दिल मे कुछ अरमान सजाये बैठे है, आँखो मे कुछ ख्वाब रखे बैठे है,, तेरी डोली को देखने की इंतजार मे मेरे दिल और आँख वर्षो से किसी मोड़ पर बैठे है।। जे पी सिह
दिल मे कुछ अरमान सजाये बैठे है, आँखो मे कुछ ख्वाब रखे बैठे है,, तेरी डोली को देखने की इंतजार मे मेरे दिल और आँख वर्षो से किसी मोड़ पर बैठे है।। जे पी सिह
जे पी सिह
दिल मे तुझे बैठा रखा था, ख्वाबो मे तुझे सजा कर बैठा था,, दिन मे भी चाँद तारे चमकेगें इसी तरह गलत-फहमी मे तुमसे प्यार कर बैठा था।। जे पी सिह
हाथ जोड़कर जब मैने सारी गलती माँग ली जमाने के समाने, फिर क्यो जलिल करते हो सारे के सामने,, हाथ जोड़कर सारी सारी गलती माँग ली मैने
इस तरह का दिम्मक पाल रखा था,, मेरे दिल ने,! खोखला कर डाला पर दवा डाल नही पाया मेरे दिल ने। इस तरह का दिम्मक पाल रखा मेरे दिल ने।।
दिल टुटने के बाद ;;चैन भी रूठ गयी, रात भर करवट बदला-बदला पुरे शरीर मे दर्द -गर्ग कर गयी , चैन रूठी गयी जब दिल टुट गयी।। JP Singh
,—सारे की इशारे को भुल गये, लेकिन तेरी नशीली आँखो को देखकर झुम गये! JP Singh
janey es desh ke mukaddar main kya hain ak taraf ekhlakh,junaid ke kabr hain dusri taraf desh ke thekedar beasabr hain khun ki aj koi kimat na rahi yeh ubalta nahin bas bahta hain ensah […]
एक शहर मे तीन मित्र रहते थे,तीनो मे बहुत गहरा मित्रता थी, एक का नाम गौरव जो शांत-सोभाव के थे उनको गीत गाना गुनगुना कविता लिखने का इश्क चहरा हुआ था,, दुसरा मित्र सौऱभ जो […]
नींदों के साथ ख्वाब भी ले गई, वो मेरे हाथ में अपनी तस्वीर दे गई।। राही (अंजाना)
टूट कर जुड़ता नहीं एक टुकड़ा भी जहाँ, मैंने खुद बैठकर जोड़े हैं दिल के टुकड़े अपने।। राही (अंजाना)
बचपन के सारे खिलौने बेच दूँ, तेरे एक इशारे पे मैं खुद को बेच दूँ।। राही (अंजाना)
रंगहीन ज़िन्दगी को रंगीन बना दिया, जिस पल तूने मुझे अपना चेहरा दिखा दिया। राही (अंजाना)
ye ishq hi to hai, kha kisi ki. bala wajah fir kuan intejar krna.. khush guman hoti hai, hasinawon ki. ye wo mushe dekhta hai, khayal krna. hamari fitrat nhi,fitur hai kisi ki. ha wo […]
आसमान में कटते ही लूट ली जाती थी, अब उड़ती हुई कहीं वो पतंग नहीं दिखती।। राही (अंजाना)
रिश्तों के मन्ज़र चुप चाप देखने पड़े, कई बार मुझे अपने ही ख्वाब तोड़ने पड़े।। राही (अंजाना)
बांध कर हाथ में घड़ी दो घड़ी न पकड़ सका, हर पल रेत सा सरकता रहा पल पल वक्त मेरा।। राही (अंजाना)
किसी के कहने से सुधर जाऊं मैं, अभी इतना भी बिगड़ा नहीं हूँ मैं।। राही (अंजाना)
कदम छोटे छोटे रखकर रक़ीब आ गया, एक लम्हा मेरे इतने भी करीब आ गया।। राही (अंजाना)
माँ ममता की मूरत है, प्यार का संसार है माँ तपते हुए जीवन में, शीतल सी फुहार है माँ -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
माता मुझको आने दो, बाबा मुझको आने दो है कसूर क्या मेरा, जो आने से रोक रहे में भी हूँ रक्त तेरा, क्यों इसको भूल रहे मुझे किलकारियां लेने दो, माता मुझको आने दो भूल […]
बिटिया मेरी फुलवारी खुशियों की है क्यारी महके मेरा घर आँगन मैं जाउ बारी बारी बिटिया मेरी फुलवारी -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
