सबसे भयानक मंजर वह होता है, जब जहर उगलने वाला खुद को विदूषक समझने लगता है। मन में इर्ष्या जलन और खुद ही पाऊँ और न पायें की भावना रखकर कुएँ के मेढ़क की तरह […]
सबसे भयानक मंजर वह होता है, जब जहर उगलने वाला खुद को विदूषक समझने लगता है। मन में इर्ष्या जलन और खुद ही पाऊँ और न पायें की भावना रखकर कुएँ के मेढ़क की तरह […]
क्या कहूँ कहने को बहुत कुछ है आंखों में तू, दिल में तू है दिल की धड़कनों में आवाज सी आती है सांसें मोम सी पिघल जाती हैं रूबरू जब भी तू होता है सच […]
तू मेरी आदतों की तरह मेरे पास रहता है हो कितना दूर भी मेरे साथ रहता है किस्मत को नामंजूर था हमारा मिलन तू मर कर भी मेरी हर धड़कन में रहता है।।
कोशिश बहुत की तुम मान जाओ दुनिया छोड़ कर मेरे हो जाओ पर किस्मत को कुछ और मंजूर था तुम्हारी लकीरों में तो कोई और था काश तुम मेरे हो जाते मेरे प्यार में खो […]
मेरी दुआ है तुम आबाद रहो खुश रहो, चाहे जहाँ रहो। मेरी हर आरज़ू में तुम हो जहाँ रहो बस खुश रहो।
आरज़ू है दुआओं में मुझे तुम याद रखोगे चाहे खुशी गम हो मुझे तुम याद रखोगे कोई जब बेवफा होकर तुम्हारे दिल को तोड़ेगा तब मेरी वफाओं को मुझे तुम याद रखोगे।।
मीठा मीठा बोलना भूल गए तुम क्यों मुझसे प्यार जताना भूल गए तुम क्यों आखिर किन बातों में तुम आ गए अंधे बहरे की बातों में आ गए।।
सुन्दर से परिवार में जब तक खटास ना डालो हजम कहाँ होता है कोई है जो मुझे देखकर खुश कहाँ होता है सीने पर जिसके सर्प लोटते हैं मुझे खुश देखकर शान्ती का माहौल तुम्हें […]
आज खुश तो बहुत होगे तुम आखिर बो ही दिया तुमने नफरत का बीच उगल दिया अपनी जुबान का विष स्वयं को स्वयंभू समझते हो ना जाने क्या समझते हो??
बड़ी भयानक ये महामारी है ब्लैक फंगस का भी कहर जारी है बताओ तो भगवान् क्या दुनिया के अंत करने की शुरू हुई तैयारी है
कब से है बेकार, कोरोना पंगु बनाया कुछ करिए सरकार, बहुत है मन घबराया भगवन के भी द्वार, किसीने बंद कराया व्याकुल है संसार, घरो मे आज समाया
अब जैसे असहाय, कभी नहीं पहले हुए कोई लेव बचाय, कोरोना यमराज से 2 उजड़ रहे परिवार, कहाँ गए भगवान् तुम रोता है संसार, वैग्यानिक विचलित दिखे
पागल हाथी की तरह कोरोना आया पूरे देश में तबाही मचाया मंदिर मस्जिद बंद है कहाँ जाए गिन नहीं सकते इतने चिता जलाया
हाल मत पूछो बच्चो के रखवालों से बंद पड़े हैं स्कूल यहां सालो से जान है तो जहां है समझाते रहे पंक्षी उड़ रहे असमय डालों से
न जाने कब घर से बाहर निकल पाएंगे कब तक कोरोना योद्धा मारे जाएगे दिल की धड़कन बढ़ जाती है समाचार सुन आखिर कब तक लोग सदा के लिए सो जाएगे
शरीर है कैद मन भटक रहा है कोरोना मानवता को गटक रहा है अस्पतालों में मानव शिर पटक रहा है गलियों मे पुलिस वाले कहां भटक रहा है काल ज्यूँ दरवाजे में लटक रहा है […]
मेघ सुधा जल बरसते, धरती शीतल होय मेढक गाते गीत औ, व्याकुलता दे खोय 2 काले काले मेघ तब, जल ले वसुधा पास गरज चमक मानो कहे, बुझाओ अपनी प्यास 3 जल स्रोतों को कर […]
