर सकती हूँ ठान लूँ गर मैं तो असंभव भी संभव कर सकती हूँ ठान लूँ गर मैं तो बुलंदियाँ छू सकती हूँ ठान लूँ गर मैं तो […]
खबर मिली है के सबको ही ज़रा खबरदार रहना है, अपनों को अपनों से ही सम्भलकर मेरे यार रहना है, करली बहुत सी बेवकूफियां तुमने अब छोड़ो सबको, सुनो इस दुनियां में तुम्हें थोडा तो […]
सोये हुए मेरे अरमानों को उठाने आया था कोई, कल रात मुझको चुपके से जगाने आया था कोई, के एक उम्र बीत गई थी अँधेरी चार दिवारी में मेरी, खुले आसमाँ में मुझको सैर कराने […]
यूँ गर हाथों में हाथ तुम्हारा होगा जिंदगी का हर सफर सुहाना होगा बिता जाएंगे अंतिम लम्हों को भी मुस्कुराके गर आखिरी साँस तक साथ तुम्हारा होगा।।
इतिहास बदलना ही होगा ——————————– बस बहुत हुई झूठी गाथा , मियां मिट्ठू ज्ञान भी बहुत हुआ। स्वर्णिम इतिहास के गाथा का, झूठ लिखकर अपमान भी बहुत हुआ असली सेनानी गायब हैं, इतिहास के स्वर्णिम […]
प्रकृति की कैसी भयावह दृष्टि। कभी अनावृष्टि, कभी अतिवृष्टि। संजोये सपनों के, मकान ढह गए। जान, सामान संग अरमान बह गए। पानी की तेज रवानी से, जीते वह जो, जीवन-मृत्यु का द्वंद्व घमासान सह गए। […]
इंसान ही नहीं परिंदे भी नाराज़ लगते हैं, सच के पीछे छिपे हमेशा राज़ लगते हैं, राही अंजाना
एक दूजे से मिलने की अनोखी आरज़ू रखते हैं, चराग हवाओं से लिपटकर भी आबरू रखते हैं, ब मुश्किल कुछ पल की मुलाकात के खातिर, बड़ी हिम्मत जुटाते वो खुद को रूबरू रखते हैं, राही […]
माना कि हूं अकेली, सहारा न चाहिए माना कि मौन हूं मै, इशारा न चाहिए। मेरी ख़ामोशी को तुम क्या समझोगे तुम तो शब्दों को जानते हो तुम्हारा नाम ‘जमाना ‘…. है तुम केवल कामयाबी […]
कुछ लोग इलाके में अपनी धाक रखते हैं। कुछ लोग दौलत पर अपना हक रखते हैं। ना सियासत, ना वसीयत की चाह हमें ‘देव’, हम तो दिलों में बसने का शौक रखते हैं।
चोर मचाए शोर ——————- चोर मचाए शोर -शोर जी , अजब देश का हाल, गाल बजाकर गाना गाए, चोर -चोर का शोर मचाए अंदर से बेहाल। मुंह के यह वाचाल मति गई इनकी मारी । […]
आंखो ने आंखो में झांका, ना जाने क्या-क्या कह डाला। अदृश्य लिखावट पढ़ ली मैंने, मौन स्वीकृति गढ़ ली मैंने। निमिषा
आंखो ने आंखो में झांका, ना जाने क्या-क्या कह डाला। अदृश्य लिखावट पढ़ ली मैंने, मौन स्वीकृति गढ़ ली मैंने। निमिषा
पपीहे का ज़ुनून देखो, नहीं छोड़ता आस। बारीश की पहली बूंद से ही बुझाता प्यास। चींटी दोगुना बोझ लाद, चढ़ती ऊंचाई पर, गिरती बारम्बार वो, पर करती पुनः प्रयास। वफादारी आज इंसानों में दिखाई नहीं […]
मेरे सपने बेशक जरूर बड़े हैं, पर आसमां छूने की चाह नहीं । जमीं पर रह, कुछ ना कर गुजरूं, इतना भी ‘देव’ गुमराह नहीं ।
जहा विधा को उम्मीद समझा जाए यूवा को देश की नीव समझा जाए चलो ऐसा एक मजहब बनाया जाए जहां ईनसान को ईनसान समझा जाए
मौसम सुहान होते ही मिजाज उनका आशिकाना होने लगता है साँझ ढलते ही हर कवि शायराना होने लगता है कितना भी संभालो इन उंगलियों को हाथ जाकर कलम को छूने लगता है. शायद ये कोई […]
धड़कन को दिल में रहने का हर्जाना चाहिए, महबूब को संग रखने का जुर्माना चाहिए।। राही अंजाना
महफ़िल में तेरे आने का पयाम आया है। हर ज़ुबान पर बस तेरा ही नाम आया है। सब कि नज़रें टिकी रही, तेरी ही राह पर, तेरी निगाहों से बस मुझे सलाम आया है। पढ़ती […]
महफ़िल में तेरे आने का पयाम आया है। हर ज़ुबान पर बस तेरा ही नाम आया है। सब कि नज़रें टिकी रही, तेरी ही राह पर, तेरी निगाहों से बस मुझे सलाम आया है। पढ़ती […]
कहीं से कहीं तलक कोई और नज़र आता नहीं, बचपन में खेल के सिवाये कोई और भाता नहीं, कहाँ से शुरू और कहाँ पर खत्म हो जाते हैं लम्हें, ढूंढने निकलो तो कोई ओर छोर […]
कितनी ऊँची अटल अम्बारी है निर्मल, कोमल और सबसे न्यारी है माँ -बाप की तू दुलारी है तू गर्व कर तू नारी है. दुनिया समझें तू तो एक बेचारी है हमेशा दबकर रहने की तेरी […]
