देखो तो मजमा आजकल उनका इधर लगता है मतलब की है यारी, सर-बसर लगता है कहते थे कभी मुल्क की आवाम के हैं सेवक देखो तो आज बनारस ही उनका घर लगता है कब्रिस्तान और […]
देखो तो मजमा आजकल उनका इधर लगता है मतलब की है यारी, सर-बसर लगता है कहते थे कभी मुल्क की आवाम के हैं सेवक देखो तो आज बनारस ही उनका घर लगता है कब्रिस्तान और […]
उसके इंतजार में मेरी पूरी जिंदगी गुज़र गई। मोहब्बत की ये कीमत भी मुझे कम लगी।
तुझसे मिलने का मुझे कोई आसार भी नहीं दिखता। लेकिन इंतज़ार तेरा करते–करते मैं फिर भी नहीं थकता।
जब इरादों की तन्हा रात होती है! तेरी यादों से मुलाकात होती है! खोज लेती है नज़र हसरतें तेरी, दिल में मुरादों की सौगात होती है! मुक्तककार- #महादेव’
उसके जैसी कोई लडकी नहीं मिली कभी आजतक। लेकिन वो भी तो मुझे नहीं मिली कभी आजतक।। उससे मिलके अनजाने में ही सँवरे थे हम लेकिन, बिगडने की कोई वजह भी न मिली कभी आज़तक।
अकेले होने का मतलब हर बार बस उदास होना ही नहीं होता हो सकता था मैं भी बरबाद पास अगर मैं खुद के न होता। किसीकी कोई चोट ऐसी भी होती है जिसका एक […]
दफ़न भी हुआ तो ज़िन्दा रहूँगा। कोई तो होगा जो पढेगा हमको।। @@@@RK@@@@
जो भी तुम कहते हो वही होगा। ऐसा सोचते हो तो नही होगा।। , हमसें क्यूँ पूँछते हो पते ठिकाने। मैं आसमाँ नहीं पता ज़मी होगा।। , किसकी राहों में अब पलकें बिछाएं। हम समंदर […]
लफ्ज़ो के साथ ज़बरदस्ती नहीं करते। शायर कभी आबादी में बस्ती नहीं करते।।
Hazaron logon ke beech rehti hu meinPar apna mera koi saath hai nahiHasti toh rehti hu mein hamesha yunhiPar khushiyan meri kahi kho so hai gayiAansu ponchne wale log hai aaspaasMera dard bantnewala koi hai […]
कुछ पल बन जाते हैं सब कुछ। कुछ पल कह देते हैं खुद ही कुछ। कुछ पल छोड़ते नहीं संग में कुछ। कुछ पल जिनका मिलता नहीं किसीकी को भी कोई भी […]
Ye holi mai kaise mnau apne desh ki garibo ko dekh ker mai dhashta hi jau ye holi mai kaise mnau apne girbo bhai bhen ko chodh kar kaise mai holi mai rang udhau mai […]
बेकरारी दिल की तेरे नाम से मिलती है! रोशनी चाहत की तेरे नाम से जलती है! तेरी याद भी आती है तूफानों की तरह, साँस जिन्द़गी की तेरे नाम से चलती है! मुक्तककार- #महादेव'(26)
Tere aankhon me maine pyaar dekha hai Mere liye jaag utha aitbaar dekha hai Kabhi gussa, kabhi pareshaani dekhi hai Kabhi sharaarat kabhi nadaani dekhi ha Haar ke aansu, jeet ki khushi dekha hai Kabhi […]
Aasu zaroor hai mere aankhon mePar yeh khushi ke hai ,gham ke na samjhoRuk zaroor gayi hu meinPar mein dar gayi, yeh bilkul na sochoDarti nahi mein zindagi seSirf use samajhne ki deri haiHaara nahi […]
करते है शायरी तो जिन्दा है हम। वरना तो गुज़रे इक अरसा हो जाता।।
आज भी तेरे हैं तलबगार हम! हुस्न की बाँहों में गिरफ्तार हम! खौफ नहीं है हमको अंजाम का, हर जख्म़ के लिए हैं तैयार हम! मुक्तककार- #महादेव’