पैसा कमाने के चक्कर में अपनो को भूल गए मिल गए पैसे तो सेठ जैसे फूल गए सब कुछ नहीं है पैसा एहसास हुआ जब हम भगवान् की स्कूल गए
सच्चे मन से की गयी प्रार्थना कबूल होती है माफ कर सकता है ईश्वर जो भूल होती है मत बनो नास्तिक इसी में भलाई है आदमी की औकात केवल धूल होती है
मत उछल ऊँट जैसे. मन पहाड़ के नीचे खड़ा है कोई न कोई जरूर तुझसे बड़ा है सबसे शक्तिमान होने के सपने न देख हर पतंग को जमी पे आना पड़ा है
मत गिराओ कविता का स्तर कविता डर जाएगी पाठको और श्रोताओं की उम्मीद मर जायेगी हर कोई कवि बनकर कुछ कहना चाहता है जब कोई सुनेगा पढ़ेगा नहीं तो कविता क्या कर जाएगी
कहते तो बहुत है मगर सुनता कौन है सब नेता हैं गद्दार तो इन्हे चुनता कौन है दिखावा विलासिता के सामान लाए हो मेहनत है किसकी गुनता कौन है
हंसी का महत्व क्या जाने जो रोए नहीं है पाने का महत्व क्या जाने जो खोए नहीं है नीद भूख प्यास की कीमत उनसे पूछो जो कई दिनो से खाए पीए सोए नहीं है
छल का चेहरा आलिंगन करने चला है हार के डर से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है मुह में राम नाम बगल में छूरी है वैर भाव अच्छा है दिल दोस्ती से घबराता है
कुल्हाड़ी ले के हाथ में वो काटने चली है मिलजुल के रह रहे थे वो काटने चले है हर हाल में उन्हे कुर्सी को बचाना है आतंकियों के तलवे वो चाटने चले हैं
मत करो महाभारत सब नाश हो जाता है राम चरित मानस मन क्यूँ नहीं दुहराता है लालच व भय के वशीभूत मत तुम हो विग्यान है वरदान अभिशाप क्यूँ बनाता है
नफरत नहीं उगेगी यहां प्रेम बोया जाता है संप्रदाय है नहीं जो भाई को लड़ाता है सज्जन का वेश लेकर रावण है फिर चला होगा न हरण सीता को मारना भी आता है और
हर बार पड़ी जिसको मुह की खानी है पर छोडता नहीं तू क्यूँ शैतानी है अस्तित्व ही मिट जाएगा धरा से तुम्हारा इक्कीसवीं सदी के हम हिंदुस्तानी है
हर बुर. कर्मो का परिणाम आएगा बोया अगर बबूल आम नहीं खाएगा सोच समझ कर ही कदम बढ़ाना भली राह चल वरना पछताएगा
शांति और एकता की जंग को लडा अहिंसा और प्रेम को जिसने किया बड़ा पिता कहकर जिनका सम्मान करते हैं जग में न दिखता कोई गाँधी जी से बड़ा
जिसने सदा ही शांति का संदेश दिया है विश्व गुरु के पद पर आसीन किया है आए कई तूफान जिनका सामना किया भारत ने सुधा देकर भी विष को पिया है
माता भारत कथन है, मिलजुल रहना सीख दुश्मन हमले कर रहा, सुन ले शरहद चीख सुन ले शरहद चीख, देश के वीरो आओ गांधी भगत सुभाष, धरोहर सभी बचाओ कह पाठक कविराय, संघ का लेकर […]
अपना तो एक धर्म है, पर सबका सम्मान करने में सुख निहित है, ईश्वर एक समान ईश्वर एक समान, छोटा बड़ा न कहिए संविधान निरपेक्ष, सदा मर्यादा रहिए कह पाठक कविराय, रहा बापू का सपना […]
मानव ही दानव बने, औ बनता भगवान् मानव तन अनमोल है, मानवता है प्राण मानवता है प्राण, धार्मिक झगड़े छोडो ईश्वर सागर मान, नदी अवतार है जोडो कह पाठक कविराय, एक उन्माद है दानव ईर्ष्या […]
