अब कोशिश निरन्तर जारी है, कुछ बेहतर करने की तैयारी है। दुनिया मे भारत का नाम भी हो, जन मानस का खूब कल्याण भी हो।
अब कोशिश निरन्तर जारी है, कुछ बेहतर करने की तैयारी है। दुनिया मे भारत का नाम भी हो, जन मानस का खूब कल्याण भी हो।
मोमबत्ती जलाने से अब कुछ न होगा, कोर्ट के चक्कर लगाने से कुछ न होगा। बलात्कारियो को एक बार जिन्दा जलाकर तो देखो….. फिर किसी ‘निर्भया’ और ‘आसिफा’ का बलात्कार नही होगा।।
कितना बदल गये हो तुम इंतजार किया जी भर कर उनसे मिलने की कोशिश भी की, कहाँ रह गये वो जिन्होने हर वादा निभाने की कसम भी ली। आसान भी तो नही है सूर्य की […]
चाय पर चर्चा दूध के सारे दाँत समय से पहले ही टूट गये, जिन्दगी की शुरुआत मे ही विधाता रूठ गये। मजबूरियों ने हाथ मे चाय की केतली क्या पकडाई, मैने करीब से देखी अपने […]
गाँव की मिट्टी गाँव की मिट्टी मे सौंधी सी खुशबू आती है, रिश्तों मे अपनेपन का एहसास कराती है। चलती हुई पावन पवन मन को छू जाती है, नीम और बरगद की छाया पास बुलाती […]
कैसे समर्पित कर दूँ आप लिखते खूब हो पर कभी गाते नही हो, मंच पर सबकी तरह नजर आप आते नही हो। आपकी रचनाओं मे जीवन की सारी सच्चाई दिखती है, हर पाठक को उसमे […]
पीछे क्या हटना? मंच भी बदल जायेंगे,किरदार भी बदल जायेंगे, वक्त के साथ चलते रहो,मंजर भी बदल जायेंगे। हमेशा अपनी हिम्मत और हुनर पर भरोसा रखना, जो ठीक लगे दिल को वही काम जूनून से […]
गरीब की कब्र पर कहाँ कब दीप जलते है, रेगिस्तान मे आसानी से कहाँ फूल खिलते है। चांद-तारो की ख्वाहिश तो महल वाले रखते है, हम जुगनू है अपनी फिज़ाओ के….हम तो खुद से ही […]
“शिक्षा ही जीवन का आधार है, इसके बिना जीवन निराधार है। शिक्षा ही जिन्दगी का सच्चा अर्थ बताती हैं, सत्य और अनंत उन्नति का मार्ग बताती है। शिक्षक नित नवीन सबक सिखाते है, सब को […]
मेरे देश के नेताओं का अजीब हाल हो गया, गरीबो के लिए लड़ते लड़ते वो मालामाल हो गया। चुनाव में हाथ जोड़कर घर घर जाता हैं, हर किया वादा निभाने की कसम खाता है। चुनाव […]
बिन मांगे मोती मिले मांगे मिले न भीख। कृष्ण सुदामा की कथा देती है यह सीख।।
जिसने तुमको जन्म दिया,जिसने तुमको प्यार से पाला, बेशर्म!तूने उनको अपने कुकर्मो से कलंकित कर डाला। प्यार किया था,प्रेम विवाह भी तुम कर लेती, चुपचाप खुशी से अपने पति संग रह लेती। तुमने तो अपने […]
लोग कहते हैं मत पिया करो आदत खराब है मै कहता हूँ इस दुनियाँ में सबसे अच्छी शराब है।
बुरा उन्हे कहूँ तो ये बिल्कुल गलत बात होगी……. शायद मै ही बुरा हूँ तो उनसे मुलाकात क्यो होगी..?
जब तक नारियल तैल जम न जाये, युगपुरुष केजरीवाल जी मफलर न बाँधने लगे और बोरो प्लस का विज्ञापन आना न चालू हो जाये…… तब तक मै नही मानता की सर्दी आ गयी!!
