एक ख़याल में दुबे रहे और, बचीखुची मेरी सांसे चली गयी हम करते रहे तेरा इंतज़ार और ये दुनिया आगे चली गयी अब कोई आता है सामने, तो याद ही नही रहता कौन था? ध्यान […]
एक ख़याल में दुबे रहे और, बचीखुची मेरी सांसे चली गयी हम करते रहे तेरा इंतज़ार और ये दुनिया आगे चली गयी अब कोई आता है सामने, तो याद ही नही रहता कौन था? ध्यान […]
रातों को जब तारे टूटते है,ना मांगता मैं कुछ तुम जब से आये हो,हासिल तो है सबकुछ अपनी हँसी से तुम दिल गिरफ्तार करती हो ये दोस्ती है सिर्फ या उसके ऊपर भी है कुछ […]
तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ! शामों-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ! जिन्द़गी थक जाती है करवटों से लेकिन, नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार […]
कितनी ही बार हमारे college में NSS के तहत Cleanliness drive का प्रोग्राम चलाया गया और हाँ कुछ दिनों पहले ही हमारे PM मोदी जी ने भी स्वच्छता को लेकर देश भर में सफाई–अभियान चलाया […]
मैं आज भी गमो का क़र्ज़ चुकाते हुए, अपनी सारी खुशियां दाँव पर लगाये बैठी हूँ। कौन कहता है सिर्फ बेवफा होती है औरत, मैं अपनी वफ़ा साबित करने में अपना दामन ,सबकी बातों से […]
हर तरफ काँटों का जाल बिखरा है , उसे बचना हो तो कह दो साथ में रहे ! सज धज के आयी है आज महबूबा मेरी, चाँद को कह दो अपनी औकात में रहे !!
तेरी ‘#आरजू हर-वक्त हमारी है! सिलसिला दर्द का आज भी जारी है! खुदकुशी ख्याल की हो रही है जबसे, मेरी मयकशी वक्त-ए-लाचारी है! #महादेव_की_कविताऐं'(21)
खुद पर तरस आ रहा है साहिल हमे। अभी तो बाकि है जिंदगी और भी।।
चला जाऊँगा एक दिन मैं तेरी मेहफिल से उठ करके। हमारा काम ही क्या है क्या होगा अब यहाँ रुकके।। मेरी यादो को आँखों में कभी आने न तुम देना। जमाना जान जाएगा कभी रोना […]
सदियाँ बीती है पर मसला नहीं बदला। उसूलों की बात थी मैंने फैसला नहीं बदला।।
तेरी यादों में एक तन्हाई सी रहती है! तेरे ख्यालों में एक गहराई सी रहती है! झूमती है जब कभी जिन्द़गी मयखानों में, हुस्न की नजरों में अंगड़ाई सी रहती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)
कानून के कुछ रखवाले खूब ख्याल रखते हैं कानून का खूब रक्षा करते हैं कानून की खास नज़र रखते हैं इस बात की कि कहीं ये कानून “न्याय” का साथ तो नहीं दे रहा इस […]
किसीकी मज़बूरी का उपयोग क्या खूब ये ज़माना कर रहा है किस खतरनाक मंज़िल की तरफ इंसान अब बढ़ रहा है। संतुष्टि का मतलब स्वार्थ तक ही सीमित रह गया लगन वाला हुनर अब […]
देख रे खुदा यह बन्दा कितना मान करता है पल पल यह अपने ही अहंकार में मरता है मेरी वजह से हुआ यह काम ऐसे विचार रखता है क्या तेरी औकाद है रे क्या तू […]
क्यों दर दर भटकता है तू अपनी मांगों के लिए क्यों रोज अड्डे बदलता है तू अपनी चाहतों के लिए क्यों तू उस इंसान के पास जाता है जो खुद अल्लाह के भिखारी है अरे […]
रात अँधेरा ख़ामोशी तन्हाई,अश्क़ मिला। यादें वक़्त पल तस्वीरें बातें,अश्क़ मिला। , जिंदगी झूठ क्या वादें क्या क़समे इरादें। मौत सच तन्हाई सच आँखें,अश्क़ मिला। , मिलना वादियां झरने ये पहाड़ ओ मौसम वीरानी निशानी […]
माघ की इस सार्दी में जब ये हवा चली जो खिलती धूप की गर्माहट में लग रही है भली। जरा–से बादल हल्की–सी हवा कभी गरम कभी नरम। सूरज बादलों की खिड़की से है […]
दर्द चोट आसूँ जख़्म अब मरहम चाहिए। सफ़र में क्या कहें हमको हमदम चाहिए।। ‘ मेरी मुस्कुराहट पर हैरत क्यूँ करते हो तुम। बोल दो आँखों का मंजर नम नम चाहिए।। , अब तक जिन्दा […]
देखना है की हिस्सों में कैसे बँट पाउँगा मैं। इक बूढ़ा शज़र हूँ लगता है कट जाऊंगा मैं।। ‘ मुझे सहारा देने में दिक्कतें तो है बच्चों को। ख़ामोश ही रहूँगा की जब थक जाऊंगा […]
दवा भी तुम दुआ भी तुम। हवा भी तुम फ़िजा भी तुम।। , घटा भी तुम अदा भी तुम। वफ़ा भी तुम सज़ा भी तुम।। , हँसी भी तुम ख़ुशी भी तुम। कभी आँख में […]
तेरे लिए खुद को भुलाता चला गया! तेरे लिए अश्क़ बहाता चला गया! हुयी है जब भी शाम मेरे दर्द की, शमा चाहतों की जलाता चला गया! #महादेव_की_कविताऐं'(21)
Kitne ache the hum, jb chhote bche the hum Naa bhavishya ki koi chinta, naa ateet ki parchayi Khel kud m tha poora din beetta, msti hi msti thi bhai Naa sch jhut ki samajh […]
क्यों मेरी जिन्द़गी से दूर हो गये हो तुम? हुस्न के रंगों से मगरूर हो गये हो तुम! भूला नहीं हूँ आज भी मैं कसमों को तेरी, वेवफाओं में मगर मशहूर हो गये हो तुम! […]
इतना वक़्त ही कहाँ मिलता है खाली मुझे कि मैं कभी किसीसे नाराज़ हो जाऊँ। अभी अपने ही कल खातिर उलझा हूँ इतना कैसे मैं किसीका साथ आज़ हो जाऊँ। सोचता हूँ कि […]
अधूरापन ये मेरा क्या पता मेरे भीतर कोई आग जला दे और फिर कभी मेरे भीतर कोई कामयाब सूरज़ उगा दे। –कुमार बन्टी
जो भी दिल में है छुपा मुझको तो दिखा दीजे, जो ज़ुबा तक न आ सके तो आँखों से जता दीजे, प्यार है हमसे तो खुल कर के ही बयां कीजे, न हो कोई बात […]
तुमको भूल जाने का बहाना नहीं आता! तुमसे अपने प्यार को बताना नहीं आता! बुझती नहीं है रोशनी चाहतों की लेकिन, अपने जख्मे-जिगर को दिखाना नहीं आता! #महादेव_की_कविताऐं'(25)
कितनी मिन्नतों के बाद में मिला तुझसे मगर मिलकर भी मेरा मिलना न हुआ क़ी कई बातें, कई मर्तबा हमने मगर इक बात पे कभी फैसला ना हुआ
जब भी याद तेरी कहानी आ जाती है! जख्मों की नजर में निशानी आ जाती है! किस्तों में टूटते हैं जिन्दगी के लम्हें, अश्कों में दर्द की रवानी आ जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(24)
किसी बस या फिर रेलगाड़ी का अकेला सफ़र और किसी ऊँची पहाड़ी का चुपचाप स्वर मेरी जगी हुई रातों का मज़ेदार भंवर और अभावों की जिंदगी में मेरा मददगार सब्र कहतें हैं मुझसे सब मिलकर […]
जिंदगी में उम्मीदें जैसे दोबारा आ जाती है इस कदर से खुमारी उसकी मुझपे छा जाती है। यारो तुम्हें पता है ऐसा कब होता है? –जब भी वो आ जाती है जब भी वो […]
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो! रग रग में उमड़ आता है तूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो! #महादेव_की_कविताऐं'(25)
बड़े से बड़े मुकाम में भी कोई बल नहीं। अगर जिंदगी में सकून का कोई पल नहीं।
जग में सारा का सारा ज्ञान लिखा हुआ कहां मिलता है। ज्यादातर ज्ञान तो विचारों में ही छिपा हुआ मिलता है।
सच्ची राह पे अगर तेरा एक कदम भी नेकी से पड़ा है। तो अगले ही कदम पे तेरा रब तेरे साथ में खड़ा है। उसकी फिक्र का दिखावा करने वाले तो गुम हो गये […]
रब तो वाकई सबके दिलों में बसता सम है। लेकिन उसे पहचानने वाला इंसान बड़ा कम है। तुम मेरे चेहरे की इस मुस्कान पे मत जाओ इसके पीछे छिपा न जाने कितना बड़ा गम […]
कभी जिन्दगी में चाहत मर न पाएगी! कभी मंजिलों की ख्वाहिश डर न पाएगी! दौर भी कायम रहेगा खौफ का मगर, आरजू अंजाम से मुकर न पाएगी! #महादेव_की_कविताऐं’
तेरे बगैर मुझको कबतक जीना होगा? जामे-अश्क मुझको कबतक पीना होगा? भटकी हुई है जिन्द़गी राहे-सफर में, जख्मे-दिल को हरपल कबतक सीना होगा? #महादेव_की_कविताऐं’
आसमान से गिरती हर एक बूँद की अपनी एक कहानी है .. एक गगन से गिरने के बाद भी सब को अपनी मंजिल खुद ही पानी है .. कोई किसी खेत में फसलो को महका […]
फिर से आज हमने कलम उठाई है… हाथ में फिर वही पुरानी डायरी आई है… सोच ही रहे थे कुछ नया लिखने में क्या बुराई है.. कलम से ही तो किताबो ने अपनी दुनिया सजाई है […]
काश दुनियाँ में ऐसी भी कोई गलती हो जिसे करने पर भी जिंदगी बेफिक्र चलती हो। ऐसा जहां बनाने की कोशिश में हूँ जहाँ इंसानियत सिर्फ रब से डरती हो। अरे वक़्त की […]
ढ़ूँढ रही मैं बावरी, अपने हिस्से का, स्वर्णिम आकाश, टिम-टिम करते तारे, हाय! सुख-दुख के, बन गए पर्याय , तम घनेरा ऐसे , छाय जैसे चन्द्र में ग्रहण लग जाए, मौसम आए मौसम जाए, कभी […]
मुझको कभी मेरी तन्हाई मार डालेगी! मुझको कभी तेरी रुसवाई मार डालेगी! कैसे रोक सकूँगा मैं तूफाने-जख्म़ को? मुझको कभी बेरहम जुदाई मार डालेगी! #महादेव_की_कविताऐं’
मैं करता हूँ तुमसे मोहब्बत, अब खुद को सताना बंद करो ! देता हूँ खूने ए दिल तुम्हे, हाथों में मेहंदी रचाना बंद करो !! जो हुये हैं गीले सिकवे , उनका इल्जाम लगाना बंद […]
तेरे साथ जो बीता बचपन कितना सुन्दर जीवन था, ख़ूब लड़ते थे फिर हँसते थे कितना सुन्दर बचपन था, माँ जब तुझको दुलारती मेरा मन भी चिढ़ता था तू है उनके बुढ़ापे की लाठी ये […]
मेरे घर में भी मुझे पहचानने वाला बस एक शक्स हमेशा रहता है। जब मैं देखूं उसे वो भी आईने से मुझे बस देखता रहता है। यहां इस खु़शहाली में अमीरों को नींद बस ठंडी […]
किसी आयत की तरह रात दिन गुनगुनाता रहा हूँ तुझे, सबकी नज़रो से बचाकर अपनी पलकों में छिपाता रहा हूँ तुझे, मेरे हर सवाल का जबाब तू ही है मगर, फिर भी एक उलझे सवाल […]
मेरा दर्द तेरा ही नाम बोलता है! मेरी जिन्दगी का अंजाम बोलता है! बंदिशें जमाने की मगरूर हैं लेकिन, तेरी आरजू का पैगाम बोलता है! #महादेव_की_कविताऐं'(23)
गुजरता रहा उसकी आँखों से हर रात किसी भरम सा मैं, फिर एक रोज़ खुद ब खुद उसके ख्वाबों से बाहर निकल आया मैं, छुप कर बैठा रहा मैं एक झूठ की आड़ में बरसों, […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.