तू जर्रों की तरह उड़कर मेरी सांसों में मिलता है ये मन योगी हुआ तन भस्म देखो मलता रहता है अन्तस में दिये जलते रोशनी आसमां तक हो पुष्प जोगी बने फिरते कहो फिर इश्क […]

जाने कहां और कितनी दूर चली, चलकर हिमालय की पर्वत श्रृंखला में पहुंच गई वहां पड़े पारस पत्थर को उठाया अर्ध निंद्रा में ही थी- सरोवर में बहते सुंदर नीले जल पर कमल की पंखुड़ियों […]

मोहब्बत के सफर में एक नया आगाज़ कर देना मैं तुझसे दूर गर जाऊं तो फिर आवाज दे देना मैं लिखती हूं तुझे हर रोज अपने दिल के पन्नों पर कभी फुर्सत मिले तो उन […]

कागजी प्रेम,कागज़ के कुछ पन्नों तक ही सिमट कर रह जाता है। कुछ आंशिक शब्दों से शुरू होकर, आंशिक ही रह जाता है। विश्वास की डोर बड़ी कच्ची होती है प्रेम की मिठास बस जिस्म […]

आसमानी रंग में अब तो रंगी दुनिया नेह के दीपक तले जल रही तनहाईयाँ दूधिया रोशनी में सज रहा प्रियतम मेरी चुनरी ओढ़ कर पवन ले रही अंगड़ाइयां बारिश की बूंदों से दिल की सज […]

आकाश की बाहों में चुप जाने को जी चाहता है सूरज की गर्मी में तप जाने को जी चाहता है रात की दहलीज़ पर नंगे पांव रखकर चांद की चांदनी में नहाने को जी चाहता […]

अभिनय की इस परंपरा को मैंने अब तक खूब निभाया दिल के आंसू छुपा लिया और झूठी मुस्कान से सब को रिझाया बात बना ली, जख्म छुपाए रात-रात भर नींद ना आए चंदा से आंख […]

सुबक-सुबक कर निकल रहे हैं गम के आंसू ढलक रहे हैं कुछ गालों से रेंग रेंग कर कवि के मन को भिगा रहे हैं कुछ आंचल के छोटे टुकड़े में अपने अस्तित्व को छुपा रहे […]

इन बूढ़ी-सी झुर्रियों में जाने कितने राज़ हैं नजरों को है इंतजार और जाने कितने ख्वाब है उम्र की दहलीज पर बैठा तन का मेमना बूंद आंखों में छुपी है ह्रदय में जाने कितनी बरसात […]

कुछ राहतों की बात हो कुछ चाहतों की बात हो आओ सपनों में रंग भरे कुछ रंगतों की बात हो आभार करें ईश्वर का हम कुछ मन्नतों की बात हो आज भूल जायें हम सारा […]

चल देते हैं दिल को राहतें करते हैं कुछ मनमर्जियां सपनों को लगा दे पंख जी ले अपनी जिंदगी ना करें दुनिया की फिक्र हो जाए थोड़ा बेशर्म जो भी सवारे सपनों को दे दें […]

जो चेहरे से नहीं होती मोहब्बत किससे होती है ? जो आंखों से नहीं होती मोहब्बत किससे होती है ? दिल तो आजकल बिकते हैं सरेआम बाजारों में, अगर दिल से नहीं होती मोहब्बत किससे […]

रात किसकी मोहब्बत में भला सारी रात जगती है उसे किससे मोहब्बत जो ना पलकों को झपकती चांद को बंद करके मुट्ठी में पूँछ लूंगी आसमान से रात क्या दिन से मिलने खातिर ही सारी […]

आपकी यादों में अक्सर सुबह से शाम होती है ना अब दिन ही गुजरते हैं ना अब तो रात होती है खुदा भी सामने मुझसे कभी मिलने को आ जाए बता देंगे उसे भी हम […]

मेरी मुस्कान में कुछ राज हैं जो राज रहते हैं वो मेरे हैं आजकल ये भरे बाजार में कहते हैं मेरे महबूब में दिखते हैं मुझको देवता सारे मुझको दोस्त मेरे आजकल बीमार कहते हैं।।