मैं हूं अपने परिवार का हिस्सा या फिर हूं बीते कल का किस्सा खुद को पानी की तरह हर आकार में ढाल दूँ अपनों के लिए खुद की इच्छाओं को टाल दूँ पहचान बनाने के […]
तुम मुझे चाहती हो इसका मुझे पता तो नहीं। मेरा तुझको चाहना शायद मेरी खता तो नहीं।।
मैं देश का सिपाही हूँ। दुश्मन की तबाही हूँ, ।। काँधे पे बन्दूक है और तिरंगा हाथ है। कदम मिला चलता, जज्बा एक साथ है।। देश के खातिर जान जो जाए करता नहीं कोताही हूँ।
दिन का वो कोना जिसे सब शाम कहते हैं , मैं उनको काट कर अलग रख देता हूँ.. मेरी सब शामें बंद हैं अलमारी में बरसों से… चुभती हुई रातों से जो एक सुई मिल […]
जब भी कोई हाथ जगत में, अबला का आँचल खींचा है। शमशीर सदा हीं टकड़ाया और रक्त धरा को सींचा है।।
गाँव की एक चिड़ियाँ शहर को गई। ना जाने उसकी अस्मत कहाँ खो गई।। बूढ़ी माँ से वो बोली मैं बेटी नहीं हूँ लड़का तेरा। भाई अच्छे से पढ़ना तूहीं छोटू तूहीं है बड़का मेरा।। […]
था प्यार करने से पहले रंगीन ज़माना। प्यार करके बनाया गमगीन जमाना।। न भूख रही न हीं प्यास रहा हर पल तुम्हारा आभाश रहा अब तो अपना हुआ एक दो तीन जमाना। प्यार करके बनाया […]
आये दिन सांसद में कोई ना कोई बिल पारित हो रहा है जिसमें जनता के ऊपर नकेल कसने के लिए कुछ ना कुछ फेर बदल किया जा रहा है । सरकार जनता को आईना दिखाने […]
कृष्ण ने बहुत अटखेलियां की गोपियों के संग नदियों -तालाबों में, ना प्यार मिला ऐसा कहीं जो देखा राधा की आँखों में. वचन भरे जीवन मरण के लेकर हाथों को हाथों में, स्मृतियाँ वो ना […]
पढ़कर रामायण का हिंदी अनुवाद पाखंडी भी खुदको विद्वान समझते है भड़काते लोगो को और कहते हम रामायण को पढ़ते है. रामायण का पाठ ही पतितो को पावन कर दे बुराई मिटा दे मन की […]
प्रकृति की कंदरा पर्वतों घाटियों में विचरों, प्रकृति का संगीत सु नों। खुद मौन हो जाओ, झरने की कलकल पक्षियों का कलरव, जानवरों की अजीबोगरीब आवाजें, बादलों की गड़गड़ाहट, एक साथ उड़ते पक्षियों के पंखों […]
गुमान ना करना खुद पर घमंडी दुनिया में बहुत से देख लिए गुमान ना चट्टानों का रहा जिसने नदिया के आगे घुटने टेक दिए नदी ने टुकड़े कर चट्टान के नालो में बहाकर फेंक दिए […]
आरक्षण बनाम वोटों की राजनीति __________________________ आरक्षण उन लोगो के लिये था जो पढना चाहते हैँ पर पैसे से लाचार है। लेकिन अपने निजी स्वार्थ व वोटो के राजनीति के चलते नेताओ ने इसे जातिवाद […]
दुनिया राह में अडचन पैदा करेगी धोखा देगी, फरेब करेगी तेरे पास कब कामयाबी होगी? इसका जवाब सिर्फ तेरी मेहनत देगी |
स्वार्थी कुटिल लोगो पर ध्यान ना दो, जैसे बहता नदिया का नीर | विपरीत परिस्थिति में भी अडिग रहो, ना होना कभी अधीर | जो दुखी करें सबको ओर बने बड़ा ही वीर ऐसे दुष्टो […]
जब डगमगा जाये तेरा हौसला, अपने दिल को पत्थर समझ लेना | राम नाम लिखकर उसपर, दरिया में फेंक देना | जो होगा देखा जायेगा, राम नाम पे भरोसा कर लेना | कहना “हे राम […]
मेरे राम मेरे प्रभू, आज्ञा हो तो मै कुछ कहूँ, कहने को तो कई बाते है मन मे, मन विचलित है, कोतुहल मचा है जीवन मे | पीड़ा बहुत है, कई बीमारी है इस तन […]
राम नाम लेकर मन को सकून बड़ा मिलता है मन प्रफुल्लित होता है मेरा ह्रदय कमल खिलता है याद आते हो तुम्ही राम जब जीवन डगमग हिलता है
बिना संघर्ष के, व्यक्ति मृत के समान है मेहनत करके जीने वाला संघर्षकर्ता ही महान है |🚩🌍🗽
जो लोग मेहनत करते है किस्मत उनके आगे आगे चलती है आग जिसमे लगन की जलती है कामयाबी उसी को मिलती है
ये मौसम ऐसा आया है जिसकी हवाओं मे त्योहारों की खुशबू आती है | नई ख़ुशी और नई उमंगो का एहसास दिल मे जगती है | दीये की जलती जोत निश्चय दृढ़ बनती है | […]
सब की ज़िन्दगी मे कोई ना कोई इंसान ऐसा होता है जो सब से खास, सब से प्यारा होता है। चाहे वो मम्मी या पापा, भाई – बहन आदि हो सकते है । ऐसा इंसान […]
कभी-कभी चाहत जंजीर सी लगती है! कभी-कभी सीने में तीर सी लगती है! जब कभी भी होती है यादों की आहट, दर्द की हाथों में लकीर सी लगती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
क्या कर पाया मैं और क्या कर जाऊंगा? तेरे बिना मैं तो यूँ ही मर जाऊंगा! जब कभी तुम देखोगे आईना दिल का, तेरे ख्यालों में तन्हा बिखर जाऊंगा! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
अब चाहतों के हमको नजारे नहीं मिलते! अब ख्वाहिशों के हमको इशारे नहीं मिलते! हर वक्त ढूंढ लेती है तन्हाई दर्द की, अब हौसलों के हमको सहारे नहीं मिलते! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
हर शख्स जमाने में बीमार जैसा है! ख्वाहिशों का मंजर लाचार जैसा है! सहमी हुई तकदीरें हैं इंसानों की, आदमी सदियों से बाजार जैसा है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मेरे दिल की किताबों मे मत पुछ क्या लिखा है, धड़कन के हर एक पन्ना मे तेरा नाम लिखा है।। नई जिन्दगी मिला है,तेरे हर मिस्काँल से, अब वही मिस्काँल मेरे जिन्दगी का सबुत बन […]
दिल तोड़कर जालिम मत मुस्काराया करो, मेरे प्यार को इतना मत अजमाया करो। तुमको ही देखने आता हूँ ,तेरे गलियों के पान दुकान पर, मुझे देखकर खुद को छुपाया ना करो— कैसे समझाँऊ प्यार, महोब्बत […]
कभी चाहत जिंदगी में मर नहीं पाती! कभी दौरे–मुश्किलों से डर नहीं पाती! हर वक्त नाकामी का खौफ़ है लेकिन, कभी आरजू ख्याल से मुकर नहीं पाती! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मैने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा, पैसे के लिए आदमी को बदलते देखा। वो जो चलती थी, झनझनाहट की होती अवाज, आज उनकी झनझनाहट की अवाज के लिए कान को तरसते देखा। जिनकी […]
आज फिर हाँथों में जाम लिए बैठा हूँ! तेरे..दर्द का पैगाम लिए बैठा हूँ! वस्ल की निगाहों में ठहरी हैं यादें, तेरा फिर लबों पर नाम लिए बैठा हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
आज फिर हाँथों में जाम लिए बैठा हूँ! तेरे..दर्द का पैगाम लिए बैठा हूँ! वस्ल की निगाहों में ठहरी हैं यादें, तेरा फिर लबों पर नाम लिए बैठा हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
बेवफाओं की कोई सूरत क्या होती है? नाखुदाओं की कोई मूरत क्या होती है? जब कौम की जागीरों में बँटा है आदमी, इंसानियत की कोई जरुरत क्या होती है? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
बेवफाओं की कोई सूरत क्या होती है? नाखुदाओं की कोई मूरत क्या होती है? जब कौम की जागीरों में बँटा है आदमी, इंसानियत की कोई जरुरत क्या होती है? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
बेवफाओं की कोई सूरत क्या होती है? नाखुदाओं की कोई मूरत क्या होती है? जब कौम की जागीरों में बँटा है आदमी, इंसानियत की कोई जरुरत क्या होती है? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
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