ज्यादा नहीं मुझे तो बस एक सच्चा इंसान बना दे तूँ । एक बार नहीं चाहे हर बार सच में हर बार बना दे तूँ। आसमां छूने की ख्वाहिश मेरी नहीं मन नहीं […]
ज्यादा नहीं मुझे तो बस एक सच्चा इंसान बना दे तूँ । एक बार नहीं चाहे हर बार सच में हर बार बना दे तूँ। आसमां छूने की ख्वाहिश मेरी नहीं मन नहीं […]
आज भी मुझे तेरी कमी महसूस होती है! ख्वाबों की पलकों में नमी महसूस होती है! रूठी हुई है मंजिल भी तकदीर से मेरी, दर्द की कदमों तले जमीं महसूस होती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)
” अब जाना क्यूँ दीवानों को दुनिया परवाना कहती है.. हमने सौ बार मोहब्बत की..हम सौ बार जले यारों..” -सोनित
मुझे केवल प्यार से प्यार हैं ना प्यार करने वालो से ; ना प्यार के लिए मजबूर करने वालो से बस मुझे प्यार से प्यार हैं !
अब तुम्हारी याद आती है,भूलूं कैसे ये बतला दो, तुम मेरी हो नहीं सकती,समझूँ कैसे ये बतला दो! वो सपना जो देखा समझा हूँ तेरे साथ रहकर मैं, हकीकत में नामुमकिन हैं यही मुझको बतला […]
कभी न कभी हमारा ख्वाब बदल जाता है! रूठे हुए पलों का जवाब बदल जाता है! जज्बों की आजमाइशें होंगी कभी न कम, दर्दे-जिन्दगी का आदाब बदल जाता है! #महादेव_की_कविताऐं'(24)
बस इतनी सी बात हमें आज तक समझ नहीं आई की उसने हमको तन्हा और सफा क्यों छोड़ दिया क्यों थाम लिया दामन किसी और का हमारे रहते की उसने हमारी मोहोब्बत और बफा क्यों […]
अगर वो दरिया-ऐ-हुसून रखते है तो हम भी गम-ऐ-सागर रखते है वो रखते है अगर दामन में, खंज़र-ऐ-बेवफाई तो हम भी, तन्हाई का गागर रखते है…………………!! देव कुमार
मैं अंजान हूँ इस सफ़र में मुझे कुछ नहीं है आता तू ही बता मेरे साथी कैसे बढूँ इस डगर में। चुन ली है राह मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की अब तू ही मेरा सहारा […]
एक बूँद हूँ मैं , उस विशाल सागर को नहीं ; पर एक प्यासे को एहमियत है मेरी
जिंदगी में मेरी एक अपनापन है आज़कल जेब में भले ही गोपाल ठन–ठन है आज़कल। साथ देने को कोई दूसरा साथ में नहीं बस अपना बेचारा साफ मन है आज़कल। तुम जब […]
तेरा नाम लेकर तन्हाई मिल जाती है! तेरा दर्द बनकर रुसवाई मिल जाती है! शामों-सहर भटकता हूँ मैं तेरे लिए मगर, मेरी जिन्द़गी को जुदाई मिल जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(25)
कौन है वो शक्स जो हमारा बनेगा? बेबसी के दौर में सहारा बनेगा! बुझ न जाए तन्हा चिराग जिन्द़गी का, डूबते इरादों का किनारा बनेगा! #महादेव_की_कविताऐं'(22)
बर्बाद कर बैठ जाते हैं अक्सर वो चेहरे हसीन होते हैं, पर अंधेरों की सरपरस्ती में ही वो खुद का वजूद लिए होते हैं, अब क्या बद्दुआयें दें हम उन आइना ऐ हुस्नों को, जो […]
शांत समुद्र.. दूर क्षितिज.. साँझ की वेला.. डूबता सूरज.. पंछी की चहक.. फूलों की महक.. बहके से कदम.. तुझ ओर सनम.. उठता है यूँ ही.. हर शाम यहाँ.. यादों का नशा.. यादों का धुआँ.. कुछ […]