ये हमदर्दी की बातें बस किताबों में ही दिखती हैं मोहब्बत तो आजकल यार बाजारों में बिकती है भरोसा किस पर करें और प्यार भी किससे करें आखिर आजकल तो दिल की दुनिया महज अपनों […]

मैं तेरा ख्वाब हूं तू मेरा ख्वाब है मैं तेरा जुनून हूं तू मेरा रूआब है तेरी साँसों की खुशबू से तुझे पहचान लेती हूँ मैं तेरी गज़ल हूँ तू मेरे दिल का साज है।।

जुनून है तेरे दिल में हम तो अपना घर बनाएंगे तुझ में डूब जाएंगे तुझी में खो जाएंगे करे कोशिश अगर जुदा करने की हमें कोई तुझसे बिछड़ के हम तो तय है मर ही […]

अवध में बाजे चहुँ ओर बधइया। राजा दशरथ के भवन में जन्म लियो चारों भैया ब्रह्मा, विष्णु, शंकर नाचत धन्य कौशल्या मैया अवध में बाजे चहुँ ओर बधइया। भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न राम के छोटे-छोटे […]

अंतरनाद हो रहा देखो प्रकृति में चहुं ओर नित नवीन गुंजन उठे बादल उठे घनघोर ढोल मृदंग बज रहे सब अप्सराएं भी गुणगान करें राम ने अवध में जन्म लिया हर्षित है पूरा लोक।

काश ! हम सीख पाते तुमसे साहित्य की कुछ नवीन विधाएं पर ना जाने कहां तुम खो गई ओ सखी! तुम कहां चली गई यूँ तो उम्र में तुम मुझसे बहुत बड़ी हो पर हमारा […]

तुम्हारे होठों पर वो लफ़्ज़ कभी ना आए जो हम सुनने के लिए बेकरार रहे मिलने तो रोज आते रहे तुम पर दिल के जज्बात कभी ना कहे देने को रोज लाते रहे गुलाब तुम […]

तुम्हारा सहयोग, तुम्हारा प्रेम पाकर मैं कृतार्थ हुई मैं तुम्हारे सहयोग की आभारी हूं तुम्हारा सहयोग, तुम्हारी संवेदनाएं, तुम्हारी भावनाएं तुम्हारे लफ्जों में यूं ही बलवती होती रहे मैं तुम्हारा सम्मान करूंगी तुम्हारे मन में […]

कोरोना की तीसरी लहर के लिए आदित्यनाथ योगी हैं तैयार अबकी बार कोरोना का बच्चों पर है वार बच्चों पर है वार, कैसे जान बचेगी बच्चे इतने कोमल हैं कैसे सरकार उनका ध्यान रखेगी कहती […]

किसी की आंखों को दो जीवन ज्योति किसी के जीवन में भरो रोशनी कोई तो हो जो तुम्हारे जाने के बाद भी तुम्हारी आँखों से यह दुनिया देख पाए बुझे चिरागों को दो रोशनी मिटा […]

कैसे दिन आये हैं! नौकरी की बात करो तो उज्जवला योजना गिनवाते हैं बेरोजगारी का मुद्दा उठाओ तो आत्मनिर्भर का पाठ पढ़ाते हैं इतना पढ़ लिख कर यदि पकौड़े तलना था तो आखिर हमने क्यों […]

कल तक गुंजाइश थी तुम्हें माफ कर देने की आज ना रही कल अगर तुम अपने सर को झुका लेते तो आज मेरे दिल में जगह भी पा लेते पर अब हमारा रिश्ता माफी से […]

तुम्हें याद है वो मंजर जब हम तुमसे मिला करते थे तुम्हारे हाथों में हाथ रखकर अपने दिल की हर बात कहा करते थे तुम रोज सोचते थे कि बता दोगे मुझे अपने दिल की […]

आज तुम्हारे साथ कुछ वक्त बिताने को जी चाहता है हां, तुम्हारी याद बहुत जोरों से आ रही है क्या है तुम्हारे पास वक्त मेरे लिए ? अगर है, तो आ जाओ वहीं जहां हम […]

अपनी दूरदर्शिता से मैं देख पा रही हूं अंधी हूं मगर सपने देखती जा रही हूं देखती हूं यह सपना की एक दिन देखूंगी मैं दुनिया फूल चुनूगी चमन से बिखरा दूंगी कलियां कोई तो […]

