ज़िन्दगी भी कैसे साँसे तलाश करती है, मौत की आहोश में बाहें तलाश करती है, यूँहीं बंध कर रहने वाली धकड़न मेरी, अक्सर आहें तलाश करती है, जिस्म से मोहब्बत करने वाली रूह, आज भी […]

दोस्ती ईमान है, मजहब है, खुदा है, ना ऐसा कोई रिश्ता, सबसे जुदा है। दोस्ती दवा है, दुआ है, जिंदगी है, डूबते जिंदगी की कश्ती का नाखुदा है। दोस्ती प्यार है, तकरार है, ऐतबार है, […]

मैं कतरा कतरा बिखर जाऊं मुझे गम नहीं मैं देश के लिए कुर्बान हो जाऊं मुझे गम नहीं मेरी ख्वाहिश है बस इतनी मेरा साथ देना दोस्तो मैं मर कर भी देश के लिए काम […]

लुटा मैं आज खजाना आबाद बैठी हूं तेरे रहमों करम से मैं बर्बाद बैठी हूं जरा सी इज्जत बची हो तो लगा लेना गले से नहीं तो मैं जिल्लत कि ज़िन्दगी अपना बैठी हूं महेश […]

इस काँटो भरी दुनिया में माँ आपका ही तो सहारा है इस तपती जलती धूप में माँ आपका ही आँचल ठंडा पाया है दौड़ भाग की इस जिंदगी में एक आपने ही तो संभाला है […]

रख हौसला, वो दिन भी आएगा जब तू अपने सपने सच कर जाएगा मत हताश हो नाकामयाबी से कामयाबी का रास्ता खुद चल कर आएगा बस तू देखते रह सपने और बुलंदियों को छूने के […]

गर देती है जन्म माँ तो जिंदगी संवारते हैं पापा जेब खाली हो फिर भी झोली भर देते हैं पापा। अपनी हर ख्वाइशों पर पर्दा डाल हमारी हर इच्छाओं को पूरा करते हैं गर रखते […]

नटखट नन्हेचुलबुल पांडे , भोली बातों से जो रिझाते ,अक ड दिखा के डर से भोले बन जाते। डांटने वाले आंखें दिखाते मन ही मन मंद मंद मुस्कुराते, और कभी हंसी रोकते रोकते फट पड़ती […]

यह दोस्ती अनमोल है बेजोड़ है यारों सुनो, तोहफा है भगवान का यारों सुनो, दोस्ती हसीन है महजबीं है यारों सुनो। बांधी हुई एक डोर है यारों सुनो। गमो को पीछे छोड़ दें है वो […]

देश वासियों जागो, जागो जागो जागो, इतने बलिदानों से आजादी जो पाई, मूल्य उसका पहचानो, जागो,जागो,जागो। बीत गया जो काल कठिन था,। मुश्किल था रहना जीना। अपनी नहीं थी धरती हमारी, अपना नहीं था ये […]

शक्ति जो है विधाता , फिर खेल है रचाए । कल तक थी,नदियां सूखी , आज बाढ़ बन डराए। कुछ गाव ,कस्बे डूबे , कुछ जूझ रहे अभी भी। पसरा है उनकी आंखों में मौत […]

प्रेम —— एक उलझन एक तड़पन, एक मीठी सी आग है ये। दो दिलों के बीच सुलगती है, चाहत का आगाज है ये। हर शय में लगता है वो ही हैं, हर पल उनकी आवाज […]

अनहोनी ———– अनहोनी यह कैसी है , काली छाया जैसी है । हंसते हुए फूल से चेहरे , मुरझा गए एक ही पल में । काल की कराल गति से विमुख हुए प्रिय जनों से […]

एक व्यक्ति की व्यथा ————————– बिखरे टूटे सपने लेकर , सब कुछ खोकर बिखरा सा था। अनमना,अजनबी, बेजान सा था, अंदर से शायद मृत सा था, फिर से जीवन शायद सपना था। जो अपने थे […]

मायका कुछ अक्स उभरते यादों से , कुछ शब्द गूंजते कानों में , बचपन की चौखट को छूकर , कुछ नाम महकते इन हवाओं में। निम्मी, नीमु,निमिया की धुन अक्सर बजती इन कानों में । […]

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ——————————— नन्ही -नन्ही कोमल कोपल, जीवन जीने के मांगे पल । पर हाय! दुष्ट मनोविकारी मन, समझे कुलदीप हीउत्तम। निर्दयी दानव.. वह नर पिशाच, जो लील गया उस जीवन को। पर […]

बचपन लड़कपन की याद अभी वही हैं रिस्ते में दोस्ती की मिठास अभी वही हैं चन्द पल की ही तो दुरी हुयी हैं ऐ दोस्त मिलेगें फिर उसी गली में महफिल जमाने महेश गुप्ता जौनपुरी

वतन की मिट्टी पर हमने पैगाम लिख दिया, अपने वीर जवानो की पहचान लिख दिया, जो धर्म पर बँट गये वो गद्दार निकल गये, जो देश के लिए कुर्बान हुए जवान निकल गये, महेश गुप्ता […]

नेता जी का दिल हैं झोला पहन घुमें हैं कुर्ता पायजामा गली मोहल्ले में जब जाते विकाश कि लम्बी लिस्ट बनाते भैया बाबू को फुसलाते हाथ जोड़कर चुना लगाते वोट मिले तो बाते सुनते सत्ता […]

शाशन कुशाशन लंगड़ा हुआ कानुन किया बन्द आँख चोरी करो बेईमानी करो चाहे लड़कर तोड़ो कपार अपनी किस्मत पर रोवो चाहे रोवो जाति आरक्षण पर खुनी होली कितना भी खेलो अंधी बहरी हुयी हैं सरकार […]

नारी शक्ती कि पहचान हो हिमा देश कि गौरव अभिमान हो हिमा बेटी नहीं तुम भाग्य कि लकिर हो हिमा साहस धैर्य सुर्य कि प्रकाश हो हिमा ये सिध्द किया हैं तुमने हिमा बेटी बेबस […]

कुल्हड़ कि चुस्की कुछ याद दिलाती हैं, दोस्त कि दोस्ती साथ निभाती हैं, महक मिट्टी कि वतन पर प्यार लुटाती हैं, चाय कि चुस्की बचपन जवानी कि कहानी सुनाती हैं, महेश गुप्ता जौनपुरी

गुरू वन्दन गुरू वन्दन चरणों में करता हूं शीश झुका कर अभिनन्दन करता हूं मैं हूं बड़ा अभागा संसार में ज्ञान कि ज्योति जलाये रखना जीवन के अंधियारो में प्रकाश का दीप जलाये रखना गुरू […]

तेरी मासुमियत का मैं हूं दिवाना तेरे प्यार में फिरता हूं आवारा ना समझ मुझे जाहिल निकम्मा सनम तेरे ही प्यार से मुझे गीले हैं सितम ‌‌‌‌ महेश गुप्ता जौनपुरी

आसमां कि बुलंदी पर पैगाम भेजा है अपने दोस्त को मैंने सलाम भेजा है ख़त को मेरे यार को ही पकड़ना ख़त में मैं दर्द जुदाई एहसास भेजा है महेश गुप्ता जौनपुरी

– अगर होते मेरे पास पंख खुशीयो को संसार में लुटाता, तितली बन फूलो पर मडराता । फुदक -फुदक कर गीत सुनाता, अगर होते मेरे पास पंख । पतंग देख आहे हूॅ भरता, पंक्षी को […]

लघुकथा-मित्र प्रेम दुनिया में अगर कोई उदाहरण है तो मित्र प्रेम उदाहरण सबसे मर्मस्पर्शी है ।बात उन दिनो की है जब कुलदीप और प्रवीण साथ -साथ ग्रेजुएशन की डिग्री ले रहे थे ।तो देखते बनता […]

कविता – मानव तू क्यो बदल गया समाज वही प्यार वही, सोच समझ की भावना । अत्याचारी हो गये हम सब, मानव तू क्यो बदल गया । रंग वही हैं अपने देश की, अभिनेता नेता […]

नापाक पाकिस्तानी शेर गरजना फैल रही है चारो ओर दिशाओ में, नापाक पाकिस्तान ले लेगें अपनी साये में । अब ना हम सुनेगें एक तेरे काली करतुतो को, अब तो वर्षा होगी मेरे वीर जवानो […]

जीवन की कडवी पुडिया जीवन की कडवी पुडिया सुबह शाम हथेली पर रूखे – रूखे मन से कडवी पुडिया खुलती है । कभी दुध के साथ कभी पानी के साथ इसको निगलना पडता है जिन्दगी […]

माँ माँ ओ मेरी प्यारी माँ जग से सुन्दर मेरी माँ गले मुझे लगाती तन मन को शीतल कर देती प्यार बहुत लुटाती माँ जग से सुन्दर है तू मेरी माँ मेरे जीवन की आशा […]

रक्षक रक्षक ही भक्षक हो गये है अपने ही भारत देश में भ्रष्टाचार फैलाते है काली चादर ओढ कर इमानदारी का परिचय देकर रक्षक ही धोखा देते है अपने को सच्चा बतलाकर औरो को लुटते […]

गुरु वन्दन हम सब गुरु के गोद में छात्र है गुरु के ज्ञान में आओ हम सब गुरु वन्दन करे चरण स्पर्श अभिनन्दन करे। गुरु का हमपे उपकार है हम सब उनका सम्मान करे जंगल […]

सरहद मानवता के बीच मे , खीच गयी देखो सरहदे। भूल रहे है सब अपनो को , मोह – माया झोड गलीयो को ।। खिंचकर सरहदे वे , अब देखो कितना मुस्कुराएॅ । निशाना साध […]

संसार कलह बडी हैं बेदरंग दुनिया में सलोने सपनो ने मुझे हॅसना सिखाया धुल भरी अॅखियो ने रास्ता दिखाया बेदर्द मचलती धुपो ने मुझे लडना सिखाया चुभती पैर में काटे सच्चाई बतलाया अधियारे संसार ने […]

इज्जत इज्जत के बचावे खातिर मालिक घर को तोडे या जोडे। मालिक अपनी सुझ बुझ से घर वाले को सडक पर कर सकता है । मैं मालिक हूॅ अपने घर का मेरे लिए कोई कानुन […]

बचपन खिलखिलाते चेहरो पर उषा की मुस्कान लिए रवि की तरंग किरणो से अधरो से किलकारी भरे। कूदक – फूदक कर सपनो में रंग भरे तोड – फोड समानो को बचपन को बिखेर चले। पल […]

पनाह मेरी अभिलाषा को समझो माँ स्वर्ग सी पृथ्वी पर दे दो पनाह बडी सुकून मिलती है माँ तुझसे क्यो मारना चाहती हो मुझ अभागन को। अभी तो हूॅ मैं तेरे गर्भ में माँ मुझको […]

लडिया देखो महलो पर गजब की सुन्दरता ढाई मिट्टी के दीपक से चन्द्र घटा भी शरमाई, नही मरेगा इस दिवाली कोई गरिब इंसान नव नवल प्रात कि दीपक उजाला बनकर छायी, जग मे छाया अंधेरा […]

आओ मिलकर खुशिया बाटे, दीप जलाकर नाचे गाये। गले मिलकर खुशिया बाटे, रंगोली के रंगो में रंग जाये। नमन उन्हे भी करते है, जो शहीद हुए देश के लिए। दीप जलाकर आज उन्हे, हम भी […]