ღღ__गलतफ़हमी में जागते रहे, रात भर उनको जगता देखकर; . भला क्या ज़रूरत थी चाँद को, यूँ रात में निकलने की!!….#अक्स .
ღღ__गलतफ़हमी में जागते रहे, रात भर उनको जगता देखकर; . भला क्या ज़रूरत थी चाँद को, यूँ रात में निकलने की!!….#अक्स .
हर बाब बन्द और दरीचे खुलीं थीं घर की इशारा इस ओर था, कोई चोरी छुपे ही सहीं झरोखों से मगर इन्तजार में राहें निहार रहा था,
मैं भी देश के सम्मान को सबसे ऊपर समझता हूँ तो क्या हुआ कि साहित्यकारों की निंदा पर जुदा राय रखता हूँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हूँ पक्षधर स्त्री-सम्मान को रखता हूँ सबसे ऊपर मैं […]
ღღ__कल शब तुम्हारी यादों ने “साहब”, क्या दरवाज़े पर दस्तक दी थी? . सुबह को मेरी गली में, कुछ क़दमों के निशान मिले थे आज!!…..#अक्स
ये तसादुम ये रंजिशे अब देखी नहीं जाती कह दो उन से भी कि दीदार ए यार ना करे , तस्वीरें देख देख कर हम भी दिन काट लेंगें कह दो उनसे भी हमारा इन्तजार […]
Aise kaise wo bhool paayeGi Yaad meri use sataayegi Aor madhosh mujhko rahne do Hosh aayega yaad aayegi Arif Jafri
हजारो लोग तम लेकर, निगलने दौड़ पड़ते हैं ! अगर एक ज्योति हल्की सी, कहीं दिखलाई पड़ती है
ღღ__कल भी आये थे “साहब”, घर तक उनके क़दमों के निशान; . वो मुझसे मिलते तो नहीं लेकिन, मिलने आते ज़रूर हैं!!….#अक्स
बाबा साहेब की १२५ जंयती पर शुभकामनाएं मैं अपनी मर्जी से नहीं आया था न उनकी मर्जी से जाऊंगा। युग-युग तक सांसे चलेंगी अब, मैं विचारों में जिवित रह जाऊंगा। गर आ जाए मृत्यु सम्मुख […]
कल दिल ने फिर गोते मारे, उसके कजरारे नैनों में हम अपना सब कुछ फिर हारे, उसके कजरारे नैनों में उसके नैनों में उतरे जब, तब जा के हमने जाना ये हैं छुपे हुए कितने […]
लिखते लिखते स्याही खत्म हो गयी दास्ता ए इशक हमसे लिखी न गयी|
मैं कफ़न में बूत पड़ा था जश्न मेरा सर-ए-आम निकला ऐ बन्दे तुझे ज़मीन मुबारक मुक़द्दर में मेरे आसमान निकला
मिल गया अंजाम मुझे तुमसे दिल लगाने का! #दर्द मुझे होता है जैसे किसी परवाने का! नाकामियों के आलम से परेशान हूँ मगऱ, हौसला अभी बाकी है बेखौफ मुस्कुराने का! Composed By #महादेव
ღღ__आपकी मोहब्बत का, इतना तो असर हुआ है “साहब”; . कि अब अक्सर वहाँ होता हूँ, जहाँ होता नहीं हूँ मैं !!….#अक्स
अहवाल ए मोहब्बत की समझ हम में भी हैं तनिक सी , इश्क कर बेवफाई को बदनाम करना कुछ नया तो नहीं , यूँ मौत के वक़्त भी क्या तगाफ़ुल कर के जाओगे, हर रात […]
(Jawaa Dilo ke dharrkan aur ehsas ko chhone ka prayas : ek shringaar rachna.)——– WO—- ——— WO…….. Muskuraa rahi–yun door se hi Kbb qarib aayegi…… Intezaar mei ,pal guzar rahe Lamhe bhi beqaraar ho rahe […]
सहरा में मुझे तू किसी गुलशन की तरह मिल मैं मर रहा हूँ आ मुझे जीवन की तरह मिल तुझे देखकर शायद मुझे कुछ साँस आ जाए बेजान से इस दिल को तू धड़कन की […]
Karke naadaani…. Aaj khush ho rahe hain Jhelte pareshani- Aaj khush ho rahe hain Chhorr kar pehchan ki- Sabhi nishaniyaa Badh rahi hai naitikk baimaaniyaa Bannkarr ADHURE gyaani Aaj khush ho rahe hain Bhatakk rahe […]
देखिए आज ज़माना भी नहीं अच्छा है इस तरह घाव दिखाना भी नहीं अच्छा है हम खतावार नहीं खता फिर भी मानी दिल बिना बात दुखाना भी नहीं अच्छा है दिल घिरा गम के समंदर […]
मेरे लब पर तेरे लब पर सब के लब पर गंगा है, जो भारत का वासी केवल उसकी जान तिरंगा है (कुलदीप विद्यार्थी) जब कलम की जरुरत थी उठाई, आज तिरंगे की जरुरत पड़ी उठा […]
वो कनेक्ट होना चाहता है पूरी दुनिया से वर्चुअली लेकिंन अपनी रियल दुनिया के लिए … उसको फुरसत नही फेस बुक पर 5000 मित्र है और 10000 फॉलोवर ट्विटर में ट्रेंड करता है वह और […]
ख़्वाब है या के ख़्वाबो की ताबीर है.. ज़िन्दगी इक पहेली की तस्वीर है.. है बदौलत फ़कत अपने आमाल की अय नजूमी जो हाँथों में तहरीर है.. उम्र तिफ़्ली की मौजे रवां जा […]
