आत्मनिर्भर बना स्वावलंबी बनो लाकडाउन 4.00 का यही है मंत्र मास्क लगा घर से निकलो हाथों को हरदम स्वच्छ रखो अपने पैरों पर खड़े होकर जिंदगी में आगे बढ़ो

एकांतवास में रहकर भी नहीं हुई तपस्या पूर्ण। खान -पान में समय बिताया सोया पूरम पूर्ण।। घटा नहीं कोरोना जालिम घट गया सीधा-पानी। ‘विनयचंद ‘कुछ ऐसा कर जो सुखी बसे सब प्राणी।।

क्या कभी ये सोचा था तुमने ऐसा वक़्त भी आएगा घर की चारदीवारी के भीतर जीवन बिताना पड़ जायेगा न ही मिलना होगा किसी से न ही घूमना होगा अपनों से मिलने को एक दिन […]

फूलों की खुशबू की भाँति महक जाए जीवन की डाली तारों की चाँदनी की भाँति रोशन हो दुनिया तुम्हारी सूरज की तेज़ की भाँति प्रकाश ही प्रकाश हो जीवन मे तुम्हारी नीले अम्बर की चादर […]

ग्रीन जोन में आये हो भैया फिर भी संभल कर रहना भैया बीमारी है ये छुआछूत की दूरी फिर भी बनाना भैया मास्क हमेशा लगाना मुख पर हाथ को धोते रहना भैया जब तक हो […]

तेरे हाथ की हथेली पर मैं क्या उपहार की भेंट करूँ काबिल नहीं हूं इतना मैं आज जो तुझको कुछ भेंट करूँ। देने को बस मेरे पास में तुझको प्यार और सम्मान है प्रार्थना है […]

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हुए जब। भक्त शिरोमणि हनुमान हुए तब ।। बन मातु पिता के आज्ञाकारी श्रीराम अयोध्या छोड़ गए। श्री राम के सेवा ख़ातिर हनुमत निज मातु पिता भी छोड़ गए।। ऐसे स्वामी सेवक […]

इन अँखियों न देखी बड़ दुनिया अब क्या देखूँ हे गिरिधारी? जब भी देखा दुनिया में तो देखा पंचविकार कबाड़ी।। काम दिखा और लोभ दिखा। मोह महामद क्रोध दिखा।। इन पांचों ने मिलकर मुझको बना […]

है दिललगी मुझे तुमसे , करनी है मोहब्बत मुझे तुमसे , बेपनाह इम्तिहान ले लो तुम मुझसे , पर करना है प्यार मुझे तुमसे , है मन बेताब मिलने का तुमसे , चलो लोट आओ […]

निर्दोष समर्थ गुरू को भी पीटा था नादान किसान। छत्रपति से माफ कराकर गन्ने का दिया खेत बथान।। संत सदा से इस दुनिया में होते दया धर्म के मूल। ‘विनयचंद ‘कभी होना ना इनके प्रतिकूल।।

खुद को साध रहा जो मानव औरों के कल्याण को। सुख-सविधा और परिजन त्याग दिए अरमान को।। ऐसे साधु सन्यासी को पीट -पीटकर मार दिया। दुख इतना है यही है रोना आस्था को भी मार […]

कहर कोरोना का छाया है देखो आज संसार में। त्राहि त्राहि कर रही है दुनिया आओ प्रभु अवतार में।। रक्तबीज का रक्त धरा पर टपक दैत्य बन उत्पात किया। कतरा कतरा पीकर काली दुष्ट दैत्य […]

कुछ दिन रहेंगे घर में आइशोलेट। नहीं करेंगे बाहरी दुनिया से हम भेंट।। मुख पर मास्क हाथ दस्ताना। फिर भी नहीं कोई हाथ मिलाना। धोओ हाथ करो सेनेटाईजर। हल्दी तुलसी सेवो अक्सर।। सूझबूझ और धैर्य […]

20 मार्च यानी गौरैया दिवस …. आज तुम्हारा दिवस है प्यारी गौरैया ,कहने को तुम घरेलू चिड़िया कहलाती हो लेकिन स्वार्थी मनुष्यों ने तुम्हें घर से बेघर कर के पेड़ों पर भी अपना स्वामित्व जता […]

यह दौर गुजर जाएगा इस वैश्विक आपदा के बावजूद हम इस पर विजय पाने में कामयाब अवश्य होंगे। भरोसा रखिए हमारे डॉक्टर कोविड -19 का इलाज और वैज्ञानिक निश्चय ही इसका मूल कारण खोज लेंगे […]

ये वाईरस कैरोना का बना महामारी भयंकर है। दिखे उपाय बचने का स्वच्छ और शुद्ध जो नर है।। रखो सब पे सहानुभूति पर रहना सबसे बचकर है। धोकर हाथ रहना सब मिलाना हाथ ना कोई। […]

तेरा नशा कोरोना वायरस की तरह फैल तो गया तू दिल में बिन बुलाए मेहमान की तरह आ तो गया मगर कान खोल कर सुन ले मेरा प्यार कैंसर है मरने के बाद ही जायेगा […]

‘यह कैसा घर है! कि- जिस में एक भी झरोखा नहीं’ दहलीज़ पर खड़ी हवा बोली। सुनो कुछ देर को मुझे अंदर आने दो- यहां बाहर बड़ी घुटन है।

मातृशक्ति को समर्पित नारी का तू कर सम्मान। नारि बिना ये जगत मशान।। नारि है विद्या नारि है बुद्धि धन दौलत की नारि है खान।। नारी का सब कर सम्मान। नारि बिना ये जगत मशान।।

आ तो गई रंग भरी होली मगर कुछ अराजक तत्व अभी भी पथ्थर फेकने में लगे हुए हैं आ तो गया फागुन का वलेंटाइन मगर कुछ लोग आजादी मागने में लगे हैं भारत जैसे देश […]

रंग भर लीजिए जिंदगी में क्योंकि रंग उड़ाने के लिए लोग हैं थोड़ा हंस लीजिए जिंदगी में क्योंकि रुलाने के लिए लोग हैं आजाद हो जाइए जिंदगी में क्योंकि कैद करने के लिए लोग हैं […]