मेरा मित्र, सखा तो मैं ही स्वयं हूँ, मैं हूँ सुदामा तो मैं ही कृष्ण हूँ। मैं ही सुख- दुख का संयोग हूँ, मैं हूँ मिलन तो मैं ही वियोग हूँ। मैं माँ की ममता- […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- याराना प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

सबके के सब मिट्टी के मोल है । पैसा, धन-दौलत किसके संग है । आज जो सड़क का भिखारी है । कल वह अपनी मुकद्दर का दाता है ।।1।। किसका क्या है जहां में ये […]

माँझी के नाव चलता बीच मँझधार में । उसे कोई विपरित धारा का प्रवाह रोकता नहीं । क्योंकि वह हर परिस्थिति में नाव को खेवा है । उसे सिर्फ मंजिल दिखता है, राह उसे बुलाता […]

वासना की गंदी हवा बह रही है । चारों-तरफ अत्याचार फैल रही है । त्राहि-त्राहि करते संत आज जगत में । दुर्जनों की गर्जना धरा को दबा रही है । सज्जनों की चिख अंबर तक […]

निर्मल मन को भाते हर लोग है । चाहे वो नर गोरा हो या काला । इन्हें रंग भेद आता नहीं । इसलिए ऐसे लोग जहां में संत कहलाते है ।।1।। संतों की महिमा इस […]

मत बर्बाद कर ए मेरे दोस्त नर तन बड़े ही जतन से मिले है ये मानुष-जन्म। कर ले दान-धर्म, दीन-दुःखी की सेवा कर । व्यर्थ मत गँवा जिन्दगी, कुछ तो ऐसे करम करें । जिसे […]

दुर्जनों को सुख मिलता है सज्जनों को चिढ़ाके । ये उसके अपने प्राकृत स्वभाव है, बदलते नहीं बदलते है । इन्हें परनिंदा, दुसरों की पीड़ा से आनंद मिलता है । यह दुर्जनों का अपना स्वभाव […]

देहिक सुख के कारण मनुष्य आंतरिक शक्ति खोते है । ब्रह्मचर्य व्रत को खंडित-खंडित करके अपनी जिज्ञासा पूरी करता है । और भी और भी सुख के कारण सारी शक्तियाँ गँवाता है । जो नर […]

जहां की भीड़ में मतलबी लोगों के संग में । बहुत कुछ सीखने को मिलता है, वो है जिन्दगी । पर जिन्दगी के भी कुछ रंग है । बेरंग है जिन्दगी हमारी । ये कहती […]

जीवन की आपाधापी में त्यौहार सांकेतिक हो गए, जबसे कोरोना आया है तब से ऑनलाइन हो गए। प्यार ऑनलाइन हो गया मुलाकात ऑनलाइन हो गई, राखी ऑनलाइन कलाई ऑनलाइन हो गई बस जज्बात ऑफ लाइन […]

दिल खोल कर त्यौहार मनाओ दिल खोल कर प्यार दे दो राखी में बहन आई होगी दिल खोलकर उपहार दे दो।1। रोज-रोज ठगता है आज तो कंजूसी छोड़ आज तो राखी है भाई आज तो […]

भाई -बहन का प्यार भरा यह पावन पर्व मुबारक हो, खुशियों से भरा, जज्बात भरा, यह पावन पर्व मुबारक हो। सदा सम्मान रहे रिश्तों में प्रेम भरा ही भाव रहे, कैसी भी कोई स्थिति हो […]

पटरी पर फिर लौटा जीवन, पर पहले जैसी बात नहीं है। मुंह ढ़ककर घूमे हैं दिनभर, पहले जैसी रात नहीं है। हॉल, मॉल सब बंद पड़े हैं, विद्यालयों पर लगे हैं ताले। रौनक गुम है […]

तू जिंदगी ! दर्द भरे आसमान सी, मुसीबतें काले बादल है, मगर मैं ठहरा! हौसलों के रॉकेट सा , चीरता मेघों को जाऊंगा, जिंदगी तेरे आसमान को छलनी करता ,उभर जाऊंगा। ———मोहन सिंह “मानुष”

