विरासत ———- दादा का बजता ग्रामोफोन ,कानों में गूंजा करता है । वह आज भी घूमा करता है आंखों के रोशन दानों में, संगीत की धुन सुनते सुनते , कब समा गया. .. संगीत मधुर… […]
विरासत ———- दादा का बजता ग्रामोफोन ,कानों में गूंजा करता है । वह आज भी घूमा करता है आंखों के रोशन दानों में, संगीत की धुन सुनते सुनते , कब समा गया. .. संगीत मधुर… […]
दादा का बजता ग्रामोफोन ,कानों में गूंजा करता है । वह आज भी घूमा करता है आंखों के रोशन दानों में, संगीत की धुन सुनते सुनते , कब समा गया. .. संगीत मधुर… इन कानों […]
सशक्त है कमजोर नहीं, पत्थर है केवल मोम नहीं। विद्वती है बुद्धि हीन नहीं , बेड़ियों में अब वो जकड़ी नहीं। आधुनिक है ,संकीर्ण नहीं, संस्कृति संस्कारों से हीन नहीं। हक पाना लड़ना जानती हैं […]
राष्ट्रभाषा हिंदी —————– है शान मेरी, पहचान मेरी , देवो के स्वर सी, ज्ञानमयी। हम जन्मे है इस भूमि पर , जहां देवनागरी बोली है। कई भाषाओं की हमजोली है। जग में देती है मान […]
क्या है जीवन !! सोचो तो उलझ सी जाती हूं । जितना सुलझाना चाहती हूं , ओर -छोर नहीं पा पाती हूं। बालक का जन्म, घर में रौनक, घर किलकारियों से गूंज मान। नटखट सी […]
साज़ …….. बुझती… बंद होती.. यादो की मोमबत्तीयाँ…. दे जाती हैं याद… आज भी मधुरिमा। याद रह जाते हैं …कुछ शब्द…गूंज बनके… कहकहे हवाओं में गूँजते हैं साज़ बनके।। निमिषा …….।
भटके राही क्यू भटके हो??क्यू बिखरे हो?? क्यू बहके हो??क्यू खोये हो?? टुकङे जो देश के कर दोगे, कत्ल उम्मीदो का कर दोगे। बरबादी देश की करके तुम, ममता की छाया क्या पाओगे?? दो जख़ […]
मातृ दिवस :::::::::::::::: माँ जैसा …कोई ना जग में, तोल तराजू ..रख सब इसमें। तब भी पलड़ा …पार ना आये, ममता की ..कीमत ना पाये। ममता का हैं ..मोल निराला, एक हँसी.. जग वारा सारा. […]
शमा और लौ ———- नवयोवना शमा और चमकती लौ एक साथ जीवन,लेकिन कहानी दो। लौ अपनी तेजी बढ़ाती गई, शमा को हर घड़ी दबाती गई। साथ तो दिया! पर हाय री धोखेबाज, शमा को , […]
होली आई रे, आई रे ,होली आई रे। यादों की धूल उड़ाती सी , खूनी मंजर दोहराती सी, चहरों की फीकी रंगत पर रंगों का जामा चढ़ाती सी फिर देखो होली आई है। मन मस्त […]
तुम लाल देश के गर्व हमें, शौर्य गाथा हम गाएंगे। तुमने जो लहू बहाया है , इस देश का मान बचाया है, घर-घर में अलख जगाया है । खाली ना उसे जाने देंगे , साथी […]
जिंदगी की तेज रफ्तार गाड़ी , बिना रुके चलती चली जाती है। दुख सुख के स्टेशनों पर , नहीं एक क्षण भी गवाती हैं। जब देख खुशी थमना चाहा , दुख देख वहां से भागना […]
निस्वार्थ प्रेम की सूरत हो , भगवान की कोई मूरत हो , बरसे आंखों में जिसके दुआ ,आशीर्वादो से भरा कुंआ। सूखी धरती में वर्षा हो , तुम तेज धूप में छाया हो । तूफानों […]
बेकल ,बेचैन, गुमनाम सा कोई है , जो मुझ में तुझ में और हम सभी में हैं। चाहता है जो मिल जाए एक पहचान , जाने मुझे सभी लोग सिर्फ नाम से मेरे। प्यासी फिरी […]
मेरा बेटा ———– गोलू मोलू गप्पा सा, गुस्सा जैसे हलवा सा, अकड़ -मकड़ दिखलाता है , हंसाओ तो सब भूल जाता है। लड़ने को हरदम तैयार , बहन को करता बहुत प्यार लेकिन अकड़ दिखाता […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जग से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जब से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जब से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
