कुछ तो होता जरुर नाता है ऐसे कोई नहीं मिल जाता है। उसी के सामने दिल को खोलें जिसे कुछ हाल पढऩा आता है। फिर कोई भीड़ ही नहीं लगती भीड़ में जब वो नजर […]
कुछ तो होता जरुर नाता है ऐसे कोई नहीं मिल जाता है। उसी के सामने दिल को खोलें जिसे कुछ हाल पढऩा आता है। फिर कोई भीड़ ही नहीं लगती भीड़ में जब वो नजर […]
कहीं बेघर ने इक छत का सहारा कर लिया होता तो फिर हर हाल में उसने गुजारा कर लिया होता। मुसाफिर का सफर थोड़ा जरा आसान हो जाता अगर रस्तों ने मंजिल का इशारा कर […]
चांद पे चरखा चलाती रही…….. खुदा की दुनिया है, इसमें तो क्या कमी होगी हमारी आंख ही में ठहरी कुछ नमी होगी। जितना जीने के लिये चाहिये वो सब कुछ है नहीं लगता है कि […]
वो जब गली से गुजरें तो, कोई वहां न हो घर के सिवाय मेरे कोई, घर खुला न हो। बेहतर है कि दीवारों से, कुछ दूर ही मिलें दीवारों के भी कान कहीं दरम्यां न […]
उसने जब उठते हुए रोका नहीं मैने भी चलते हुए सोचा नहीं। सामने सबके गले लग के मिले कभी तन्हाई में तो पूछा नहीं। इतना हंसना, ये मुस्कराना तेरा कहीं जमाने से तो धोखा नहीं। […]
भुला सकोगे न तुम कभी भी , की तुमको इतना मैं प्यार दूंगा . जो होगा चुलमन वो होंगी आँखे , उसी से तुमको निहार लूंगा . मगर रहे याद तुम्हे सदा ये, उसी में […]
कोई तो रंग मिलाया जाये दिल का धुंआ भी तो देखा जाये। बेबसी ये कि रोक भी न सको और कोई पास से चला जाये। जहां सेे भूले थे घर का रस्ता फिर उसी […]
कौन किस्मत से भला जीता है………. ये उसके खेल का तरीका है कौन किस्मत से भला जीता है। पहुंच न पाते कभी मंजिल तक रास्तों को भी साथ खींचा है। सुबह दिल खूब लहलहायेगा रात […]
उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहींवो जो मिल जाये अगर चहकती कहीं जिन्दगी मायूस थी आज वो महका गयीजेसे गुलशन में कोई कली खिलती कहीं वो जो हंसी जब नजरे मेरी बहकने लगीमन […]
आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहेएक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सकेख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही चैन ओ […]
खुदा का घर है आसमान, वो रहे रोशन——————- पता करो कि कहां, किसने जाल फैलाया सुबह गया था परिन्दा वो घर नहीं आया। रोशनी में ही चलेगा वो साथ—साथ मेरे कितना डरता है अंधेरों से […]
जिंदगी मेरी जिंदगी से परेशान है बात इतनी है कि लिबास मेरे रूह से अनजान है तारीकी है मगर, दिया भी नहीं जला सकते है क्या करे घर में सब लाक के सामान है ऐसा […]
मोहब्बत करके पछताने की खुद को यूं सजा दूंगा तुम्हें यादों में रक्खूंगा मगर दिल से भूला दूंगा। रहो बेफ्रिक तूफानों तुम्हारा दम भी रखना है किनारा आने से पहले मैं कश्ती को डूबा दूंगा। […]
नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ , हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ? है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा , […]
ज़रा कुछ देर रहमत हो सके तो अच्छा हो , ज़रा मन शांत होकर सो सके तो अच्छा हो. . ख़तो के ज़ाल में उलझे हुए है मीर हम , ज़रा कुछ देर खुद में […]
जिंदगी बीत जाती है किसी को चाह कर कैसे? कोई बतलाये तो मुझको मैं जीना भूल बैठा हूँ… अदा भी तुम ,कज़ा भी तुम ,मेरे दिल की सदा भी तुम, तुम्ही अब चैन हो मेरे […]
यहाँ हर शख्स है तेरा, वहां हर कब्र है मेरी, जहाँ कैसा बनाया है खुद ने क्या इरादा था? अब तो हालात भी मुझसे मिचौली आँख करते है, को सपनो में आता है ,किसी को […]
तेरी चाहत में इतना मैं पराया हो गया खुद से , कि दिल मेरा है फिर भी बात करता है सदा तेरी.. कभी वो चांदनी मेरी थी, अब पावस की है यह रात, नहीं दिल […]
मोहब्बत में हारे, क़यामत में हारे की ये ज़िंदगी हम शराफत में हारे.. न कोई है अपना ,न कोई पराया, अब जियें किसलिए और किसके सहारे.. न है यामिनी आज जीवन में मेरे , मिटे, […]
वो मंज़र याद है तुमको ,जुदा हम तुम हुए थे जब, समंदर याद है तुमको जहाँ पत्थर चलाया था.. कभी जब याद आ जाये ,ज़रा हमको भी करना याद , किसी के साथ जो तुमने […]
छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या? नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या? मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ? वो मेरा और उसका छुप […]
आज हम भी है मेहमान तेरे शहर में, दिखता नहीं मकान तेरे शहर में. ग़ुम हो गयी है शाम की मस्ती भी अब यहाँ, ग़ुम हो गया करार तेरे शहर में.. आते राहों में मिल […]
आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहे एक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सके ख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही […]
तुझसे रुबरु हो लूं मेरे दिल की आरजू है तुझसे एक बार मैं कह दू, तू मेरी जुस्तजु है भॅवरा बनकर भटकता रहा महोब्बत ए मधुवन में चमन में चारो तरफ फैली जो तेरी खुशबु […]
इन परों में वो आसमान, मैं कहॉ से लाऊं इस कफ़स में वो उडान, मैं कहॉ से लाऊं (कफ़स = cage) हो गये पेड सूने इस पतझड के शागिर्द में अब इन पर नये […]
अब न चांदनी रही न कोई चिराग रहा राहों में रोशनी के लिए न कोई आफताब रहा उनकी महोब्बत के हम मकरूज़ हो गए उनका दो पल का प्यार हम पर उधार रहा वेवफाई से […]
वो आये कभी पतझङ कभी सावन की तरह जिंदगी हमें मिली हमेशा बस उनकी तरह फूलों के तसव्वुर में भी हुआ उनका अहसास आये वो मेरी जिंदगी में खिलती कली की तरह जब से दी […]
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