तेरा ख्याल मुझको रुलाने आ गया है! तेरा ख्याल मुझको सताने आ गया है! मांगा था तकदीर से मंजिल को लेकिन, तेरा दर्द मुझको तड़पाने आ गया है! #महादेव_की_कविताऐं’

मुश्किलों में साथ छोड़ना मुझे नहीं आता, कोई वादा करके मुकरना मुझे नहीं आता ! वक्त के साथ भूल जाते हैं लोग यादों को, पर इन यादों को भूलना मुझे नहीं आता !! ❤?❤?❤ #Happy_Promise_Day

अपनी पलकों के बिस्तर पर मैं तुझको हर रोज सुलाता हूँ, तू जग न जाए कहीं इस डर से पलकों को ज़रा धीरे झपकाता हूँ, तेरे संग ही मैं अपने सभी ख़्वाबों को सजाता हूँ, […]

तेरे बिना छायी हुई हरतरफ उदासी है! तेरे बिना अब भी मेरी जिन्दगी प्यासी है! उम्र थक रही है मेरी मंजिल की तलाश में, तेरे बिना ठहरी हुयी हर खुशी जरा सी है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)

चलो आज के दिन हम दोनों अपने प्यार का इजहार करें, दो आँखें तेरी दो मेरी हों आओ मिलकर आँखें चार करें !! #Happy_Propose_Day ❤?❤

बिखर गये हैं ख्वाब मगर यादें रह गयी हैं! जिन्दगी में दर्द की फरियादें रह गयी हैं! साँसें भी थक गयी हैं तेरे इंतजार में, तेरी तमन्नाओं की मुरादें रह गयी हैं! ‘#महादेव_की_कविताऐं'(25)

ज़माने के पास खुशियों का सागर होगा मगर हम तो इसकी एक बूँद को भी तरसे है निकले है हर उस वक़्त हमारे आँखों से आंसू साहिब जब भी ये बादल झूम-झूम कर बरसे है। देव […]

मुझे कहना हैं अभी वो शब्द जिसे कह कर मैं नि: शब्द हो जाऊ मुझे देना हैं अभी वो शब्द जिसे देकर मैं नि: शेष हो जाऊ मुझे रहना है अभी इस तरह के मैं […]

आसमान से धरती पर उस पानी का गिरना आशाएँ , उम्मीदें जगाकर उस टूटते तारे का गिरना लहराकर उचाई से उस झरने का गिरना न चाहते हुए भी किसी का प्यार में गिरना या फिर […]

आज भी मुझे तेरी कमी महसूस होती है! ख्वाबों की पलकों में नमी महसूस होती है! रूठी हुई है मंजिल भी तकदीर से मेरी, दर्द की कदमों तले जमीं महसूस होती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)

अब तुम्हारी याद आती है,भूलूं कैसे ये बतला दो, तुम मेरी हो नहीं सकती,समझूँ कैसे ये बतला दो! वो सपना जो देखा समझा हूँ तेरे साथ रहकर मैं, हकीकत में नामुमकिन हैं यही मुझको बतला […]

कभी न कभी हमारा ख्वाब बदल जाता है! रूठे हुए पलों का जवाब बदल जाता है! जज्बों की आजमाइशें होंगी कभी न कम, दर्दे-जिन्दगी का आदाब बदल जाता है! #महादेव_की_कविताऐं'(24)

बस इतनी सी बात हमें आज तक समझ नहीं आई की उसने हमको तन्हा और सफा क्यों छोड़ दिया क्यों थाम लिया दामन किसी और का हमारे रहते की उसने हमारी मोहोब्बत और बफा क्यों […]

मैं अंजान हूँ इस सफ़र में मुझे कुछ नहीं है आता तू ही बता मेरे साथी कैसे बढूँ इस डगर में। चुन ली है राह मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की अब तू ही मेरा सहारा […]

