हम उन बच्चों के साथी है ,जिनके पास न कोई साधन है। उनके पिता आत्मनिर्भर है, वो सरकारी की भ्रष्टाचारियों के चंगुल में फंसे है। वो लाख कमाते है, फिर भी अपनें बच्चें को अच्छी […]

जिस देश को कभी सोने की चिड़िया कहीं जाती थी । जिसकी धरा कभी सोने-ही-सोने उगलती थी । उस देश की जनता आज भूख से क्यूँ मरती है? निर्वस्त्र क्यूँ रहती उस देश के जनता […]

अति साहसी, मायादेवी, मूर्ख, लोभी जिनके व्यवहार। अपवित्र, निर्दयी, अवगुणों से भरा जिनका तन। छल-कपट से जो बाज न आये, यह है दुष्ट-निर्दयी स्त्री का गुण। पर सब नारी नहीं होत, इन अवगुणों के अधीन। […]

करो परिश्रम कठिनाई से, तुम जब तक पास तुम्हारे तन है । लहरों से तुम हार मत मानो, ये बात सीखो तुम मँक्षियारा से । जब मँक्षियारा नाव चलाता, विचलित नहीं होता वह विपरित धाराओं […]

हम उस देश के वासी है, जिस देश के घरेलु सकल उत्पाद कभी आकाश चुम रही थी । हम उस देश के वासी है, जिस देश की महानता का परचम कभी सारी विश्व में फैली […]

गाँव, मात-पिता, समाज से बना, हमारा ये प्रथम संसार है । सारी जहां में प्रथम पूजनीय, यहीं हमारा जन्मस्थान है ।। घर में ममता स्वरूप माता व पिता देवता समान है । लक्ष्मण जैसा भाई […]

राजतंत्र हो या प्रजातंत्र सब चाहते है नृपदुखभंजन। पर किसी क्या मिला ये जानते है जगत-जहां। सब रामराज की कल्पना करते पर राम की नीति कोय न जाने? राम की व्यवस्था चाहते हो तो अपनाओ […]

उठ मेरी छोटी सी गुड़िया सुबह हो गई उठ जा अब बाहर सूरज चमक रहा है सुबह हो गई उठ जा अब। अपनी सुन्दर बाल लीलाओं से महका गुड़िया रानी अभी बोलना सीख न पाई […]

वृत्ति मान्गकर जीवन यापन करने वाले के अंतरंग द्वारिकाधीश थे निज हाथों से सुदामा के चरण पखारते सच्चे मित्र श्रीकृष्ण थे ।। मित्रता हो ऐसी जहाँ भेद न कोई रह जावै मित्र का दुख स्वदुख […]

तुम्हारी राह देखकर ही तो मैं टूट गई हर रिश्ते से ऊपर था तू तेरे इश्क में मैं मगरूर हुई तेरे इश्क का चंदन घिसकर अंग प्रफुल्लित हुए सदा तेरी रजधूल ओ प्रियतम! मेरे मेरी […]

तुमने तो बहन आज मुझे पहना दी सुन्दर सी राखी, प्यारी सी कोमल सी राखी यह प्रेम रंग रंगती राखी। यह राखी है अनमोल सूत्र जो जोड़ रहा विश्वास अटल कोई उपहार नहीं ऐसा जो […]

कल ही आ जाना बहना तू परसों तो रक्षाबंधन है, कुछ देर बैठकर बचपन की यादों को ताज़ा कर लेंगे। तू भी अपने में व्यस्त हो गई हमको भी फुर्सत न रही अब कल ही […]

यशोदा ,देवकी को लगे है, कान्हा सबसे प्यारा। मेरी मैया सबसे प्यारी, कान्हा का ये नारा। मैया मैया कहता कान्हा, लगे बहुत है प्यारा। मेरी मैया सबसे सुंदर, माने ये जग सारा।

अभी और भी तीर हैं,तरकश में तेरे बाक़ी, हार से पहले रोता क्यूं है। इस युद्ध में तेरे विरूद्ध हैं कुछ लोग, कुछ लोग तेरे साथ भी हैं,। पलकें भिगोता क्यूं है।

चार राखी लाना पापा अबकी रक्षाबन्धन में। बड़े प्यार से बांधूगी मैं वीरों के अभिनन्दन में।। पहली राखी बांधूगी मैं भारत के वीर शहीदों को। दूसरी राखी बांधूगी मैं शरहद के वीर सपूतों को।। तीसरी […]

ज़िंदगी की तपिश बहुत हमने सही, ये तपन अब खलने लगी। रौशनी की सदा आस ही रही, रौशनी की कमी अब खलने लगी। बहुत चोटें लगीं, बहुत घाव सहे सहते ही रहे कभी कुछ ना […]

