एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर विचलित कर देने वाली घटना स्मरण […]
एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर विचलित कर देने वाली घटना स्मरण […]
एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई […]
बाहर जाकर कोरोना का सौगात नहीं तुम लाना। बेशक आधा पेट हीं खाकर घर में तुम सो जाना।। खाना आधा पेट से प्राण चले नहीं जाऐंगे तेरे। अपना और अपने की जान सुरक्षित रहेंगे तेरे।।
रोग कोरोना से हुई मानवता बेचैन जीवन लगता रुष्ट है, बैरी दिखता चैन, बैरी दिखता चैन, मौत का नग्न – नृत्य है मौन-विधाता बता,किया क्यों क्रूर कृत्य है? रोग शमित होगा तभी, रहें भीड़ से […]
ओ कोरोना हो रहा है राष्ट्र लाँक, और हो रहा राज्य लाँक। नष्ट करेगे इस कोरोना को, और करेगे इसको लाँक।। बज गई थाली बज गई ताली, बजी शंख और बज गई घंटी। ओ कोरोना […]
निज गृह भीतर बन्द रहो मन जीवन के आगोश में। कहर कोरोना का छाया है वरना रहोगे अफसोस में।।
बहुत कोशिशें कर ली उसे मनाने की, राहें भी ढूंढी दिल में उतर जाने की । पर नाकाम ही रहे हर कोशिश में हम, दिल उदास हो गया गम में डूबे हम… फैसला कर लिया […]
वो आते तो हैं मेरे आशियाने में.. मुझी से मिलने मगर जताते नहीं हैं बस हम समझ जाते हैं.. नज़रे झुकाए रहते हैं और दिल लगाने की बात करते हैं.. कितने नादान हैं चुपके से […]
हैरत में हूँ कुछ भी समझ आता नहीं, नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके।
🤔🤔हैरत में हूँ कुछ समझ आता नहीं नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके 🙈🙈
रात की दीवार पर लिखा ख्वाबों का संदेश ए चंदा पहुंचा देना ‘अपने’ रहते परदेस…..
माताओं ने लाल खो दिए बहनों ने फिर भाई, घर में छुपे दुश्मनों से कैसे जीतोगे लड़ाई? नक्सलियों के हमले से धरती लाल हो जाती है, फिर किसी घर मे कोई ज्योति बुझ जाती है […]
इंतज़ार झिलमिलाता रहा रातभर आंखों में! तुम नहीं तुम्हारा पैग़ाम आया ‘आज न सही, कल की बात रही’। चलो मान लेते हैं; एक और झूठ तुम्हारे नाम पर जी लेते हैं
आरज़ू थी कि मेरे हाथ में तेरा हाथ होगा…. क्या खबर थी कि हाथ सिर्फ़ चिट्ठियां ही आएंगी ।
कविता कोरोना से डरो ना स्वच्छता को अपनाओ, कोरोना को ठेंगा दिखाओ। जहाँ से आया हमारे देश में, उसे वहाँ भगाओ।। चारो तरफ मचा दिया कोहराम, परेशान हो गए हैं हम। महाकाल न रहे हमारे […]
तुमने कह तो दिया मगर दिल को तसल्ली ना हुई शब तो हो गई पर मैं ना सोई गुजार दी ज़िन्दगी तेरी आरज़ू करने के बाद किसी और को क्यूँ देखूँ तुम्हें देखने के बाद […]
तेरी मोहब्बत में आधी उम्र काट दी पर क्या करूँ आज भी बेबस हूँ मैं