सोये होते तो उठ जाते बेहोश हैं लोग अभी उठाने में ज़रा समय लगेगा, गहरे हैं रिश्ते मगर फिर भी दूरियां हैं, बीच में हैं खड़ी दीवारों को गिराने में ज़रा समय लगेगा।। आँखों में […]
रक्खे तो हैं कुछ टुकड़े सम्भाल कर, प्यारे से दिल के चन्द हिस्से सम्भाल कर, बनाते थे लोग पल पल बात कई, आज बस छिपा के रक्खे हैं कुछ किस्से सम्भाल कर, बहुत सारे तोहफा […]
तेरे लिए हरपल बेकरार सा रहता हूँ! तेरे लिए हरपल तलबगार सा रहता हूँ! गुफ्तगूँ की चाहत भी जिन्दा है लेकिन, तेरी बेरुखी से लाचार सा रहता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं'(24)
इसलिए भी टूकड़े दिल के हमने संभाल कर रखे है वक़्त आने पर हम उसको सबूत-ऐ-तोर पर पेश कर सके देव कुमार
इसलिए भी हमने बदनाम नहीं किया उसको और उसकी ज़ात को साहिब कुछ तो अपनी मोहोब्बत का ख्याल था कुछ उसकी झूठी इज़्ज़त का ख्याल था देव कुमार
उम्मीद-ऐ-दिल से हर कोई बफा नहीं करता खुवाईश-ऐ-मंज़िल से हर कोई गिला नहीं करता निकल पड़ते है न जाने कितने ही लोग सफर-ऐ-इश्क़ की तरफ मगर ये इश्क़-ऐ-मंज़िल हर किसी को मिला नहीं करता […]
अलग हो कर पानी से, कमल खिला नहीं करते बिछड़ कर लोग किसी से मिला नहीं करते यूँ तो आती है बाहर ज़िन्दगी में सबके मगर बुझे हुए चिरागों से उजाले हुआ नहीं करते देव […]
रब का अनमोल वरदान बिटियाँ हैं | ज़ैसे की, तुफ़ान से टकराता दिया हैं | रिश्तों के मोती तो अक़्सर बिख़र ज़ाते, मगर, दो परिवारों को ज़िसने सिया हैं | प्यार के किस्से तो बड़े […]
मेरी जिन्दगी से यादों को तुम ले लो! मेरे दर्द की फरियादों को तुम ले लो! हर घड़ी रुलाती हैं अब तेरी ख्वाहिशें, मेरे ख्यालों से इरादों को तुम ले लो! #महादेव_की_कविताऐं'(23)
मैं बेटी हूँ फिर भी मैं अकेली हूँ मैं सबकुछ नहीं कर सकती क्योंकि मैं बंधन में बंधी हूँ किसी को मैं पसंद नहीं तो कोख में ही मार दी जाती हूँ गर में किसी […]
तेरा कमाल आज भी नहीं जाता! तेरे बगैर कुछ नजर नहीं आता! छायी हुई है बेखुदी ख्यालों में, तेरे सिवा कोई भी नहीं भाता! #महादेव_की_कविताऐं'(20)
बोलो मेरे मन मै क्या लिखूँ आज मै कुछ लिखना चाहती हूँ अपनेही विचारों में खोयी रही, अपने मन से पूछती रही माफकरना दोस्तों कोई शब्द न मिले, मै कुछ भी न लिखपाई, कुछभी न […]
मुझे चाहतों का ईनाम मिल गया है! मुझे बेरुखी का पैगाम मिल गया है! बिखरी हुई लकीरें हैं अरमानों की, दर्द का आलम सुबह शाम मिल गया है! #महादेव_की_कविताऐं'(22)
आज तन पर प्राण भारी
तेरी काया नहीं तो तेरा साया ही सही कुछ तो है जो मेरे साथ बाकी है, कभी मेरे ख़्वाबों में तेरे अक्स का मुझे छू कर चले जाना, तो कभी तेरे संग बीते लम्हों का […]
badi muddat se nahi likha mene koi lafz-e-ishq vazah Kalam tut jana he ya uska ruth jana…
अपनी हथेली पर शहीदों के नाम की मेंहदी रचाता रहा हूँ मैं, तिरंगे के रंग में शहादत का रंग मिलाता रहा हूँ मैं, हार कर सिमट जाते हैं जहाँ हौंसले सभी के, वहीं हर मौसम […]
न रखो उम्मीद-ओ-बफा इस दहलीज़-ऐ-इश्क़ पर साहिब लूट जाते है दिल अक्सर, चाहत के इस बाजार में………………………!! D K