यह जो रोग फैला है यह मानवता के लिए भारी संकट है, जूझ रही है मानव जाति इस कठिनाई से, डॉक्टर, नर्स, फार्मेसिस्ट और लैब टैक्नीशियन जुटे हैं पूरी सिद्दत से पीड़ितों की सेवा में, […]

पूर्वसंध्या पर रक्षाबंदन की आप सभी को बहुत बधाई, बहनें सजाएंगी कल अपने भैया की मधुर कलाई। रेशमी धागे से बनी रंग बिरंगी राखी सजेगी, पूड़ी पकवान मिष्ठान बर्फी चॉकलेट और रसमलाई। पूर्वसंध्या पर रक्षाबंदन […]

पुकार रहा है जरूरतमंद तुम्हें आओ मदद करो मेरी, बेरोजगारी का समय है, कोविड के कारण छिन गया है रोजगार, शहर में कमाता था दो चार वो बंद हो गया गाँव लौट आया, यहाँ भी […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- 🌹🌹याराना🌹🌹 प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

दुनिया में छाया कैसा मंजर है धरा सूनी सूनी लागे खोया-सा अंबर है कोविड 19 से हर तरफ मचा हहाकार है बस एक संजीवनी बूटी की फिर से दरकार है ।। कहाँ छिपे हो संकट […]

तू मुझे चाह ले संवर जाऊं।। या कहे टूट कर बिखर जाऊं।। रास्ता कौन मेरा तकता है लौटकर किसलिए मैं घर जाऊं।। तू सफ़र में हो तो ये मुमकिन है मैं संग-ए-मील सा गुज़र जाऊं।। […]

तू मुझे चाह ले संवर जाऊं।। या कहे टूट कर बिखर जाऊं।। रास्ता कौन मेरा तकता है लौटकर किसलिए मैं घर जाऊं।। तू सफ़र में हो तो ये मुमकिन है मैं संग-ए-मील सा गुज़र जाऊं।। […]

मेरी पुरनम कहानियां सुनकर।। दिल की डूबें न कश्तियां सुनकर।। तेरे चर्चे में फूलों की ख़ूशबू पास आती हैं तितलियां सुनकर।। दूल्हा बाज़ार से ख़रीदेंगे क्या कहेंगी ये बेटियां सुनकर।। वह मुझे याद कर रही […]

सौ बार सरे-राह सफ़र छोड़ना पड़ा।। मंज़िल पे हर परिन्द को पर छोड़ना पड़ा।। पुश्तैनी घर की जब मेरे दहलीज़ गिर पड़ी घर को बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा।। दहशत के लिए हो रहे […]

उलझन भरी जिंदगी में नींद के लिए समय ही कहाँ है जब समय होता है नींद आती ही कहाँ है। नींद भी जरुरी है इंसान के लिए पर इंसान जरुरी कहाँ है नींद के लिए। […]

जिसके आ जाने पर कुछ भी पता नहीं चल पाता है क्या घटित हुआ संसार में कुछ पता नहीं चल पाता है, जिसके आ जाने पर तुम हम न डर न भयभीत रहते हैं उस […]

जिसके आ जाने पर कुछ भी पता नहीं चल पाता है क्या घटित हुआ संसार में कुछ पता नहीं चल पाता है, जिसके आ जाने पर तुम हम न डर न भयभीत रहते हैं उस […]

हिन्दी गीत – रिमझिम बरसात | रिमझिम बरसात आ गई | प्यारी तेरी याद आ गई | बुँदे तन को भिंगा गई | प्यारी तेरी याद रुला गई| छाए नभ मे बादल काले काले | […]

छुपे सूरज क्षितिज में तो यकीनन शाम कहते हैं जहां जन्मे प्रभू उसको अयोध्या धाम कहते हैं हमारी आस्था देवों में कोई कम नहीं लेकिन जो मर्यादा के स्वामी हैं उन्हें श्री राम कहते हैं।

गज़ल:- ❤❤ “मेरे दीवाने कहाँ गए” ❤❤ ————————— मेरे ख्वाब सजाने वाले कहाँ गए? मुझे जान-जान कहके बुलाने वाले कहाँ गए? —‐———————————- जो कहते थे तुझ बिन जी ना पाऊंगा एक पल मुझ पर मर […]

