उसका हुस्न – ए – तसव्वुर जैसे ज़िंदगी थमी हुई है ज़ियारत -ए -रुख़-ए -अनवर आज सुबह ही हुई है उसकी सोहबत  से फ़ुरक़त हैं  ‘मियाँ ‘ फिर भी दयार -ए -दिल की क़िस्मत तो […]

ठहरा दे इस वक़्त को ये वक़्त गुज़र जाएगा कुछ बात अब भी है हलक तक वो एहसास बयां ..करने तो दे | गफलत हुए अरसा हुआ पर मलाल उसका.. ज़िंदा है गर ना करे […]

नीले आसमान में कहीं अपना नाम लिख दूं ख्वाहिश है हर चीज को नीलम कर दूं वक्त कभी हमारा भी आयेगा ऐ दोस्त दुनिया मे में मैं अपना रंग भर दूं

कुछ दीवाने थे , कुछ परवाने थे- इस महफ़िल में, शमां को जलाने के लिए सब थे बेताब- इस महफ़िल में . दर्द रक्काशा का कौन समझे यहाँ, उसके हुस्न को ही चाहने वाले  थे […]

समेटता हूँ बिखरते ख्वाब को सजाता हूँ रोज तकदीर को लिखता हूँ और मिटाता हूँ | जो मद में चूर हो भूले है अपने ओहदे को आईना देकर उन्हे उनकी जगह दिखाता हूँ || हवा […]

ताउम्र तलाशती रहती थी आॅखियाॅ जिनको वो ना मिला मुझे पूरे जहान् में जब पलकों को गिराकर ध्यान लगाया श्याम की सलोनी सूरत का फिर धीरे से उठाई पलकों की चिलमन तो श्याम सुंदर की […]

हम बेताब बैठे है इश्क़ करने को कोई बेइश्क हो, तो बता देना हम भी तो देखें इश्क़ क्या है और इसका अपना क्या मजा है मैंने सुना है कि इश्क़ दीवाना होता है उम्र […]