दिल मे कुछ अरमान सजाये बैठे है, आँखो मे कुछ ख्वाब रखे बैठे है,, तेरी डोली को देखने की इंतजार मे मेरे दिल और आँख वर्षो से किसी मोड़ पर बैठे है।। जे पी सिह

दिल मे तुझे बैठा रखा था, ख्वाबो मे तुझे सजा कर बैठा था,, दिन मे भी चाँद तारे चमकेगें इसी तरह गलत-फहमी मे तुमसे प्यार कर बैठा था।। जे पी सिह

एक शहर मे तीन मित्र रहते थे,तीनो मे बहुत गहरा मित्रता थी, एक का नाम गौरव जो शांत-सोभाव के थे उनको गीत गाना गुनगुना कविता लिखने का इश्क चहरा हुआ था,, दुसरा मित्र सौऱभ जो […]

माता मुझको आने दो, बाबा मुझको आने दो है कसूर क्या मेरा, जो आने से रोक रहे में भी हूँ रक्त तेरा, क्यों इसको भूल रहे मुझे किलकारियां लेने दो, माता मुझको आने दो भूल […]

प्रिय तुझे मैं पथ मैं पाऊं, मैं जिस जिस पथ जाऊं उत तेरे ही दर्शन पाऊं सांझ सवेरे तुझको ध्याऊँ प्रिय तुझे मैं पथ मैं पाऊं -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

माँ गंगा तुम्हे नमन, चूमू तेरे चरण तेरी लहरों से शीतलता आये, लगे यु माँ का आँचल चारो दिशा धारा बहती करती हैं कल कल कल -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

झंकार उर में मात कर दो, माँ वीणा पाणी वर दायनी हैं अवगुण जहाँ, हुंकार भर दे अज्ञान तम दूर भागे, मेरे सर पे हाथ रख दो झंकार उर में मात करदो -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-