इंसान ख़ुद ही ख़ुद का है सबसे बड़ा है शिक्षक भटक जाए तो है ख़ुद ही ख़ुद का सबसे बड़ा भक्षक                                                   ……. यूई

मैंने पूछा कैसे ए मालिक तेरा नाम मिलेगा मालिक बोला, नाम मेरा ले कर क्या मिलेगा जां बंदे कर सेवा मेरे बंदो की उसमें ही तुझे मेरा पैगाम मिलेगा                          ……. यूई

सबने ज़िन्दगी का फल्स्फा समझाया पानी है बस शोहरत और दौलत यह है बस मेरे आने का मकसद इसी को पाने से मिलेगा सब आराम किया सब जो भी सबने कहां करके भी सब जां […]

मेहंदी रचे हाथों से मिली उस आपकी आखिरी अलविदा को, हमने दिल से यूँ मान लिया हाथ जोड़ तुम्हारा दिल रख तुम्हारी कब्र की बगल में खोद कर ख़ुद कबर अपनी ज़िन्दगी को सलाम किया […]

जबसे तुमने हमसे मुँह फेर लिया हमने तेरे घर का रास्ता छोड़ दिया हाँ कुछ मयकदो को घर बना लिया अब रिश्ता है यह पूरी बराबरी का ना रुकेंगे जब तक बर्बाद ना होंगे                       […]

दिल में रहते हो तुम घर है यह सिर्फ तुम्हारा बसते थे यहां सदा तुम बसेरा रहेगा स्दीवी तुम्हारा जाना हे तो जांओ पर ना इसे रुलाओ क्या पाओगे इसे तड़पा कर जो ना जी […]

नवल सुबह की नव शुभ किरणें करें सभी का वन्दन , क्रन्दन रुदन से रहे परे , करें सभी का अभिनन्दन, हो देवों की विजय सदा असुरों का संहार करें , सुन्दरता जीवन में खोजें […]

बाहों की पनाहो से हमें ज़ुदा कर गए दिल की दीवारो से भी विदा कर गए मज़बूरीया रही होंगी ज़रूर कुछ ज्यादा यादों के झरोखों से भी अलविदा कर गए                                                 …… यूई

तेरी ज़ुल्फों की पनाहो में हो गुम बुने थे जो प्यार के हसीन सपने जो थे दिल के इतने क़रीब अपने जाने हो क्यों ना सके वोह अपने                                …… यूई

प्यार है दुखिया को हँसना प्यार है भूखे को खिलना प्यार है बच्चो को पढ़ाना प्यार है वफ़ा को निभाना                      …… यूई

शोषक और शोषित दो समांतर रेखाओं की तरह हैं जिनका कभी मिलन नहीं होता इसलिए शोषण का कभी अंत नहीं होता शोषक चाहे अफ्रीका का हो चाहे अमरीका का हो हिंदुस्तान का सीरिया या पाकिस्तान […]

प्यार वफ़ा का वोह गीत है, जो लुभा हमें बार बार गया हर बार यह खूब गाया गया संगीत यह सबका मनमीत है                              …… यूई

नमो नमो  नमो  बुद्धाय। मन हमारा शुद्ध हो जाए। कठोर वाणी त्याग दें। सत्य सबको बांट दे। कमजोरों को हाथ दें। निर्धन का हम साथ दें। अपंग के गले लग जाएं। नमो नमो नमो बुद्धाय। […]

मुर्ख बना मूर्खो को हो रहा नाज देखो मूर्खो का मुर्ख दिवस है आज || मूर्खो पर तुम भी थोड़ा हंस दो भाई मुर्ख हो दूसरों को मुर्ख बनने में लगे है भारतीय है पर […]

तलाक क्या सच में ही होता है इतना आसान चंद तारीखे कुछ ज़िरहे दो दस्तखत खोल दी गिरहे बस निकल लिए पकड़ ख़ुद की राहे हो गए क्या सब हिसाब बँट गए क्या सब हिस्से […]

दोस्त कहा से इतना दर्द लिया लपेट यह विष का जाल लिया अब इस ज़हर को कैसे दहन करू राह् और कोई तो नज़र ना आए अपने शिव से ही अब माँग करू कंठ मेरे […]

जीता कौन है यहा जिंदगी आँखें खोल कर मुर्दा बैठे है ख़ुद इनको ही मालूम नही लाईने मौत की लगा बैठे है दिन रात दौलत की चाह में मरने की तैयारी करके बैठे है कहने […]

ज़िस्म मेरे की खुशबू ने किया था पागल तुझको या मेरी रूह की महक ने किया था दीवाना तुझको उठा कर देख ख़ुद का आइना, फिर बता खुद्को   तेरी बेचैनियों से मिल जाएगी शायद […]

ना पीना आता है मुझको ना पीने की रिवायत आती है सिर्फ इतना मालूम है मुझको जो भी पिलाए ख़ुद के दिल से उस दिलदार पे जान जाती है                          …… यूई

किनारे खेलते से लहरों से कभी जाने कब बीच समुंदर आ गए खेल खेल में पता ही ना चला कब जिंदगी के यह मंज़र आ गए                          …… यूई

ना पीने की कसम खायी थी मैंने फिर क्यों ना जाने मैं कैसे पी गया बदले रंग जमाने ने कुछ इस कदर के ना चाहते हुए भी मैं पी गया                           …….. यूई

बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता फिर पूछते हो क्यों हूँ पीता नशा तेरे इश्क का है इतना सख्त तोड़ने को उसका सरुर मैं हूँ पीता                          …….. यूई

मोहब्बत तेरी इतनी भरी है ज़ज़्बातो में मेरे वक्त कम ना रह जाए कहीं निभाने के लिए डर इसीमें मालिक से एक मरजी माँगी अपनी मरने के बाद निभाने की रिवायत माँगी अपनी                                         …….. […]