सुमन सी सुगंधि रहे, जीवन में तुम्हारी कांटा भी ना आए कभी राह में तुम्हारी आया तो शामिल होगी मेरी भी आह.. हर आह में तुम्हारी मैं तुम्हारी ज़िन्दगी में, कल रहूं, ना रहूं दोस्ती […]
सुमन सी सुगंधि रहे, जीवन में तुम्हारी कांटा भी ना आए कभी राह में तुम्हारी आया तो शामिल होगी मेरी भी आह.. हर आह में तुम्हारी मैं तुम्हारी ज़िन्दगी में, कल रहूं, ना रहूं दोस्ती […]
हमारी संस्कृति का, वरदान है योग रहता है इससे आपका तन निरोग हर रोग को मिटाए योग आलस्य अवसाद दूर भगाए योग मन-मस्तिष्क हो जाए शांत यही हैं योग के सिद्धांत मेरे कथन का प्रयोग […]
मीठा सेहत के लिए है ज़हर, ना खाना इसे किसी भी पहर बीमारी का टूटेगा, आप पर कहर शुगर का रोग हो जाएगा, चैन ही खो जाएगा तो सलाह चिकित्सक की मानें, वह बोलते हैं […]
ठंड में ठिठुरता जाता है, कोई शिकवा भी ना कर पाता है उसका ना कोई ठौर-ठिकाना, दूजे का भवन बनाता है ठक-ठक, खट-खट की आवाजों में ही, पूरा दिवस बिताता है ना निज का कोई […]
दूर क्षितिज में जब दिन ढल जाए, नभ पे थोड़ी लाली छाए पंछी भी अपने बसेरे में आएं ठंडी-ठंडी चले हवाएं, चांद-सितारे भी आ जाएं एक आस का दीपक जलाऊंगी तब तुम भी आ जाना […]
क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं, कर्तव्य पथ पर जो मिला यह भी सही वह भी सही, वरदान नहीं मांगूंगा, हो कुछ भी पर हार नहीं मानूंगा” अटल बिहारी वाजपेई जी […]
हिन्दु पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास की, शुक्ल पक्ष की एकादशी है दिन है शुक्रवार मार्गशीर्ष मास की, शुक्ल पक्ष की एकादशी को पवित्र ग्रंथ भगवत्-गीता की, मनाई जाए जयंती जिसको कहते हैं गीता […]
***** हास्य रचना***** ************************ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी, वर्ष के अंतिम दिनों में ही सही बच्चों की पिकनिक का कार्यक्रम बनाया है आप सोच रहे होंगे, ऐसे माहौल में ?? हमने सोचा……….. […]
25 दिसंबर रात 12:00 बजे, ईसा मसीह का जन्म दिवस है 25 दिसंबर है आज क्रिसमस दिवस है मान्यता है कि….. सांता क्लॉज़ आता है, बच्चों के लिए उपहार लाता है क्रिसमस ट्री सजाते हैं […]
कई वर्षों की प्रतीक्षा के बाद, जब शबरी के आश्रम आए श्री राम शबरी ने कहा श्रीराम से, आए हो तुम तो निज काम से रावण का वध ना करना होता तो तुम इस वन […]
सोचो कुछ दिन के लिए इंटरनेट बंद हो जाए तो.. क्या करेंगे हम क्या करोगे तुम, कविता प्रकाशित नहीं कर पाएंगे सावन पर हम घर के कामों में ही उलझा रहेगा तन लेकिन फिर भी […]
*****कल रात***** शनि का बृहस्पति से हुआ मिलन, चार सौ वर्षों के बाद, दो दोस्तों की दूरी मिटी, दोनों ने किया आलिंगन चार सौ वर्षों के बाद ख़ुश हो रहे हैं तारे सभी, ख़ुश हो […]
तुम्हारे अधरों से छू कर, मेरे गीतों का सम्मान हुआ तुम पंख पसारे उड़ो नील गगन में, दिल से निकली है यह दुआ तुम्हें यह सारा जग जाने, तुम्हारा सब लोहा मानें जो तुम चाहो […]
जब कदम उठे मंज़िल की ओर, महकने लगी दिशाएं चहुं ओर आशीष मिले हैं अपनों से, कानों में गूंजा विजय श्री का शोर वर्षों की मेहनत रंग लाई, उल्लास के क्षण संग लाई अब ना […]
बीते पल क्यूं करें विकल, ये पल तो एक धरोहर हैं उन हसीन यादों को, राही दिल में लेकर चल फिर बीते पल ना करें विकल पायल सी झंकार करे मन, हर्षित हो हम रहें […]
