मेरा कुछ भी लिखना…प्रभु जी तुमसे अर्चना का उपहार.. करना होता है… अपने शब्दों से तुम्हे पुकारना… तुम्हे याद करना होता है….

अगर मैं होता राजकुमार जनता से ख़ूब करता प्यार देश के हर गली मुहल्ले से , मिटा देता अत्याचार ……. अगर मैं होता राजकुमार । मेरे लिए भी होती,कोई राजकुमारी मुझपै वो मरती,लगती बड़ी प्यारी […]

देकर निमन्त्रण पत्र वो स्वतन्त्र से हो गये। क्या कायदा है जमाने का… कागज पर ही मर मिटे। तो लब्ज बोलना मुनासिब न समझा,निमन्त्रण नही….लगता लंगर का पैगाम दे गये।

हमे क्या मालूम?यह कहकर लोग मुद्दों से भटक जाते है। पर हम जैसे इन्ही बातों की सोच मे पड़े रह जाते है।।

फूलो को क्या अब महकना सीखना पानी को क्या कब प्यासा रहना पंछी हूँ मै खुले आसमान का मुझे क्या अब उड़ना सीखना।।

कान्हा तूने माटी खाई डाँट के बोली मैया। ना ना कह शीश हिलाया नटखट बाल कन्हैया।। छड़ी दिखाकर मैया बोली मूंह तो खोलो कान्हा। मुख में सारा विश्व दिखाया कन्हा मुख में कान्हा।। मायापति की […]

कभी आओं फुर्सत मे सब मिलजुलकर एक साथ बैठे, कुछ तुम कहो अपनी और कुछ हाल हम भी पूछे। इस जिन्दगी की आपाधापी मे हम खुद को ही भूल गये, न जाने कितने रिश्ते-नाते हमसे […]

जिसने तुमको जन्म दिया,जिसने तुमको प्यार से पाला, बेशर्म!तूने उनको अपने कुकर्मो से कलंकित कर डाला। प्यार किया था,प्रेम विवाह भी तुम कर लेती, चुपचाप खुशी से अपने पति संग रह लेती। तुमने तो अपने […]

प्रभु जी एक वरदान दे दो, कृपा जन मानस पर कर दो। दिये है दो हाथ तो इन्हे काम मिल जाये, खाली पेट न रहे कोई कुछ इन्तजाम हो जाये। हुई हो कुछ गलतियां तो […]

मेरे प्यारे नए साल क्या इस बार मै पाऊंगी अपने सपनों की दुकान जहां हर ख्वाब रखा होगा सलीके से जहां होगी जगह मेरे नए ख्वाबों की जहां होगा सम्मान मेरे आधे अधूरे कम पूरे […]

तेरे बिना तो अब कही भी जी लगता नही, मोहन तेरे बिना अब वृदावन सजता नही। प्रभू तुम अब अपने भक्त को दर्शन दे दो, हुआ कोई गलती तो वह माफ कर दो।। राधे राधे

Dedicated to primary school teachers🙏🙏🙏🙏🙏🙏⚘🌹🌹 शीर्षक:-‘प्राइमरी के मास्टर’ अपने संकल्प,समर्पण से हम संभावनाओ को साकार बनाते है, हम सब मिलकर ही बेसिक शिक्षा का दीप जलाते है। हाँ,हम ही तो प्राइमरी के मास्टर कहलाते है। […]

मेरी खुशी है वहाँ तक जहाँ तेरी खुशबू फैली है, इन वादियों मे तेरी ही हर जगह रहमत फैली है। अपना आशीर्वाद हम पर बनाये रखना माँ शारदे! तेरी ही कृपा से हमे अपनी पहचान […]

हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। वो मुझसे दूर क्या हुई, उसके संग गुजरा हर लम्हा याद आता है।। हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। मैं उसका मन था, […]

इक रात चांद यूं पूछ बैठा, इक सुहागन नारी से क्यों करती मेरी पूजा तुम, यूं सज धज तैयारी से क्यों रहती भूखी दिन भर तुम, करती इंतजार चढ़ अटारी से पहले मेरा फिर पति […]

कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये, दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह, वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए, सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।

जब प्यार से ज्यादा लड़ाईयां हो, जब मिलन से ज्यादा तन्हाईयां हो। ऐसे रिश्तो का न कोई वजूद होता है, टूटकर बिखरना अन्तिम अंजाम होता है।।