क्या बतायें क्या हो गया है हमें तुम ही बताओ कि क्या बतायें हम
कुछ ख्वाहिशें दिल में रहती है और कुछ दिल से निकल जाती है तेरी हर एक तस्वीर नयी याद बनाये और पुरानी यादें बदल जाती है थक गया हूँ मैं यह कह- कह कर आने […]
एक ख़याल में दुबे रहे और, बचीखुची मेरी सांसे चली गयी हम करते रहे तेरा इंतज़ार और ये दुनिया आगे चली गयी अब कोई आता है सामने, तो याद ही नही रहता कौन था? ध्यान […]
रातों को जब तारे टूटते है,ना मांगता मैं कुछ तुम जब से आये हो,हासिल तो है सबकुछ अपनी हँसी से तुम दिल गिरफ्तार करती हो ये दोस्ती है सिर्फ या उसके ऊपर भी है कुछ […]
तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ! शामों-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ! जिन्द़गी थक जाती है करवटों से लेकिन, नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार […]
कितनी ही बार हमारे college में NSS के तहत Cleanliness drive का प्रोग्राम चलाया गया और हाँ कुछ दिनों पहले ही हमारे PM मोदी जी ने भी स्वच्छता को लेकर देश भर में सफाई–अभियान चलाया […]
मैं आज भी गमो का क़र्ज़ चुकाते हुए, अपनी सारी खुशियां दाँव पर लगाये बैठी हूँ। कौन कहता है सिर्फ बेवफा होती है औरत, मैं अपनी वफ़ा साबित करने में अपना दामन ,सबकी बातों से […]
हर तरफ काँटों का जाल बिखरा है , उसे बचना हो तो कह दो साथ में रहे ! सज धज के आयी है आज महबूबा मेरी, चाँद को कह दो अपनी औकात में रहे !!
तेरी ‘#आरजू हर-वक्त हमारी है! सिलसिला दर्द का आज भी जारी है! खुदकुशी ख्याल की हो रही है जबसे, मेरी मयकशी वक्त-ए-लाचारी है! #महादेव_की_कविताऐं'(21)
खुद पर तरस आ रहा है साहिल हमे। अभी तो बाकि है जिंदगी और भी।।
चला जाऊँगा एक दिन मैं तेरी मेहफिल से उठ करके। हमारा काम ही क्या है क्या होगा अब यहाँ रुकके।। मेरी यादो को आँखों में कभी आने न तुम देना। जमाना जान जाएगा कभी रोना […]
सदियाँ बीती है पर मसला नहीं बदला। उसूलों की बात थी मैंने फैसला नहीं बदला।।
तेरी यादों में एक तन्हाई सी रहती है! तेरे ख्यालों में एक गहराई सी रहती है! झूमती है जब कभी जिन्द़गी मयखानों में, हुस्न की नजरों में अंगड़ाई सी रहती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)
कानून के कुछ रखवाले खूब ख्याल रखते हैं कानून का खूब रक्षा करते हैं कानून की खास नज़र रखते हैं इस बात की कि कहीं ये कानून “न्याय” का साथ तो नहीं दे रहा इस […]
किसीकी मज़बूरी का उपयोग क्या खूब ये ज़माना कर रहा है किस खतरनाक मंज़िल की तरफ इंसान अब बढ़ रहा है। संतुष्टि का मतलब स्वार्थ तक ही सीमित रह गया लगन वाला हुनर अब […]
देख रे खुदा यह बन्दा कितना मान करता है पल पल यह अपने ही अहंकार में मरता है मेरी वजह से हुआ यह काम ऐसे विचार रखता है क्या तेरी औकाद है रे क्या तू […]
क्यों दर दर भटकता है तू अपनी मांगों के लिए क्यों रोज अड्डे बदलता है तू अपनी चाहतों के लिए क्यों तू उस इंसान के पास जाता है जो खुद अल्लाह के भिखारी है अरे […]
रात अँधेरा ख़ामोशी तन्हाई,अश्क़ मिला। यादें वक़्त पल तस्वीरें बातें,अश्क़ मिला। , जिंदगी झूठ क्या वादें क्या क़समे इरादें। मौत सच तन्हाई सच आँखें,अश्क़ मिला। , मिलना वादियां झरने ये पहाड़ ओ मौसम वीरानी निशानी […]
माघ की इस सार्दी में जब ये हवा चली जो खिलती धूप की गर्माहट में लग रही है भली। जरा–से बादल हल्की–सी हवा कभी गरम कभी नरम। सूरज बादलों की खिड़की से है […]
दर्द चोट आसूँ जख़्म अब मरहम चाहिए। सफ़र में क्या कहें हमको हमदम चाहिए।। ‘ मेरी मुस्कुराहट पर हैरत क्यूँ करते हो तुम। बोल दो आँखों का मंजर नम नम चाहिए।। , अब तक जिन्दा […]
देखना है की हिस्सों में कैसे बँट पाउँगा मैं। इक बूढ़ा शज़र हूँ लगता है कट जाऊंगा मैं।। ‘ मुझे सहारा देने में दिक्कतें तो है बच्चों को। ख़ामोश ही रहूँगा की जब थक जाऊंगा […]
दवा भी तुम दुआ भी तुम। हवा भी तुम फ़िजा भी तुम।। , घटा भी तुम अदा भी तुम। वफ़ा भी तुम सज़ा भी तुम।। , हँसी भी तुम ख़ुशी भी तुम। कभी आँख में […]
तेरे लिए खुद को भुलाता चला गया! तेरे लिए अश्क़ बहाता चला गया! हुयी है जब भी शाम मेरे दर्द की, शमा चाहतों की जलाता चला गया! #महादेव_की_कविताऐं'(21)
Kitne ache the hum, jb chhote bche the hum Naa bhavishya ki koi chinta, naa ateet ki parchayi Khel kud m tha poora din beetta, msti hi msti thi bhai Naa sch jhut ki samajh […]
क्यों मेरी जिन्द़गी से दूर हो गये हो तुम? हुस्न के रंगों से मगरूर हो गये हो तुम! भूला नहीं हूँ आज भी मैं कसमों को तेरी, वेवफाओं में मगर मशहूर हो गये हो तुम! […]
इतना वक़्त ही कहाँ मिलता है खाली मुझे कि मैं कभी किसीसे नाराज़ हो जाऊँ। अभी अपने ही कल खातिर उलझा हूँ इतना कैसे मैं किसीका साथ आज़ हो जाऊँ। सोचता हूँ कि […]
अधूरापन ये मेरा क्या पता मेरे भीतर कोई आग जला दे और फिर कभी मेरे भीतर कोई कामयाब सूरज़ उगा दे। –कुमार बन्टी
जो भी दिल में है छुपा मुझको तो दिखा दीजे, जो ज़ुबा तक न आ सके तो आँखों से जता दीजे, प्यार है हमसे तो खुल कर के ही बयां कीजे, न हो कोई बात […]
तुमको भूल जाने का बहाना नहीं आता! तुमसे अपने प्यार को बताना नहीं आता! बुझती नहीं है रोशनी चाहतों की लेकिन, अपने जख्मे-जिगर को दिखाना नहीं आता! #महादेव_की_कविताऐं'(25)
कितनी मिन्नतों के बाद में मिला तुझसे मगर मिलकर भी मेरा मिलना न हुआ क़ी कई बातें, कई मर्तबा हमने मगर इक बात पे कभी फैसला ना हुआ
जब भी याद तेरी कहानी आ जाती है! जख्मों की नजर में निशानी आ जाती है! किस्तों में टूटते हैं जिन्दगी के लम्हें, अश्कों में दर्द की रवानी आ जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(24)
किसी बस या फिर रेलगाड़ी का अकेला सफ़र और किसी ऊँची पहाड़ी का चुपचाप स्वर मेरी जगी हुई रातों का मज़ेदार भंवर और अभावों की जिंदगी में मेरा मददगार सब्र कहतें हैं मुझसे सब मिलकर […]
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