सत्य अहिंसा प्रेम है, भारत माता शान देते दोनों शक्ति है, फौजी और किसान 2 भारत ने दुनिया किया, सदा बड़ा उपकार शांति पक्ष लेता रहा, चले नहीं तलवार
सत्य अहिंसा प्रेम है, भारत माता शान देते दोनों शक्ति है, फौजी और किसान 2 भारत ने दुनिया किया, सदा बड़ा उपकार शांति पक्ष लेता रहा, चले नहीं तलवार
विश्व शांति हो हो जाय अब, बुद्ध होय चहुँ ओर सुख की वर्षा होय तब,मन ज्यूँ वन का मोर 2 युद्ध नहीं समाधान है, समस्याओ का जान चाहे गीता भगवात, चाहे पढ़े कुरान
सूनी सूनी सड़क है, सूना है संसार पतझड़ जैसे पतन है, विलख रहे परिवार 2 घर में कैदी की तरह, जीवन रहे विताय कहर भयानक है बहुत, कुछ भी समझ न आय
अबला नहिं सबला हुई, घर से पंख पसार बैठी है सर्वोच्च पद, देख रही संसार 2 नारी से दुनिया चले, नारी है बलवान पूजा होती है जहां, रहते हैं भगवान्
आप लोगो से अनुरोध है की सावन मंच एक बार सभी कवियों का परिचय समारोह का आयोजन करे ताकि सभी सदस्य एक दुसरे के बारे में जान सके तथा साहित्य में कौन कितना योगदान दिया […]
मधुशाला में ताला न लगाइए अभी नशा चढ़ा ही नहीं। कुछ यादें और ताजा होने दीजिए अभी तक पैमाने को लब से लगाया ही नहीं।।
यादों की मरहम भी क्या मरहम है। बेरहम भी मरहम पर जीने लगे है।। काश.. यह मरहम मर्ज़ नहीं होते। हम और आप आज कैसे जी पाते।।
सुंदर सपनों के आंगन में बैठा है चितचोर मन का मयूर नाचता प्रेम की चुनर ओढ़ प्रेम की चुनर उड़ के छम छम नाचे मयूरा अंग-अंग भीगे ऐसे सावन में मोरा।
जुल्म की दुनिया में कदम रखने वाले अभी समय है पीछे हटा ले मरने के बाद भी सुख नहीं पाएगा जीते जी दुनिया को स्वर्ग बना ले
पाना चाहते हो तो खोना सीखो हँसने से पहले रोना सीखो पाना चाहते हो प्यार अगर प्रेम के बीज बोना सीखो
धार्मिक कैसे कहे जो धर्म के नाम पर लड़ जाते हैं मत पाने के लिए कुछ लोग दंगे करवाते हैं चोला पहनने से कोई संत नहीं होता धार्मिक वो है जो प्रेम के दीपक जलाते […]
बुरे दिनों में ही सदा, आए ईश्वर याद बांकी दिन करता नहीं, मन ईश्वर फरियाद 2 सदा बुरे दिन नहिं रहे, सुख की कीमत जान बुरे दिनों से जुड़ गया, है रिश्ता भगवान्
मत करियो अभिमान, रावण का जब नहिं रहा मन सुमिरो भगवान्, जीवन की मंजिल वही 2 दशरथ नंदन राम, मन मंदिर में आय कर आप दया के धाम, दूर करो चिन्ताए सब
जाओ ईश्वर द्वार पर, मांगो मत वरदान तन मन धन सब कुछ करो, प्रभु चरणों में दान, सभी कुछ देकर गाओ कर्ता है भगवान्, आप अभिमान मिटाओ कह पाठक कविराय, पारिस्थित जैसी पाओ भाव रखो […]
क्या मापदंड हैं नज़दीकियों के कितनी नगण्य है दो लोगों के बीच स्थित भौगोलिक दूरी जिनके दिल धड़कते हैं एक ही लय में..!! और कितना अर्थहीन है उन दो लोगों के बीच का सामीप्य जिनके […]
वाणी में मधुरता हो, बैरी भी अपने बन जाए, मुख से निकले व्यंग्य बाण, हृदय में नासूर बनाएं, ह्रदय के नासूर में, मीठी वाणी का मरहम लगाएं, अपने हो या बेगाने, सभी से अपनत्व पाएं।।🥰🥰
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गंवाई।। बल में कहलाए बलधामा। काल पुत्र दुःख सुतनामा ।। कृपा हो जाए जिस पर तुम्हारी। बन […]
ये शारीरिक महामारी है या मानसिक महामारी? मुझे तो ये लगता है कि ये है आर्थिक महामारी कोई कहे अदृश्य इसे तो कोई बोले दृश्य इस महामारी ने लूट लिये चलते फिरते मनुष्य कैसे घर […]