आया राखी का पावन त्योहार भैया। तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।। फूल अक्षत चंदन से मैं थाली सजाई। मेवा मधुर और घी की ज्योति जगाई।। आंगन में अहिपन बनाई दो-चार भैया। आजा, तुझको पुकारे […]

वो वक़्त जब कॉलेज में थे, तुम मिलने आया करते थे। कहते थे बस दोस्त रहेंगे, कॉफी साथ पिया करते थे। कहते थे तुम प्यार मत करना बातें रातभर किया करते थे। दोस्तों को अक्सर […]

जिंदगी में मुकाम और भी हैं मंज़िल एक है पर रास्ते और भी हैं। कितनी छोटी है जीवन की चादर पैर पसारने के आसमान और भी हैं। यूंँ नहीं बढ़ते हैं यहाँ फासले दुश्मनी के […]

जीवन का सफ़र सुहाना है साथी, गर साथ तुम्हारा है। जीवन की इस बगिया में, मैं तेरा सहारा हूं, तू मेरा सहारा है। बच्चों की ज़िम्मेदारी करनी है पूरी, अब ये काम हमारा है। जीवन […]

सख्ती से नहीं नरमी से पेश आएंगे किसी के प्यार में हम यह भी कर जाएंगे। यूं तो बुरे नहीं हैं हम साहब पर किसी के मार्गदर्शन में हम और सुधर जाएंगे।

विदेशी वस्तुओं का क्यू ना बहिष्कार करें आज से ही एक नया युग का सूत्रपात करें ।। विदेशी वस्तुओं का,सिलसिलेवार ढंग से, सरकार तहकीकात करे चिन्हित वैसी विदेशी वस्तुओं से जनता का साक्षात्कार करें फिर […]

❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤ ——————- दो भाईयों के बीच का झगड़ा जब तक ना सुलझाती बहन बोलो आता कैसे चैन? ———————– सावन है मनभावन है अम्बर से बरसे नैन बोलो आता कैसे चैन? -‐——————– एक […]

मेरा सब कुछ ले ले तू बस अपना स्नेह मुझे दे दे दो बात प्रेम के बोल मुझे मैं इसी बात का भूखा हूँ, तेरे सुन्दर बोलों पर मैं अपनी राह बदल लूंगा, सारी बातों […]

कहते हैं नारी पानी-सी होती है जिस रिश्ते में बंधती है उसी की हो जाती है। पर प्रज्ञा की यही वेदना है क्या नारी का कोई अस्तित्व नहीं? वह पानी-सी है। उसका कोई स्वरूप नहीं? […]

राखी का त्योहार है आया भाई बहन का प्यार समाया रोली, चंदन,मीठा, अक्षत रक्षाकवच के साथ सजाया सूनी कलाई पर बहन ने अपना स्नेह भरा एक धागा बाँधा भाई ने अपनी बहना को सारा आशीषों […]

कौन बुरा; कौन अच्छा, जान पाना; बड़ा ही मुश्किल है। कौन झूठा; कौन सच्चा, हृदय में उतरना मुश्किल है। कौन बैहरूपिया, कौन लंगोटिया, किस में छिपा है ,असीम स्वार्थ, ये भी परखना मुश्किल है‌। कौन […]

वाह, झमाझम बारिश देखो सुन्दर सावन बरस रहा, तन भीगा मन भीगा मेरा तेरा मन क्यों तरस रहा, आ जा पास प्रियतम मेरे, एक नई शुरूआत करें, आज मिटा लें अपनी दूरी एक नई शुरूआत […]

कैसे और किससे करें हम जिक्र ए गम, लफ़्ज दबे बैठे हैं, उनको भी है ये भ्रम।। सुनने को कोई उनको शायद ही यहां रुकेगा, कोई तो सुनके उनको फिर से अनसुना करेगा।। लफ्ज़ आ […]

ये कातिलों का शहर है, जनाब! यहां किसी को गन से मार दिया; तो किसी को छुरे से , मार दिया‌। मगर मेरा क़ातिल बड़ा ही शातिर है कम्बख़त ने इश्क से मार दिया।

मैं शिक्षक हूँ संसार में ज्ञान फैलाता हूँ अपनी कलम की धार को अपने साहित्य की तलवार बनाता हूँ। तुम जी लो तुम्हारे लिए यह नया मन्ज़र है मैं तो हर मन्ज़र के उस पार […]

तुम्हारी छोटी सोंच मुझे हैरान करती है सदियों से मेरा अंदाज़ निराला है। बस तुम जैसों के ही पेट में दर्द होती है। चंद सिक्कों और ताज़ की जरूरत नहीं मुझको शोहरत तो अभिषेक के […]

घमंड इंसान को गिरा देता है, अहंकार मौलिकता को चुरा लेता है, जो समझता है मैं ही इस जंगल का शेर हूँ उस शेर को सवा शेर हरा देता है। शेरों का सा संघर्ष इंसान […]