गीत लिखूँ कैसे अब मैं, गीत कहूँ कैसे अब मैं. सब शब्द तुम्हारे प्रेमी है,हर कविता तेरी दासी है, हर वाक्य तुम्हारा वर्णन है, हर हर्फ़ तेरा अभिलाषी है, फिर इन दीवाने लोगो को अब […]

ए जीनेवाले सोच जरा….! मरने के लिए जीते हैं सब, फिर भी मर मर कर जीते हैं. यहाँ कभी न मन की प्यास बुझी, प्यासे ही सब रह जाते हैं. ए जीनेवाले सोच जरा, ऐसा […]

   दिल क्यूँ  मांगो “More” ….! दिल तुम्हरी नहीं मानेगे हम, क्यूँ तुम मांगो “More” “More” “More” ही दुःख का कारण, सुख ले जावे चोर…..! इतना सारा पास जो अपने, देख तो उसकी ओर, जो […]

शायद इस पहली बारिश में कल वो भी मेरी तरह नहाया होगा,, कामकाजी दौर में धुंधला चुकी कुछ यादो को यादकर वो भी मुसकराया होगा।।   हम उस वक्त बस ऐसे ही घास पर लेटे […]

पराये जज्बातों को अपना बनाने की चाहत होती है किसी की आहों में डूब जाने की चाहत होती है उम्र भर चलते रहे तनहाईयों के साथ हम उनके साथ चंद कदम चलने की चाहत होती […]

मेरी कविता प्यारी मुझको…….! मेरी कविता प्यारी मुझको, औरों को ये सरदर्द है, समझ के भी आदत ना छूटे, जाने कैसा ये मर्ज है…….! फिर भी अर्ज है…! मेरी कविता प्यारी मुझको, औरों को ये […]

तुम्हे मालूम हो … कुछ बाकी सा रह गया है तुम्हारे – मेरे दरम्यान… जिसे मैं बहुत कोशिश करने पर भी शब्द नहीं दे पाता, बस यूँही कभी महसूस कर लिया करता हूँ अकेले में, […]

कौन कहता है मुहब्बत की ज़ुबाँ होती है ये हक़ीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है वो न आये तो सताती है ख़लिश सी दिल को वो जो आये तो ख़लिश और जवाँ होती है (ख़लिश = चुभन, […]

ज़िन्दगी अब मेरी बिखर के ना रह जाये रोती हैे मेरी आँखे कोई सवाल ना कर जाये लबो पे है जाने कैसी हँसी जुबां तो ख़ामोश है ख़ामोश नज़रें ना सब कुछ कह जाये रुक […]

हरदम  कौन  ये  मेरे  दिल  में….. हरदम  कौन  ये  मेरे  दिल  में, सुख  में,   दुःख  में,  हर  मुश्किल  में, हर्ष  में  मेरे,   या  अश्कों  में, गीत  मजे  से  गाता  है, शब्द  कहाँ  से  लाता  है,   […]

तेरे हर-एक लफ्ज़ के मुताबिक़ हमको इक रोज बिछड़ना हैं,, तेरा हाल तो तू ही जाने, हमे तो उठ-उठकर रोज मरना हैं,, मगर तेरी अनचाही फ़िक्र के दरमियाँ, मेरे निक्कमे वजूद का जिक्र होगा इतना,, […]

खुदा का घर है आसमान, वो रहे रोशन——————- पता करो कि कहां, किसने जाल फैलाया सुबह गया था परिन्दा वो घर नहीं आया। रोशनी में ही चलेगा वो साथ—साथ मेरे कितना डरता है अंधेरों से […]

जिंदगी मेरी जिंदगी से परेशान है बात इतनी है कि लिबास मेरे रूह से अनजान है­­ तारीकी है मगर, दिया भी नहीं जला सकते है क्या करे घर में सब लाक के सामान है ऐसा […]

हम सबकी तरफ से हर-एक अध्यापक-गुरुजन  को सादर नमन   हैं पावन दिवस आज, करते हैं हम उनको प्रणाम, जो ज्ञान की लौ जला कर मन अलौकिक करते रहते। जन्म दिया माँ–बाप ने और राह […]

मोहब्बत करके पछताने की खुद को यूं सजा दूंगा तुम्हें यादों में रक्खूंगा मगर दिल से भूला दूंगा। रहो बेफ्रिक तूफानों तुम्हारा दम भी रखना है किनारा आने से पहले मैं कश्ती को डूबा दूंगा। […]

मुद्दत से तेरी आँखों में नमी नहीं देखी, लगता है तुमने मुझमे कोई कमी नहीं देखी .. यादों की लहरों पर किया है प्यार का सफर , हमें है राब्ता उनसे उन्हें नहीं मेरी खबर.. […]