लक्ष्य बिन जीवन है ऐसा, बिन प्राण शरीर हो जैसा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
प्रिय तुझे मैं पथ मैं पाऊं, मैं जिस जिस पथ जाऊं उत तेरे ही दर्शन पाऊं सांझ सवेरे तुझको ध्याऊँ प्रिय तुझे मैं पथ मैं पाऊं -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
हे सुर सरिता माँ गंगे, देव लोक से उतरी धारा पर करने जन जन का उद्धार है माँ बड़ा उपकार हे सुर सरिते माँ गंगे -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
माँ गंगा तुम्हे नमन, चूमू तेरे चरण तेरी लहरों से शीतलता आये, लगे यु माँ का आँचल चारो दिशा धारा बहती करती हैं कल कल कल -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
मैं फूल हूँ ,कांटे मेरी राह में चन्दन हूँ , विष धार मेरी छाओं में -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
काटो मत वृक्षों को, नित नव वृक्ष लगाओ हरियाली रहने दो धरा पर, बंजर न इसको बनाओ वृक्ष लगाओ -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
tere jikr se aakheen nam hain meri mere hijr ki kya kahu kaisi hain ruswayi likhtey likhtey main shayar ban gaya ho saka na nayak tere pyar main khalnayak ban gaya
आँखों की दहलीज लांग आया हूँ, आज मैं सबसे रूबरू हो आया हूँ, झूठ ये है के एक बून्द पानी हूँ मैं, सच ये के मै आँसू कहलाया आया हूँ, राही (अंजाना)
वृक्ष है तो जीवन है, पावन वायु, सुरभित है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
सबका भार सहती है,पृथ्वी फिर भी कुछ न कहती है पृथ्वी नित सारी श्रष्टि को, निस्वार्थ सब देती है पृथ्वी -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
गुरु न होता ,तो ज्ञान न होता उचित अनुचित का, भान न होता -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
गुरु मार्ग है,दिशा है लोक परलोक की शिक्षा है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
गए देश से ,परदेश जो बरसो न मिल पाते हैं नैना उनकी बाट देखे, छिन पलछिन बरसो तक -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
झंकार उर में मात कर दो, माँ वीणा पाणी वर दायनी हैं अवगुण जहाँ, हुंकार भर दे अज्ञान तम दूर भागे, मेरे सर पे हाथ रख दो झंकार उर में मात करदो -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
अँधेरे के पार चलके देखना होगा, रौशनी का अब न इन्तज़ार देखना होगा। राही (अंजाना)
तू ही सहारा तू ही किनारा बन गया, जिस पल से तू बस हमारा बन गया। राही (अंजाना)
व्यवहार चेहरे से झलक जाने लगे, हम एक दूजे के करीब आने लगे।। राही (अंजाना)
जब कोई मिला ही नहीं मुझे कुछ कहने के लिए, तब खामोश तस्वीरों को मैने अपना मित्र बना लिया।। राही (अंजाना)
मैं वो गुलाब हूँ जो अपनी ही खुशबू भूल गया, जिस पल से तेरे बदन की खुशबू सूंघ ली मैने।। राही (अंजाना)
मैं वो गुलाब ही जो अपनी ही खुशबू भूल गया, जस पल से तेरे बदन की खुशबू सूंघ ली मैने।। राही (अंजाना)
किसी बोतल का नशा चढ़ा ही नहीं मुझपर, तेरे इश्क के समन्दर में गोते मारने के बाद।। राही (अंजाना)
चलते चलते थक रहा हूँ मैं, शायद अंदर से जल रहा हूँ मैं।। राही (अंजाना)
शर्म के पर्दे अक्सर उठ जाया करते हैं, मोहब्बत में जब दो लोग करीब आते हैं।। राही (अंजाना)
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.