जिस प्रकार अंगद ने रावण के पास जाकर अपने स्वामी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम चन्द्र के संधि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था , ठीक वैसे हीं भगवान श्रीकृष्ण भी महाभारत युद्ध शुरू होने से पहले […]
जिस प्रकार अंगद ने रावण के पास जाकर अपने स्वामी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम चन्द्र के संधि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था , ठीक वैसे हीं भगवान श्रीकृष्ण भी महाभारत युद्ध शुरू होने से पहले […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गँवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गँवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गंवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
नींदों की सरगोशी और रात के उजाले यही तो हैं मेरे जीवन के साथी मेरे एकाकीपन के सहारे जिनकी संगत में जिंदगी का एक-एक दिन कट जाता है जैसे आसमान के आगोश में चांद आराम […]
पिता वह दरख्ता है जिसकी छांव में रहकर नन्हे-मुन्ने पौधे भी जीवित रहते हैं और थके हारे राहगीर उसकी ठंडी छांव में आराम पाते हैं ।।
मां की ममता का कोई मोल नहीं, _________________________ कुदरत के नवाजे इस तोहफ़े से कोई तोहफा अनमोल नहीं।
तुम्हारी बातें मुझको बहुत याद आती हैं जब भी याद आती हैं दिल के तार छेंड़ जाती हैं जब कभी तुम दिल की गलियों से गुजर जाते हो सच कहूं तो रात दिन याद आते […]
कोशिश करने से सदा बनते बिगड़े काम सृजनात्मक बुद्धि वाले नहीं करते हैं आराम नहीं करते हैं आराम कुछ ना कुछ सृजन करते हैं परिश्रम करके ही जीवन में आगे बढ़ते हैं।।
लुटा हुआ वर्चस्व है लुटा हुआ संसार यह सब देख के नेता जी आए मेरे द्वार आए मेरे द्वार धोती बांधे बांधे होठों पर मुस्कान ह्रदय में शूल को बांधे बोले हमसे ना भीड़ो हो […]
विश्व तंबाकू निषेध दिवस:- छोड़ो गुटखा पान तुम इससे होता है नुकसान बीड़ी पी पीकर तेरी खतरे में आयेगी जान खतरे में आएगी जान वक्त रहते तुम संभलो दूध का सेवन करो आज से आदत […]
मेरी तन्हाईयों को अब और ना सताओ मुझे रातों में अब और ना जगाओ यूँ तो हम भी तुम्हें इश्क करते हैं पर बार-बार मेरे दिल को यह एहसास ना दिलाओ।।
तुम्हारी खामोशी अब मेरे कानों को सुनाई देती है तुम्हारी सिसकियां मेरे हृदय को व्यथित करती हैं तुम्हारे निश्चल प्रेम को मैं समझ ना सकी वक्त रहते मैं संभल ना सकी क्या करूं अब ह्रदय […]
ऐ फूल! तुम्हारा स्वागत है तू लगता मुझको आगत है तेरी सुगंध से महक रहा है सारा परिवार महका दे तू चमन को यही है मेरी आस यही है मेरी आस जहान में तू छा […]
तुम्हारा समर्पण देखकर भर आई मेरी आंख कितना सुंदर ह्रदय है कितनी सुंदर बात कितनी सुंदर बात कही है तुमने मुझसे तेरे इस मनुहार पर हार जाऊंगी तुझसे तेरा सानिध्य पाकर सदा कलम चले मेरी […]
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