जिस चोले को पहन भगत सिंह खेले, अपनी जान पे जिसे पहन कर राज गुरु मिट गए, अपनी आन पे आज उसी को पहन के देश का बच्चा, बच्चा का बोला मेरा रंग दे बसंती […]

सभी मित्रोजनो को होली की अग्रिम शुभकामनाये। आप सबों को होली पर एक भेट! ****** प्रेम-रस का रंग बरसाने निकली भर के झोली में ! क्युँ मैं सखियों से बिछङी क्या आया रास अकेली में […]

    सोमवार, 17 अगस्त 2015 कविता …..खो ग ई मिट्टी की लाली………   खो गई है मिट्टी की लाली। मुरझा गई है धान की बाली॥ सुख गई है बरगद की डाली उजड़ी बगिया रोता […]

……कविता……. अपने काम, आप करो, मजदूरों को माफ़ करो। रहना है, अगर ठाठ से;  तो साफ-सुथरा इंसाफ करो। हमको तुम, माफ़ करो, अपना, मन साफ़ करो। अपनाना है, अगर हमें;  तो पहले सीधे मुँह बात […]

कविता … “ प्रेम ही बांटो हरदम, आप अपने सूझ-बुझ से” छप्पर उड़ गई है, मिट्टी की दीवारों से।        तूफाँ भी मांग रही है मदद, कामगारों से।।                    कट्टरता की बू […]

सिर पे जूता, पेट पे लात। दिल खट्टा और मीठी बात॥ नियम, कानून अमीरों का, अपने तो बस खाली हाथ॥ पूछ परख लो भूखों से क्या है तुम्हारी जात? पेट भरो बातों से, गोदाम तले […]

जाने क्यों कोई शिकायत नही तुमसे मालूम नही के कैसा तुझ्से रिश्ता है हाथ उठ भी नही पाते दुआ में तेरी रह्मत तेरी पहले ही बरस जाती है   ….. यूई

प्यास तेरी चाहत की बेशुमार आजकल है! मेरी नजर में हरपल आती तेरी शकल है! खामोश़ हो गया हूँ गम-ए-जुदाई से मगऱ, साँसों’ में तेरी दौड़ती तस्वीर की नकल है! Composed By #महादेव

हंस देते अगर कभी हँसना सीखा होता हाथ थामे रही शाम-ए-उल्फ़त हमारा बता देते धुप क्या है अगर सेहर में आफताब को देखा होता -सत्य ‘प्रिय’ खन्ना