**हास्य रचना** *********************** सुबह-सुबह उठो नहीं, रजाई में पड़े रहो सूर्य की लाली हो या पापा की गाली हो, तुम निडर उठो नहीं, तुम निडर डटो वहीं बेशर्म बन के अड़े रहो, रजाई में पड़े […]
आज कोई गीत नहीं है, गीता के, गीतों के गुलदस्ते में रीता है गुलदस्ता मेरा, रीता ही लेकर आई हूं कुछ अपने मन की कहने, कुछ आपके मन की सुनने आई हूं आज जल बहुत […]
कभी-कभी, छोटी-छोटी खुशियां भी दे जाती उल्लास के पल कभी कभी छोटे-छोटे दुख भी, कर जाते दिल को घायल क्या छोटा है क्या बड़ा ये हम ही तो तय करते हैं कभी किसी की एक […]
आज विजय दिवस है 1971 में भारत-पाक युद्ध में, भारत को मिली जीत का उत्सव है आज विजय दिवस है राष्ट्रीय समर-स्मारक पर, अखंड ज्योति जलती है दिल्ली में, उसी ज्योति से अग्नि लेकर, प्रज्वलित […]
बर्फ के फ़ाहे गिरे सारी रात, चिपके रहे टहनियों के साथ सूर्य-रश्मि का मिलते ही ताप, मोती बन बूंद-बूंद बिखर गए, हिम के दूधिया से श्वेत कण धूप में और भी निखर गए कांप रहा […]
ऐसी क्या बात है सखी, क्या हो तुम मुझसे नाराज सखी करके चुनरी का ओला सखी, क्यूं कर दिया अबोला सखी ना कोई संदेश ना दूरभाष सखी, आती है तेरी बहुत याद सखी क्या मुझसे […]
वो मुझसे यूं बोले, तुम बहुत प्यारी हो तुम सबसे न्यारी हो कभी-कभी कलेजा जलाती हो, फिर भी मुझे बहुत भाती हो लिखती रहती हो कविताएं तुम, इतना सब कैसे कर पाती हो कभी-कभी क्रोधित […]
टूटे तारे के बारे में, किसने कब सोचा है उससे मांगे सब दुआ, यह ना पूछे कोई भी बता तेरे संग क्या हुआ क्या कोई तेरा साथी छूटा, तारे क्यूं तेरा दिल टूटा वह टूटा, […]
मैं हूं किसान, आप सा ही एक इन्सान मेहनत से अपनी, बीज बोता हूं ज़मीं में, सींचता रहता हूं पौधे अपनी आंखों की नमी से देखी है बागों की बहारें, मेहनत से हम कभी ना […]
क्या पता इस ज़िन्दगी में, आज सा कल हो ना हो क्या पता इस ज़िन्दगी में, अब जैसा पल हो ना हो आज सी खुशियां ना हो तो.. आज जैसे ग़म ना हों आज मिल […]
बिना स्वार्थ के दोस्ती, होती है एक औषधि जहां स्वार्थ और शर्त है प्यार में, वो टिकता कहां संसार में दोस्ती का रिश्ता भी खास है, दोस्ती केवल दोस्ती ही नहीं, एक दोस्त का विश्वास […]
सरल नहीं है ये जीवन, पर कठिन भी नहीं है इसे समझना जिस तुला पर तौलते हो औरों को तुम, किसी दिन उसी तुला पर, स्वयं को भी तौलना कभी जिंदगी का हंसाना, कभी पाली […]
सर्द मौसम में, अश्क भी जम गए अल्फाज उनके सुनकर, मेरे हर पल थम गए शून्य में घूमने लगा, मेरा वजूद सारा ज़रा सी धूप लगी तो, नैन हमारे नम गए अजीब था उनका अलविदा […]
वो किसी की बातों में आने लगे हैं, तभी तो हमसे कतराने लगे हैं मोहब्बत दिख रही है उनकी आंखों में लेकिन, ना जाने क्यूं नज़रें चुराने लगे हैं लौट जाते हैं हमारे दर तक […]
पतिदेव हर जगह, शान दिखाया करते थे “मैं कुछ सालों से, गीता के उपदेश पर चल रहा हूं” यह सब को बताया करते थे लोग भी उनके आगे, नतमस्तक हो जाया करते थे फ़िर एक […]
प्यार की बदलती परिभाषा ************************** 5 साल का बेटा बोले, मम्मी आई लव यू, मम्मी भी उत्तर में बोले बेटा, लव यू टू…… 15 साल का बेटा बोले, मम्मी आई लव यू, मम्मी बोली, बेटा […]
गीतों में अपने जज्बात लिखा करता था, गीतों में मुझसे बात किया करता था हाथों में लेकर मेरा हाथ, घंटों चलता रहता मेरे साथ वो लड़का मुझे बहुत मोहब्बत किया करता था मैं लिखती थी, […]