मेरे इलाही मेरे रक़ीब को सलामत रखना। वो भी रोयेंगे मेरे मह़सर में।।1।।  विकास कुमार कमति मेर रक़ीब मेरे माशुक को गुल दे दो। वो समझेंगे हमराह शव-ए-विशाल है।।2।।  विकास मेरे इलाही मेरे […]

मुहब्बत हो गयी है गम से, खुशियाँ अच्छी नहीं लगती। पहले दुश्मन मुहब्बत करते थे, अब दोस्त नफरत करते हैं।।1।।  विकास कुमार कमति.. बदलते वक्त के साथ, उसकी आँखें भी बदल गयी। पहले मुहब्बत […]

हमने वहीं लिखा, जो हमने देखा, समझा, जाना, हमपे बीता ।। शायर विकास कुमार 1. खामोश थे, खामोश हैं और खामोश ही रहेंगे तेरी जहां में । करतुते तो तु करती मेरी जहां में, हम […]

गज़ल ।। इतना अच्छा नहीं हुँ, जितना कि दुनिया कहती है । मैं कैसा हुँ, ये सिर्फ मैं जानता हूँ ।।1।। खूद के सवालों के कठघड़े में, मैं हरवक्त खड़ा रहता हूँ । दूसरों के […]

करता जा अथक परिश्रम क्रोध को पी पी के। मन को न विचलित होने दे नर । सदा तु करता जा सत्कर्म । परिस्थितियों का क्या है ? आना-जाना लगा रहता है ।।1।। नर के […]

मन का रूख सदा रहता इन्द्रियों के तृप्ति में । पर जो नर मन को सात्विक रूख दे दे । वही कहलाते जग में वीर्यवान, ज्ञानवान है । ऐसे ही नर जग में युगपुरूष कहलाते […]

ब्रह्मचर्य है तो जिन्दगी है । अन्यथा जिन्दगी असफलता की सीढ़ी है । वीर्य पे टिका मानव का संसार है । अगर नर वीर्यहीन है, तो उसका जिन्दगी बेकार है ।।1।। आज के दौर में […]

परिस्थितियों का क्या है ? आज खुब हँसाया है तो कल रूलायेगा भी । आज हँसके जो दिन गुजारे है, व कल रोके भी गुजारना है । मगर योगी हरपल हँसके गुजारते जिन्दगी है । […]

कैसे-कैसे लोग जहां में रहते है ? कुछ दूसरों के भला के लिए जान गँवा देते है । कुछ अपने लिए दूसरों की जिन्दगी मिटा देते है । अजब रंग है मनुष्य के रक्त का […]

मेरे अल्फाज अब कहाँ रहें, ये तो तेरी मुहब्बत की जहागीर हुई । ये तो तेरे हुश्न-शबाब में खोया है, तेरी मुहब्बत में ये कुछ कहता है । ये मेरे अल्फाज़ रहे अब कहाँ, ये […]

बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा । कभी याद आया कभी दिल को दुखाया । ओ जाना-2 कहाँ खोया-खोया जरा तो बताना । बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा ।।1।। वफा की रंगी […]

तेरी वेवफाई थी बहुत ही निराली । तु जाते-जाते यूँ किसी को चाहा । मगर वो बंदा हुआ न किसी का । तेरी वेवफाई थी बहुत ही निराली ।।1।। सख्श था वो बहुत भोला-भाला । […]

अपनी प्रोन्नति नहीं कर सकते तो, क्या दूसरे की उन्नति से जलोगे क्या? अपनी संस्कृति को गँवा चुके हो, और खुद को भारतीयता कहने का ठोंग रचते हो? खुद सशक्त, धनवान, समृद्ध-शक्तिशाली बन सकते नहीं […]

लड़का नहीं होता किसी घर का कुपुत्र माहौल बनाता उसे संत-असंत । मात-पिता का गुण भी होता पुत्र के रक्तों में इसलिए लड़का अकेला दोषी नहीं होता । कौन कहता है लड़का आज आवारा है, […]