कहा से सुन लिया तुम सब ने, ये सरासर झूठ है माना इश्क़ किया है हमने, मगर सजा का हक़दार तो वो भी है……………!! D K
आज लिखू क्या, बस ये समझ ले शब्दों की कमी है दिल लबरेज़ है तेरी यादो से, और आँखों मैं नमी है…………….!! D K
इस मोहोब्बत ने बहुत आज़माया है हमको साहिब हमारा मशवरा है ये, कभी मोहोब्बत को न आज़माना…………..!! D K
क्यों डरते हो साहिब, बारिश के इन बौछारों से भूल गए क्या, बूँद-ऐ-आंसू अपनी आँखों के……………!! D K
काश सपना मेरा ये हकीकत हो जाए, मैं बाहर और तू यूँही अंदर हो जाए, रख कर बर्तन में तुमने मुझे बहुत सताया है, अब तुमको भी सताने की कुछ खुरापात हो जाए, खेले हो […]
किसी के जुल्फ का उठता हुआ बादल बुलाता है, अब तुम्हारी याद में खोकर कोई पागल बुलाता है ! चले आये हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम, अब उसके आँख का निकलता काजल […]
बन्द मुट्ठी में कई राज़ दबाये बैठा हूँ, अनगिनत शहीदों के कई नाम छुपाये बैठा हूँ, मेरी खातिर होती रही हैं कितनी ही कुर्बानी, मैं बेज़ुबान सही पर हर जवान की पहचान सजाये बैठा हूँ, […]
जिसकी आँख की सर्दी मुझे माकूल करती है उसीकी आँख की नर्मी मुझे मकबूल करती है पता है उसको कि ये मुमकिन नही लेकिन न जाने क्यो मुझ से वो अभी तक प्यार करती है
कोई काली कमा के रईस हो जाता है कोई सबकुछ लुटा के रईस हो जाता है दुनिया का दस्तूर निराला है यहां तो दिल का लुटेरा भी रईस हो जाता है|
Focused on my unseen, Wash away this dirt that wont come clean, Trying to walk my unsurity with positivity, Learning what cant be taught, muscle memory, Without a thought, whats severing me.. Whats always been […]
रात जाती है फिर से क्यों रात आ जाती है? धीरे—धीरे दर्द की बारात आ जाती है! भूला हुआ सा रहता हूँ चाहतों को लेकिन, करवटों में यादों की हर बात आ जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)
मैं हक़ीक़त में आजादी का एहसास करने ही लगा था के बस। फिर से मुझे ज़ंजीरों में जकड़ा जाने लगा।। आ ही गया था के वो लम्हा ए इमकान (सम्भावना) खुशनसीब, के बस यह एक […]
जय हिन्द का नारा फिर बुलंद करो टूटे आत्मसम्मान को फिर एक-सार करो चित की चेतना को फिर चिंतित करो आँखों के पानी को फिर लहु मै परिवर्तित करो अधरों की चुप्पी को फिर बाधित […]
गुलामी का अर्थ तो तब समझ आया, जब नौकरी की कुछ दिन एक प्राइवेट कंपनी में | कहते है उसे ‘नौकरी’ क्यों, यह तो जानता था | किन्तु वह अस्तित्व में है ‘चाकरी’, यह तो […]
रंग हैं विभिन्न देखो फिर भी एक नाम है, एक ही है माटी अपनी एक ही तो शान है, बीच में चक्र जो वो जीत का अभिमान है, मुठ्ठी में है बन्द जो तिरंगा अपनी […]
कट जाते है दिन पैसो की झनकार सुनने के लिए | किन्तु रात आते-आते शुष्क पड़ जाता है वह जीवनरस; जिसे पीने के लिए मथते रहते है जीवनसमुद्र | -Bhargav Patel (अनवरत)
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