जिंदगी में उम्मीदें जैसे दोबारा आ जाती है इस कदर से खुमारी उसकी मुझपे छा जाती है। यारो तुम्हें पता है ऐसा कब होता है? –जब भी वो आ जाती है जब भी वो […]
जिंदगी में उम्मीदें जैसे दोबारा आ जाती है इस कदर से खुमारी उसकी मुझपे छा जाती है। यारो तुम्हें पता है ऐसा कब होता है? –जब भी वो आ जाती है जब भी वो […]
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो! रग रग में उमड़ आता है तूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो! #महादेव_की_कविताऐं'(25)
बड़े से बड़े मुकाम में भी कोई बल नहीं। अगर जिंदगी में सकून का कोई पल नहीं।
जग में सारा का सारा ज्ञान लिखा हुआ कहां मिलता है। ज्यादातर ज्ञान तो विचारों में ही छिपा हुआ मिलता है।
सच्ची राह पे अगर तेरा एक कदम भी नेकी से पड़ा है। तो अगले ही कदम पे तेरा रब तेरे साथ में खड़ा है। उसकी फिक्र का दिखावा करने वाले तो गुम हो गये […]
रब तो वाकई सबके दिलों में बसता सम है। लेकिन उसे पहचानने वाला इंसान बड़ा कम है। तुम मेरे चेहरे की इस मुस्कान पे मत जाओ इसके पीछे छिपा न जाने कितना बड़ा गम […]
कभी जिन्दगी में चाहत मर न पाएगी! कभी मंजिलों की ख्वाहिश डर न पाएगी! दौर भी कायम रहेगा खौफ का मगर, आरजू अंजाम से मुकर न पाएगी! #महादेव_की_कविताऐं’
तेरे बगैर मुझको कबतक जीना होगा? जामे-अश्क मुझको कबतक पीना होगा? भटकी हुई है जिन्द़गी राहे-सफर में, जख्मे-दिल को हरपल कबतक सीना होगा? #महादेव_की_कविताऐं’
आसमान से गिरती हर एक बूँद की अपनी एक कहानी है .. एक गगन से गिरने के बाद भी सब को अपनी मंजिल खुद ही पानी है .. कोई किसी खेत में फसलो को महका […]
फिर से आज हमने कलम उठाई है… हाथ में फिर वही पुरानी डायरी आई है… सोच ही रहे थे कुछ नया लिखने में क्या बुराई है.. कलम से ही तो किताबो ने अपनी दुनिया सजाई है […]
काश दुनियाँ में ऐसी भी कोई गलती हो जिसे करने पर भी जिंदगी बेफिक्र चलती हो। ऐसा जहां बनाने की कोशिश में हूँ जहाँ इंसानियत सिर्फ रब से डरती हो। अरे वक़्त की […]
ढ़ूँढ रही मैं बावरी, अपने हिस्से का, स्वर्णिम आकाश, टिम-टिम करते तारे, हाय! सुख-दुख के, बन गए पर्याय , तम घनेरा ऐसे , छाय जैसे चन्द्र में ग्रहण लग जाए, मौसम आए मौसम जाए, कभी […]
मुझको कभी मेरी तन्हाई मार डालेगी! मुझको कभी तेरी रुसवाई मार डालेगी! कैसे रोक सकूँगा मैं तूफाने-जख्म़ को? मुझको कभी बेरहम जुदाई मार डालेगी! #महादेव_की_कविताऐं’
मैं करता हूँ तुमसे मोहब्बत, अब खुद को सताना बंद करो ! देता हूँ खूने ए दिल तुम्हे, हाथों में मेहंदी रचाना बंद करो !! जो हुये हैं गीले सिकवे , उनका इल्जाम लगाना बंद […]
तेरे साथ जो बीता बचपन कितना सुन्दर जीवन था, ख़ूब लड़ते थे फिर हँसते थे कितना सुन्दर बचपन था, माँ जब तुझको दुलारती मेरा मन भी चिढ़ता था तू है उनके बुढ़ापे की लाठी ये […]