सुख -दुख जीवन का हिस्सा है, ये तो ज़िन्दगी भर का किस्सा है निराशा का भाव दे सुख की घड़ी, आशा का संचार करें, एक नज़र तारीफ भरी सुख देकर ही सुख मिलता है, दुख […]
आंसुओं को अमृत समझ के पी गए हम, तुम्हारी जुदाई में इस तरह जी गए हम तुम्हारे आने की आस पलती रही, तुम्हारी कमी सदा खलती रही कभी मन का मकरंद उड़ा, कभी दिल की […]
सर्दी ने शीतलहर का थामा हाथ, सुहाने लगा कंबल का साथ दिन में भी धुंध है छाई, सूरज भी नहीं दे दिखाई अदरक वाली चाय सुहाए, गरम परांठे मन को भाएं आइसक्रीम से टूटा नाता, […]
सुबह सवेरे द्वार पे मेरे, एक निर्धन ने पुकारा एक बालक था गोद में उसकी, ठंड से कांप रहा बेचारा मैंने झटपट एक स्वेटर लाया और उस बालक को पहनाया करुण भाव उपजा था मन […]
हर तरुवर दे केवल फल, यह ज़रूरी नहीं ज़िन्दगी में किसी वृक्ष की छाया भी, सुकून बहुत देती ज़िन्दगी में जिसने झेली हो तपिश ज़िन्दगी की, वही सुकूं का सुख जानते हैं जिनकी फल पर […]
जल जाती हूं ज्वाला सी, जब अरमान मेरे जलते हैं लेकिन तुम्हारी नेह-वर्षा से, वो धीरे-धीरे फलते हैं मीठे-मीठे बोल बोल कर, दुनिया वाले छलते हैं लेकिन तुम्हारी नेह-वर्षा से, वो जख्म भी ढ़लते हैं […]
परिवर्तन तो तय है उससे क्या भय है प्रतीक्षा कर, किसी का दिल बदलेगा अगर, तो किसी के दिन भी बदलेंगे *****✍️गीता
एक था राजा एक थी रानी सुनो सुनाऊं एक कहानी खुशी खुशी दोनों रहते थे गीत खुशी के गाते थे प्यार बहुत था दोनों में एक दूजे पर जान लुटाते थे फिर एक दिन आया […]
दीप तले अंधेरा है निशा के बाद सवेरा है ना डर देखकर मुश्किल मंज़िल को तेरा इंतजार है *****✍️गीता
बेटी हुई पराई देखो बेटी हुई पराई, यह कैसी ऋतु आई देखो बेटी हुई पराई मेरे आंगन के पौधे की डाली बड़ी ही नाजुक नाजुक सी वह थोड़ी नखरेवाली, मेरे आंगन में जब वह आई […]
किस्मत से ही बनते हैं, दिलों के रिश्ते वरना चंद मुलाकातों से, कहां रिश्ते बना करते हैं.. *****✍️गीता
चलने की कोशिश तो करो, मंजिल भी मिलेगी राहों में मुश्किल है तो, मुश्किल भी हटेगी अंधियारे से ना डरना, दुआओं से पथ तेरा रौशन रहेगा *****✍️गीता
कुछ ख्वाब भी झूठे हैं, और ख्वाहिशें भी अधूरी हैं पर खुश रहने के लिए, कुछ सपने भी जरूरी हैं *****✍️गीता
दोस्ती एक बूंद सुधा सी दोस्ती लगे खुदा सी, दोस्ती है एक दुआ सी दोस्ती तिमिर में रौशनी, दोस्ती उजाले की प्रभा सी *****✍️गीता
शत्रु को तोड़ कर लेटा, तिरंगा ओढ़ कर बेटा भारत मां की हर मां का , सीना फटता जाता है जब किसी का लाल तिरंगा , ओढ़ के आता है बूढ़े बाप ने देखा जब, […]
आ गई मैं मंदिर में, धोकर अपने हाथ पैर ताकि संग मेरे ना आए, कोई कपट कोई बैर घंटा बजाकर सुना मधुर स्वर, उसकी तरंगों से धार्मिक हुए विचार धूप दीप नैवेद्य चढ़ाकर, करूं वंदना […]
बच्चों को पढ़ाती हूं जो कुछ सीखा अपने गुरु से, उनको भी सिखाती हूं कामयाब हो भारत के बच्चे, निश-दिन करती हूं जतन अच्छी शिक्षा सीखें बच्चे, संपन्न हो मेरा वतन यही सोच है यही […]
खेतों से निकलकर, राजधानी की सड़कों पर आ गया है किसान देखो कितना है परेशान दिल्ली की सर्दी में, खुद खाना बना रहा खुले अंबर के नीचे देखो रात बिता रहा सड़कों पर बैठा है […]
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