   जिंदगी  में   मेरी   एक  अपनापन है  आज़कल जेब में भले ही गोपाल ठन–ठन है  आज़कल।   साथ   देने  को   कोई  दूसरा  साथ में नहीं बस  अपना बेचारा  साफ मन है आज़कल।   तुम    जब […]

तेरा नाम लेकर तन्हाई मिल जाती है! तेरा दर्द बनकर रुसवाई मिल जाती है! शामों-सहर भटकता हूँ मैं तेरे लिए मगर, मेरी जिन्द़गी को जुदाई मिल जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(25)

बर्बाद कर बैठ जाते हैं अक्सर वो चेहरे हसीन होते हैं, पर अंधेरों की सरपरस्ती में ही वो खुद का वजूद लिए होते हैं, अब क्या बद्दुआयें दें हम उन आइना ऐ हुस्नों को, जो […]

शांत समुद्र.. दूर क्षितिज.. साँझ की वेला.. डूबता सूरज.. पंछी की चहक.. फूलों की महक.. बहके से कदम.. तुझ ओर सनम.. उठता है यूँ ही.. हर शाम यहाँ.. यादों का नशा.. यादों का धुआँ.. कुछ […]

सोये होते तो उठ जाते बेहोश हैं लोग अभी उठाने में ज़रा समय लगेगा, गहरे हैं रिश्ते मगर फिर भी दूरियां हैं, बीच में हैं खड़ी दीवारों को गिराने में ज़रा समय लगेगा।। आँखों में […]

रक्खे तो हैं कुछ टुकड़े सम्भाल कर, प्यारे से दिल के चन्द हिस्से सम्भाल कर, बनाते थे लोग पल पल बात कई, आज बस छिपा के रक्खे हैं कुछ किस्से सम्भाल कर, बहुत सारे तोहफा […]

तेरे लिए हरपल बेकरार सा रहता हूँ! तेरे लिए हरपल तलबगार सा रहता हूँ! गुफ्तगूँ की चाहत भी जिन्दा है लेकिन, तेरी बेरुखी से लाचार सा रहता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं'(24)

  उम्मीद-ऐ-दिल से हर कोई बफा नहीं करता खुवाईश-ऐ-मंज़िल से हर कोई गिला नहीं करता निकल पड़ते है न जाने कितने ही लोग सफर-ऐ-इश्क़ की तरफ मगर ये इश्क़-ऐ-मंज़िल हर किसी को मिला नहीं करता […]

अलग हो कर पानी से, कमल खिला नहीं करते बिछड़ कर लोग किसी से मिला नहीं करते यूँ तो आती है बाहर ज़िन्दगी में सबके मगर बुझे हुए चिरागों से उजाले हुआ नहीं करते देव […]

रब का अनमोल वरदान बिटियाँ हैं | ज़ैसे की, तुफ़ान से टकराता दिया हैं | रिश्तों के मोती तो अक़्सर बिख़र ज़ाते, मगर, दो परिवारों को ज़िसने सिया हैं | प्यार के किस्से तो बड़े […]

मेरी जिन्दगी से यादों को तुम ले लो! मेरे दर्द की फरियादों को तुम ले लो! हर घड़ी रुलाती हैं अब तेरी ख्वाहिशें, मेरे ख्यालों से इरादों को तुम ले लो! #महादेव_की_कविताऐं'(23)

मैं बेटी हूँ फिर भी मैं अकेली हूँ मैं सबकुछ नहीं कर सकती क्योंकि मैं बंधन में बंधी हूँ किसी को मैं पसंद नहीं तो कोख में ही मार दी जाती हूँ गर में किसी […]

बोलो मेरे मन मै क्या लिखूँ आज मै कुछ लिखना चाहती हूँ अपनेही विचारों में खोयी रही, अपने मन से पूछती रही माफकरना दोस्तों कोई शब्द न मिले, मै कुछ भी न लिखपाई, कुछभी न […]