जिंदगी बीत जाती है किसी को चाह कर कैसे?  कोई  बतलाये  तो मुझको मैं जीना भूल बैठा हूँ… अदा भी तुम ,कज़ा भी तुम ,मेरे दिल की सदा भी तुम, तुम्ही  अब चैन हो मेरे […]

यहाँ हर शख्स है तेरा, वहां हर कब्र है मेरी, जहाँ कैसा बनाया है खुद ने क्या इरादा था? अब तो हालात भी मुझसे मिचौली आँख करते है, को सपनो में आता है ,किसी को […]

खड़ी है जिंदगी फिर पूछती घर का पता क्या है, मुझे याद नहीं है मीर तू ही जाकर बता क्या है.. बड़ी मुश्किल है बेचारी किधर जाये ख़बर क्या है? कभी वो पूछती है फिर […]

हो गयी मुद्दत  तुम्हारे सामने आया ही नहीं , है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं. अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे, है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया […]

मोहब्बत के सवालों से मैं अक्सर अब मुकर जाता , कहीं बातो ही बातों में मैं कुछ कहकर ठहर जाता..  कि तेरा नाम भूले से जबां तक आ गया ग़र तो, तू बदनाम हो जाये […]

मोहब्बत में हारे, क़यामत  में हारे की ये ज़िंदगी हम शराफत में हारे.. न कोई है अपना ,न कोई पराया, अब जियें किसलिए  और किसके सहारे.. न है यामिनी आज जीवन में मेरे , मिटे, […]

अगर तुम बन गयी दीपक तुम्हारी लौ बनूँगा मैं, नदी के शोर में शायद तुम्हारी धुन सुनूंगा मैं. तुम्हारी याद में अक्सर यहाँ आंसू  टपक पड़ते, ये मोती है मेरे प्रीतम मगर कब तक गिनूंगा […]

वो मंज़र याद है तुमको ,जुदा हम तुम हुए थे जब, समंदर याद है तुमको जहाँ पत्थर चलाया था.. कभी जब याद आ जाये ,ज़रा हमको भी करना याद , किसी के साथ जो तुमने […]

छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या? नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या? मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ? वो मेरा और उसका छुप […]

आज हम भी है मेहमान तेरे शहर में,  दिखता नहीं मकान तेरे शहर में. ग़ुम हो गयी है शाम  की मस्ती  भी अब यहाँ, ग़ुम  हो गया करार तेरे शहर में.. आते  राहों  में मिल […]

मोहब्बत  का  वह  दौर  था  , दिखता नहीं  कुछ  और  था .. बस हमारे  प्यार  का  सारे जहां में  शोर  था, उसने  चुराया  दिल   मेरा ,मन  भी  मेरा  चित  चोर  था .. आश्ना हम […]

आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहे एक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सके ख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही […]

उफ़! ये हमारे, अजीब से सितारे आज छत पे आये तो छुप गए हैं सारे रात जब सभी थे हम नींद ले रहे थे, आंख जो खुली तो वो पहुच से परे थे © piyushKAVIRAJ 

तुम विष हो , अनश्वर तुम से मिलकर जाना .. कि साधना सिर्फ अमृत की बूँद  के लिए ही नहीं , मृत्यु के  बाहुपाश के लिए भी की जाती है . तुम्हारा वरन करने के […]

रौनक-ए-गुलशन की ख़ातिर अज़ल लिख रहा हूँ ख्वाईश इन्किलाब की है मुसलसल लिख रहा हूँ। सब कुछ लूट चुका था बस्तियां वीराँ थी बेमतलब हुआ क्यूँ फिर दखल लिख रहा हूँ। आवाजों के भीड़ में […]

हर विभाग आज सुस्त और बेहाल है काम कुछ नही सिर्फ़ हड़ताल है । भ्रष्ट्राचार का तिलक सबके भाल है भेड़िये ओढे भेड़ की खाल है। उपरवाले तो तर मालामाल है हमारे खाते में आश्वासनों […]

बचपन में हम उन दिनों बहुत ज्यादा शरमाते थे. कविता के दो लाइन भी खुलकर नही बोल पाते थे. दूरदर्शन के आगे बैठ जंगल- जिंगल गाते थे. पापा घर में आ जाये तब डर से […]

रात आती है तेरी याद लिए आती है यादों की रंगीन बरात लिए आती है यह मुश्किल है कि तेरी याद ना आये कैसे भूलूं वो मुलाक़ात लिए आती है । यादों के भंवर मे […]

[soundcloud url=”https://api.soundcloud.com/tracks/219820730″ params=”auto_play=false&hide_related=false&show_comments=true&show_user=true&show_reposts=false&visual=true” width=”100%” height=”450″ iframe=”true” /] la ela el allah, teri har ada hain paaksar, teri rahmaton ko kar nisar, aur mujhe bata main kya karu mera makka tu, mera kaba tu, teri har […]

जीवन का आधार हूं मैं भागीरथ की पुकार हूं मैं मोक्ष का द्वार हूं मैं तेरे पूर्वजों का उपहार हूं मैं तेरा आज, तेरा कल हूं मैं तुझ पर ममता का आंचल हूं मैं हर […]