मेरे घर में भी मुझे पहचानने वाला बस एक शक्स हमेशा रहता है। जब मैं देखूं उसे वो भी आईने से मुझे बस देखता रहता है। यहां इस खु़शहाली में अमीरों को नींद बस ठंडी […]
किसी आयत की तरह रात दिन गुनगुनाता रहा हूँ तुझे, सबकी नज़रो से बचाकर अपनी पलकों में छिपाता रहा हूँ तुझे, मेरे हर सवाल का जबाब तू ही है मगर, फिर भी एक उलझे सवाल […]
मेरा दर्द तेरा ही नाम बोलता है! मेरी जिन्दगी का अंजाम बोलता है! बंदिशें जमाने की मगरूर हैं लेकिन, तेरी आरजू का पैगाम बोलता है! #महादेव_की_कविताऐं'(23)
गुजरता रहा उसकी आँखों से हर रात किसी भरम सा मैं, फिर एक रोज़ खुद ब खुद उसके ख्वाबों से बाहर निकल आया मैं, छुप कर बैठा रहा मैं एक झूठ की आड़ में बरसों, […]
है मुझे एक मर्ज़ लेकिन मुझे खौफ नहीं क्योंकि है वो मर्ज़ बेखौफी का ही।
जिंदगी से मुझे इतना कुछ मिला है इस बात पे मैं कितना खुश हो लूँ एक झटके में सबकुछ छूट जाना है तो क्या इस बात के वास्ते अभी से रो लूँ।
मंजिल का नज़ारा तो अपनी पालकों तले कम ही बीता है। हमारा ज्यादा वक़्त तो बस सफर के बहाने ही बीता है। किसीके दिल में किसीके खातिर प्यार है कितना इस उंचाई को नापने […]
Pal bhar ka hi tha kya saath, Tum ayi aur chali gayi, Hum toh chain se tumhe dekhna chahte the, Etni bhi na samjhi tu pagli. Etni jaldi thi ki apne balon na sawar kar, […]
ख्वाब छोटा-सा था, बस पूरा होने मे उम्र लग गईं! उसके घर का पता मालूम था , बस उसे ढूंढने मे उम्र लग गईं ! ख़त तो उसने भी लिखे थे, बस मेरा नाम लिखने […]
Aapki judai ne humein shayari sikha di, Judai ke gham ne humein manzil bhula di, Chahte to nahi they aapse juda hona par Kya karein agar humein apno ne hi peeth dikha di…
उतार–चढ़ाव तो इस जिंदगी में हमेशा चलतें ही रहेंगें। दुश्वार पल तो क्या मुकम्मल मुकाम भी सदा नहीं रहेंगें।
अगर दोनों ही नाराज हो गये तो फिर अब मनाएगा कौन। फर्क तो बहुत पड़ता है लेकिन ये बात अब समझाएगा कौन।
क्या अज़ीब संपनता है इस देश की क्या खूब साधनता है यहां की किसी के यहां तो रोज़ कोई नया पकवान बनता है और कहीं तो रोज़ कोई भूखा ही मरता है ये असमानता भी […]
अब नहीं होगा जिक्र आपका हमारे आशियाने में न होगी नज्म कोई आपके नाम से
मेरी जिन्दगी को तन्हाई ढूँढ लेती है! मेरी हर खुशी को रुसवाई ढूँढ लेती है! ठहरी हुई हैं मंजिलें अंधेरों में कबसे, मेरे दर्द को तेरी जुदाई ढूँढ लेती है! #महादेव_की_कविताऐं’
इस जीवन नाटक में, जगह अपनी बनानी पड़ती है, अस्तित्व अपनी मनवानी पड़ती है, कितना हीं गुणवान हो कोई, लोगों की नजर में हुनर अपनी, आजमावानी पड़ती है, गहने बनने को जैसे, सोने को तपना […]
काश खुदा को भी मेरा ख्याल हो जाए, तमाम उम्र का इंतजार अब खत्म हो जाए ! * * दुआ से दिल की किताब लिखी जाएगी , जब भी आएगा तेरा नाम , मेरी मिशाल […]
