महेश गुप्ता जौनपुरी
चांद चांदनी
May 20, 2020 in मुक्तक
चांद को पाना सबके बस की बात नहीं,
चांद को ख्वाब में देखना हसरत की बात है।
चांद का रोशनी रोशन करता है जहां को,
चांद को कैद कर दीदार करना सबके बस की नहीं है।।
✍ महेश गुप्ता जौनपुरी
भ्रष्टाचार
May 19, 2020 in मुक्तक
भ्रष्टाचार की पोटली खोल रहें हैं अफसर,
कुछ इमानदारी से कर रहे हैं उजागर।
कुछ टेबल के नीचे से कर रहे हैं पार्सल,
घी रोटी खाकर पेट फुलाये बने पड़े हैं अजगर।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
भटकता बचपन
May 16, 2020 in मुक्तक
रोटी के निवाले के लिए बचपन अपना खो दिया,
भूख की तड़प से मासूम बेचारा रो दिया।
दिन रात एक करके लगा है देखो पैसा कमाने,
अपने बचपन की सारी खुशियां हंसकर लुटा दिया।।
✍ महेश गुप्ता जौनपुरी
नशा अभिशाप
May 16, 2020 in मुक्तक
उम्मीदों पर बसा है यह संसार,
नशे को देगा हालात सुधार ।
उम्मीद कभी तुम ना हारना,
लौट आयेगा एक दिन भटका यार ।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मां वीणावादनी
May 15, 2020 in मुक्तक
कौन किया हालात तुम्हारा हे मां वीणावादनी,
शिक्षा के धरोहर ही लगा दिए है दाग मां वीणावादनी।
दृष्ट के कण्ठ,ज्ञान के भण्डार को छीन लो मां भारती,
कमल आसान छोड़कर पापी को सजा दो मां वीणावादनी।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मां वीणावादनी
May 15, 2020 in मुक्तक
कितना भी बना लो शिक्षा को व्यापार,
मां वीणावादनी करेंगी अपने बच्चों पर उपकार।
शीश आशीष ज्ञान का भण्डार मन मस्तिष्क में भरकर,
करती रहेंगी सदैव दृष्ट पापीयों का संहार।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
शिक्षा और शिक्षक
May 15, 2020 in मुक्तक
शिक्षा को शिक्षा ही रहने दो,
मां सरस्वती मुझे वर दो ।
सौदेबाज शिक्षकों को दण्डित कर,
हे हंसवाहनी मेरे उर का तम हर दो।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
सफलता
May 12, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता
सफलता
सफलता नहीं है कोई वस्तु
सफलता है दृढ संकल्प की अग्नि
सफलता को अगर पाना है तो
सफलता के पीछे दौड़ लगाओ
कमर कसकर समय के संग बढ़ना होगा
आगे ही आगे बस आगे ही बढ़ना होगा
खून पसीने को एक करके
नंगे पांव ही चलना होगा
लक्ष्य को अपने साध कर
बांधाओ को लांघ कर
किस्मत और लकिरों को भूल
मेहनत करके बढ़ना होगा
सफलता अगर पाना है तो
बाधाओं से नहीं घबराना होगा
हार को अपने स्विकार कर
लक्ष्य पर निशाना साधना होगा
संयम रखकर अपने ऊपर
मुश्किल राह को चूमना होगा
दिन रात के परछाई को
उखाड़ दिमाक से फेंकना होगा
निरन्तर करके प्रयास धरा पर
सफलता को कैद करना होगा
आंधी तूफान संग जो बहते
चूमती सफलता कदम है उनकी
©️ महेश गुप्ता जौनपुरी
मां का ममता
May 11, 2020 in मुक्तक
मां की ममता बड़ी सुहानी लगती है सबसे न्यारी ।
बचपन को मेरे सिंच रहीं है बनाकर फूलों की क्यारी,
दुध पिलाकर गले लगाकर पलकों पर है रखती,
गुणगान करें हम कितना धरा पर मां है सबसे प्यारी।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
महाराणा प्रताप
May 11, 2020 in मुक्तक
कांप उठे दुश्मन सुनकर नाम महाराणा का,
थर थर कांप उठे देख वीरता महाराणा का।
देश के लिए समर्पित प्राणों का दिया आहुति,
जयकारा लगाओ वीर धरती पुत्र महाराणा का।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी