वह भी मुझे चाहती है यह सोच हम बेबाक हो गए प्यार में गिरते ही दुनिया की नजरों में नापाक हो गए मुस्कुरा कर उसने हमें देखा हमें लगा हम प्यार में आबाद हो गए […]
वह भी मुझे चाहती है यह सोच हम बेबाक हो गए प्यार में गिरते ही दुनिया की नजरों में नापाक हो गए मुस्कुरा कर उसने हमें देखा हमें लगा हम प्यार में आबाद हो गए […]
बस दो चार घड़ी का खेल नहीं, ये मोहब्बत है दोस्त जेल नहीं।। राही अंजाना
हर एक मोड़ पर नया सवाल खड़ा है, इस छोटी सी ज़िन्दगी में बबाल बड़ा है।। राही अंजाना
You are the guest, Just hold down n Rest, Do ur level best, N see what will happen next… Raahi anjana
हर रोज़ मन की गहराइयों में सिमट जाता है कोई, आकर अपनी ही परछाइयों से लिपट जाता है कोई।। राही अंजाना
मल्टीनेशनल कंपनियों के लालच से बचों भाइयों यह बे ज़रुरत की चीज़ों से आपका घर भड़ देंगे लोन और क्रेडिट कार्ड की लालच से बचों भाइयों इनसे घर उजड़ते देखा है मैंने खुदा ने जैसा […]
ये चाँद गर न होता होती ये काली रातें। दो प्रेमियों के दिल की रहती अधूरी बातें।। नौका विहार नाहीं नहीं प्यार प्यार होता। मस्ती में मस्त निशचर उपद्रव हजार होता।। मायूस ये चकोरा बिन […]
ये चाँद गर न होता होती ये काली रातें। दो प्रेमियों के दिल की रहती अधूरी बातें।। नौका विहार नाहीं नहीं प्यार प्यार होता। मस्ती में मस्त निशचर उपद्रव हजार होता।। मायूस ये चकोरा बिन […]
ओ रैना, तुझे मैं क्या कहूं? रात कहूं, रैना कहूं या निशा कहूं, मिलता है दिल को सुकून, साये में तेरे, मिट जाती है सारी थकान, साए में तेरे, प्यारे लगते हैं नजारे, जब टिमटिमाते […]
चलो रस्मों रिवाज़ों को लांघ कर कुछ दिल की सुनी जाये कुछ मन की करी जाये एक लिस्ट बनाते हैं अधूरी कुछ आशाओं की उस लिस्ट की हर ख्वाहिश एक एक कर पूरी की जाये […]
हमें तो पता ही न था, ये नशा क्या शय है। हिज्र-ए-महबूब के बाद, बस मय ही मय है। दुनिया हमारी शराफ़त की मिसाल देती थी, शरीफ़ों मे ही नहीं, रिंदों के बीच भी गये […]
मेरी मासूम मोहब्बत को प्यार का तोहफा दे गए बदले मे बेचेनियाँ बेकरारियाँ दी और जन भी साथ ले गए
यह सब बहाने ही हैं कि वक़्त नहीं। इतना भी मसरूफ़ कमबख़्त नहीं। मिला करो कभी कभार, जो हमसे करते हैं प्यार। इतना भी दिल को करो सख्त नहीं। यह सब बहाने ही हैं कि […]
याद तुम्हे मै अब नहीं ऑंखें इंतजार की करती है भूल अब तो अश्कों पर भी मेरा बस नहीं आँसू गिरकर बन गए सूखी मिटटी मे धूल.
अपने को आप से मिलाने का जरिया है आईना । जज्बातों से लड़ने का दरिया है आईना ।।
हिन्दी कविता – ये राजनीती है | न कोई सिद्धान्त न ईमान ये राजनीति है | न कोई भगवान न शैतान ये राजनीति है | जो है आज दोस्त कल बन जाएंगे दुश्मन | न […]
कहना था क्या, क्या कह गए दिल मैं जो था लब पे आते आते रुक गए इस वाकये को हुए ज़माना हो गया पर लगता है कि कल ही हुआ सोचता था की तू न […]
नन्ही सी परी थी तुम, जब आई थी गोद में मेरे, सपने जो संजोए थे मैंने, एक बेटी हो प्यारी सी, वो कर दिया था पूरा, मेरी गोद में आकर तूने, न जाने कितनी लोरियां […]
चलो चांद पर चलकर बैठेंगे, कुछ नैन मटक्का खेलेंगे। क्या दिल में है अरमान तेरे! क्या दिल में है अरमान मेरे! तारों की छैयां बैठेंगे, हम आंखों में बस देखेंगे। तुम भी पढ़ना मैं भी […]
दिन गुजर जाता है सदा सुबह शाम वाला। वक्त का घोड़ा अगर होता लगाम वाला।। कोई कहीं भी इसको सशक्ति खींच लेता। चाबुक भला क्यों न मारे हिलने नहीं वो देता।। पल भर कहीं न […]
तेरे असूल थे या फिर वो बदलते दौर थे . मेरे लिए जो और थे गैरों के लिए जो और थे . जिनको उठाने के लिए मिली मुझे सजा ए मौत , आज कहती हैं […]
ठोकर लगने पर भी आगे मैं बढ़ता जाऊंगा कैसा भी हो कामयाबी का रास्ता हर तरीके को अपनाउँगा जरूरत पड़ी तो खुद को मैं जलाऊंगा छू लूंगा आसमान धुआं मैं बन जाऊंगा
अगर मैं होती गरीब किसान की उपजाऊ भूमि बंजर होने पर जरूर दुत्कार दी जाती मैं होती कुमार के चाक मिट्टी उसी के दिए आकार में ढल जाती मैं होती माली के बाग का फूल […]
अगर धर्मात्मा इतने ही हो तुम तुम्हें पूरा हिंदुस्तान दिलवाएँगे पर करनी होगी देश की सेवा हर गली में नारा लगवाएँगे तुम बस भड़काने वालों में से हो जो आग लगाकर पीछे हट जाएंगे बनवा […]
तेरी कातिल निगाहें देखकर, मैं गज़ल पढ़ दूँ। तेरी खुबसूरती पर क़सीदे, मैं हर पल गढ़ दूँ। तेरी खुबसूरती अल्फ़ाज़ों की मोहताज़ नहीं, गर तू कहे तो, तारीफों के चार चाँद जड़ दूँ। देवेश साखरे […]
खुली आँखों का ख्वाब जरूर मुकम्मल होता है। नींद में दिखा ख्वाब तो, याद भी ना कल होता है। ज़िद है, ख्वाब पूरे होंगे अपने एक दिन यकीनन, खुद पर यकीन रख, फिर मन क्यों […]
साथ जुड़े है उनके नाम राम के संग- संग बोलो जय हनुमान प्यार मे खोए है हनुमान जय हनुमान जय श्री राम पतित पावन सीता राम काज बनाओ हे प्रभु राम राम के संग संग […]
मैं हूं अपने परिवार का हिस्सा या फिर हूं बीते कल का किस्सा खुद को पानी की तरह हर आकार में ढाल दूँ अपनों के लिए खुद की इच्छाओं को टाल दूँ पहचान बनाने के […]
राम नाम का जाप करो रे मुख से बारम्बार। ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार। । लख चौरासी चक्कर खाया। फिर कहीं जाके नर तन पाया। । मानुष का तन विषय भोग में […]
चलो थोड़ी मनमर्ज़ियाँ करते हैं पंख लगा कही उड़ आते हैं यूँ तो ज़रूरतें रास्ता रोके रखेंगी हमेशा पर उन ज़रूरतों को पीछे छोड़ थोड़ा चादर के बाहर पैर फैलाते हैं पंख लगा कही उड़ […]
वक्त से मैं बेवक्त उलझता रहा। वक्त से बड़ा कद समझता रहा। वक्त ने इस कदर उलझाया मुझे, वक्त ना वक्त पर सुलझता रहा। देवेश साखरे ‘देव’
कुछ बात बतानी है कुछ बात छुपानी है, लोगों को हर रोज नई कहानी सुनानी है, बा मुश्किल ही सही करनी मनमानी है, न दो कहनी किसीकी न चार लगानी है, चुप नहीं रहना कुछ […]
चाहें जहाँ भी छुपना चाहा हर बार पकड़ा गया, रास्ता साफ दिखने वाला भी अक्सर पथरा गया, बड़े प्यार से काम पर काम निकलता रहा पहले, फिर नज़रें मिलाने वाला भी बचकर कतरा गया, प्यार […]
इश्क का दरिया जब ज़ेहन के समंदर से मिलता है। दिल के साहिल से टकरा, गज़ल बह निकलता है। हिज़्रे-महबूब का गम हो, या वस्ले-सनम की खुशी, ज़ेहन में अल्फ़ाज़ों का सैलाब उफनता, उतरता है। […]
मुंह में राम बगल में छुरा लिए आते हो अपनी गंदी राजनीति से सबको लड़वाते हो क्या फर्क पड़ता है कि तुम हिंदू हो या मुसलमान अपने उन्ही मेले हाथों से शांति के कबूतर उड़ाते […]
फूल राहों में तेरे बिछाया सनम अब आने में कितनी कहो देर है। तेरी सूरत को दिल में बसाया सनम अब मिलने में कितनी कहो देर है।। मेरे धैर्य की होगी कितनी परीक्षा सनम अब […]
इंतज़ार मे सब खड़े है जाने क्या निकलेगा अयोध्या की गहराई में. जैसे-जैसे खुदाई गहरी होती जाती है लोगों के दिल की धड़कन बढ़ती जाती है जाने अब क्या निकल आएगा खुदाई में. परिणाम अपने […]
गिट्टू सी लड़की सांवली सी सूरत। लिए घूमती थी ढेर बच्चों की पंगत। कुछ लिए ढपली, कुछ गाते राग। मुंह और हाथों से बजाते थे वो साज। भूखा पेट रोटी की तड़प आवाज थी उनकी […]
जन्मभूमि मिल गई राम को इससे बड़ी खुशी क्या होगी? सुबह का भूला आया शाम को इससे बड़ी खुशी क्या होगी? चौदह साल बाद रघुवर को मिला अबध का राज। सदियों बाद मिला है बंधु […]
जो बढ़ रहा है हाथ नापाक उसे तोड़ना होगा, हाथ मिलाया था जो बेशक उसे छोड़ना होगा, रच लिए बखूबी प्रपंच और चढ़ लिए ढेरों मंच, अब उतर कर जंग में इनका सर फोड़ना होगा, […]
हिन्दी कविता-हार न जीत का जश्न | हुआ फैसला राम मंदिर नहीं हार न जीत जशन करे | बना रहे अमन चैन वतन राम रहीम सब नमन करे | विवाद सैकड़ो सालो काअब सबने मिल […]
………….पिछले का शेषांश…………… है चमत्कार कैसा स्वामी मैं भी तो जानूँ। राज आपके नाम का मैं भी तो पहचानूँ।। शक्तिरूप सती नारी से सत्य नहीं छुपा पाया। रावण नाम लिखते मेरे मन में ख्याल आया।। […]
मैं स्त्री हूँ , और सबका सम्मान रखना जानती हूँ कहना तो नहीं चाहती पर फिर भी कहना चाहती हूँ किसी को ठेस लगे इस कविता से तो पहले ही माफ़ी चाहती हूँ सवाल पूछा […]
सेतु बनाकर सेना संग राम जब लंका। लंका के गलियों में होने लगी ये शंका।। जिसके नाम का पत्थर भी सागर पे गया है तैर। स्वामी तोसे करु विनती नहीं बढ़ाओ उनसे बैर।। चमत्कार तो […]
मेरी लेखनी में अभी जंग लगा नहीं। प्रेम के सिवा दूजा कोई रंग चढ़ा नहीं। प्रेम में लिखता हूँ, प्रेम हेतु लिखता हूँ। प्रेम पर लिखता हूँ, प्रेम ही लिखता हूँ। प्रेम के सिवा मुझे […]
आना मिलने बादलों के पार, शिकायतों का पुलिंदा भरा है दिल में मेरे। पिछले और उससे भी पिछले कई जन्मों में जो तुमने कुछ दर्द दिए थे! और मेरे आंसू निकल पड़े थे। उन सब […]
हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं। करते हैं सदा भक्ति सीता के दुलारे हैं।। सुग्रीव पे विपति पड़ी। रिशमुक पे चरण धड़ी।। श्रीराम मिलाए हैं दुखरे को मिटाए हैं। हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं।। […]
तुम मुझे चाहती हो इसका मुझे पता तो नहीं। मेरा तुझको चाहना शायद मेरी खता तो नहीं।।
तुम्हीं ने कहा था, हां मुझे भी तुमसे प्यार हुआ। हुई क्या खता, तुम्हारी नजरों में गुनहगार हुआ। हमने तो डाल दी, सारी खुशियां तुम्हारे दामन में, क्या रह गई कमी, प्यार में जां तक […]
राम – राम कहके ही मिलना अच्छा लगता है, राम – नाम का धागा ही एक सच्चा लगता है, पृथ्वी पर आने जाने का एक रस्ता दिखता है, मानव रूप में राम रंग ही एक […]
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