ढोल बजाकर आग जला कर, आओ लोहड़ी मनाएं तिल गुड़ की बर्फी बना कर, सब मिलजुल कर खाएं सरसों का साग और मक्का की रोटी मक्खन संग खाओ, स्वादिष्ट बड़ी होती रंग बिरंगी पतंग उड़ाएं […]
ढोल बजाकर आग जला कर, आओ लोहड़ी मनाएं तिल गुड़ की बर्फी बना कर, सब मिलजुल कर खाएं सरसों का साग और मक्का की रोटी मक्खन संग खाओ, स्वादिष्ट बड़ी होती रंग बिरंगी पतंग उड़ाएं […]
कभी कोई कांटे बिछा दे राहों में, कांटे चुन-चुन के दूर कर दो। इस तरह बढ़ाओ आत्म-बल, कि अरि के स्वप्न चूर कर दो। अन्धकार कर दे कोई राहों में गर, तो जला मशाल तिमिर […]
ये सर्दी का मौसम, ये कोहरे का नज़ारा आज है ये आग्रह हमारा कोहरे में डूबी, यह सुन्दर-सुन्दर सुबह जी भर के जी लें, आओ ना एक कप चाय, क्यूं ना साथ-साथ पी लें.. _____✍️गीता
अच्छे लोगों का, अपनी ज़िन्दगी में आना, सौभाग्य कहलाए उन्हें संभाल कर रखना, कहीं जाने ना देना हमारी योग्यता कहलाए। अनेक कलाएं हैं इस जहां में, सबसे सुंदर कला क्या है किसी के हृदय को […]
ख़यालातों के बदलने से भी, नया दिन निकलता है। सुनो, सिर्फ सूरज चमकने से, ही सवेरा नहीं होता। हां ठंड में थोड़ी धूप भी जरूरी है, बादलों के आने से अंधेरा नहीं होता।। ____✍️गीता
अगर आपको है फिक्र, अपने आर्थिक और दैहिक उत्थान की, तो फ़िर बात सुनो एक काम की आप अपने भोर वाले मित्र बनाएं, जो आपके संग , नियमित रूप से सैर को जाएं प्रभु का […]
अब मैं बड़ा हो गया हूं, पापा हो गए हैं बूढ़े निज परिवार में रमता जा रहा हूं, पापा को विस्मृत करता जा रहा हूं कुछ कम ही सुनता है उनको आजकल, कुछ कम ही […]
हिन्दी केवल भाषा ही नहीं, मेरे वतन की पहचान है हिन्दी का है हृदय में स्थान, हिन्दी ही मेरा सम्मान है हिन्दी की गूंज हो देश विदेश, ऐसा मेरा अरमान है हिन्दी मेरे भावों की […]
अपने वतन की मिट्टी को, क्या कभी तू भुला पाएगा जिस आंगन में खेला-कूदा, क्या वो याद ना आएगा जिस विद्यालय कॉलेज से ली शिक्षा तुमने युवक क्या उसके प्रति भी, नतमस्तक ना हो पाएगा […]
ऐ ज़िन्दगी तेरा शुक्रिया ज़िन्दगी तूने जो दिया, उसके लिए तेरा शुक्रिया कल कहने का वक्त मिले ना मिले, जो भी तूने मेरे लिए किया उसके लिए तेरा शुक्रिया बचपन में ऐ ज़िन्दगी तूने ख़ूब […]
पूस की ठंड में, वह सिकुड़ता सिमटता सा जा रहा था कोहरा भी उसकी ओर आ रहा था सूर्य भी धरा से विदा लेकर, अपने भवन जा रहा था दिन ढलने लगा था, तिमिर छलने […]
हल उठाने वाले देखो, हल मांगने आ गए समस्या का हल, कुछ ना कुछ तो निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा ट्रैक्टर लेकर खड़े किसान, अपने हक पर अड़े किसान ना सर्दी की फिक्र है, […]
जब वक्त मिले तो पढ़ लेना, पढ़ लेना रिश्तों की किताब कुछ रिश्ते मिलते हैं जन्म से, कुछ रिश्ते देता है यह समाज किन्तु निज चुनाव से जो रिश्ता, पुष्पित-पल्लवित होता है हृदय में, वो […]
दो किनारे इक नदिया के, चलें साथ-साथ पर कभी ना हो उनका मिलन एक दूजे को देखकर ही, रहते हैं दोनों प्रसन्न मिलने की भी ना सोचें कभी, दो किनारे इक नदिया के उन दोनों […]
जब रात को मैं सो जाती हूं, तो चाँद ज़मीं पर आता है मेरे आंगन में खूब सारी, वो चाँदनी छोड़ के जाता है सुबह को जब मैं उठती हूं, उस चाँदनी से मुंह धो […]
कल्पतरु सी बने कविता, सब के दुख हरे कविता बेरोज़गारों को रोज़गार मिले, बिछुड़ों को उनका प्यार मिले ऐसी सुंदर बने कविता, सुरतरू सी बने कविता शोहरत की चाह हो उसे शोहरत मिले, दौलत की […]
बचपन में जब मैं रोती थी, तो हंसाते थे मुझे लोग चलते समय जब गिरती थी, तो उठाते थे मुझे लोग अब बड़ी हो गई हूं तो, हंसती हुई को रुलाते हैं चलती हुई को […]
*****हे मनुज***** अपनी मेहनत से जो मिले, उसमें ही तेरा दिल खिले बढ़ते-चढ़ते देख किसी को, कभी नहीं किसी का दिल जले दूजे का हिस्सा ना खाऊं मैं, निज मेहनत का ही पाऊं मैं रहे […]
दुनिया से कटा कश्मीर, बर्फ़ से अटा कश्मीर मौसम का हुआ पहाड़ों पर कहर कांपा श्रीनगर और कांपा, जम्मू-कश्मीर का हर शहर डल झील जम गई, उसकी रफ्तार थम गई। बद्रीनाथ के पथ पर , […]
सौ वर्ष पुराना मन्दिर टूटा चांदनी चौक में देखो लोगों का दिल टूटा चांदनी चौक में हनुमान जी की पूजा करने आते थे जो भक्तगण देखो उनका मन्दिर जाना छूटा चांदनी चौक में यदि सरकार […]
ठंडी-ठंडी पवन चल रही भीगा-भीगा सा मौसम है, सूर्य-देव ही कृपा करें अब निकला जाता दम है सर्दी है बर्फ़ सी ठंडी मौसम भी कितना नम है, सूर्य-देव से कहूं धूप भेज दें, यहां धूप […]
जय-जय शिव शंकर सर्दी हुई भयंकर जय-जय बम भोले, गिरने लगे हैं ओले आई तेजी से बरखा रानी, झमाझम बरसा पानी सर्दी से कांपे है तन, निकला सा जाता है दम ऐसे मौसम में हाए […]
बारिश में भीगते-भागते खिलखिलाते वो दो बच्चे ना सिर पर छतरी, ना तन पर कोई रेनकोट तेज़ हुई बारिश तो, बैठ गए लेकर एक दीवार की ओट चेहरे पर हंसी की फुलझड़ी बालों से टपक […]
एक व्यक्ति का करने गए थे अंतिम संस्कार कच्ची-पक्की बना रखी थी, ढह गई वह दीवार, ढह गई वह दीवार.. बेमौत पच्चीस मरे, यह क्या हो गया अरे ! लालच का ऐसा भी, क्या आलम […]
यदि कोई युवक-युवती चाहें प्रेम विवाह करना तो उनके और परिवार के सुख की खातिर, कभी मना नहीं करना प्रेम-विवाह नहीं होगा तो माता-पिता की मर्जी वाले विवाह में, वह सुख महसूस नहीं होगा स्मृति […]
ये सतरंगी इन्द्रधनुष सात रंग से सज-संवर कर आया अति सुन्दर सतरंगी इन्द्रधनुष बरखा बरसे तब दिखता है, अम्बर में यह इन्द्रधनुष सप्तवर्ण यह इन्द्रधनुष मोहित सी हो गई मैं, उसकी छटा में खो गई […]
वो मुफ्त में पालक काट दिया करता है सब्जी के साथ मुफ्त में, धनिया मिर्ची भी बांट दिया करता है जेब से, मानो या न मानो वो सब्जी वाला दिल से, बहुत अमीर हुआ करता […]
हुई है बारिश खूब झमाझम ठंडा-ठंडा हो गया है मौसम मेरे आंगन का एक पौधा है अभी जो थोड़ा सा छोटा पानी ना मिल पाया था उस पौधे को कुछ दिनों से आज बारिश की […]
मुकद्दर में ज़्यादा हम मानते नहीं हैं हाथों की लकीरों को पहचानते नहीं हैं भरोसा है हमें अपनी ही लगन पर बस उसे ही अपना ख़ुदा मानते हैं कभी कहीं हो जाए हमसे चूक कोई […]
इश्क़ और मुश्क में इश्क़ तो सभी जानें और मुश्क ?? इसका क्या अर्थ है मुश्क मतलब है कस्तूरी कस्तूरी हिरण की नाभि में है फिर भी इधर उधर भागे वो कहां से आई है […]
रिमझिम-रिमझिम जल बरसा, आ गए काले बादल दिन में छाया घोर अंधेरा नभ में जैसे फैला काजल बादल की आंख से जल बरसा धूप को ये सारा जग तरसा सर्दी के मौसम में और भी […]
सूर्य उदित हुए सुबह हुई बड़ी ठंडी सी सुबह थी सूरज ने भी कोहरे की चादर ओढ़ रखी थी वक्त का पता ही ना चला कब सुबह हुई कब दिन ढ़ला सुबह, दोपहर सांझ सब […]
नए वर्ष की नई भोर है स्वर्णिम-उजियारा चहुं ओर है चेहरे चमके बगिया महकी ओस सुबह की फिर से चमकी उपवन में फिर फूल खिलेंगे बिछड़े दिल भी आज मिलेंगे सुंदर है कुदरत की चित्रकारी […]
