मैं भी देश के सम्मान को सबसे ऊपर समझता हूँ तो क्या हुआ कि साहित्यकारों की निंदा पर जुदा राय रखता हूँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हूँ पक्षधर स्त्री-सम्मान को रखता हूँ सबसे ऊपर मैं […]

बाबा साहेब की १२५ जंयती पर शुभकामनाएं मैं अपनी मर्जी से नहीं आया था न उनकी मर्जी से जाऊंगा। युग-युग तक सांसे चलेंगी अब, मैं विचारों में जिवित रह जाऊंगा। गर आ जाए मृत्यु सम्मुख […]

कल दिल ने फिर गोते मारे, उसके कजरारे नैनों में हम अपना सब कुछ फिर हारे, उसके कजरारे नैनों में उसके नैनों में उतरे जब, तब जा के हमने जाना ये हैं छुपे हुए कितने […]

मिल गया अंजाम मुझे तुमसे दिल लगाने का! #दर्द मुझे होता है जैसे किसी परवाने का! नाकामियों के आलम से परेशान हूँ मगऱ, हौसला अभी बाकी है बेखौफ मुस्कुराने का! Composed By #महादेव

अहवाल ए मोहब्बत की समझ हम में भी हैं तनिक सी , इश्क कर बेवफाई को बदनाम करना कुछ नया तो नहीं , यूँ मौत के वक़्त भी क्या तगाफ़ुल कर के जाओगे, हर रात […]

सहरा में मुझे तू किसी गुलशन की तरह मिल मैं मर रहा हूँ आ मुझे जीवन की तरह मिल तुझे देखकर शायद मुझे कुछ साँस आ जाए बेजान से इस दिल को तू धड़कन की […]

देखिए आज ज़माना भी नहीं अच्छा है इस तरह घाव दिखाना भी नहीं अच्छा है हम खतावार नहीं खता फिर भी मानी दिल बिना बात दुखाना भी नहीं अच्छा है दिल घिरा गम के समंदर […]

मेरे लब पर तेरे लब पर सब के लब पर गंगा है, जो भारत का वासी केवल उसकी जान तिरंगा है (कुलदीप विद्यार्थी) जब कलम की जरुरत थी उठाई, आज तिरंगे की जरुरत पड़ी उठा […]

वो कनेक्ट होना चाहता है पूरी दुनिया से वर्चुअली लेकिंन अपनी रियल दुनिया के लिए … उसको फुरसत नही फेस बुक पर 5000 मित्र है और 10000 फॉलोवर ट्विटर में ट्रेंड करता है वह और […]

ख़्वाब है या के  ख़्वाबो  की ताबीर है.. ज़िन्दगी इक पहेली की तस्वीर है..   है बदौलत  फ़कत अपने आमाल की अय नजूमी जो हाँथों में तहरीर है..   उम्र तिफ़्ली की  मौजे रवां जा […]

अन्याय इस लिए नही हैं कि वह बहुत शक्तिशाली है और उसका पलड़ा भारी है वह हर जगह छाया है… उसने अपना घर बसाया है अन्याय इसलिए है क्यों कि हम अपनी आवाज़ उठा नही […]

ज़िंदगी में ऐसे काज करो कि ज़िंदगी पे थोड़ा नाज़ करो ज़िंदगी को रिलैक्स करो ज़िंदगी का हेड मसाज़ करो फिर … ज़िंदगी से कुछ सवाल करो ज़िंदगी पे यक़ीन करो ज़िंदगी को न ग़मगीन […]

जब कोई धर्म साज़िशों का पुलिंदा बन जाता है तब धर्म केवल धंधा बन जाता है शोषण और लूटपाट ही दलालों का एजेंडा होता है इंसानियत मर जाती है और खोखला धर्म ही केवल ज़िंदा […]

रुसवा हो गयीं हो तुम या फिर समझ मैं नहीं पाया , यूँ नखरें दिखाना तिरी अदाओं में तो शामिल ना था, तड़प गर मैं रहा हूँ तो खुश तो तुम भी नहीं होगे, यूँ […]

जन्मो जन्म राहें अपनी भटकाई मैंने इसी लिए तो तेरी राह ख़ुद गंवाई मैंने अब जाके कुछ थोड़ा सा बस संभला हूँ सब सोचे छोड़ जब तेरे रंग में रंगला हूँ                                     …. यूई

वोह सातों जन्मो का सच दिखता है तुझमें वोही जन्मो का प्यार जो रच दिया है मुझमें खोया रहा उन राहो में बस सिमट कर ख़ुदमें चैन मिला मेरी रूह को अब लिपट कर तुझमें […]

तेरी मुसकराती आँखों में सब कुछ दिखता है इन मुस्कराहटों के पीछे भी कुछ दिखता है दर्द जो छुपा बरसों से इनमें वोह दिखता हैं इंतज़ार है इनको आज भी जिसका वोह दिखता है                              […]

सच्चाई है तेरी बातों में सच्चाई है तेरी सोचों में इसी सच्चाई में बसा लो मुझको कुछ तो ख़ुद सा बना लो मुझको                         …. यूई

शाम ढ़लती गयी शम्अ जलती रही.. और तबीयत हमारी  मचलती रही  ..   मेरी हालत की उनको ख़बर तक न थी उम्र आहिस्त करवट बदलती रही   उनसे तर्के ताअल्लुक़ को अरसा  हुआ गोश-ए- दिल […]

तन्हा राहों पर गर मैं भी अकेला चला होता तो अब तलक मंजिल मिल ही गयी होती, मगर इन्तजार भी कोई चीज़ होती है ‘हुज़ूर’ गुज़रगाहों पर भी जिसने हमें तन्हा रक्खा,

इक अजीब सा डर रहता है आजकल पता नहीं क्यों, किस वजह से, किसी के पास न होने का डर या किसी के करीब आ जाने का|

तेरी यादों की चुभन रातभर तड़पाती रही! मेरी साँस तेरे नाम से आती जाती रही! गमों की आग में हरलम्हा जल रहा हूँ मैं, तेरी आरजू मुझे रातभर रूलाती रही! Composed By #महादेव