आखिर आग से खेलकर अंजाम क्या हुआ। हम तो जले है पर तुम्हारा मकान क्या हुआ।। @@@@RK@@@@
आखिर आग से खेलकर अंजाम क्या हुआ। हम तो जले है पर तुम्हारा मकान क्या हुआ।। @@@@RK@@@@
सजायाफ्ता हूँ मैं उस जुर्म का साहिल। जिसे किया किसी ने और जिया किसी ने।।
ये बात मेरे भी जहन में है। की जेब कहा कफ़न में हैं।। @@@@RK@@@@
Vo janaab, bahut utarate he aajkal Baato me jhalakta he gurur unka Khabar nahi unhe hamaare hunar ki Har lafz samandar e guru ko pee jaae jinka
ज़िन्दगी से क्या कहे आसान हो जाओ। खामियां खुद में है साहिल क़बूल करते है।। @@@@RK@@@@
खुद को उम्र भर अख़बार किया मैंने। और वहम भी है की शायरी करते है।। @@@@RK@@@
सच में अगर हमकों अपना मानते हो तुम। फिर क्या कहे हाल ए दिल तो जानते हो तुम।। @@@@RK@@@@
उसका हुस्न – ए – तसव्वुर जैसे ज़िंदगी थमी हुई है ज़ियारत -ए -रुख़-ए -अनवर आज सुबह ही हुई है उसकी सोहबत से फ़ुरक़त हैं ‘मियाँ ‘ फिर भी दयार -ए -दिल की क़िस्मत तो […]
Umeedon Ki Umar Hai Kitni. Do Din Ki Phulwar Hai Duniya. . Peetal Sona Ban Jata Hai. Dhoky Ka Beyopaar Hai Duniya. . Waqt Pary To Kam Na Aye. Lakri Ki Talwaar Hai Duniya.
मेरे अहसास लफ़्जों को तरस गये वो क्या गये, हमे खुद के लिये तरस गये Mere Ahasaasa Lafzo Ko Taras Gaye Vo Kya Gaye Hum Khud Ke Liye Taras Gaye
चंद पन्नों में सिमट गयी दास्ता ए जिंदगी अब लिखने को बस लहू है, और कुछ नहीं|
कुछ रिश्ते भुलाए नही जाते कुछ नाम मिटाए नही जाते बस जाते हैं जो लोग दिलों में वो लोग कभी भुलाए नही जाते…
असल में बंध जाते हैं…. नशे में घुल जाते हैं…. ये दिल के रिश्ते…. दिल को ही समझ आते हैं….
आया खत मेरे इश्क का आज सिर्फ़ पता था मेरा, और कुछ नहीं|
जिक्र तो बहुत दफ़ा हुआ मिरा उनकी महफ़िल में मगर मुस्कुराये वो एक भी दफ़ा नहीं, मेरी मुस्कुराहट पे|
न जाने क्यों कुछ यादें अटक सी जाती है दिल में बार बार दोहराती रहती है खुद को अधूरे लफ्जों में|
अगर लम्हों की क़ीमत जान जाएँ हर इक लम्हे में पोशीदा सदी है
कैसे पढ़ूँ तेरा ख़त अँधेरा बहुत है, अपनी आहट से इसे रोशन कर दे…
इस बात का गम नहीँ की तु मुझे मिल ना पाया। अफ़सोस है की जिसे तुमने चाहा उसके जैसा बन ना पाया। ●Follow Me At Instagram @Officialman4u ●Send Fb Request At Fb.Com/Manmohansingh.shekhawat
Kisi ko shikayat he, kisi ko gila he Hum magar beparvaah he, Nahi matlab agar koi jala he
मुन्तजिर हूं मैं मोहब्बत का मयखानों की मुझे तलाश नहीं इक दरिया है जिसे मैं ढ़ूढ़ता हूं पैमानों के जामों की मुझे प्यास नहीं
खालिस बेमेल है जिंदगी मेरी निखरे हुए है जज्बात मेरे लफ़्ज मेरे एकदम मासूम है मगर फिर भी धोखे देती रहती है जिंदगी
सब शब्दों का खेल है भैया वरना लड़ाई मे तो दोनो ही हारते है
‘हर अश्क सोख लेता है वो आंख से मेरे, रोने भी नहीं देता मुझे, दर्द का सहरा…।’ ………………………………………..सतीश कसेरा
ना पूछना कभी इन आँसुओं की कीमत, तुम गुज़रा हुआ वक़्त लौटा नहीं पाओगे….