हे प्रभु इतना दे मुझे, ना फैलें किसी के आगे हाथ देने को आतुर रहें हर मानव का साथ, हर मानव का साथ मैं दूं आगे बढ़-चढ़कर निस्सहाय की सहायता करूं मैं हँस हँस कर […]
मातृत्व सुख जीवन का सबसे अनमोल उपहार है जब नवजात शिशु अपनी नन्हीं- नन्ही उंगलियों से मां को स्पर्श करता है ऐसा आभास होता है कि गुलाब की सुंदर पंखुडियां स्नेह से तन को सहला […]
मेरे वजूद को धिक्कार कर मेरे जहन ने कुछ लकीरें खींची और कहने लगीं बढ़ चल उस सफ़र पर जो तेरी यादों में कब से जाग रही हैं रेशमी धागों से बुन ले स्वप्न और […]
अकिंचन ही कर्तव्य पथ पर बढ़ते गए कदम सुध नहीं थी किस ओर गए कदम रास्ते में मिले अनेक राहगीर कुछ बने मित्र कुछ बने हमदर्द कुछ बन गए राहगीर जीवन के इस सफ़र को […]
तुम्हारे नाम की मेंहदी लगाई उसने हाथों में। मेरे जज़्बात बन के रह गए इतिहास की बातों में।।
किसी को मोहब्बत का नशा है किसी को दौलत का नशा है किसी को वर्चस्व का नशा है किसी को दारू का नशा है किसी को शोहरत का नशा है किसी को वफा का नशा […]
गौ रक्षा को उठ रहे मानव के दो हाथ गौ माता की पूजा कर यह है जन्नत की सौगात मानव कुल में जन्म लिया तो जीवों से कर प्रेम गौ माता में दिख रहे हैं […]
हे ईश्वर! कृपा कर अपने बनाये इंसानो की रक्षा कर मत फैला ऐसी जानलेवा बीमारी जिससे होता जा रहा प्रकृति का हनन मानव का क्षरण रोंक मरते मानवों को बचा ले प्राण, ऐसे ना कर […]
ज़मीं से आसमां का फासला तय होता मौत के घर का पता सबको पता होता। न डर होता किसी के खोने का कोयी छाया ऐसा, नशा होता। मुस्कराहट होती बस हरेक चेहरे पर न खौंफ […]
मेरी हर कविता तुम्हारे ऊपर निशाना नहीं होती कभी किसी तथ्य पर होती है कभी किसी प्रश्न पर होती है कभी होती है कल्पना कभी किसी की अल्पना कभी तुम्हारे प्रश्नों के उत्तर कभी होती […]
तुमसे नफरत हम नहीं करते तुमसे ईर्ष्या भी नहीं करते तुम्हारे कारण ही तो लिख पाते हैं अंदर से प्रेरित हो पाते हैं साहित्य साधना को बढ़ रहे हैं तुम्हारे दिखाए रास्ते पर ही चल […]
गाली देना सरल है, मुँह से गलत शब्द निकालना बहुत सरल है। इंसान को आस्तीन का सांप, दो-गला, दो-गले कहना बहुत सरल है। फिर भी आंखों में तरल है। यह अमिय है या गरल है। […]
क्यूँ तूफान स उठ रहा मन में लगता है सपनों की सिफारिश आने वाली है, कि मौसम बदल रहा लगता है बारिश आने वाली है। यूँ आसमाँ तू बेताब है लगता तुझमे हौसलों का सैलाब […]
सच कहूं तो तुम मेरे दुश्मन नहीं, मेरे इष्ट हो मेरी प्रतिभा, मेरे प्रेरक हो तुम्हारे कारण ही मैं इतना कुछ कह जाती हूं अपने भावों को तुम तक पहुंचाती हूं जिंदगी की हर छोटी […]
दूसरों पर निशाना साधना हमने कब का बंद कर दिया तब नादान थे, ना समझ थे बेअक्ल थे, जिद्दी थे, बेचैन थे अब सुधर गये हैं पहले से कुछ बदल गए हैं ना राज की […]
हमारा राज था, राज है और रहेगा किसी के दिल में किसी के होठों पर किसी के जीवन में किसी की हंसी में किसी की सांसो में किसी की धड़कन में किसी के लफ्जों में […]
झुकें किसके आगे यह तो बताओ सिर किसके आगे रखना है यह तो बताओ माना हम बहुत बुरे हैं पर हमारी खता क्या है यह तो बताओ??
