उंगली पकड़ कर थामा था जिसका हाथ पता नहीं क्यों वो छोर गया मेरा साथ मेरे अनकही बातों को समझने वाले जज़बात पता नही क्यों खुदा को नहीं आया रास मेरे सभी ख्वाइशों को सुनने […]
उंगली पकड़ कर थामा था जिसका हाथ पता नहीं क्यों वो छोर गया मेरा साथ मेरे अनकही बातों को समझने वाले जज़बात पता नही क्यों खुदा को नहीं आया रास मेरे सभी ख्वाइशों को सुनने […]
वो क्या जिए ज़िन्दगी जो रिवाज से जिए, जो हम जिए, बेफ़िक्र-ओ-ख़ुशमिज़ाज से जिए. अब तक न हो पाया तो कोई अफ़सोस नहीं, जिसे जीना हो खुल के, वो बस आज से जिए.
Rin Rishi ke R se Rin ki maina aaj jaani maine, mukam e zindagi aaj wahi khadi hai yeh jaani maine… Bhut aasaan tha bachpan main ganit, maina rin ki na pehchani maine… Plus aur […]
ये दिल हर एक पे निसार मत करना , क्या खबर किस जगह पे रुक जाये सास उसका एतबार मत करना आईने की नज़र न लग जाये इस तरह से श्रृंगार मत करना ……..@आजीज शेख…।
हँसो, के मैं जहाँ जा रहा, वहां तुम्हारी सोच भी नहीं जाती | हँसो, के मेरी आँखें जो सपने संजोए हैं, तुम्हारी देख भी नहीं पाती | हँसो, तुम हँसो | हँसो, के तुम्हारे यार […]
[01] आज का गीत आज का गीत, कुछ इस तरह बना ! मानो किसी बदन पर बेशुमार हुस्न संवरा शब्द : लुभावने तिल की तरह बिखर गए कागज के गुदाज़ बदन पर सौन्दर्य प्रतिमान बन […]
हुनर किसी ज़रिए का मोहताज नहीं होता । कल उन्हीं का है, जो कुछ आज नहीं होता । गिरने से डरता क्यों है, पहले उड़ान तो भर, वो भी सीख जाता, जिनका परवाज़ नहीं होता […]
अपने काँधों पर अपनी ज़िन्दगी को उठाना पड़ा, वक्त के पहिये से कदमों को अपने मिलाना पड़ा, उलझने बहुत मिलीं दिल से दिमाग के रास्ते यूँ के, खुद से ही खुद ही को कई बार […]
असमंजस इसमें बिल्कुल नहीं के बच्चा हूँ मैं, बात ये है के ज़हन से अभी भी कच्चा हूँ मैं, आ जाऊँ बाहर या माँ की कोख में रह जाऊँ, सोच लूँ ज़रा एक बार के […]
ज़मी पर जब भी गिरूँ आसमां से उठाने आता है, सोये हुए ख्वाबों को वो मेरे रोज़ जगाने आता है, दिखता किसी को नहीं ढूंढते सब हैं ठिकाने उसके, एक वो है जो राही को […]
खामोश दिखने वाले अक्सर बहुत बोला करते हैं, अपने ही अंतर्मन को वो हर दम टटोला करते हैं, जिज्ञासा छिपती है पर चेहरे पर दिख जाती है, कभी कभी जब मुख से वो चुप्पी तोला […]
मन में है असमंजस, नहीं आता कुछ समझ, जिस काम को करने पर मिले खुशी,ओंरो को मिले गम ,उस काम को करूं या ना करूं रहता यही असमंजस। मन में है असमंजस, घर पर हो […]
गरीबी की हर शय को मात देने को बैठा हूँ, मैं उम्र के इस पड़ाव को लात देने को बैठा हूँ, मजबूत हैं मेरे काँधे कुछ इस कदर मेरे दोस्तों, के मैं अपने सपनों को […]
किस असमंजस में पड़ा इंसान। किस दोराहे पे खड़ा इंसान ।। दौलत के रिश्ते हैं, रिश्तों की यही अहमियत है । वक्त के साथ अपने, जज़्बात बदलने की सहुलियत है । जरूरत खत्म, रिश्ते खत्म, […]
दिल की कलम से ये पैगाम लिखता हूं। तुम्हारे हिस्से खुशियां तमाम लिखता हूं। खुशियों से रोशन हो हर राह तुम्हारा, नये साल का नया कलाम लिखता हूं।।
लोग पुराने अफ़साने लिखते है मैं नई इबारतें लिखना चाहती हूं
सोचता था मैं कल आएगा नया सवेरा लाएगा पर इस बार भी वही बंजर धरा वही निसहाय मैं वही आंसू थे झोली में मेरी उम्मीद आई चुनाव आए नेता आए वादे भी आए पर दो […]
रिश्तों की उधेड़ बुन में खुद को ही सिलना भूल गया, सबसे मिलने की चाहत में खुद से मिलना भूल गया, बचा नहीं कोई फूल खिले सब मेरी ही फुलवारी के, एक मैं जाने कैसे […]
दिल जोड़ने वालों ने ही दिलों के तार काट दिए, खिलौनों से खेलने वाले बच्चों के यार काट दिए, ब मुश्किल ही बचे थे चन्द किस्से इस बचपन के, सुना है उसके भी किसीने पन्ने […]
माँ की ममता का हिसाब कराना मुश्किल है, दो और दो से ज्यूँ आठ बनाना मुश्किल है, बिछी हुई है यूँ बिसात यहाँ मानो सम्बंधों की, जिसमें अपनों पर ही चाल लगाना मुश्किल है, इंसानों […]
मुझसे मेरा ही एक अभिन्न अंग छीन लिया गया, मानो दिल से धड़कन का ही संग छीन लिया गया, हाथ मलता ही रहा देखकर कुछ कर न सका मैं, बेगुनाह मेरी आँखों से उनका हर […]
यहां हर कोई एक दूजे की कश्ती डुबाने को बैठा है, जान बूझकर ही मासूम सी हस्ती मिटाने को बैठा है, लत लगी है बस निकल जाऊँ किसी तरह सबसे आगे, सोंच लेकर यही पीठ […]
मोहब्बत होती तो मिलने की चाहत भी अजब होती, आँखों से ही आँखों को पिलाने की भी तलब होती, मिलता नहीं किसी शहर में जब ठिकाना कोई कहीं, ज़मी छोड़ के आसमाँ पर बिठाने की […]
खुद को अब किस जगह ढ़ूढ़ूं अब मैं मैं मुझी में खो गई हूं शायद
उम्मीदों की नई सुबह नववर्ष की। सुख – समृद्धि और उत्कर्ष की ।। आगे बढ़ते हैं, कड़वे पल भुला कर। छोड़ वो यादें, जो चली गई रुला कर। मधुर यादों के साथ, आओ नववर्ष का, […]
दर्द तूफान में उजड़ने का नहीं दर्द अपनो का तूफान में मुझे देखकर किवाड़ बंद करने का है
तुम गणनों में जीते हो, हम गणों में जीते हैं। तुम सिफ़र में जीते हो, हम सफ़र में जीते हैं।
नया साल और मेरा प्यार….. अक्सर तेरे ख़्यालों में शाम हो जाया करती थी, अब एक साल और बीत चला तेरे इंतज़ार में, काश कि इस नए साल में मेरा प्यार मिल जाए…..!! अक्सर तेरा […]
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…….. हक नही मुझे कोई फ़रमाइश करने का, हक नही मुझे कोई बेबुनियाद सी जिद्द करने का, सिर्फ तुम्हारी हर ख़्वाहिश पूरी करनी हैं मुझे…. कोई हक नही मुझे अपनी […]
आया नया साल । जीवन मेँ लायेँगे बहार, मन मेँ गायेँगे मलहार, दिल मेँ उमंग की करेँगे पुकार, आया नया साल। सपनोँ को करेँगे साकार, समय को नहीं जाने देँगे बेकार, संकट के सवालों का […]
किसी अनजान से बोझ से झुका झुका ये फल दरख्त़ की झड़ों में ढूंढ़ता सुकून के चन्द पल। कभी मिले पत्तों के नर्म साए तो कभी इनमे छनकर आती कुछ सख्त़ किरणें भी। बहुत रोया […]
नव वर्ष आने को है, कुछ भुलाने को है कुछ याद दिलाने को है, सच कहूँ तो बहुत कुछ सिखाने को है, छुप गई थीं जो बादल के पीछे कहीँ, उन उम्मीदों से पर्दा हटाने […]