‘इक दिल के टूट जाने से क्या—क्या नहीं टूटा, पायल तो रही पांवों में, घुंघरु नहीं रहे………..’ ………………………………………………….सतीश कसेरा
आए थे राजनीति में लेकर वो अपने कायदे,कानून और शिष्टाचार पर […]
भागता है आज भी मन उस सुहानी राह पर, होती ठिठौली और हँसी की .. गूँज जो हर बात पर, मिल बैठ कर.. जब यार खोले पोल जो हर बात की .. जुम्ले है सारे […]
काफ़िला गुजर गया तो क्या हम तनहा है तो क्या अकेले ही गुजर बसर कर लेंगें दो लफ्जों को ही अमर कर लेंगें|
इक रब्त था जो कभी रहता था दरम्या हमारे किस वक्त रूखसत हुआ, खबर नहीं|
ज़हर इस तरह घुला जिंदगी में हर गूंठ में मुहं कढवा होता गया| बारिशों का तो आना जाना नहीं अरसे से सूखे से रिश्ता हमारा होता गया||
Baat mohobbat ki bas etni si hai huzoor Ke Mohobbat hame aap se baat baat main ho gai………!! D K
ठहरा दे इस वक़्त को ये वक़्त गुज़र जाएगा कुछ बात अब भी है हलक तक वो एहसास बयां ..करने तो दे | गफलत हुए अरसा हुआ पर मलाल उसका.. ज़िंदा है गर ना करे […]
Chalta rahu hamesha teri yaadoon ke saath Tu khailta rahe hamesha mere zazbaaton ke saath Kasam ishq ki ye ishq badhtaa hi jaiga Teri aur meri har badhti mulakaaton ke saath…………….!!!! D K
ये दास्ता कहे नहीं कही जाती कोशिशे क़ी कई दफ़ा मगर भूली भी नहीं जाती गुफ़्तगु ए इश्क कभी लफ़्जों से होती नहीं ये वो बात है जो दिल से है समझी जाती
उनकी गली से जो गुजरे वो दीवाना हो जाता है भटक जाता है वो, मजनू हो जाता है हम भी गुजरे थे इक दफ़ा उनकी गली से आज तक भटक रहे है, न उनकी खबर […]
कहां थे फ़ासले तेरे मेरे दरम्या इक वक्त था जो जम गया था हमारे बीच
नीले आसमान में कहीं अपना नाम लिख दूं ख्वाहिश है हर चीज को नीलम कर दूं वक्त कभी हमारा भी आयेगा ऐ दोस्त दुनिया मे में मैं अपना रंग भर दूं
Dil aye bekarari thi labo per trana tha Unki yado ka humare dil mai afsana tha Mohobate lachar the hum or unki Dewangi ka ek alag hi fsana tha Mager aj bhi in labo per dil […]
Dur hoker bhi pass rheta Teri yado ka her pal eshas rheta hai Teri yado mai tanhaiya thi Mager kya karu in tanhaiyo Mai mera koi apna khas rheta hai Dur hoker bhi vo pass rheta hai Dil […]
कुछ दीवाने थे , कुछ परवाने थे- इस महफ़िल में, शमां को जलाने के लिए सब थे बेताब- इस महफ़िल में . दर्द रक्काशा का कौन समझे यहाँ, उसके हुस्न को ही चाहने वाले थे […]
इक जमाना था, जब हम सब के हुआ करते थे आज हर कोई हमें अपना कहने से कतराता है|
Kya khoya kya paaya hamne, Kaise jiya jindagi ko hamane Khote khote rahe khud me him Har roj kaise khud ka katl kiya hamne Kis tarah
कुछ रिश्ते खास होते है दूर होते है, फिर भी पास होते है कैसे करे बयां, इन अहसासो को लफ़्ज कहां इतने खास होते है
Kya baat hui, kuch khabar nahi mujhe Me to bas, kho gay tha unki aankho me kahin.
समेटता हूँ बिखरते ख्वाब को सजाता हूँ रोज तकदीर को लिखता हूँ और मिटाता हूँ | जो मद में चूर हो भूले है अपने ओहदे को आईना देकर उन्हे उनकी जगह दिखाता हूँ || हवा […]
ताउम्र तलाशती रहती थी आॅखियाॅ जिनको वो ना मिला मुझे पूरे जहान् में जब पलकों को गिराकर ध्यान लगाया श्याम की सलोनी सूरत का फिर धीरे से उठाई पलकों की चिलमन तो श्याम सुंदर की […]
हम बेताब बैठे है इश्क़ करने को कोई बेइश्क हो, तो बता देना हम भी तो देखें इश्क़ क्या है और इसका अपना क्या मजा है मैंने सुना है कि इश्क़ दीवाना होता है उम्र […]
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