ღღ__गर इजाज़त हो आपकी, तो कुछ ख्वाब देख लूँ “साहब”; . यूँ तो अरसा गुज़र चुका है, आप सुलाने नहीं आये !!….#अक्स
अन्याय इस लिए नही हैं कि वह बहुत शक्तिशाली है और उसका पलड़ा भारी है वह हर जगह छाया है… उसने अपना घर बसाया है अन्याय इसलिए है क्यों कि हम अपनी आवाज़ उठा नही […]
ज़िंदगी में ऐसे काज करो कि ज़िंदगी पे थोड़ा नाज़ करो ज़िंदगी को रिलैक्स करो ज़िंदगी का हेड मसाज़ करो फिर … ज़िंदगी से कुछ सवाल करो ज़िंदगी पे यक़ीन करो ज़िंदगी को न ग़मगीन […]
जब कोई धर्म साज़िशों का पुलिंदा बन जाता है तब धर्म केवल धंधा बन जाता है शोषण और लूटपाट ही दलालों का एजेंडा होता है इंसानियत मर जाती है और खोखला धर्म ही केवल ज़िंदा […]
कभी वो भी आयें, उनकी यादों के आने से पहले फ़िजा महक भी जाये, सावन के आने से पहले
दर्द देकर चैन से तुम जीने नही देते! बेरहम जख्मों को तुम सीने नही देते! खोजता हूँ जिन्दगी जाम के पैमानों में, उसको मगर चैन से तुम पीने नही देते! Composed By #महादेव
ღღ__यूँ भी कई बार “साहब”, मोहब्बत का सिला मिला मुझे; . कि मेरे ख़त के जवाब में, मेरा ही ख़त मिला मुझे!!…..#अक्स
रुसवा हो गयीं हो तुम या फिर समझ मैं नहीं पाया , यूँ नखरें दिखाना तिरी अदाओं में तो शामिल ना था, तड़प गर मैं रहा हूँ तो खुश तो तुम भी नहीं होगे, यूँ […]
मैं बस ख़ुद से आगे कभी सोच ना पाया तूने मेरा सब सोच के भी कभी ना जताया …… यूई
ज़िंदगी ने जब जब तपती राहों से निकाला मुझको हर बार तेरी खुदायी का मंज़र नजर आया मुझको …. यूई
जन्मो जन्म राहें अपनी भटकाई मैंने इसी लिए तो तेरी राह ख़ुद गंवाई मैंने अब जाके कुछ थोड़ा सा बस संभला हूँ सब सोचे छोड़ जब तेरे रंग में रंगला हूँ …. यूई
सुना है रहजन बहुत हैं तिरी राह पर मयकशी के जाम आँखों से लूटते हैं, चलों लुटने के बहाने ही सहीं ‘ज़नाब’ तिरी जानिब फिर से हो कर गुजरते हैं,
वोह सातों जन्मो का सच दिखता है तुझमें वोही जन्मो का प्यार जो रच दिया है मुझमें खोया रहा उन राहो में बस सिमट कर ख़ुदमें चैन मिला मेरी रूह को अब लिपट कर तुझमें […]
बस मुसकरा कर तेरी आँखें लूटा देती हैं प्यार इतना ता-जन्म जिस्म छू कर भी ना लूटा पाये कोई इतना […]
तुझको कुछ कहने की जरूरत ही क्या है मादक आँखें तेरा हाल-ए-दिल बता देती है …. यूई
तेरी आँखों में अपने इश्क की तक़दीर ढूँढता हूँ हुई जो ना अबतक मुकम्मल वोह तसवीर ढूँढता हूँ …. यूई
तेरी मुसकराती आँखों में सब कुछ दिखता है इन मुस्कराहटों के पीछे भी कुछ दिखता है दर्द जो छुपा बरसों से इनमें वोह दिखता हैं इंतज़ार है इनको आज भी जिसका वोह दिखता है […]
लोग तो करते हैं बातें सच्ची चाहतों की आँखें तेरी वोह सच्चाई बयान करती हैं …. यूई
सच्चाई है तेरी बातों में सच्चाई है तेरी सोचों में इसी सच्चाई में बसा लो मुझको कुछ तो ख़ुद सा बना लो मुझको …. यूई
शाम ढ़लती गयी शम्अ जलती रही.. और तबीयत हमारी मचलती रही .. मेरी हालत की उनको ख़बर तक न थी उम्र आहिस्त करवट बदलती रही उनसे तर्के ताअल्लुक़ को अरसा हुआ गोश-ए- दिल […]
तन्हा राहों पर गर मैं भी अकेला चला होता तो अब तलक मंजिल मिल ही गयी होती, मगर इन्तजार भी कोई चीज़ होती है ‘हुज़ूर’ गुज़रगाहों पर भी जिसने हमें तन्हा रक्खा,
इक अजीब सा डर रहता है आजकल पता नहीं क्यों, किस वजह से, किसी के पास न होने का डर या किसी के करीब आ जाने का|
ღღ__न जाने किस कशिश से कब्र ने, पुकारा था आज “साहब”; . कि ना चाहते हुए भी मुझको, आज ख़ुदकुशी करनी पड़ी!!…#अक्स .
तेरी यादों की चुभन रातभर तड़पाती रही! मेरी साँस तेरे नाम से आती जाती रही! गमों की आग में हरलम्हा जल रहा हूँ मैं, तेरी आरजू मुझे रातभर रूलाती रही! Composed By #महादेव
टूट लिए सपने जितने थे टूटने अब ना फिर कभी भी यह टूटेंगे अरमानो को हमने गहरे दफन किया उम्मीद के दिये जलाने छोड़ दिया …… यूई
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