सागर की लहरों में जैसे खो जाएगा, 2020 भी अलविदा हो जाएगा फ़िर नूतन-वर्ष मनाएंगे (2021) नूतन-वर्ष मनाने से पहले (2020) बीते वर्ष पर ग़ौर फरमाना है फ़िर नूतन-वर्ष मनाना है पिछला वर्ष कोरोना लाया […]
ज़रा सा मुस्कुरा देना नव वर्ष से पहले हर पीर भुला देना नव वर्ष से पहले ज़रा सा प्यार दे देना नव वर्ष से पहले टूटे तार जोड़ लेना नव वर्ष से पहले ना सोचो […]
पिता के चरण छुए जो, कभी गरीब नहीं होता माता के चरण छुए जो वो बदनसीब नहीं होता अग्रज के चरण छुए तो कभी गमगीन नहीं होता गुरु के पैरों को छूकर विद्या का वरदान […]
उदित सविता की, किरण सुनहरी उषा की आभा है कितनी प्यारी देती संदेश संसार को, करती तिमिर को दूर है धूप देती तपन लुटाती सर्द मौसम में सूर्य आभा सभी को सुहाती _____✍️गीता
हमें देखकर वो मुस्कुराने लगे, उन्हें देखकर हम शरमाने लगे जब मिली उनसे नज़र से नज़र हम हो गए बेखबर तो यह आलम हुआ…. वो धीरे-धीरे पास आने लगे हम घबरा कर दूर जाने लगे […]
कुछ दिनों से ज़िन्दगी “जादू” सी हो गई कुछ भी काम करने से पहले धूप चाहिए रात को तो धूप मिलती नहीं है तो एक कप टमाटर का सूप चाहिए काश किसी डब्बे में रख […]
जब तुम दूर होते हो तो ये एहसास होता है कर लूं आंख बंद अपनी, तू मेरे पास होता है आंख से अश्क आते हैं, मगर लब मुस्कुराते हैं अकेली जब मैं होती हूं, नभ […]
आंख से बह चली, अश्रु की बूंद कुछ कह चली तुम तो क्रोध कर गए, मैं सब कुछ सह चली नयनों से बह चली अश्रु बूंद कुछ कह चली तुम तो स्नेह में भीग उठे […]
चला ही जाएगा अब 2020, दिए बहुत ही जिसने टीस कई अपने बिछड़ गए किसी के सपने बिखर गए कोरोना का रोना ही रहा, किस-किस ने क्या-क्या न सहा किसी ने अपना जीवन खोया, कोई […]
नया वर्ष खुशियां लाए हम सब की हैं यही दुआएं लोग मांगे नए साल में कुछ नया मगर मुझे ए खुदा, मेरे पुराने दोस्त ही भाएं बस बना रहे उनका साथ, यही दुआ मांगू दिन […]
ह्रदय कांप उठा, देखकर एक तस्वीर बर्फ की पहाड़ियां थी, एक मशीन गन जंग खाए पड़ी थी वहां मौत मुंह बाए खड़ी थी कुछ वीर जांबाज़ों के थे शव शव क्या कंकाल ही थे, उनके […]
पापा की परी होती है बेटियां मन की खरी होती है बेटियां पापा बेटियों के लिए, ज़मीं आसमां एक कर दें क्योंकि एक पिता का गुमान होती है बेटियां हर किसी के घर की शान […]
झूठी हंसी से अच्छा है, चलो खुल कर रो लेते हैं बार-बार नजर अंदाज होने से अच्छा है कि नज़र आना ही छोड़ देते हैं रोज़-रोज़ चोट खाने से अच्छा है कि चलो हम चलना […]
पास इतना रहो, कि प्यार रहे दूर भी इतना ही रहो, कि इन्तजार रहे दिलों की दूरियां ना करना इतनी कि पास आने को ना कोई बेकरार रहे ____✍️गीता
फ़लक से उठा कर, ज्यों जमीं पर पटक दिया हो दर्द दे दिया है ऐसा न जाने लग रहा है कैसा दिल की चोट का पता नहीं है पर कमर में दर्द बहुत है सर्द […]
पिता-पुत्र सैर को, निकल पड़े खेतों की ओर ठंडी-ठंडी पवन चल रही चलते पानी का था शोर कोयल कूक रही पेड़ों पर, और कहीं नाचते मोर तभी पुत्र ने वहीं पे देखा एक जोड़ी पुराने […]
जब नारी का जन्म हुआ, मां-बाप का चेहरा क्यूं सन्न हुआ ये बात समझ ना पाती थी जितना भी सोचूं उतनी ही उलझती जाती थी हर गीत से लेकर कहानी तक बचपन से लेकर जवानी […]
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