आज की सच्ची घटना पर आधारित हिंदी कविता शीर्षक :- भरोसा आज मेरी क्यारी में बैठा परिंदा मुझे देख छुप गया मैं रोज़ उसको दाना डालता हूँ फिर भी वो डरा सहमा अपने पंखो के […]
वह लौट कर आया है अरसे के बाद के मैं हैरान हूं क्योंकि उसने कहा था मैं जा तो रहा हूं पर कभी लौट कर नहीं आऊंगा
जल हीं जीवन है जल को ना बर्बाद करो। जीवन का आधार है जल को ना बर्बाद करो।। जल बिन मछली तड़पेगी धान पान सब कहाँ रहेंगे। नदी तालाब और कुआँ बिन स्नान ध्यान फिर […]
जल खुद एक जीवन है आओ इसे बचाते हैं फिर से भर जाएंगी नदियां आओ कदम उठाते हैं आज ही जब सब खो दोगे तो पीढ़ी को क्या सौंपोगे अपनी जिम्मेदारी का बोझ फिर किसके […]
दिल कोई तहखाना है जिसमें दफन हजारों यादें हैं कुछ खट्टी हैं कुछ मीठी हैं बीती शामो की बातें हैं
उनसे बिछड़े जमाना हो गया है फिर से दिल बेगाना हो गया है नहीं बाकी रही ख्वाहिश कोई यही जिंदगी का अफसाना हो गया है।
एकता की खुशबू जब महकती तो सारी दुनिया चहकती है आओ एक काम करें आज का दिन देश के नाम करें।
स्वच्छता के डगर पे, देशवासीयो दिखाओ चल के। करोना भागेगा डर से, तुम और हम ही योद्धा है आज के।। पल दो पल के जीवन में, क्यों गँवाए हम जान के। बल बुद्धि दिया भारत […]
मैनें लाज़ की चादर ओढ़ रखी है शायद मेरी ज़मी पे तेरे इश्क की बूंदाबांदी हो कभी
कुछ सर्द हवाओं ने मन महका दिया उन हवाओं में जैसे नर्मी सी हो छू कर मेरे बदन को रूह तक ठण्डा कर रही हैं और अपनी खुशबुओं से फ़िजा महका रही हैं
आज कुछ पुरानी यादों के पन्ने पलटकर हम वहीं पहुँच गए जहां से बिछड़े थे तुमसे
कुछ खुशबुएँ महकती हैं कायनात में लिपटे हैं हम पुरानी यादों के दामन में ।
तुम उस दिन जो हाँ कर देते तो किसी को नया जीवन देते पर तुम्हारी ज्यादा सतर्क रहने की आदत ने देखो किसी का मनोबल दबा दिया कोई पढना चाहता था तुम्हारी मदत से आगे […]
इज़हार ना हो वोह इश्क़ का जो हम तुझसे करते है कुछ रिश्ते बेज़ुबान ही अच्छे है
कहर ढा रही प्रकृति हर पल, कितनी आहें समेटे भीतर, हर दरिंदगी, हर हत्या का चुकता आज हिसाब यही है, एक तरफ पलड़े में आहें, एक तरफ संपूर्ण विश्व है, इतनी बड़ी कायनात पर एक […]
चमक उठा जब चांद गगन में कोटि सितारे टीम -टीम रह गए। सूरज के आने से पहले हीं सब के सब ये मद्धिम रह गए।। लाख हौसला हो जुगनू में अन्धकार कब मिटा सका है। […]
उस रात का फ़ितूर अब भी है तेरे होठों से पिया था जी भरकर, जाम-ए-उल्फ़त का नशा अब भी है । बहुत खलतीं हैं तुमसे ये अब दूरियाँ क़रीब आने की वजह अब भी है […]
तूफानों को आने दो मज़बूत दरख्तों की औकात पता चल जाती है पेड़ जितना बड़ा और पुराना हो उसके गिरने की आवाज़ दूर तलक़ आती है सींचा हो जिन्हें प्यार से उन्हें यूं बेजान देख […]