दर्द के हर एक कतरे को सहेज कर रखती हूं मैं कब जाने कौन सा कतरा तुम्हे मेरे करीब ले आये
एक दिन गया मैं चिड़ियाघर, एक भी जानवर न था वहां पर । यह देख मैं रह गया हैरान, हर पिंजरे में था एक इंसान ।। एक पिंजरे में लिखा था ‘ भेड़िया दुराचारी ‘ […]
मेरी नज़र के सामने साक़ी को रहने दो। हाथों में जाम है मगर बाक़ी को रहने दो। धधक रही हैं तस्वीरें यादों की दिल में- चाहत की ज़ेहन में झांकी को रहने दो। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मां भारती का सहस्त्र वंदन, रही है आवृत ये गोधुली से यहीं दिगम्बर ये अन्नदाता, लगे है पाथेय संबली से। यहीं पे खेले चराए गैया, जगत खिवैया किशन कन्हैया यहीं त्रिलोकेश सूर्यवंशी, यहीं कपिश्वर महाबली […]
रातभर हम ओस पर खींचा किए थे लकीरें, सुबह को सुरज मुआ दुनिया उड़ा कर ले गया। हमने ज़मीं पर बैठकर इंचों में नापा आसमां, जाना तो माना कहां तारे से तारा रह गया। आंखों […]
हम जब भी थके तो मंजिल को पास बुला लिया। कूछ रास्ता हमने तय किया तो कूछ मंंजिल ने, दोनों ने मिलकर अपना तकदीर बना लिया।।
हम तो नयन बंद कर बैठे थे, आपने हमे ऑखे खोलना सिखाया। हम तो सिर्फ सोना ही जानते थे, आपकी संगत ने हमें जीना सीखा दिया।। पर फक्र न करना ऐ मेरे मालिक, हमें जगाकर […]
अँधेरा कहीं भी हो दूर होना चाहिए, सूरज न सही दिए के माफ़िक जलना चाहिए, क्या हुआ जिंदगी में उदासियाँ बहुत हैं, औरों की ख़ुशी देखकर भी मुस्कुराना चाहिए।
मीलों का पथ, पथरीला भी पथिक हूं मैं भी, चल दूंगा। सारे मौसम शुष्क रहे क्यों बादल हूं मैं, बदल दूंगा। भीष्म बनो तुम, कर्ण बनो तुम पार्थ हूं मैं भी, ध्यान रहे। मार्ग मेरा […]
तारीफ तेरी, नहीं मेरी जुबां करती है । नजरें पढ़ ले, हाले-दिल बयां करती है ।। इश्क में हूँ तेरे आज भी, जहां जानता है, तेरा हुश्ने-मुकाबला, कोई कहाँ करती है ।। माना बरसों पुराना, […]
छोड़ खिड़की दरवाजे अब मुँह पर ताले लगते हैं, जहाँ तहाँ भी देखो अब तुम चुप्पी के गाले लगते हैं, कदम कदम साथ निभाने के अक्सर वादे करते थे, आज सभी के ही मानो जैसे […]
आजादी के इतने वर्षों बाद भी, आजादी को हम जूझ रहे आज भी ।। कभी नक्सलियों, आतंकियों से आजादी, कभी रिश्वतखोरों, भ्रष्टाचारियों से आजादी । कब ली राहत की साँस हमने, भूली बिसरी बातें हैं, […]
ज़िंदगी से हम अपनी कुछ उधार नही लेते, कफ़न भी लेते है तो अपनी ज़िंदगी देकर!!🌹Wahid✍
मैं जितना सुलझता गया वो उतनी उलझती गई, मेरे दिल में उतरती गई आँखों से छलकती गई, डोर इतनी मजबूत बंधी उसकी जुल्फों से जानो, के “राही” की राहें जैसे खुद ब खुद सँवरती गई।। […]
मुट्ठी में छुपा कर किसी जुगनू की तरह ….. हम तेरे नाम को चुपके से पढ़ा करते हैं🌹✍Wahid
हो हार या कि जीत हो, करता रह प्रयास तू।। प्रथम रख तू धर्म को, करता रह तू कर्म को।। कर समस्या का सामना, समाधान तू खोजना।। हो हार या कि जीत हो, करता रह […]
माटी मेरी प्रीत की पल पल पक्की होती जाये देख जीत मेरी प्रीत की, तेरा रंग क्यों फीका पड़ता जाये
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