प्यासी धरती है पुकार रही बादल तू बरस न गरज बस तू बरस हो रोम रोम पुलकित मेरा खिले अंकुर नया मिले नवजीवन इन फूलों को इन पौधों को खिल जाए यह चमन इंद्रधनुषी रंगों […]
आँखों ही आँखों में, जाने कब बड़ी हो जाती है देखते ही देखते, वो घड़ी भी आ जाती है न चाहते हुए भी, अपने दिल के टुकड़े को खुद से जुदा करने की, बारी आ […]
मैं भाई नहीं तेरा फिर भी तू मेरी बहन है, मैं हूँ काया दिलों का जिसकी तू जहन है,, मेरी मौत को मैं खुद सलाम करता हूँ, मैं राख हूं दीदी जिसकी तू दहन है। […]
तू खोल खिड़की, कुछ लाया हूं तेरे लिए, नाराज मत हो बहन, बस आया हूँ तेरे लिए,, मैंने खरीदे है दीपक की रोशनी तेरे प्यार के, आगन इससे सजाया हूं बहन बस तेरे लिए। Rajjnneesh […]
क्यों चलाते हो तेज गाड़ियाँ, ऐसी तो कोई मजबूरी नहीं । मंजिल तक पहुँचना जरूरी है, जल्दी पहुँचना तो जरूरी नहीं ।। चंद मिनट बचे भी तो क्या, जब जिंदगी होगी पूरी नहीं । फासले […]
पत्नी के लिए मां बाप को डांटने वाले तुम होते कौन हो उन पर रौब झाड़ने वाले उनके समर्पण को माना भुला दिया इतना अभिमान कि उनको रुला दिया उनके एहसानो को नकारने वाले तुम […]
एक नन्हा सा पेड़ आज ही अंकुरित हुआ अब उसपर जिम्मेदारी बड़ी और भारी है सारा जीवन उसका प्रदूषण मे कटेगा उसकी यही अब लाचारी है. हवा पानी और खान पान, पेड़ पर भी इसका […]
भारत का गुणगान होगा, तू बचाना अपनी जान, तुझे तेरी ओका, दिखा देंगे पाकिस्तान, चाँद तो तेरा अब मामा नहीं, ये ले तू जान, क्योंकि उसपे अब, तेरा बाप खड़ा है हिंदुस्तान.
दुनिया की सबसे पुरानी तेरी मेरी प्रीत मैं हूँ तेरा Pagal भैया तू है मेरी दीदी आप दुनिया के सबसे अच्छे दीदी ho I love you Pratibha didi
मुझे है मुहब्बत बहन से अपने मेरे बहन जैसा कोई बहन दुनिया मे नही वो मुझे बहुत प्यार करती है दीदी मेरी दुनिया तेरे आंचल मे I love my Pratibha didi बहुत प्यार करते है […]
न कोई चेहरा न, कोई गगन चाहिए, मुझे तो बस अपनी बहन चाहिए। I love my Pratibha didi I love you very very very much infinite. I can’t express in words
न रिश्ता कोई हमसा, फिर भी वही लगाव है। वो है मेरी पागल बहना , येसा मेरा भाव हैl Rajneesh
भाई नहीं कोई उसका, मगर मुझे भाई कहकर बुलाती है। जब जब याद आती है मुझे उस बहन की, आँसू खुद बा खुद निकल आती है।। Rajjnneesh
रह जाता हूँ याद करके तस्वीर किसी की, है मेरी जैसी न है तक़दीर किसी की,, उलझन में भी आता है हमे इक समझ, उड़ा देती है होश मेरे तीर किसी की। Rajjnneesh
मेरे कानो को गीत सुनाता रहा कोई, था दूर मैं पास बुलाता रहा कोई,, नींद आती नहीं थी बग़ैर देखे उसे, हाथो मे लिए तस्वीर सुलाता रहा कोई। Rajjnneesh
हसी के बाद इक ग़म आया शहीद ये दोस्त का नमन आया
मैं दिन नहीं रात में आऊंगा, ख़्वाब हूँ ख़्वाब में आऊंगा, न देखो मुझे इस कदर यारों, जो आऊंगा रुवाब में आऊंगा,
चाहें जहाँ भी छुपना चाहा हर बार पकड़ा गया, रास्ता साफ दिखने वाला भी अक्सर पथरा गया, बड़े प्यार से काम पर काम निकलता रहा पहले, फिर नज़रें मिलाने वाला भी बचकर कतरा गया।। राही […]
जब कृष्णा को अक्रूर जी मथुरा ले जाते है, तो जशोदा मां कहती है, “सूल होत नवनीत देखि मेरे, मोहन के मुख जोग|” तब मां की सह्र्दयता अपने ममतामयी रूप में प्रस्तुत होती है| (सूरदास […]
अज्ञानता के तिमिर को हटाकर, फैलाए ज्ञानता का पून्ज, वो है हमारे शिक्षक महान, मां सरस्वती के वे हैं वरदान, उन पर है हमें अभिमान, उन्हें करती मैं शत् शत् नमन, हमारी उपलब्धि के हैं […]
जहाँ तलक नज़र आता है कहर है, बाढ़ में डूबा हुआ ये जिन्दा शहर है, सिसकियाँ हैं कहीं तो दबी सुनो तो, किस किसने पिया बोलो ये ज़हर है, झूठ बोलते हैं शांत रहता है […]
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