कूड़े की किसी ढेर में खोया हुआ बचपन । भुट्टो को बेचने के लिए दौड़ता बचपन कोयले की खदानों में डूबता हुआ बचपन आटे की चक्की ओं में पिसता हुआ बचपन । बर्तन कहीं पर […]
घर घर की रौनक लाडो रानी , जिद करके सुनती जो रोज कहानी। चिपकती है मुझसे जैसे फेविकोल , आंखें घुमा ती है वहगोल -गोल । डांट लगाते पापा हंस जाते, चाहते तब भी डांट […]
भोली जनता को बहुत ठगा , सब ठग विद्या बिसरा देंगे। झूठे वादे भी किए बहुत, सच का आइना दिखा देंगे। जनता ही मिलकर न्याय करे, काले कारनामों की सुनवाई करें। अपनी करनी जाने वह […]
नटखट नन्हेचुलबुल पांडे , भोली बातों से जो रिझाते ,अक ड दिखा के डर से भोले बन जाते। डांटने वाले आंखें दिखाते मन ही मन मंद मंद मुस्कुराते, और कभी हंसी रोकते रोकते फट पड़ती […]
यह दोस्ती अनमोल है बेजोड़ है यारों सुनो, तोहफा है भगवान का यारों सुनो, दोस्ती हसीन है महजबीं है यारों सुनो। बांधी हुई एक डोर है यारों सुनो। गमो को पीछे छोड़ दें है वो […]
तेरे नैनों में मेरे नैनों से कल कुछ कहा था , तुम्हें याद है !! कि भूल गए तुम ! वह गहरी बात जो शायद तुम जुबां से ना कह पाते , समुंद्र से गहरे […]
सोचा था क्या हम सब ने! ऐसा रोगी समाज । हर दूसरा चेहरा जैसे घिनौना आज , लगता कि जैसे हो गए मानसिक रोगी, दहशत की बोलती है अब हर जगह तूती। हर कोई आज […]
देश वासियों जागो, जागो जागो जागो, इतने बलिदानों से आजादी जो पाई, मूल्य उसका पहचानो, जागो,जागो,जागो। बीत गया जो काल कठिन था,। मुश्किल था रहना जीना। अपनी नहीं थी धरती हमारी, अपना नहीं था ये […]
शक्ति जो है विधाता , फिर खेल है रचाए । कल तक थी,नदियां सूखी , आज बाढ़ बन डराए। कुछ गाव ,कस्बे डूबे , कुछ जूझ रहे अभी भी। पसरा है उनकी आंखों में मौत […]
प्रेम —— एक उलझन एक तड़पन, एक मीठी सी आग है ये। दो दिलों के बीच सुलगती है, चाहत का आगाज है ये। हर शय में लगता है वो ही हैं, हर पल उनकी आवाज […]
अनहोनी ———– अनहोनी यह कैसी है , काली छाया जैसी है । हंसते हुए फूल से चेहरे , मुरझा गए एक ही पल में । काल की कराल गति से विमुख हुए प्रिय जनों से […]
एक व्यक्ति की व्यथा ————————– बिखरे टूटे सपने लेकर , सब कुछ खोकर बिखरा सा था। अनमना,अजनबी, बेजान सा था, अंदर से शायद मृत सा था, फिर से जीवन शायद सपना था। जो अपने थे […]
मायका कुछ अक्स उभरते यादों से , कुछ शब्द गूंजते कानों में , बचपन की चौखट को छूकर , कुछ नाम महकते इन हवाओं में। निम्मी, नीमु,निमिया की धुन अक्सर बजती इन कानों में । […]
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ——————————— नन्ही -नन्ही कोमल कोपल, जीवन जीने के मांगे पल । पर हाय! दुष्ट मनोविकारी मन, समझे कुलदीप हीउत्तम। निर्दयी दानव.. वह नर पिशाच, जो लील गया उस जीवन को। पर […]
मेरी बिटिया ————— नन्ही मुन्नी गुड़िया सी, मीठी-मीठी पुड़िया सी । बातें करती गपर- गपर। वो हंसे तो खिलती धूप मगर। लड़ ती, भिड़ती, रोती ,हंसती जैसे धूप- छांव हंसती खिलती। लड़ने में रानी झांसी […]
इतिहास बदलना ही होगा ——————————– बस बहुत हुई झूठी गाथा , मियां मिट्ठू ज्ञान भी बहुत हुआ। स्वर्णिम इतिहास के गाथा का, झूठ लिखकर अपमान भी बहुत हुआ असली सेनानी गायब हैं, इतिहास के स्वर्णिम […]
चोर मचाए शोर ——————- चोर मचाए शोर -शोर जी , अजब देश का हाल, गाल बजाकर गाना गाए, चोर -चोर का शोर मचाए अंदर से बेहाल। मुंह के यह वाचाल मति गई इनकी मारी । […]
आंखो ने आंखो में झांका, ना जाने क्या-क्या कह डाला। अदृश्य लिखावट पढ़ ली मैंने, मौन स्वीकृति गढ़ ली मैंने। निमिषा
आंखो ने आंखो में झांका, ना जाने क्या-क्या कह डाला। अदृश्य लिखावट पढ़ ली मैंने, मौन स्वीकृति गढ़ ली मैंने। निमिषा
बरगद —— बरगद का एक पेड़ पुराना। जैसे हो कोई बूढ़ा नाना। लम्बी – लम्बी दाड़ी वाला, बड़े तने के कुर्ते वाला। दैर सारी भुजाओं वाला। बंदर कूदे सब डाल- डाल, खीचे डाली और पात-पात। […]
बरगद —— बरगद का एक पेड़ पुराना। जैसे हो कोई बूढ़ा नाना। लम्बी – लम्बी दाड़ी वाला, बड़े तने के कुर्ते वाला। दैर सारी भुजाओं वाला। बंदर कुदे सब डाल- डाल, खीचे डाली और पात-पात। […]
मन की बात सुने फिर कौन! ———————————- काले धंधे राह अंधेरी मन दोहराए माने कौन!!!! बात पते की स्वदेशी चीजें , देश का मान बढ़ाएं कौन!! नारी सम्मान हमारा अभिमान, अत्याचार मिटाए कौन!! देश गर्त […]
मन की बात सुने फिर कौन! ———————————- काले धंधे राह अंधेरी मन दोहराए माने कौन!!!! बात पते की स्वदेशी चीजें , देश का मान बढ़ाएं कौन!! नारी सम्मान हमारा अभिमान, अत्याचार मिटाए कौन!! देश गर्त […]
ऐसा मेरा देश हो जाए —————————- आओ भारत नया बनाए, सपनों का संसार बसाये। नए महल सा देश सजाएं, उन्नति का परचम फहराए। चारों तरफ हरी हो धरती, स्वस्थ सड़क हर जगह हो दिखती । […]
ऐसा मेरा देश हो जाए —————————- आओ भारत नया बनाए, सपनों का संसार बसाये। नए महल सा देश सजाएं, उन्नति का परचम फ। चारों तरफ हरी हो धरती, स्वस्थ सड़क हर जगह हो दिखती । […]
नन्हा ,सलोना सा, प्यारा सा बचपन । मासूम भोला नटखट सा बचपन। वह चंदा का तारों का सूरज का मेला । वह जादुई परियों में नन्हाअकेला। वह दादी के किस्से ,वह नानी की कहानी । […]
शिक्षक साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक। आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक । राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक । ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक। विद्यार्थी जीवन में हर […]
सावन ———- बारिश की रिमझिम बूंदों ने, कुछ इस तरह मन हर्षाया । जैसे सूखे प्यासे होठों ने ठंडा मीठा जल हो पाया । उल्लासित है . .हर वृक्ष लता, कलियां झुंढो में रही ठ […]
माखन चुरैया __________ मीठी मुस्कान तेरी अजब तेरी लीला। बांके बिहारी तू है छैल छबीला। तीखे नयन तेरे करे हैं इशारे, बांसुरी बुलाए मुझे सांवरे के द्वारे। आजा कन्हाई यशोदा दुलारा, तुझको पुकारे सखा, बृजबाला। […]
शिक्षक साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक। आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक । राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक । ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक। विद्यार्थी जीवन में हर […]
बादल जीवन फिर लाए तो ——————————– मधुर मंद -मंद बयार चली, नजरों में भर कर प्यार चली। धरती के सूखे बालों को सहलाती, चिंतित सी नार चली । पीछे पीछे मस्ताना सा, बादल आया दीवाना […]
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