तुम्हारा एक एक वचन सत्य है हम बुरे थे, हम बुरे हैं, हम बुरे ही रहेंगे भलाई का चोंगा तो शायद अगले जन्म में पहने अभी तो हम विष के प्याले हैं विष ही उगलेंगे
मेरे दर्द से तुम कभी वाकिफ ना होना मैं अश्रु बहाऊँ तुम कभी ना रोना तुम्हारी आँखों के समंदर मैं अपनी आंखों में ले लूंगी बस गुजारिश है तुम किसी और के मत होना।
दूसरों पर निशाना साध कर, तुम सुखी नहीं रह सकते, जब खुद जहर बाँटोगे तो, दूसरे से अमृत की, आशा नहीं कर सकते। न तुम्हारा राज था, न तुम्हारा राज रहेगा, खुद को शेर समझने […]
तू रहे आबाद कोई गम ना हो तेरी आंखें दर्द से कभी नम ना हो हमनें बहुत देखें हैं अपने जीवन में दुख ईश्वर से प्रार्थना है तेरे जीवन में वैसा कभी मंजर ना हो।
जब दर्द हद से ज्यादा मिलने लगा अपनों से भी दर्द मिलने लगा तो यह दिल तड़प के रोने लगा किसी से कुछ कह नहीं सकते थे किसी से लड़ भी नहीं सकते थे मजबूर […]
ह्रदय को कितनी चोट पहुंचती है तुम नहीं जानते हम दिल के कमजोर हैं यह भी तुम नहीं जानते हमारी जिंदगी ने कभी हमको खुशी नहीं दी दर-दर की ठोकरें खाई हैं हमने यह भी […]
तुम्हारे तानों से इस महफिल में आना हमने छोड़ा था पर किसी ने बार-बार विनती की तो हमें आना पड़ा हमने तो कह दिया था कि कभी इस महफिल को नहीं सजाएंगे अपने गीत इस […]
मैं सोचती थी मेरे जीने से लोगों को खुशी मिलती है पर आज मालूम हुआ कि मेरे मरने से लोगों का एक हुजूम खुश होगा।।
तुम मुझे कभी नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते मेरे दिल को एक बार नहीं बार-बार हो तोड़ते हम सब कुछ भुला कर एक नई जिंदगी की शुरुआत कर देते हैं अपनी जिंदगी की […]
तुम्हारे ताने और तुम्हारी बातें कभी बंद ही नहीं होती कितना भी भूलने की कोशिश करूं पर बार-बार ह्रदय कचोटती हैं तुम्हें क्या पता मैंने क्या-क्या मंजर देखे हैं इस छोटी सी उम्र में मैने […]
आजकल सावन में सारहीन अकविताओ का प्रभाव हो गया है शायद श्रेष्ठ कवि होने का दावाव हो गया है कवियों का मौन कुछ कहता है मन में भी कोरोना का घेराव हो गया है
क्या पाना और क्या खोना मैंने तो बस खोया है मां का प्यार बाप का प्यार सब कुछ मैंने खोया है बाबा दादी का सहारा सर से जबसे छूटा है बुरे बुरे ही मंजर देखे […]
हमने जीवन भर ही कांटे वाले बीज बोये और कांटे ही उगाए कभी पुष्पों की अभिलाषा भी ना की, परंतु बगीचे में जाने कहां से सुंदर पुष्पों का पौधा उग आया ! रंग-बिरंगे पुष्पों से […]
कैसी कशमकश भरी जिंदगी है अब तो कभी इससे कभी उससे उलझे रहते हैं अपने ऊपर तो कभी ध्यान ही नहीं जाता अपने को हम शक्तिमान समझते हैं हमेशा दूसरों पर ही उंगलियां उठाते हैं […]
कुएं का मेंढक समझता है और आएं नहीं मैं ही टर्राते रहूँ, राज अपना समझ कर और पर गुर्राते रहूँ। दूसरों के आने की आहट को सुन पूरा तालाब गंदा कर देता है।
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