निस दिन गिरता जाए मानव देखो यार बातें मुंह पर मीठी करें पीठ पीछे गरियाए घोल के शर्बत जहर का पीने को देता है इतना छल है संसार में मानव धोखे देता है।

कृषक हमारा दुखी है फसल नहीं हो पाई पानी दिया था, बीज बोए थे, की थी खूब रोपाई फिर भी ना उपजा अन्न आया ऐसा मानसून बाढ़ में सारी फसल हुई बर्बाद रोटी भी ना […]

रोज रोज बढ़ते रहे मंजिल की ओर कदम निस दिन किया प्रयास फिर कैसे गिनते दिन कैसे गिनते दिन जब परीक्षा सिर पर थी प्रण कर लिया था आगे बढ़ने का, ऐसी ही जिद थी […]

वृक्षारोपण कर रहे अब देखो कितने लोग जब प्रकृति ने दिखला दिया है अपना रोष पहले ही सचेत होते तो ना लगाने पड़ते ऑक्सीजन वाले वृक्ष अब एकदम कैसे उग आये धरती पर कल्पवृक्ष ।।

राजनीति की बात कर राजनीति के लोग राजनीति ही कर रहे राजनीति के लोग राजनीति के गुरु रहे वंशीधर श्री कृष्ण जिन्होंने से खिला दिया रहना प्रेम से सब हिल मिल।

अद्भुत दुनिया की रीत है अद्भुत है संसार अद्भुत रिश्ते नाते हैं अद्भुत नदी की धार अद्भुत सुंदर पुष्प है अद्भुत पर्वत श्रृंखला अद्भुत धरती आसमां अद्भुत है श्रृंगार।।

लुटा हुआ सँसार जब देखे है रानी गुड़िया सिसक सिसक रह जाती है मन ही मन ढलकाती आँसू के अंगारे कैसी विपदा आन पड़ी जो बिछड़ गए माँ बाप प्रेम ही अब तो हो गया […]

ये शारीरिक महामारी है या मानसिक महामारी? मुझे तो ये लगता है कि ये है आर्थिक महामारी कोई कहे अदृश्य इसे तो कोई बोले दृश्य इस महामारी ने लूट लिये चलते फिरते मनुष्य कैसे घर […]

हे प्रभु इतना दे मुझे, ना फैलें किसी के आगे हाथ देने को आतुर रहें हर मानव का साथ, हर मानव का साथ मैं दूं आगे बढ़-चढ़कर निस्सहाय की सहायता करूं मैं हँस हँस कर […]

मातृत्व सुख जीवन का सबसे अनमोल उपहार है जब नवजात शिशु अपनी नन्हीं- नन्ही उंगलियों से मां को स्पर्श करता है ऐसा आभास होता है कि गुलाब की सुंदर पंखुडियां स्नेह से तन को सहला […]

अकिंचन ही कर्तव्य पथ पर बढ़ते गए कदम सुध नहीं थी किस ओर गए कदम रास्ते में मिले अनेक राहगीर कुछ बने मित्र कुछ बने हमदर्द कुछ बन गए राहगीर जीवन के इस सफ़र को […]

गौ रक्षा को उठ रहे मानव के दो हाथ गौ माता की पूजा कर यह है जन्नत की सौगात मानव कुल में जन्म लिया तो जीवों से कर प्रेम गौ माता में दिख रहे हैं […]

हे ईश्वर! कृपा कर अपने बनाये इंसानो की रक्षा कर मत फैला ऐसी जानलेवा बीमारी जिससे होता जा रहा प्रकृति का हनन मानव का क्षरण रोंक मरते मानवों को बचा ले प्राण, ऐसे ना कर […]

मेरी हर कविता तुम्हारे ऊपर निशाना नहीं होती कभी किसी तथ्य पर होती है कभी किसी प्रश्न पर होती है कभी होती है कल्पना कभी किसी की अल्पना कभी तुम्हारे प्रश्नों के उत्तर कभी होती […]

तुमसे नफरत हम नहीं करते तुमसे ईर्ष्या भी नहीं करते तुम्हारे कारण ही तो लिख पाते हैं अंदर से प्रेरित हो पाते हैं साहित्य साधना को बढ़ रहे हैं तुम्हारे दिखाए रास्ते पर ही चल […]