जिस्म है मेरा मगर जिन्दगी तुम्हारी है! तेरे बगैर तन्हा हर खुशी हमारी है! सुलग रही है साँसों में आग चाहतों की, शामे-मयकशी भी मेरी लाचारी है! #महादेव_की_कविताऐं’
बेशक छोड़ दे मगर खुद से मुझे कुछ इस तरह जोड़ कर जा, के भले आसमाँ न रहे मेरे हाथों की पहुंच में मगर अपने आँचल की ज़मी मेरे पैरों में छोड़ कर जा, सूखा […]
देश मेरा स्वर्ग भूमि है, अमृत जिस देश का पानी है। जहाँ का हर बच्चा भगत सिंह, हर बहनें झाँसी की रानी है। आर्य जहाँ के निवासी है, गौरवपूर्ण जिसकी कहानी है। जहाँ का हर […]
तार के टूटने का मतलब सितार टूटना नहीं होता लेकिन सिर्फ जिंदा रहना ही जीवन का इस्तेदाद नहीं होता। (इस्तेदाद= योग्यता, दक्षता) जनसंख्या रोज़ बढ़ रही है धरती अब छोटी पड़ रही […]
हर अच्छाई में एक बुराई छुपी होती हैं हर छाव के पीछे कई वो धुप छुपी होती हैं वेसे ही हर दिल में एक रहस्यमय किताब छुपी होती हैं !
मुझको याद तेरा अफसाना आ रहा है! मुझको याद चाहत का जमाना आ रहा है! जिन्द़गी में आयी है तन्हाई लौट कर, मुझको याद महफिले-पैमाना आ रहा है! #महादेव_की_कविताऐं’
हर आग को बुझा दे वो पानी नहीं हो तुम , जो हमेसा याद रहे वो कहानी नहीं हो तुम ! अभी तक न जाने कितने आये और चले गये , जो मुझे मदहोश कर […]
ना किसी के इनतेज़ार मे ना किसी के इंतज़ार की पुकार में ना समुद्र के किनार पे ना जी में , ना हार में ना मंज़िल की आड़ में ना प्यार में , ना उसके […]
खुदा ने भी क्या बेखुदी , बख्शी है , खुद को ही ख़ाक करने मे , हमने ख़ुशी समझी है ! ( निसार ) तुझसे इश्क क्या किया , गलतियों के बूत बन गए, लोग […]
प्यार जिससे करते हैं हम छुपाते भी उसीसे हैं बात जिससे कर पाते नहीं हम हमारी सब बातें भी उसीसे हैं। मिले चाहे दर्द ही हमें हर बार लेकिन प्यार की ख्वाहिशों में हमारी […]
बोलने वाले की हर बात में मिठास होती है अगर सुनने वाले में सुनने खातिर प्यास होती है। उसकी तस्वीर निहारके ऐसा लगता है मानो उससे रोज़ मेरी मुलाकात होती है। ये […]
अगर लहरें तेज हैं तो भरोसा तू मुझपे रख, हम अपनी कश्ती को उसी ओर मोड़ देंगें ! एक बार गले लगकर मेरी धड़कन तो सुन ले, फिर लौटने का इरादा हम तुम पे छोड़ […]
वही सूरज वही चाँद हैं वही आकाश हैं , फिर क्या ही नया साल हैं जो दिन चाहू नया बना लू मेरे लिए वही अछूत काल हैं वही से नया साल हैं
जब कभी तुम मेरी यादों में आते हो! धूप सा ख्यालों को हरबार जलाते हो! घुल जाती हैं साँसें फूलों के रंग में, चाँद की शकल में सामने आ जाते हो! #महादेव_की_कविताऐं'(23)
मुझे दुनिया से नहीं , इस दुनियादारी से डर लगता हैं !
ना मौत का ना मंज़िल का ना किसी के प्यार का मुझे इंतज़ार हैं तो केवल “इंतज़ार” का
अकेला था तो मैं इस भीड़ में खोने से डरता था…
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