20 मार्च यानी गौरैया दिवस …. आज तुम्हारा दिवस है प्यारी गौरैया ,कहने को तुम घरेलू चिड़िया कहलाती हो लेकिन स्वार्थी मनुष्यों ने तुम्हें घर से बेघर कर के पेड़ों पर भी अपना स्वामित्व जता […]
यह दौर गुजर जाएगा इस वैश्विक आपदा के बावजूद हम इस पर विजय पाने में कामयाब अवश्य होंगे। भरोसा रखिए हमारे डॉक्टर कोविड -19 का इलाज और वैज्ञानिक निश्चय ही इसका मूल कारण खोज लेंगे […]
मैं अकेला ही ख़ुश हूँ, इन राहों में कोई साथ नहीं है यह तनहा सी शब है, और हाथों में कोई हाथ नहीं है। न कोई मंज़िल है अपनी, न कोई हमसफ़र मेरा एक आवारा […]
मेरी स्मृति में अब भी कुछ अवशेष शेष हैं तुम्हारी यादों के कुछ पल मेरे मस्तिष्क में उपस्थित हैं
ये वाईरस कैरोना का बना महामारी भयंकर है। दिखे उपाय बचने का स्वच्छ और शुद्ध जो नर है।। रखो सब पे सहानुभूति पर रहना सबसे बचकर है। धोकर हाथ रहना सब मिलाना हाथ ना कोई। […]
सोचती हूँ, क्या इस बार तुम्हारे आने पर पहले सा आलिंगन कर पाऊँगी या तुम्हें इतने दिनों बाद देख ख़ुशी से झूम जाउंगी चेहरे पे मुस्कान तो होगी पर क्या वो सामान्य होगी तुम्हें चाय […]
लेकर दर्द घूमती हूँ हर दर पर पर तेरा दर नहीं मिलता जाऊँ मैं किधर!!!!!
कुछ साथी साथ निभाएंगे कुछ बीच रास्ते में छोड़ जाएंगे कुछ विश्वास तुम पर दिखाएंगे कुछ हर वक्त नीचा दिखाएंगे ना रुकना ना घबराना बस चलते जाना मिल जाएगी एक दिन मंजिल वहां खड़े होकर […]
सभी को मयस्सर नहीं जिंदगी की गुलजार शामें किसी को जलते दिनों से भी काम चलाना पड़ता है….
ये कैरोना कहाँ से है आया बलम। मौत बनके जगत में है छाया बलम।। जूठ खान-पान से पनपे ये बिमारी सनम। अशुद्धि में पले -बढ़े है ये बिमारी सनम।। ना जूठा खाऐंगे ना जूठा पीऐंगें। […]
लोग कहते हैं कि मैं बड़ा कमाल लिखती हूँ मैं उसका ही दिया हर दर्द उसके नाम लिखती हूँ
भोजपुरी चइता गीत 4 – आज केरोनवा भगाइब ये रामा | आज केरोनवा हम भगाइब ये रामा | भारत देशवा | सबकर जनवा हम बचाइब ये रामा| भारत देशवा | चिनवा से आइल ई पापी […]
मैने बहुत सोचा अब नहीं मिलूंगी तुमसे, नहीं कहूंगी कुछ भी। कोई फरमाइश नहीं करूंगी कन अंखियों से देखूंगी भी नहीं। पर इस दिल का क्या करू, तुम्हारी आहट, पदचाप महसूस करते ही, धड़कने बहकने […]
चिरायु,चिरकाल तक रहने वाला चिरंतन है प्रेम, निष्काम, निः संदेह निश्चल है प्रेम। पुनरागमन, पुनर्जन्म ,पुनर्मिलन है प्रेम। संस्कार, संभव संयोग है प्रेम, लावण्य, माधुर्य, कोमार्य सा प्रेम। निर्वाक,निर्बोध,निर्विकल्प है प्रेम, यामिनी,मंदाकिनी, ज्योत्सना सा प्रेम। […]
कविता जल ही जीवन है मेघा रे मेघा रे जल बरसा दे । पतझर जीवन खुशहाल बना दे।। गर जल नहीं तो यह संसार नहीं। एक बार धरती पर अमृत बरसा दे।। चारो तरफ है […]
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