राम कहानी सुनकर मेरा तन मन गदगद हुआ, राम का नाम जपते जपते मेरा आत्मा निर्मल हुआ। राम का कृपा पाकर मैं विभोर हुआ राम नाम कि औषधि पाकर मैं धन्य हुआ।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

आत्मचिंतन करो लोगों पर ना हंसो, दुनिया के दुःख दर्द को तुम समझो। काबुल में गधे भी होते हैं मेरे दोस्त, गधे घोड़े के बातों को तुम समझो।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

राम नाम जपते रहे आत्मबोध हो जायेगा, कट जायेगा सारा पाप भव से पार हो जायेंगे। दिन दुखी का सेवा करके पुण्य की गठरी बांधो, कुलक्षित विचार को त्याग कर राम को अपनायेगें।। ✍महेश गुप्ता […]

गधा ज्ञानी बन च्वयनप्राश खाता, खुद को ठाठ बाट में दिखाता । गधे के चाल से काबुल हुआ परेशान हैं, गधे को असल में कुछ नहीं है आता।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

गुण की पहचान अब कहां करते लोग, गधे के हां में हां करते हैं लोग। ना जाने कब तक करते रहेगें चापलूसी, मती भष्ट करके ना जाने कब तक आलाप गायेंगे लोग।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

कोरोना के मार से अगिया बेताल हुए, सरकार के चक्कर में पड़कर बुरा हाल हुए। सब अपनी सेंखी बघार रहें बनकर नेता, मजदूर बेचारे पांव के छाले से बुराहाल हुए।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

नौ नकद ना तेरह उधार किजिए, अपना मेरा समय ना बर्बाद किजिए। आप अपने हिस्से में मैं अपने हिस्से में खुश हूं, धन दौलत में पड़कर सम्बन्ध खराब ना किजिए।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

उफान ये उम्र भी संभल जायेगा, इंसा जब संसार में ठोकरें खायेगा। गलतीयों से ही संभलना सिखेगा महेश, बिना सहारे के उठना जब उसे पड़ेगा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

नेता जी को अगिया बेताल हो लेने दो, कुछ अपनी कुछ उनकी बातें होने दो। बड़े सिद्दत से आये है आपके दरवाजे पर, झूठे वादों का पुड़िया अब उन्हीं को फिरा दो।। ✍ महेश गुप्ता […]

कदम को बढ़ते देख कर मित्र लो बनाय, बेटे बेटी के अन्तर्मन बातों का करें निदान। अच्छे बूरे परिस्थिति में देते रहें उनका साथ, जिम्मेदारी को संभालते हुए बने नेक इंसान।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

सरकार की अगर माने होते, तो आंकड़े बहुत सीमित होते। सब अपनी मर्जी में योध्दा हुए, जमात के जरिए देश के दुश्मन होते।। महेश गुप्ता जौनपुरी

देश हमारा चाटूकारों से है परेशान, किस किस का बात करोंगे मित्र आज। अलाप गाकर जो जनता को हैं ठगते, पांच साल बैठ कर मोटी मलाई है ठुसते ।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बगिया से मनमोहक फूल झड़ना, आशिको के टूटे दिल मिलना। बीच बाजार में दिल का मचलना, प्रेम की खूशबू से जहां को सुगंधित करना।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

नेता जी के चाल चलन को देख, जनता हुयी सर से पांव तक परेशान। काली करतूतों का देख नेता जी का, नीम हकीम खतरे में जान यहीं है पहचान।। ✍महेश‌ गुप्ता जौनपुरी

नियती और नियती से चलता यह संसार, आकाश पाताल भूमण्डल है एक विचार। जीव जन्तु जगत विज्ञान आधार बनें भगवान, दया धर्म अधिकार से बदलता ये संसार।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

कोरोना के प्रकोप में सब अंधेरे नगरी हो गया, टका शेर बाजी का भाव भी तेज हो गया। दिन के उजाले में अंधेर नगरी का हुजूम दिखा, बादशाह योध्दा और याजा में भी डर समां […]

अंधेर नगरी को उजाला करने आये हैं, दीप जलाकर अंधेरा मिटाने आये हैं। एक दीप जलाकर आओ मेरे साथ मित्र, अंधेर नगरी को स्वर्ग की नगरी बनाने आये हैं।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

गरज गरज कर आंखें दिखलाते, बरसने की बस तुम बातें करते। प्यार मोहब्बत से समस्या हल करके, अपने सारे दुःख दर्द पीड़ा को कहते।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

शादी विवाह गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं, सत्य झूठ का इस संसार में कोई मेल नहीं। जीवन साथी सोच समझ कर चुनना साथी, यह जीवन बहुत अनमोल है दुबारा मिलेगा नहीं।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बहते पानी में हाथ मलने वाले बहुत हैं, सेखी बघार कर इठलाने वाले बहुत हैं। टांग बझाकर खिंचना फितरत है इनका, बच कर रहना संसार में दोमुंहे सांप बहुत हैं।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

इंसान में टसन की अग्नि बहुत है, बढ़ते कदम को रोकने की जहोजहत बहुत हैं। किसी का घर जले तो तापने वाले बहुत हैं, सुखी परिवार को देख कर जलने वाले बहुत हैं।। ✍महेश गुप्ता […]

जिसकी कामयाबी का चर्चा चारों ओर हो गया वह जाने क्यों अब खामोश हो गया जाने कैसा सितम ढाया होगा इस जिंदगी ने उस पर जो महफिलों का सितारा था वह सितारों में खो गया

बेवजह ख्वाब को हम जिए जा रहे हैं हकीकत को धोखा दिए जा रहे हैं पता है मयस्सर, न होंगी ये ख्वाहिश मगर कोशिशें हम, किए जा रहे हैं मिली मुफ्त में है, ये नींदे […]

कुदरत के जहां में ए दोस्त, भ्रष्टाचारो के कमी नहीं। लोभ हवस में डूबा, किसी को किसी से वास्ता नहीं।। रिश्ते मे आयी खट्टास कैसे हो गए है आज के इंसान। पराए घर में आग […]

कोरोना बीमारी के लगातार बढने के बावजूद किसी भी तरह की कोई सावधानी लेने से लोग परहेज कर रहे हैंं यह ऐसा समय है जब सबको अपने और अपने परिवार का ख्याल रखना चाहिये और […]

ये तो साबित हो गया कि, तूने ख़ुदकुशी कि कोशिश की है। पर लगता है शायद किसी ने, तेरे क़त्ल की साज़िश की है। कामयाब तू हो गया और वो भी, जिसने इसकी ख़्वाहिश की […]

मत जलाओ अपनी जिंदगी ये दोस्त, प्यार मोहब्बत में पड़कर मेरे दोस्त। अपने हुनर को परख कुछ पेड़ रोप दो, छांव फल देकर शीतल तुम्हें करेगा दोस्त।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

महादानी कर्ण ने दान किया कवच और‌ कुण्डल, बाधाओं से लड़कर हार कभी ना माने। सूर्य का उपासना करके अटल रहे वचन पर, दिव्य शक्ति देकर इन्द्र को महादानी कर्ण कहलाये।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी